राष्ट्रीय अध्यक्ष चयन का पूरा रोडमैप: बीजेपी में कैसे तय होता है नाम?
पार्टी संविधान के मुताबिक राष्ट्रीय अध्यक्ष का चयन एक तयशुदा व्यवस्था के तहत होता है, जिसमें इलेक्टोरल कॉलेज, नामांकन, जांच, नाम वापसी और जरूरत पड़ने पर मतदान शामिल है।

BJP National President Election 2026 : भारतीय जनता पार्टी ने अपने अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह चुनाव पार्टी के देशव्यापी संगठनात्मक अभियान संगठन पर्व-2024 के तहत कराया जा रहा है। शुक्रवार को बीजेपी के राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी डॉ. के. लक्ष्मण ने चुनाव कार्यक्रम अधिसूचित कर दिया। पार्टी संविधान के मुताबिक राष्ट्रीय अध्यक्ष का चयन एक तयशुदा व्यवस्था के तहत होता है, जिसमें इलेक्टोरल कॉलेज, नामांकन, जांच, नाम वापसी और जरूरत पड़ने पर मतदान शामिल है।
चरण 1: इलेक्टोरल कॉलेज की सूची जारी (16 जनवरी 2026)
राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव की शुरुआत 16 जनवरी 2026 को हुई। दोपहर 12 बजे इलेक्टोरल कॉलेज की सूची प्रकाशित की गई।बीजेपी के संविधान के अनुसार, इलेक्टोरल कॉलेज में राष्ट्रीय परिषद (नेशनल काउंसिल) के सदस्य और राज्य परिषदों से चुने गए प्रतिनिधि शामिल होते हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में वोट देने का अधिकार इन्हीं सदस्यों को होता है।
चरण 2: नामांकन दाखिल (19 जनवरी 2026)
19 जनवरी 2026 को इस चुनावी प्रक्रिया का सबसे अहम मोड़ आएगा—जब नई दिल्ली स्थित बीजेपी के केंद्रीय कार्यालय में दोपहर 2 से 4 बजे के बीच राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किए जाएंगे। लेकिन यह सिर्फ फॉर्म जमा करने की औपचारिकता नहीं है; पार्टी के संविधान ने उम्मीदवार के लिए कड़ी योग्यता और मजबूत संगठनात्मक समर्थन की शर्तें तय कर रखी हैं। दावेदार को या तो पार्टी में कम से कम चार कार्यकाल पूरे करने होंगे, या फिर 15 वर्षों तक सक्रिय सदस्य के तौर पर निरंतर भूमिका निभाई होनी चाहिए। वहीं नामांकन तभी वैध माना जाएगा जब किसी एक राज्य के इलेक्टोरल कॉलेज के कम से कम 20 सदस्य प्रस्तावक बनें और साथ ही कम से कम 5 राज्यों से समर्थन मिले।
चरण 3: नामांकन जांच और नाम वापसी (19 जनवरी 2026)
नामांकन की घड़ी जैसे ही खत्म होगी, उसी दिन पार्टी मुख्यालय में चुनावी प्रक्रिया तेज रफ्तार में अगले चरण में प्रवेश कर जाएगी। शाम 4 से 5 बजे तक दाखिल किए गए नामांकन पत्रों की बारीकी से जांच होगी। इसके बाद शाम 5 से 6 बजे का समय उम्मीदवारों के लिए रणनीतिक फैसला लेने का होगा यहीं नाम वापस लेने की अंतिम खिड़की खुलेगी। फिर शाम 6:30 बजे राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी की प्रेस विज्ञप्ति से तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी कि पार्टी में अध्यक्ष का चयन सर्वसम्मति से तय हुआ है या फिर 20 जनवरी को वोटिंग की औपचारिक लड़ाई तक मामला पहुंचने वाला है।
चरण 4: मतदान और परिणाम (20 जनवरी 2026)
नाम वापसी के बाद तस्वीर अगर साफ नहीं होती और मैदान में एक से ज्यादा वैध दावेदार बने रहते हैं, तो मुकाबला 20 जनवरी 2026 को सीधे वोटिंग तक पहुंच जाएगा। उस दिन सुबह 11:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक इलेक्टोरल कॉलेज के सदस्य मतदान करेंगे और उसी दिन नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे। लेकिन अगर नाम वापसी के बाद सिर्फ एक ही उम्मीदवार बचता है, तो पार्टी की परंपरा और नियमों के मुताबिक उसे निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित कर दिया जाएगा।
संभावित उम्मीदवार के प्रस्तावक कौन हो सकते हैं?
