ओडिशा के खदान में जोरदार धमाका, 2 मजदूर की मौत, कई मलबे में दबे
Odisha: ओडिशा के ढेंकनाल जिले में एक पत्थर की खदान में अवैध खनन के दौरान विस्फोट हुआ। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई जबकि कई मजदूर मलबे में दबे होने की आशंका है। बचाव दल घटनास्थल पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहा है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

ओडिशा के ढेंकनाल जिले से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। यहां एक पत्थर की खदान में अवैध खनन के दौरान जोरदार विस्फोट हो गया जिसमें दो लोगों की मौत हो गई। इस हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई जबकि कई मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है।
शनिवार देर रात हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, यह हादसा शनिवार देर रात मोटांगा पुलिस स्टेशन क्षेत्र के गोपालपुर गांव के पास स्थित एक अवैध पत्थर खदान में हुआ। अचानक हुए धमाके के बाद खदान का एक बड़ा हिस्सा ढह गया जिससे वहां काम कर रहे मजदूर मलबे में फंस गए। विस्फोट की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी जिससे आसपास के गांवों में भी दहशत फैल गई।
मौके पर पहुंची पुलिस टीम
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं। पूरे इलाके को सुरक्षित कर लिया गया और आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई। ओडापाड़ा तहसीलदार और मोटांगा थाना प्रभारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी पूरी रात घटनास्थल पर मौजूद रहे और हालात की निगरानी करते रहे।
कैसे हुआ विस्फोट?
प्रशासन की शुरुआती जांच में सामने आया है कि खदान में नियमों का उल्लंघन करते हुए ब्लास्टिंग की जा रही थी। ढेंकनाल जिला खनन कार्यालय ने पहले ही इस खदान में ब्लास्टिंग की अनुमति नहीं होने की बात कहकर इसे बंद करने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद अवैध तरीके से खनन और विस्फोट किए जाने की आशंका जताई जा रही है।
मशीनों की मदद से हटाए जा रहे पत्थर
रेस्क्यू ऑपरेशन में कई चुनौतियां सामने आ रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, बड़े-बड़े पत्थरों और भारी मलबे के कारण मजदूरों तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है। राहत कार्य के लिए सात टीमें तैनात की गई हैं और भारी मशीनों की मदद से पत्थर हटाए जा रहे हैं। इसके साथ ही डॉग स्क्वॉड को भी मौके पर बुलाया गया है ताकि मलबे में दबे लोगों का पता लगाया जा सके।
देर रात मिली थी घटना की सूचना
फायर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उन्हें देर रात घटना की सूचना मिली थी जिसके बाद तुरंत रेस्क्यू टीमों को रवाना किया गया। मलबे से अब तक एक शव का हिस्सा बरामद किया गया है जबकि बाकी फंसे लोगों की तलाश जारी है। स्थिति को पूरी तरह सामान्य होने में अभी समय लग सकता है।
दोषियों के खिलाफ होगी कार्रवाई
इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों में गुस्सा और चिंता दोनों देखने को मिल रही है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब खनन पर रोक के निर्देश पहले ही दिए जा चुके थे तो फिर अवैध गतिविधियां कैसे जारी रहीं। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही जा रही है।
ओडिशा के ढेंकनाल जिले से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। यहां एक पत्थर की खदान में अवैध खनन के दौरान जोरदार विस्फोट हो गया जिसमें दो लोगों की मौत हो गई। इस हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई जबकि कई मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है।
शनिवार देर रात हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, यह हादसा शनिवार देर रात मोटांगा पुलिस स्टेशन क्षेत्र के गोपालपुर गांव के पास स्थित एक अवैध पत्थर खदान में हुआ। अचानक हुए धमाके के बाद खदान का एक बड़ा हिस्सा ढह गया जिससे वहां काम कर रहे मजदूर मलबे में फंस गए। विस्फोट की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी जिससे आसपास के गांवों में भी दहशत फैल गई।
मौके पर पहुंची पुलिस टीम
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं। पूरे इलाके को सुरक्षित कर लिया गया और आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई। ओडापाड़ा तहसीलदार और मोटांगा थाना प्रभारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी पूरी रात घटनास्थल पर मौजूद रहे और हालात की निगरानी करते रहे।
कैसे हुआ विस्फोट?
प्रशासन की शुरुआती जांच में सामने आया है कि खदान में नियमों का उल्लंघन करते हुए ब्लास्टिंग की जा रही थी। ढेंकनाल जिला खनन कार्यालय ने पहले ही इस खदान में ब्लास्टिंग की अनुमति नहीं होने की बात कहकर इसे बंद करने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद अवैध तरीके से खनन और विस्फोट किए जाने की आशंका जताई जा रही है।
मशीनों की मदद से हटाए जा रहे पत्थर
रेस्क्यू ऑपरेशन में कई चुनौतियां सामने आ रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, बड़े-बड़े पत्थरों और भारी मलबे के कारण मजदूरों तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है। राहत कार्य के लिए सात टीमें तैनात की गई हैं और भारी मशीनों की मदद से पत्थर हटाए जा रहे हैं। इसके साथ ही डॉग स्क्वॉड को भी मौके पर बुलाया गया है ताकि मलबे में दबे लोगों का पता लगाया जा सके।
देर रात मिली थी घटना की सूचना
फायर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उन्हें देर रात घटना की सूचना मिली थी जिसके बाद तुरंत रेस्क्यू टीमों को रवाना किया गया। मलबे से अब तक एक शव का हिस्सा बरामद किया गया है जबकि बाकी फंसे लोगों की तलाश जारी है। स्थिति को पूरी तरह सामान्य होने में अभी समय लग सकता है।
दोषियों के खिलाफ होगी कार्रवाई
इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों में गुस्सा और चिंता दोनों देखने को मिल रही है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब खनन पर रोक के निर्देश पहले ही दिए जा चुके थे तो फिर अवैध गतिविधियां कैसे जारी रहीं। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही जा रही है।












