दिल्ली मेट्रो के नए रूट पर चोरी से हड़कंप, धीमी रफ्तार से चलीं ट्रेनें

दीपाली चौक से माजलिस पार्क तक शुरू किए गए नए मेट्रो सेक्शन को निशाना बनाते हुए चोरों ने करीब 500 मीटर लंबी कॉपर केबल काट ली। इस घटना का सीधा असर मेट्रो संचालन पर पड़ा और पूरे दिन ट्रेन सेवाएं प्रभावित रहीं।

दिल्ली मेट्रो के नए कॉरिडोर पर चोरी
दिल्ली मेट्रो के नए कॉरिडोर पर चोरी
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar13 Mar 2026 12:50 PM
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Delhi News : दिल्ली मेट्रो के नए कॉरिडोर पर उद्घाटन के महज चार दिन बाद ही चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है। दीपाली चौक से माजलिस पार्क तक शुरू किए गए नए मेट्रो सेक्शन को निशाना बनाते हुए चोरों ने करीब 500 मीटर लंबी कॉपर केबल काट ली। इस घटना का सीधा असर मेट्रो संचालन पर पड़ा और पूरे दिन ट्रेन सेवाएं प्रभावित रहीं। साथ ही मेट्रो प्रशासन को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा।

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली मेट्रो के दो नए कॉरिडोर का उद्घाटन किया था। इनमें 9.9 किलोमीटर लंबा दीपाली चौक-माजलिस पार्क कॉरिडोर भी शामिल है। इसी नए रूट पर गुरुवार को चोरी की यह घटना हुई, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

सिग्नलिंग सिस्टम ठप होने से ट्रेनों की रफ्तार हुई धीमी

पुलिस के मुताबिक, माजलिस पार्क के पास से सिग्नलिंग सिस्टम में इस्तेमाल होने वाली कॉपर केबल चोरी की गई। इस मामले में जहांगीरपुरी निवासी 28 वर्षीय शेख साफीक को गिरफ्तार किया गया है। उस पर आरोप है कि उसने मेट्रो की महत्वपूर्ण सिग्नलिंग केबल काटी, जिसके कारण ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हो गई। केबल कटने के बाद सिग्नल सिस्टम में खराबी आ गई, जिसकी वजह से मेट्रो ट्रेनों को सामान्य गति से नहीं चलाया जा सका। आमतौर पर 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली ट्रेनें गुरुवार को केवल 25 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से संचालित करनी पड़ीं। इसका असर यात्रियों पर भी साफ दिखाई दिया और उन्हें लंबी देरी व असुविधा का सामना करना पड़ा। जानकारों के अनुसार, इस तरह की कॉपर केबल मेट्रो ट्रेनों की लोकेशन ट्रैक करने और सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करने में बेहद अहम भूमिका निभाती है। जब ऐसी केबल क्षतिग्रस्त या चोरी हो जाती है, तो ट्रेनों की सामान्य गति बहाल करना मुश्किल हो जाता है। यही कारण रहा कि इस घटना के बाद पूरे दिन मेट्रो सेवाओं पर असर बना रहा।

पहले भी हो चुकी हैं कई वारदातें

दिल्ली मेट्रो में केबल चोरी का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले 11 जनवरी को एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर भी करीब 800 मीटर केबल को नुकसान पहुंचाया गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जून 2024 से अब तक केबल चोरी की 89 घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इन मामलों में करीब 22 किलोमीटर लंबी कॉपर वायर, जिसका वजन लगभग 44 हजार किलो बताया गया है, चोरी हो चुकी है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 4 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस ने बताया कि सूचना मिलने के बाद जब टीम मौके पर पहुंची, तो कुछ लोग जंगल वाले इलाके में तार जलाकर उससे कॉपर अलग करते मिले। वहां से 170 से 180 मीटर तक जली हुई केबल बरामद की गई है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। Delhi News

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गैस खत्म होने का डर! 4 दिन में 5 लाख इंडक्शन बिके

