संसद बजट सत्र 2026: G RAM G कानून को लेकर संसद में तीखी बहस

संसद में इस मुद्दे पर विपक्ष और सरकार के बीच मतभेद बढ़ते जा रहे हैं। अभिभाषण में राष्ट्रपति मुर्मू ने ग्रामीण इलाकों में रोजगार और विकास के लिए विकसित भारत-G RAM G कानून का उल्लेख किया।

Parliament Budget Session 2026
संसद बजट सत्र 2026 (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar28 Jan 2026 04:40 PM
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Parliament Budget Session 2026 : संसद का बजट सत्र बुधवार से शुरू हो गया। साल के पहले सत्र की शुरुआत में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अभिभाषण दिया और सरकार की उपलब्धियों का जिक्र किया। अभिभाषण में राष्ट्रपति मुर्मू ने ग्रामीण इलाकों में रोजगार और विकास के लिए विकसित भारत-G RAM G कानून का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “इस नए सुधार से गांवों में 125 दिनों का रोजगार सुनिश्चित होगा।”

भाजपा के सभी सांसदों ने तालियाँ बजाकर समर्थन दिया 

राष्ट्रपति के इस बयान के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के सभी सांसदों ने तालियाँ बजाकर समर्थन जताया, जबकि विपक्षी सांसदों ने खड़े होकर विरोध शुरू कर दिया और इस कानून को वापस लेने की मांग करते हुए नारेबाजी की।

G RAM G कानून क्या है?

इस कानून को संसद के शीतकालीन सत्र में पास किया गया है। आधिकारिक नाम है विकसित भारत- गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन- ग्रामीण (VB-G RAM G)। यह 20 साल पुराने मनरेगा कानून की जगह लेता है और ग्रामीण इलाकों में रोजगार की गारंटी देता है। मनरेगा योजना में सालाना 100 दिनों का रोजगार सुनिश्चित होता था, जबकि नए कानून में यह 125 दिनों तक बढ़ा दिया गया है।

विपक्ष की आपत्ति

विपक्ष का कहना है कि मनरेगा योजना महात्मा गांधी के नाम पर थी, जबकि नए कानून में उनका नाम हटा दिया गया है। उनका आरोप है कि इससे महात्मा गांधी का अपमान हुआ है। इसके अलावा, विपक्ष का यह भी कहना है कि नया कानून राज्यों पर वित्तीय बोझ बढ़ाता है, क्योंकि अब इस योजना का खर्च केवल केंद्र सरकार नहीं, बल्कि राज्यों को भी उठाना होगा। Parliament Budget Session 2026

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दिल्ली वाले ध्यान दें! 29 जनवरी को निकलने से पहले देख लें ये रूट

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, समारोह के समय दोपहर 2:00 बजे से रात 9:30 बजे तक मध्य दिल्ली के कई अहम रूट्स पर आवागमन नियंत्रित रहेगा जिसके चलते कई जगहों पर डायवर्जन लागू हो सकते हैं।

राजधानी दिल्ली में ट्रैफिक एडवाइजरी जारी
राजधानी दिल्ली में ट्रैफिक एडवाइजरी जारी
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar28 Jan 2026 12:26 PM
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Delhi News : गणतंत्र दिवस 2026 के ठीक तीन दिन बाद 29 जनवरी 2026 को राजधानी में बीटिंग रिट्रीट समारोह होने जा रहा है। इस हाई-प्रोफाइल इवेंट के चलते दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने पहले ही ट्रैफिक एडवाइजरी जारी कर दी है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, समारोह के समय दोपहर 2:00 बजे से रात 9:30 बजे तक मध्य दिल्ली के कई अहम रूट्स पर आवागमन नियंत्रित रहेगा जिसके चलते कई जगहों पर डायवर्जन लागू हो सकते हैं। ऐसे में लोगों से अपील है कि वे घर से निकलने से पहले अपना रूट तय कर लें, जरूरी हो तो वैकल्पिक मार्ग अपनाएं और अतिरिक्त समय लेकर यात्रा करें, ताकि जाम और असुविधा से बचा जा सके।

इन रूट्स पर रहेगा प्रतिबंध

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक बीटिंग रिट्रीट के मद्देनजर मध्य दिल्ली के कुछ सबसे व्यस्त रूट्स पर आवाजाही सीमित रह सकती है। मस्जिद गोलचक्कर से कृषि भवन गोलचक्कर के बीच रफी मार्ग, कृषि भवन गोलचक्कर से विजय चौक की दिशा में रायसीना रोड, इसके अलावा दारा शिकोह रोड, कृष्णा मेनन मार्ग और सुनहरी मस्जिद गोलचक्कर से विजय चौक को जोड़ने वाले मार्गों पर ट्रैफिक प्रभावित होने की संभावना है। वहीं विजय चौक से C-Hexagon तक कर्तव्य पथ पर भी आवागमन नियंत्रित/डायवर्ट किया जा सकता है, इसलिए वाहन चालक वैकल्पिक रास्ते चुनें और समय से पहले निकलने की योजना बनाएं।

