आप बुद्धिमान हैं अथवा नहीं, 12 गुण करेंगे फैसला

चाणक्य नीति में ऐसे 12 गुण बताए गए हैं जिनके आधार पर तय होगा कि व्यक्ति बुद्धिमान है अथवा नहीं। चाणक्य नीति में बताए गए गुण यदि आपके अंदर मौजूद हैं तो आप वास्तव में बुद्धिमान हैं। चाणक्य नीति में बताए गए गुण यदि आपके अंदर नहीं हैं तो आपको बुद्धिमान होने का भ्रम है।

चाणक्य नीति का बड़ा संदेश
चाणक्य नीति का बड़ा संदेश
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar09 Feb 2026 02:36 PM
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Chanakya Niti : आप बुद्धिमान हैं अथवा नहीं इस बात की पहचान करना बहुत मुश्किल काम नहीं है। आचार्य चाणक्य ने चाणक्य नीति में बुद्धिमान की पूरी पहचान बताई है। चाणक्य नीति में ऐसे 12 गुण बताए गए हैं जिनके आधार पर तय होगा कि व्यक्ति बुद्धिमान है अथवा नहीं। चाणक्य नीति में बताए गए गुण यदि आपके अंदर मौजूद हैं तो आप वास्तव में बुद्धिमान हैं। चाणक्य नीति में बताए गए गुण यदि आपके अंदर नहीं हैं तो आपको बुद्धिमान होने का भ्रम है।

हर कोई मानता है अपने आपको बुद्धिमान

यह दुनिया का सबसे बड़ा सत्य है कि हर कोई अपने आपको बुद्धिमान मानता है। काफी हद तक यह सही भी है कि जिस व्यक्ति के अंदर भी बुद्धि है वह तो वास्तव में बुद्धिमान होगा ही। वास्तव में बुद्धिमान व्यक्ति वही माना जाता है जिसके अंदर बुद्धिमान होने के सारे गुण मौजूद हैं। आचार्य चाणक्य ने चाणक्य नीति में बुद्धिमान व्यक्ति के 12 जरूरी गुण बताए हैं। हम आपको एक काम बता रहे है कि चाणक्य नीति में बुद्धिमान व्यक्ति में क्या-क्या गुण बताए गए हैं।

गुण नम्बर-1 :- योजनाओ को गुप्त रखना (Keeping Secrets)

चाणक्य नीति में कहा गया है कि एक बुद्धिमान व्यक्ति कभी भी अपने काम के शुरू होने से पहले उसकी चर्चा नहीं करता। वह जानता है कि योजना सार्वजनिक करने से उसमें बाधाएं आ सकती हैं या शत्रु उसका लाभ उठा सकते हैं। जब तक कार्य सफल न हो जाए, एक समझदार व्यक्ति उसे Confidential ही रखता है।

गुण नम्बर-2 :- कम बोलना और ज्यादा सुनना  (Listening More)

चाणक्य नीति में साफ कहा गया है कि ज्ञानी व्यक्ति की सबसे बड़ी पहचान उसका मौन है। वे व्यर्थ की बातों में ऊर्जा बर्बाद नहीं करते। वे दूसरों की बातों को ध्यान से सुनते हैं क्योंकि सुनने से ज्ञान बढ़ता है और सामने वाले की मंशा समझ आती है। istening Skills ही उन्हें सही निर्णय लेने में मदद करती है।

गुण नम्बर-3 :- दूसरों की गलतियों से सीखना(Learning from Others)

मनुष्य की उम्र इतनी लंबी नहीं होती कि वह हर गलती खुद करके सीखे। बुद्धिमान वही है जो दूसरों की असफलताओं को देखकर उनसे सबक ले ले। यह ्रAnalytical Thinking उसे भविष्य के बड़े नुकसानों से बचा लेती है।

गुण नम्बर-4 :- समय की कद्र करना (Time Management)

एक बुद्धिमान व्यक्ति के लिए समय ही सबसे बड़ा धन है। वह कभी भी कल पर काम नहीं टालता। चाणक्य कहते हैं कि जो व्यक्ति समय की कद्र नहीं करता, समय उसे नष्ट कर देता है। Punctuality   और अनुशासन उनके जीवन का आधार होते हैं।

गुण नम्बर-5 :- संकट में धैर्य बनाए रखना  (Patience in Crisis)

मुसीबत आने पर जो विचलित हो जाए, वह बुद्धिमान नहीं। समझदार इंसान संकट के समय शांत रहकर समाधान खोजता है। वह जानता है कि गुस्सा या डर उसकी सोचने की शक्ति को खत्म कर देगा। इसलिए Emotional Intelligence   के साथ वह कठिन समय को भी पार कर लेता है।

गुण नम्बर-6:- अपनी क्षमता का सही आकलन (Self-Awareness)

बुद्धिमान व्यक्ति को पता होता है कि उसकी ताकत क्या है और कमजोरी क्या। वह कभी भी अपनी क्षमता से बाहर जाकर दिखावे के लिए कोई काम नहीं करता। अपनी मर्यादा और ताकत को जानकर ही वह कदम आगे बढ़ाता है।

गुण नम्बर-7:- निरंतर सीखते रहने की इच्छा (Lifelong Learning)

ज्ञान का अहंकार कभी भी एक बुद्धिमान व्यक्ति को नहीं होता। वह हर छोटे-बड़े इंसान से कुछ न कुछ सीखने की कोशिश करता है। उसके लिए Continuous Learning   ही विकास का एकमात्र रास्ता है।

