RSS की 100 साल की यात्रा पर बनी फिल्म ‘शतक’ का पहला गीत रिलीज

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की 100 वर्षों की ऐतिहासिक यात्रा पर आधारित फिल्म ‘शतक’ का पहला गीत ‘भगवा है अपनी पहचान’ दिल्ली स्थित केशव कुंज में आयोजित एक भव्य समारोह में लॉन्च किया गया।

The song from the film Shatak has been launched.
फिल्म ‘शतक’ का गीत लॉन्च (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar12 Jan 2026 02:35 PM
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बता दें कि गीत का औपचारिक लोकार्पण आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत ने किया। यह अवसर फिल्म ‘शतक’ की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है, जो संघ की कही-अनकही गाथाओं को बड़े परदे पर प्रस्तुत करने का प्रयास है।

‘भगवा है अपनी पहचान’: सभ्यता और राष्ट्रभाव का उद्घोष

गीत ‘भगवा है अपनी पहचान’ केवल एक संगीतमय प्रस्तुति नहीं, बल्कि भारत की सभ्यतागत चेतना, त्याग, तपस्या, अनुशासन और आध्यात्मिक शक्ति का सशक्त स्वर है। भगवा रंग को पहचान और प्रेरणा के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत करता यह गीत समाज को एकजुट होकर राष्ट्रहित में आगे बढ़ने का संदेश देता है। देशभक्ति गीतों के लिए प्रसिद्ध सुखविंदर सिंह की ऊर्जावान आवाज़ ने गीत को भावनात्मक गहराई और राष्ट्रवादी ओज से भर दिया है। संगीतकार सनी इंदर की प्रभावशाली धुनें और गीतकार राकेश कुमार पाल के ओजपूर्ण शब्द गीत को विशेष बनाते हैं।

डॉ. हेडगेवार का जीवन ही संघ की आत्मा: मोहन भागवत

इस अवसर पर सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार का जीवन ही आरएसएस की आत्मा है—भारत सर्वोपरि। उन्होंने कहा कि फिल्म ‘शतक’ और इसका गीत संघ की अडिग राष्ट्रभक्ति और आंतरिक शक्ति को दर्शाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि संघ अपने मूल्यों से विचलित हुए बिना निरंतर विकसित हो रहा है। यह फिल्म संघ की उन अनकही कहानियों को सामने लाती है, जो डॉ. हेडगेवार की नेतृत्व क्षमता और समाज को जोड़ने की शक्ति को उजागर करती हैं।

सुखविंदर सिंह बोले—यह गीत राष्ट्रसेवा है

गायक सुखविंदर सिंह ने कहा कि उनके गीत को मोहन भागवत द्वारा लॉन्च किया जाना उनके लिए गर्व और आशीर्वाद की बात है। उन्होंने कहा कि यह गीत मेरे लिए सिर्फ एक पेशेवर प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा है। निर्देशक की सोच—सरलता के साथ गहराई—ने मुझे प्रेरित किया। इतिहास को संजोना बेहद जरूरी है और मैंने इस गीत को पूरे दिल से गाया है।

फिल्म ‘शतक’: संघ की 100 वर्षों की यात्रा

फिल्म ‘शतक’ आरएसएस की 1925 में नागपुर में स्थापना से लेकर आज तक की 100 वर्षों की यात्रा को दर्शाती है। यह फिल्म संघ के सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय योगदान को विस्तार से प्रस्तुत करती है। फिल्म की परिकल्पना अनिल डी.अग्रवाल की है, निर्देशन आशीष मॉल ने किया है, जबकि निर्माण वीर कपूर ने किया है। सह-निर्माता आशीष तिवारी हैं। फिल्म को ADA 360 Degree LLP द्वारा प्रस्तुत किया गया है और यह जल्द ही दर्शकों के सामने आने वाली है।

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दिल्ली में कार लोन फ्रॉड का खुलासा, तीन मुख्य आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने कार लोन के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का खुलासा किया है।