गैस की सप्लाई को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के बीच भारत में इंडक्शन कुकटॉप की मांग अचानक तेजी से बढ़ गई है। गैस सिलेंडर की संभावित कमी की आशंका से घबराए लोगों ने बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक चूल्हे यानी इंडक्शन कुकटॉप खरीदना शुरू कर दिया है।

induction
इंडक्शन कुकटॉप
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar13 Mar 2026 12:54 PM
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New Delhi News : एलपीजी गैस की सप्लाई को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के बीच भारत में इंडक्शन कुकटॉप की मांग अचानक तेजी से बढ़ गई है। गैस सिलेंडर की संभावित कमी की आशंका से घबराए लोगों ने बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक चूल्हे यानी इंडक्शन कुकटॉप खरीदना शुरू कर दिया है। नतीजा यह हुआ कि पिछले चार दिनों में देशभर में करीब 5 लाख से ज्यादा इंडक्शन कुकटॉप आॅनलाइन बिक गए हैं और कई कंपनियों का स्टॉक खत्म हो गया है।

एक दिन में 1.34 लाख इंडक्शन की बिक्री

ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अमेजन पर इंडक्शन कुकटॉप की बिक्री ने रिकॉर्ड बना दिया। रिपोर्ट के मुताबिक केवल एक दिन में ही 1.34 लाख से ज्यादा इंडक्शन कुकटॉप बिक गए। आम तौर पर पूरे महीने में करीब 1.80 लाख इंडक्शन चूल्हे बिकते हैं, लेकिन अब लगभग उतनी ही बिक्री कुछ ही दिनों में हो रही है।

चार दिनों में 5 लाख से ज्यादा यूनिट की बिक्री

अमेजन के अलावा अन्य ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को मिलाकर चार दिनों में लगभग 5 लाख इंडक्शन कुकटॉप बिक चुके हैं। इससे साफ है कि गैस की अनिश्चितता के बीच लोग तेजी से इलेक्ट्रिक कुकिंग डिवाइस की ओर रुख कर रहे हैं। बढ़ती मांग के कारण कई कंपनियों के लिए सप्लाई बनाए रखना मुश्किल हो गया है। अमेजन पर इंडक्शन बेचने वाली करीब 100 कंपनियों में से 70 कंपनियों का स्टॉक खत्म हो चुका है। कई लोकप्रिय प्रोडक्ट कुछ ही घंटों में आउट आॅफ स्टॉक हो रहे हैं।

इन ब्रांड्स की सबसे ज्यादा बिक्री 

इंडक्शन कुकटॉप की बिक्री में कुछ बड़े ब्रांड सबसे आगे रहे। इनमें 

* प्रीजन 30,014 यूनिट

* प्रेस्टिज 29,878 यूनिट

* फिलिप्स 15,018 यूनिट

* केंट 7,657 यूनिट

* मिलन 4,736 यूनिट

इनके अलावा कई अन्य ब्रांड्स के भी हजारों यूनिट बिके।

सर्च और आर्डर में तेज उछाल

ई-कॉमर्स कंपनियों के मुताबिक पिछले कुछ दिनों में इंडक्शन कुकटॉप से जुड़े सर्च और आॅर्डर दोनों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव और गैस सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बनी रहती है तो आने वाले समय में इलेक्ट्रिक कुकिंग डिवाइस का बाजार और तेजी से बढ़ सकता है।

क्विक डिलीवरी प्लेटफॉर्म पर भी खत्म हुआ स्टॉक

क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ब्लिंकिट समेत कई फास्ट डिलीवरी ऐप्स पर भी कई शहरों में इंडक्शन कुकटॉप आउट आॅफ स्टॉक हो गए हैं। इससे साफ है कि अचानक बढ़ी मांग ने पूरे बाजार पर असर डाला है। संकेत साफ हैं अगर गैस सप्लाई को लेकर स्थिति सामान्य नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में इंडक्शन कुकटॉप की मांग और तेजी से बढ़ सकती है।


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मुफ्त बिजली योजना में होगा बड़ा बदलाव, 44.5 लाख घरों पर पड़ेगा असर!

