RSS की 100 साल की यात्रा पर बनी फिल्म ‘शतक’ का पहला गीत रिलीज
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की 100 वर्षों की ऐतिहासिक यात्रा पर आधारित फिल्म ‘शतक’ का पहला गीत ‘भगवा है अपनी पहचान’ दिल्ली स्थित केशव कुंज में आयोजित एक भव्य समारोह में लॉन्च किया गया।

बता दें कि गीत का औपचारिक लोकार्पण आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत ने किया। यह अवसर फिल्म ‘शतक’ की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है, जो संघ की कही-अनकही गाथाओं को बड़े परदे पर प्रस्तुत करने का प्रयास है।
‘भगवा है अपनी पहचान’: सभ्यता और राष्ट्रभाव का उद्घोष
गीत ‘भगवा है अपनी पहचान’ केवल एक संगीतमय प्रस्तुति नहीं, बल्कि भारत की सभ्यतागत चेतना, त्याग, तपस्या, अनुशासन और आध्यात्मिक शक्ति का सशक्त स्वर है। भगवा रंग को पहचान और प्रेरणा के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत करता यह गीत समाज को एकजुट होकर राष्ट्रहित में आगे बढ़ने का संदेश देता है। देशभक्ति गीतों के लिए प्रसिद्ध सुखविंदर सिंह की ऊर्जावान आवाज़ ने गीत को भावनात्मक गहराई और राष्ट्रवादी ओज से भर दिया है। संगीतकार सनी इंदर की प्रभावशाली धुनें और गीतकार राकेश कुमार पाल के ओजपूर्ण शब्द गीत को विशेष बनाते हैं।
डॉ. हेडगेवार का जीवन ही संघ की आत्मा: मोहन भागवत
इस अवसर पर सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार का जीवन ही आरएसएस की आत्मा है—भारत सर्वोपरि। उन्होंने कहा कि फिल्म ‘शतक’ और इसका गीत संघ की अडिग राष्ट्रभक्ति और आंतरिक शक्ति को दर्शाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि संघ अपने मूल्यों से विचलित हुए बिना निरंतर विकसित हो रहा है। यह फिल्म संघ की उन अनकही कहानियों को सामने लाती है, जो डॉ. हेडगेवार की नेतृत्व क्षमता और समाज को जोड़ने की शक्ति को उजागर करती हैं।
सुखविंदर सिंह बोले—यह गीत राष्ट्रसेवा है
गायक सुखविंदर सिंह ने कहा कि उनके गीत को मोहन भागवत द्वारा लॉन्च किया जाना उनके लिए गर्व और आशीर्वाद की बात है। उन्होंने कहा कि यह गीत मेरे लिए सिर्फ एक पेशेवर प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा है। निर्देशक की सोच—सरलता के साथ गहराई—ने मुझे प्रेरित किया। इतिहास को संजोना बेहद जरूरी है और मैंने इस गीत को पूरे दिल से गाया है।
फिल्म ‘शतक’: संघ की 100 वर्षों की यात्रा
फिल्म ‘शतक’ आरएसएस की 1925 में नागपुर में स्थापना से लेकर आज तक की 100 वर्षों की यात्रा को दर्शाती है। यह फिल्म संघ के सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय योगदान को विस्तार से प्रस्तुत करती है। फिल्म की परिकल्पना अनिल डी.अग्रवाल की है, निर्देशन आशीष मॉल ने किया है, जबकि निर्माण वीर कपूर ने किया है। सह-निर्माता आशीष तिवारी हैं। फिल्म को ADA 360 Degree LLP द्वारा प्रस्तुत किया गया है और यह जल्द ही दर्शकों के सामने आने वाली है।
बता दें कि गीत का औपचारिक लोकार्पण आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत ने किया। यह अवसर फिल्म ‘शतक’ की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है, जो संघ की कही-अनकही गाथाओं को बड़े परदे पर प्रस्तुत करने का प्रयास है।
‘भगवा है अपनी पहचान’: सभ्यता और राष्ट्रभाव का उद्घोष
गीत ‘भगवा है अपनी पहचान’ केवल एक संगीतमय प्रस्तुति नहीं, बल्कि भारत की सभ्यतागत चेतना, त्याग, तपस्या, अनुशासन और आध्यात्मिक शक्ति का सशक्त स्वर है। भगवा रंग को पहचान और प्रेरणा के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत करता यह गीत समाज को एकजुट होकर राष्ट्रहित में आगे बढ़ने का संदेश देता है। देशभक्ति गीतों के लिए प्रसिद्ध सुखविंदर सिंह की ऊर्जावान आवाज़ ने गीत को भावनात्मक गहराई और राष्ट्रवादी ओज से भर दिया है। संगीतकार सनी इंदर की प्रभावशाली धुनें और गीतकार राकेश कुमार पाल के ओजपूर्ण शब्द गीत को विशेष बनाते हैं।
डॉ. हेडगेवार का जीवन ही संघ की आत्मा: मोहन भागवत
इस अवसर पर सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार का जीवन ही आरएसएस की आत्मा है—भारत सर्वोपरि। उन्होंने कहा कि फिल्म ‘शतक’ और इसका गीत संघ की अडिग राष्ट्रभक्ति और आंतरिक शक्ति को दर्शाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि संघ अपने मूल्यों से विचलित हुए बिना निरंतर विकसित हो रहा है। यह फिल्म संघ की उन अनकही कहानियों को सामने लाती है, जो डॉ. हेडगेवार की नेतृत्व क्षमता और समाज को जोड़ने की शक्ति को उजागर करती हैं।
सुखविंदर सिंह बोले—यह गीत राष्ट्रसेवा है
गायक सुखविंदर सिंह ने कहा कि उनके गीत को मोहन भागवत द्वारा लॉन्च किया जाना उनके लिए गर्व और आशीर्वाद की बात है। उन्होंने कहा कि यह गीत मेरे लिए सिर्फ एक पेशेवर प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा है। निर्देशक की सोच—सरलता के साथ गहराई—ने मुझे प्रेरित किया। इतिहास को संजोना बेहद जरूरी है और मैंने इस गीत को पूरे दिल से गाया है।
फिल्म ‘शतक’: संघ की 100 वर्षों की यात्रा
फिल्म ‘शतक’ आरएसएस की 1925 में नागपुर में स्थापना से लेकर आज तक की 100 वर्षों की यात्रा को दर्शाती है। यह फिल्म संघ के सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय योगदान को विस्तार से प्रस्तुत करती है। फिल्म की परिकल्पना अनिल डी.अग्रवाल की है, निर्देशन आशीष मॉल ने किया है, जबकि निर्माण वीर कपूर ने किया है। सह-निर्माता आशीष तिवारी हैं। फिल्म को ADA 360 Degree LLP द्वारा प्रस्तुत किया गया है और यह जल्द ही दर्शकों के सामने आने वाली है।