Delhi Cyber __Cell
दिल्ली साइबर सेल (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar11 Jan 2026 08:51 PM
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बता दें कि इस कार्रवाई में तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और नकली आयकर रिटर्न का इस्तेमाल करके बैंकों से महंगी गाड़ियों पर लोन लेकर उन्हें बेच दिया और जानबूझकर लोन चुकाने में विफल रहे।

बता दें कि पुलिस के अनुसार, आरोपी अलग-अलग नाम और पहचान बनाकर कई बैंक खाते खोलते थे और उन खातों के जरिए कार लोन हासिल करते थे। लोन मिलने के बाद गाड़ियों को दूसरे राज्यों में रजिस्टर करा दिया जाता था, जिससे उनकी पहचान और रिकवरी मुश्किल हो जाती थी। अब तक पुलिस ने पांच महंगी गाड़ियां बरामद की हैं जिनमें मर्सिडीज, मारुति ब्रेजा, टाटा अल्ट्रोज, स्कॉर्पियो-एन और टोयोटा हाइलक्स शामिल हैं।

आरोपियों की गिरफ्तारी

बता दें कि मुख्य आरोपी अमन कुमार उर्फ श्याम सुंदर उर्फ राहुल कपूर को 25 दिसंबर को गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि वह फर्जी दस्तावेज बनवाकर बैंक खातों और लोन का जाल फैलाता था। इसके बाद पुलिस ने उसके साथी धीरज उर्फ आलोक उर्फ सिद्धार्थ को 8 जनवरी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि दोनों मिलकर यह पूरा रैकेट संचालित करते थे।

फर्जी दस्तावेज बनाने वाला गिरफ्तार

बता दें कि पुलिस ने फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले नरेश कुमार को 9 जनवरी को गिरफ्तार किया। उसके पास से बायोमैट्रिक स्कैनर, आई स्कैनर, वेब कैमरा और पीवीसी कार्ड बनाने की मशीन बरामद हुई है।

बैंकों को हुआ भारी नुकसान

पुलिस का कहना है कि इस गैंग के कारण कई बैंकों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है और कई लोन अब एनपीए (Non-Performing Assets) बन चुके हैं। मामले की आगे की जांच जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि इससे जुड़े और लोगों के नाम भी सामने आएंगे। दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने दस्तावेजों और बैंक लेन-देन के प्रति सतर्क रहें।

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ड्रेनेज सुधार के लिए दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता का एक्शन प्लान

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि ड्रेनेज मास्टर प्लान राजधानी के तेजी से बढ़ते शहरीकरण, जलवायु परिवर्तन और जनसंख्या दबाव को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य वर्षा जल को सुरक्षित और तेजी से यमुना तक पहुंचाना और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करना है।

CM Rekha Guptas drainage roadmap
दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता का ड्रेनेज रोडमैप (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar11 Jan 2026 06:04 PM
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मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने राजधानी को जलभराव की समस्या से स्थायी राहत दिलाने की दिशा में बड़ा और दूरगामी कदम उठाया है। दिल्ली को आधुनिक, वैश्विक और विकसित राजधानी बनाने के लक्ष्य के तहत सरकार ने ड्रेनेज मास्टर प्लान के अंतर्गत चार प्रमुख ट्रंक ड्रेनों के निर्माण और विस्तार कार्य को तेज कर दिया है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद हर साल मॉनसून में होने वाली जलभराव की समस्या से दिल्ली के बड़े हिस्से को राहत मिलने की उम्मीद है।

ड्रेनेज मास्टर प्लान पर फोकस

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली में 1970 के दशक में ड्रेनेज मास्टर प्लान बनाया गया था, लेकिन बढ़ती आबादी, तेज शहरीकरण और निर्माण गतिविधियों के बावजूद उसमें अपेक्षित बदलाव नहीं हो पाए। इसके कारण जलनिकासी व्यवस्था कमजोर होती चली गई। अब सरकार ने राजधानी की भौगोलिक स्थिति, जनसंख्या दबाव और जलभराव के कारणों को ध्यान में रखते हुए ड्रेनेज सिस्टम में व्यापक सुधार शुरू किया है।