जनता के लिए सुझाए गए वैकल्पिक मार्ग

ट्रैफिक पुलिस ने जाम और अनावश्यक देरी से बचने के लिए वाहन चालकों को सलाह दी है कि वे मध्य दिल्ली की ओर जाने से पहले वैकल्पिक रूट चुनें। जरूरत पड़ने पर रिंग रोड को प्राथमिक विकल्प बनाएं और आवागमन के लिए वंदे मातरम मार्ग, अरबिंदो मार्ग, मदरसा टी-पॉइंट, सफदरजंग रोड–कमाल अतातुर्क मार्ग, रानी झांसी रोड और मिंटो रोड जैसे रास्तों का इस्तेमाल करें। बेहतर रहेगा कि लोग थोड़ा अतिरिक्त समय लेकर निकलें, ताकि डायवर्जन के कारण ट्रैफिक में फंसने से बचा जा सके। 29.01.2026 को 2:00 PM से 9:30 PM तक DTC सहित अन्य शहरी बसों को उनके सामान्य मार्गों से हटाकर डायवर्ट रूट्स पर चलाया जाएगा, ताकि इंडिया गेट और आसपास के क्षेत्रों में जाम की स्थिति न बने और दर्शकों/मेहमानों की आवाजाही सुचारु रहे।

बदले हुए बस रूट

  1. शांति पथ/विनय मार्ग/सरदार पटेल मार्ग से केंद्रीय सचिवालय/कनॉट प्लेस जाने वाली बसें अब पंचशील मार्ग–साइमन बोलिवर मार्ग–वंदे मातरम मार्ग–शंकर रोड गोलचक्कर–शेख मुजीबुर रहमान रोड होकर चलेंगी।
  2. केंद्रीय सचिवालय जाने वाली बसें उद्यान मार्ग पर समाप्त होंगी और काली बाड़ी मार्ग–मंदिर मार्ग–शंकर रोड से लौटेंगी।
  3. कनॉट प्लेस जाने वाली बसें मंदिर मार्ग–काली बाड़ी मार्ग–GPO–बाबा खड़क सिंह मार्ग लेंगी और वापसी में भगत सिंह मार्ग–पेशवा रोड आदि से जाएंगी।
  4. दक्षिण दिल्ली (तुगलक रोड) से कनॉट प्लेस/केंद्रीय सचिवालय जाने वाली बसें अरविंदो चौक से सफदरजंग रोड–पंचशील मार्ग की ओर मोड़ी जाएंगी।
  5. मंडी हाउस/फिरोजशाह रोड से बाराखंबा रोड होते हुए कनॉट प्लेस जाने वाली बसें शिवाजी स्टेडियम पर ही रुकेंगी।
  6. शाहजहां रोड से कनॉट प्लेस जाने वाली बसें अरविंदो चौक–सफदरजंग रोड होकर शिवाजी स्टेडियम जाएंगी।
  7. दक्षिण दिल्ली से पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन/लाल किला/कश्मीरी गेट (ISBT) जाने वाली बसें AIIMS से रिंग रोड लेकर धौला कुआं–रानी झांसी रोड के रास्ते जाएंगी।
  8. आश्रम से पुरानी दिल्ली/कश्मीरी गेट जाने वाली बसें आश्रम चौक–रिंग रोड–सराय काले खां–राजघाट होकर चलेंगी।
  9. पुरानी दिल्ली/कश्मीरी गेट से दक्षिण/दक्षिण-पूर्व दिल्ली जाने वाली बसें दिल्ली गेट–जेएलएन मार्ग–राजघाट–सराय काले खां से गुजरेंगी।
  10. विकास मार्ग से दक्षिण दिल्ली जाने वाली बसें रिंग रोड–सराय काले खां–आश्रम चौक होकर जाएंगी।
  11. कनॉट प्लेस (कस्तूरबा गांधी मार्ग) से इंडिया गेट की ओर जाने वाली बसें मिंटो रोड–डीडीयू मार्ग–आई.पी. फ्लाईओवर होकर सराय काले खां जाएंगी। Delhi News

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दिल्ली को मिलेगा मेगा डॉग शेल्टर, 500 कुत्तों के रखने का होगा इंतजाम

अधिकारियों के मुताबिक, इस लोकेशन पर पहले लगभग 30 आक्रामक कुत्तों की क्षमता वाला एक छोटा केंद्र बनाया गया था। अब NDMC ने प्रक्रिया शुरू कर दी है कि एक एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपी जाए, जो बड़े स्तर पर शेल्टर को बेहतर बुनियादी सुविधाओं के साथ तैयार करे।