सूत्रों की मानें तो बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन के नामांकन को इस बार संगठन बहु-स्तरीय समर्थन के साथ मजबूत दिखाने की तैयारी में है। चर्चा है कि वे तीन अलग-अलग सेट में नामांकन दाखिल कर सकते हैं, ताकि संदेश सिर्फ संख्या का नहीं, बल्कि नेतृत्व से लेकर संगठन के हर स्तर की सहमति का जाए। पहले सेट में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व—प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और जेपी नड्डा के प्रस्तावक बनने की संभावना जताई जा रही है। दूसरे सेट में 20 से अधिक निर्वाचित प्रदेश अध्यक्षों के हस्ताक्षर शामिल हो सकते हैं, जो देशभर में संगठनात्मक स्वीकार्यता का संकेत देंगे। वहीं तीसरे सेट में नेशनल काउंसिल के सदस्यों का समर्थन जोड़कर नामांकन को व्यापक वैधता देने की रणनीति बताई जा रही है।
प्रधानमंत्री की मौजूदगी में नई कमान का औपचारिक हस्तांतरण
यदि नितिन नबीन पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाते हैं, तो बीजेपी मुख्यालय में नेतृत्व परिवर्तन का औपचारिक मंचन किया जाएगा। पार्टी परंपरा के मुताबिक उन्हें दीनदयाल उपाध्याय मार्ग स्थित राष्ट्रीय अध्यक्ष कार्यालय तक प्रधानमंत्री और शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में ले जाया जाएगा। इसी के साथ पार्टी में राष्ट्रीय नेतृत्व का औपचारिक बदलाव पूरा हो जाएगा। बीजेपी के लिए यह प्रक्रिया ‘संगठन पर्व-2024’ के समापन की तरह भी देखी जा रही है और साथ ही आने वाले महीनों में संगठन को चुनावी मोड में शिफ्ट करने वाले नए चरण की शुरुआत भी। इसलिए नए अध्यक्ष का चयन केवल एक पद की घोषणा नहीं, बल्कि अगले वर्षों की राजनीतिक दिशा, रणनीति और चुनावी तैयारी का रोडमैप तय करने वाला फैसला माना जा रहा है। BJP National President Election 2026
BJP National President Election 2026 : भारतीय जनता पार्टी ने अपने अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह चुनाव पार्टी के देशव्यापी संगठनात्मक अभियान संगठन पर्व-2024 के तहत कराया जा रहा है। शुक्रवार को बीजेपी के राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी डॉ. के. लक्ष्मण ने चुनाव कार्यक्रम अधिसूचित कर दिया। पार्टी संविधान के मुताबिक राष्ट्रीय अध्यक्ष का चयन एक तयशुदा व्यवस्था के तहत होता है, जिसमें इलेक्टोरल कॉलेज, नामांकन, जांच, नाम वापसी और जरूरत पड़ने पर मतदान शामिल है।
चरण 1: इलेक्टोरल कॉलेज की सूची जारी (16 जनवरी 2026)
राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव की शुरुआत 16 जनवरी 2026 को हुई। दोपहर 12 बजे इलेक्टोरल कॉलेज की सूची प्रकाशित की गई।बीजेपी के संविधान के अनुसार, इलेक्टोरल कॉलेज में राष्ट्रीय परिषद (नेशनल काउंसिल) के सदस्य और राज्य परिषदों से चुने गए प्रतिनिधि शामिल होते हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में वोट देने का अधिकार इन्हीं सदस्यों को होता है।
चरण 2: नामांकन दाखिल (19 जनवरी 2026)
19 जनवरी 2026 को इस चुनावी प्रक्रिया का सबसे अहम मोड़ आएगा—जब नई दिल्ली स्थित बीजेपी के केंद्रीय कार्यालय में दोपहर 2 से 4 बजे के बीच राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किए जाएंगे। लेकिन यह सिर्फ फॉर्म जमा करने की औपचारिकता नहीं है; पार्टी के संविधान ने उम्मीदवार के लिए कड़ी योग्यता और मजबूत संगठनात्मक समर्थन की शर्तें तय कर रखी हैं। दावेदार को या तो पार्टी में कम से कम चार कार्यकाल पूरे करने होंगे, या फिर 15 वर्षों तक सक्रिय सदस्य के तौर पर निरंतर भूमिका निभाई होनी चाहिए। वहीं नामांकन तभी वैध माना जाएगा जब किसी एक राज्य के इलेक्टोरल कॉलेज के कम से कम 20 सदस्य प्रस्तावक बनें और साथ ही कम से कम 5 राज्यों से समर्थन मिले।
