रोमांटिक हॉरर कॉमेडी में प्रभास की नई और ताज़ा छवि
तेलुगु सिनेमा की बहुप्रतीक्षितफिल्म ‘द राजा साहब’ आखिरकार सिनेमाघरों में रिलीज़ हो चुकी है। मारुति द्वारा लिखित और निर्देशित यह रोमांटिक हॉरर कॉमेडी फिल्म दर्शकों के बीच अच्छा रिस्पॉन्स बटोर रही है। पीपल मीडिया फैक्ट्री के बैनर तले बनी इस फिल्म को हिंदी समेत कई भाषाओं में रिलीज़ किया गया है।

फिल्म की सबसे बड़ी खासियत है सुपरस्टार प्रभास का नया अवतार। प्रभास पहली बार हॉरर-कॉमेडी जॉनर में दिखाई दे रहे हैं। कहानी एक ऐसे युवक के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसकी परवरिश उसकी दादी करती है। उसकी जिंदगी तब नया मोड़ लेती है, जब उसे पता चलता है कि उसके दादा अभी जिंदा हैं। दादा की तलाश में निकला यह सफर रहस्य, डर और हास्य से भरपूर घटनाओं में बदल जाता है।
संजय दत्त ने दादा के किरदार में छोड़ी मजबूत छाप
फिल्म में दादा के किरदार में संजय दत्त नजर आते हैं। उनका प्रभावशाली व्यक्तित्व और दमदार स्क्रीन प्रेजेंस कहानी को और मजबूत बनाता है। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, दादा से जुड़े कई चौंकाने वाले राज सामने आते हैं, जो दर्शकों को अंत तक बांधे रखते हैं।
हल्के-फुल्के अंदाज में जमे प्रभास
प्रभास अपने हल्के-फुल्के अंदाज, बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग और भावनात्मक दृश्यों से दर्शकों को प्रभावित करते हैं। एक्शन और गंभीर भूमिकाओं से अलग उनकी यह नई छवि फैंस को काफी पसंद आ रही है। वहीं निधि अग्रवाल और मालविका मोहनन ने भी अपनी भूमिकाओं को संतुलित ढंग से निभाया है। बोमन ईरानी का सीमित लेकिन असरदार किरदार फिल्म को अतिरिक्त मजबूती देता है।
VFX और फैमिली एंटरटेनमेंट बना प्लस पॉइंट
फिल्म का VFX इसका बड़ा आकर्षण है। डरावने दृश्य रोमांच पैदा करते हैं, लेकिन पूरी फिल्म फैमिली एंटरटेनमेंट की सीमा में रहती है। यही वजह है कि ‘द राजा साहब’ बच्चों और परिवार के साथ देखने योग्य फिल्म बनती है। ‘द राजा साहब’ हंसी, डर, रहस्य और भावनाओं का संतुलित मेल है। यह फिल्म उन दर्शकों के लिए खास है जो परिवार के साथ सिनेमाघर में एक साफ-सुथरा और मनोरंजक अनुभव लेना चाहते हैं।
फिल्म की सबसे बड़ी खासियत है सुपरस्टार प्रभास का नया अवतार। प्रभास पहली बार हॉरर-कॉमेडी जॉनर में दिखाई दे रहे हैं। कहानी एक ऐसे युवक के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसकी परवरिश उसकी दादी करती है। उसकी जिंदगी तब नया मोड़ लेती है, जब उसे पता चलता है कि उसके दादा अभी जिंदा हैं। दादा की तलाश में निकला यह सफर रहस्य, डर और हास्य से भरपूर घटनाओं में बदल जाता है।
संजय दत्त ने दादा के किरदार में छोड़ी मजबूत छाप
फिल्म में दादा के किरदार में संजय दत्त नजर आते हैं। उनका प्रभावशाली व्यक्तित्व और दमदार स्क्रीन प्रेजेंस कहानी को और मजबूत बनाता है। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, दादा से जुड़े कई चौंकाने वाले राज सामने आते हैं, जो दर्शकों को अंत तक बांधे रखते हैं।
हल्के-फुल्के अंदाज में जमे प्रभास
प्रभास अपने हल्के-फुल्के अंदाज, बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग और भावनात्मक दृश्यों से दर्शकों को प्रभावित करते हैं। एक्शन और गंभीर भूमिकाओं से अलग उनकी यह नई छवि फैंस को काफी पसंद आ रही है। वहीं निधि अग्रवाल और मालविका मोहनन ने भी अपनी भूमिकाओं को संतुलित ढंग से निभाया है। बोमन ईरानी का सीमित लेकिन असरदार किरदार फिल्म को अतिरिक्त मजबूती देता है।
VFX और फैमिली एंटरटेनमेंट बना प्लस पॉइंट
फिल्म का VFX इसका बड़ा आकर्षण है। डरावने दृश्य रोमांच पैदा करते हैं, लेकिन पूरी फिल्म फैमिली एंटरटेनमेंट की सीमा में रहती है। यही वजह है कि ‘द राजा साहब’ बच्चों और परिवार के साथ देखने योग्य फिल्म बनती है। ‘द राजा साहब’ हंसी, डर, रहस्य और भावनाओं का संतुलित मेल है। यह फिल्म उन दर्शकों के लिए खास है जो परिवार के साथ सिनेमाघर में एक साफ-सुथरा और मनोरंजक अनुभव लेना चाहते हैं।