अगर आपका घर लंबे समय से खाली पड़ा है और बिजली का इस्तेमाल लगभग ‘जीरो’ है तो अब आपको सब्सिडी का फायदा नहीं मिलेगा। इस बदलाव का सीधा असर करीब 44.5 लाख घरों पर पड़ सकता है। सरकार ऐसे घरों पर 200 रुपये तक का फिक्स्ड चार्ज वसूलने की तैयारी में है।

Delhi Electricity
खाली पड़े घरों पर अब लगेगा फिक्स्ड चार्ज
locationभारत
userअसमीना
calendar13 Mar 2026 12:28 PM
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दिल्ली सरकार अपनी मुफ्त बिजली योजना में बड़ा बदलाव करने जा रही है। अगर आपका घर लंबे समय से खाली पड़ा है और बिजली का इस्तेमाल लगभग ‘जीरो’ है तो अब आपको सब्सिडी का फायदा नहीं मिलेगा। इस बदलाव का सीधा असर करीब 44.5 लाख घरों पर पड़ सकता है। सरकार ऐसे घरों पर 200 रुपये तक का फिक्स्ड चार्ज वसूलने की तैयारी में है। आइए समझते हैं इस बदलाव की पूरी जानकारी।

खाली घरों पर अब फिक्स्ड चार्ज लगेगा

सरकार ने उन ‘डोरमेंट’ यानी निष्क्रिय उपभोक्ताओं पर ध्यान दिया है, जिनके घरों में बिजली का इस्तेमाल नाम मात्र या बिल्कुल शून्य है। अब तक नियम यह था कि 200 यूनिट तक बिजली खर्च करने पर बिल जीरो आता था और फिक्स्ड चार्ज भी माफ होता था। नए प्लान के तहत अगर घर बंद है और मीटर की रीडिंग शून्य है तो सरकार सब्सिडी रोक देगी और फिक्स्ड चार्ज वसूला जाएगा।

डोरमेंट उपभोक्ता कौन हैं?

डोरमेंट उपभोक्ता वे लोग हैं जो ज्यादातर समय दिल्ली से बाहर रहते हैं या जिनके घर लंबे समय से खाली हैं। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, सर्दियों के तीन-चार महीने ऐसे कनेक्शन होते हैं जिनमें बिजली का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं होता। कई लोग सब्सिडी का फायदा उठाने के लिए एक ही घर में अलग-अलग कनेक्शन ले चुके हैं। 2020-25 के बीच राजधानी में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या में 12 लाख का इजाफा हुआ जबकि पानी के उपभोक्ताओं की संख्या समान रूप से नहीं बढ़ी।

बढ़ता सब्सिडी का बोझ

बिजली सब्सिडी पर लगातार बढ़ता खर्च सरकार के इस कदम का मुख्य कारण है। वित्त वर्ष 2015-16 में सब्सिडी का बोझ 1,442 करोड़ रुपये था। साल 2021-22 में यह बढ़कर 3,250 करोड़ रुपये हो गया और 2025-26 में 4,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। दिल्ली में कुल 62 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ता हैं जिनमें से लगभग 58.72 लाख ने सब्सिडी का लाभ उठाया।

न्यूनतम बिजली खपत तय होगी

वर्तमान नियमों के अनुसार 200 यूनिट तक बिजली पर बिल नहीं आता। 201-400 यूनिट पर 50% छूट मिलती है और 401 यूनिट से ऊपर सब्सिडी पूरी तरह खत्म हो जाती है। अब सरकार निष्क्रिय उपभोक्ताओं के लिए एक ‘न्यूनतम बिजली यूनिट’ सीमा तय करने जा रही है। अगर महीने में खपत उस सीमा से कम रहेगी तो उपभोक्ता सब्सिडी से बाहर हो जाएगा।

असर आम लोगों पर

इस बदलाव से उन घरों को फिक्स्ड चार्ज देना होगा जो लंबे समय से खाली हैं। इसका उद्देश्य सब्सिडी का सही इस्तेमाल सुनिश्चित करना और सरकारी खर्च को नियंत्रित करना है। अब सरकार का फोकस यह है कि मुफ्त बिजली योजना का फायदा सिर्फ उन्हीं को मिले जो इसका सही इस्तेमाल कर रहे हैं।

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