जलभराव वाले इलाकों को प्राथमिकता

सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि किसी भी महानगर की पहचान उसकी मजबूत और वैज्ञानिक जल-निकासी व्यवस्था से होती है। इसी सोच के साथ दिल्ली सरकार ने उन इलाकों को प्राथमिकता दी है, जहां वर्षों से जलभराव, ओवरलोडेड सीवर लाइनों और खराब ड्रेनेज के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता रहा है।

किराड़ी–मुंडका में बनेगा नया ट्रंक ड्रेन

पश्चिमी दिल्ली के किराड़ी, मुंडका, बवाना और नांगलोई विधानसभा क्षेत्रों में जलभराव की समस्या को खत्म करने के लिए रेलवे लाइन के समानांतर 4.5 किलोमीटर लंबे ट्रंक ड्रेन के निर्माण का प्रस्ताव है। यह ड्रेन मुंडका हॉल्ट स्टेशन से शुरू होकर सप्लीमेंट्री ड्रेन में मिलेगा। इसकी खासियत यह है कि रास्ते में आने वाले सभी सेकेंडरी ड्रेनों का पानी इसमें समाहित किया जाएगा। रेलवे भूमि में निर्माण के लिए रेलवे के साथ एमओयू साइन हो चुका है। प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति मिलते ही इसे 15 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

दक्षिण दिल्ली की जल-निकासी का होगा पुनर्गठन

लाडो सराय टी-पॉइंट से पुल प्रह्लादपुर तक लंबे समय से जलभराव की समस्या बनी हुई है। इसे देखते हुए एमबी रोड स्टॉर्म वॉटर ड्रेन परियोजना को ड्रेनेज मास्टर प्लान में शामिल किया गया है। यह परियोजना पीडब्ल्यूडी द्वारा क्रियान्वित की जा रही है। इसके तहत पुराने और क्षतिग्रस्त ड्रेनों को बदला जाएगा। साथ ही करीब 500 पेड़ों के ट्रांसप्लांटेशन, फुटपाथ निर्माण और बिजली-पानी की यूटिलिटी शिफ्टिंग का भी प्रावधान है।

उत्तर-पश्चिम दिल्ली को मिलेगी राहत

किराड़ी से रिठाला (रोहिणी) तक 7,200 मीटर लंबे ट्रंक ड्रेन का निर्माण उत्तर-पश्चिम दिल्ली की पुरानी समस्या का समाधान करेगा। इस परियोजना का लगभग 600 मीटर काम पूरा हो चुका है। शेष कार्य पेड़ों की कटाई की अनुमति में देरी के कारण रुका था, जिसे अब सुलझा लिया गया है।

रोहतक रोड पर युद्ध स्तर पर काम

रोहतक रोड (एनएच-10) पर जलभराव की समस्या को खत्म करने के लिए स्टॉर्म वॉटर ड्रेन के निर्माण और सुधार का काम तेजी से किया जा रहा है। यह परियोजना नांगलोई रेलवे मेट्रो स्टेशन से टीकरी बॉर्डर तक दोनों ओर ड्रेनों के निर्माण और सुधार से जुड़ी है।

जलवायु परिवर्तन और जनसंख्या दबाव पर रेखा गुप्ता बताया

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि ड्रेनेज मास्टर प्लान राजधानी के तेजी से बढ़ते शहरीकरण, जलवायु परिवर्तन और जनसंख्या दबाव को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य वर्षा जल को सुरक्षित और तेजी से यमुना तक पहुंचाना और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करना है। उन्होंने भरोसा जताया कि इन चारों परियोजनाओं के पूरा होने के बाद दिल्ली को हर मॉनसून में होने वाली जलभराव की समस्या से बड़ी हद तक स्थायी राहत मिलेगी।

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