चरण 3: नामांकन जांच और नाम वापसी (19 जनवरी 2026)
नामांकन की घड़ी जैसे ही खत्म होगी, उसी दिन पार्टी मुख्यालय में चुनावी प्रक्रिया तेज रफ्तार में अगले चरण में प्रवेश कर जाएगी। शाम 4 से 5 बजे तक दाखिल किए गए नामांकन पत्रों की बारीकी से जांच होगी। इसके बाद शाम 5 से 6 बजे का समय उम्मीदवारों के लिए रणनीतिक फैसला लेने का होगा यहीं नाम वापस लेने की अंतिम खिड़की खुलेगी। फिर शाम 6:30 बजे राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी की प्रेस विज्ञप्ति से तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी कि पार्टी में अध्यक्ष का चयन सर्वसम्मति से तय हुआ है या फिर 20 जनवरी को वोटिंग की औपचारिक लड़ाई तक मामला पहुंचने वाला है।
चरण 4: मतदान और परिणाम (20 जनवरी 2026)
नाम वापसी के बाद तस्वीर अगर साफ नहीं होती और मैदान में एक से ज्यादा वैध दावेदार बने रहते हैं, तो मुकाबला 20 जनवरी 2026 को सीधे वोटिंग तक पहुंच जाएगा। उस दिन सुबह 11:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक इलेक्टोरल कॉलेज के सदस्य मतदान करेंगे और उसी दिन नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे। लेकिन अगर नाम वापसी के बाद सिर्फ एक ही उम्मीदवार बचता है, तो पार्टी की परंपरा और नियमों के मुताबिक उसे निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित कर दिया जाएगा।
संभावित उम्मीदवार के प्रस्तावक कौन हो सकते हैं?
सूत्रों की मानें तो बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन के नामांकन को इस बार संगठन बहु-स्तरीय समर्थन के साथ मजबूत दिखाने की तैयारी में है। चर्चा है कि वे तीन अलग-अलग सेट में नामांकन दाखिल कर सकते हैं, ताकि संदेश सिर्फ संख्या का नहीं, बल्कि नेतृत्व से लेकर संगठन के हर स्तर की सहमति का जाए। पहले सेट में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व—प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और जेपी नड्डा के प्रस्तावक बनने की संभावना जताई जा रही है। दूसरे सेट में 20 से अधिक निर्वाचित प्रदेश अध्यक्षों के हस्ताक्षर शामिल हो सकते हैं, जो देशभर में संगठनात्मक स्वीकार्यता का संकेत देंगे। वहीं तीसरे सेट में नेशनल काउंसिल के सदस्यों का समर्थन जोड़कर नामांकन को व्यापक वैधता देने की रणनीति बताई जा रही है।
प्रधानमंत्री की मौजूदगी में नई कमान का औपचारिक हस्तांतरण
यदि नितिन नबीन पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाते हैं, तो बीजेपी मुख्यालय में नेतृत्व परिवर्तन का औपचारिक मंचन किया जाएगा। पार्टी परंपरा के मुताबिक उन्हें दीनदयाल उपाध्याय मार्ग स्थित राष्ट्रीय अध्यक्ष कार्यालय तक प्रधानमंत्री और शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में ले जाया जाएगा। इसी के साथ पार्टी में राष्ट्रीय नेतृत्व का औपचारिक बदलाव पूरा हो जाएगा। बीजेपी के लिए यह प्रक्रिया ‘संगठन पर्व-2024’ के समापन की तरह भी देखी जा रही है और साथ ही आने वाले महीनों में संगठन को चुनावी मोड में शिफ्ट करने वाले नए चरण की शुरुआत भी। इसलिए नए अध्यक्ष का चयन केवल एक पद की घोषणा नहीं, बल्कि अगले वर्षों की राजनीतिक दिशा, रणनीति और चुनावी तैयारी का रोडमैप तय करने वाला फैसला माना जा रहा है। BJP National President Election 2026