आवारा कुत्ते
आवारा कुत्ते
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar27 Jan 2026 03:20 PM
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Delhi News : दिल्ली के मोतीबाग इलाके में आवारा कुत्तों के प्रबंधन को लेकर नई पहल सामने आई है। नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) ने पुराने पशु अस्पताल परिसर के एक हिस्से को अपग्रेड कर फुल-स्केल डॉग शेल्टर विकसित करने का फैसला किया है। योजना के तहत अस्पताल की इमारत के पिछले हिस्से का नवीनीकरण करके ऐसी जगह तैयार की जाएगी, जहां एक साथ 500 से अधिक कुत्तों के रहने की व्यवस्था हो सके। अधिकारियों के मुताबिक, इस लोकेशन पर पहले लगभग 30 आक्रामक कुत्तों की क्षमता वाला एक छोटा केंद्र बनाया गया था। अब NDMC ने प्रक्रिया शुरू कर दी है कि एक एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपी जाए, जो बड़े स्तर पर शेल्टर को बेहतर बुनियादी सुविधाओं के साथ तैयार करे।

क्या-क्या बनेगा शेल्टर में?

NDMC के मुताबिक इस प्रोजेक्ट में पुराने परिसर को नई पहचान देने की तैयारी है इमारत के बाहरी हिस्से का विकास, अंदरूनी मरम्मत और आंगन का सौंदर्यीकरण एक साथ किया जाएगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अनुमानित खर्च करीब 50 लाख रुपये बताया जा रहा है और लक्ष्य है कि तीन महीने के भीतर यह काम पूरा कर लिया जाए। सबसे अहम बात यह कि शेल्टर की पूरी रूपरेखा सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार की जा रही है। योजना के तहत शैक्षणिक संस्थानों, कार्यालय परिसरों और अन्य स्थानों से लाए गए गैर-आक्रामक आवारा कुत्तों के लिए खुला लेकिन पूरी तरह घेराबंदी वाला सुरक्षित स्पेस बनाया जाएगा। वहीं, करीब 300 पागल/आक्रामक कुत्तों को अलग रखने के लिए केनेल (पिंजरे/बाड़े) की व्यवस्था होगी। शेल्टर में डेडिकेटेड फीडिंग एरिया तय रहेगा और इलाज-उपचार को मजबूत करने के लिए ऑपरेशन थिएटर भी बनाया जाएगा ताकि देखभाल सिर्फ ठहराने तक सीमित न रहे, बल्कि प्रबंधन और उपचार दोनों स्तर पर हो सके।

शहर में फीडिंग पॉइंट्स भी तय

इसी नीति के तहत NDMC ने अपने 14 सर्किलों में कुल 100 फीडिंग पॉइंट चिन्हित किए हैं। इनमें प्रमुख बाजार, पार्क, धार्मिक स्थल और आवासीय कॉलोनियां भी शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन स्थानों को RWA, मार्केट एसोसिएशन और स्थानीय निवासियों से चर्चा के बाद अंतिम रूप दिया गया है। आवारा कुत्तों से जुड़ी शिकायतों के निपटारे के लिए NDMC ने संस्थानों, अस्पतालों और कार्यालय परिसरों में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति सुनिश्चित करने की भी बात कही है, ताकि शिकायतों का एक तय चैनल बन सके और जवाबदेही स्पष्ट रहे।

MCD की योजना क्यों अटकी?

दूसरी तरफ, द्वारका सेक्टर-23 में आक्रामक कुत्तों के लिए बड़े शेल्टर की MCD योजना अभी रफ्तार नहीं पकड़ पाई है। अधिकारियों के मुताबिक 1,500 कुत्तों की क्षमता वाले शेल्टर के लिए करीब 3.8 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट प्रस्तावित किया गया था, लेकिन इसे अब तक कमिश्नर की मंजूरी नहीं मिली है। मंजूरी के बाद ही प्रस्ताव को सदन के सामने रखा जा सकेगा।

माइक्रोचिपिंग और नसबंदी पर 20 करोड़ का प्रस्ताव

MCD ने आवारा कुत्तों के रिकॉर्ड और नियंत्रण को व्यवस्थित करने के लिए बजट में 20 करोड़ रुपये का प्रावधान तो कर दिया है, लेकिन माइक्रोचिपिंग और बड़े पैमाने पर नसबंदी की यह योजना अभी भी अंतिम मंजूरी की चौखट पर अटकी हुई है। प्रस्ताव के मुताबिक हर कुत्ते की गर्दन के पीछे चावल के दाने जितनी छोटी माइक्रोचिप लगाई जाएगी, ताकि उसकी पहचान और ट्रैकिंग एक क्लिक पर संभव हो सके। इस माइक्रोचिप में कुत्ते की अनुमानित उम्र, रंग, रहने का इलाका/वार्ड, टीकाकरण का समय और देखरेख की जिम्मेदारी संभालने वाली NGO का नाम जैसी जरूरी जानकारियां दर्ज होंगी। पूरा डेटा एक डिजिटल पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा, जिसे MCD के अधिकारी एक्सेस कर सकेंगे। Delhi News


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