गुण नम्बर-8:- विवादों से दूरी बनाना  (Avoiding Conflicts)

बेवजह के वाद-विवाद और झगड़ों में पडऩा मूर्खों का काम है। बुद्धिमान व्यक्ति अपनी ऊर्जा सकारात्मक कार्यों में लगाता है। वह जानता है कि बहस जीतने से अच्छा है कि शांत रहकर अपना काम सिद्ध किया जाए।

गुण नम्बर-9 :- धन का संचय और सही उपयोग (Wealth Management)

चाणक्य नीति के अनुसार, पैसा मुसीबत का सबसे बड़ा साथी है। बुद्धिमान व्यक्ति फिजूलखर्ची से बचता है और बुरे समय के लिए Savings   करता है। वह धन का उपयोग केवल उपभोग के लिए नहीं बल्कि निवेश और सुरक्षा के लिए करता है।

गुण नम्बर-10 :- हार न मानना (Resilience)

असफलता एक बुद्धिमान व्यक्ति के लिए अंत नहीं बल्कि एक सीख है। वह गिरकर दोबारा उठने की ताकत रखता है। जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए, वह अपनी रणनीतियों को बदलता है लेकिन मैदान नहीं छोड़ता।

गुण नम्बर-11:- संगति का सही चुनाव (Right Company)

इंसान की पहचान उसकी संगति से होती है। बुद्धिमान व्यक्ति हमेशा विद्वानों और सकारात्मक सोच वाले लोगों के बीच रहता है। वह जानता है कि  Bad Company   उसे पतन की ओर ले जा सकती है।

12:- वर्तमान में जीना (Living in Present)

चाणक्य नीति में कहा गया है कि समझदार लोग बीते हुए कल का शोक नहीं मनाते और न ही भविष्य की चिंता में डूबे रहते हैं। वे वर्तमान पल में पूरी ईमानदारी से मेहनत करते हैं, क्योंकि आज का कर्म ही कल का भविष्य तय करता है। Chanakya Niti

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होली को लेकर बना हुआ है कंफ्यूजन? यहां है सही तारीख

Holi 2026: होली की सही तारीख को लेकर हर किसी के जेहन में सवाल बना हुआ है कि साल 2026 में होली कब मनाई जाएगी। अगर आप भी इस कंफ्यूजन में फंसे हुए हैं तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। इस आर्टिकल में होली की सही तारीख बताई गई है जिससे आप अपना भ्रम दूर कर सकते हैं।

Holi 2026
होली कब है
locationभारत
userअसमीना
calendar07 Feb 2026 12:05 PM
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हर साल होली का इंतजार पूरे देश को रहता है लेकिन साल 2026 में होली की तारीख को लेकर लोगों के बीच काफी कंफ्यूजन बना हुआ है। कोई कह रहा है कि होली 3 मार्च को है तो कोई 4 मार्च को रंग खेलने की बात कर रहा है। दरअसल, इस साल होली के दौरान चंद्रग्रहण पड़ रहा है जिस वजह से रंगों के पर्व की तारीख बदल गई है। इस लेख में हम आपको शास्त्रों, पंचांग और देश के प्रसिद्ध पंडितों की राय के आधार पर होली 2026 की सही और अंतिम तारीख बता रहे हैं।

Holi 2026 को लेकर कंफ्यूजन क्यों?

इस साल फाल्गुन पूर्णिमा के दिन यानी 3 मार्च 2026 को चंद्रग्रहण लग रहा है। सनातन धर्म में ग्रहण और सूतक काल के दौरान किसी भी तरह का शुभ या मांगलिक कार्य करना वर्जित माना जाता है। इसी कारण लोग यह समझ नहीं पा रहे हैं कि रंगों की होली 3 मार्च को मनाई जाए या फिर 4 मार्च को। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इसी चंद्रग्रहण के कारण होली की तिथि में बदलाव हुआ है।

होलिका दहन 2026 की सही तिथि

ज्योतिषाचार्य पंडित दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री के अनुसार, फाल्गुन शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि 2 मार्च 2026 को पड़ रही है। इस दिन शाम के समय भद्रा लग रही है इसलिए भद्रा के मुख काल को छोड़कर भद्रा पूंछ काल में ही होलिका दहन करना शास्त्र सम्मत माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, होलिका दहन 2 मार्च 2026 की रात 12 बजकर 50 मिनट से लेकर 2 बजकर 02 मिनट के बीच करना सबसे शुभ रहेगा।

3 मार्च 2026 को होली क्यों नहीं मनाई जाएगी?

3 मार्च 2026 को फाल्गुन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है लेकिन इसी दिन साल का पहला चंद्रग्रहण भी लग रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चंद्रग्रहण से 9 घंटे पहले सूतक काल प्रारंभ हो जाता है। इस गणना के अनुसार, 3 मार्च को सुबह 6 बजकर 20 मिनट से सूतक काल लग जाएगा। सूतक काल में रंग खेलना, पूजा-पाठ करना या कोई भी शुभ कार्य करना उचित नहीं माना जाता इसलिए इस दिन होली नहीं मनाई जाएगी।

चंद्रग्रहण 3 मार्च 2026 का समय

ज्योतिषीय गणनाओं के मुताबिक, 3 मार्च 2026 को चंद्रग्रहण की शुरुआत दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर होगी। ग्रहण का मध्यकाल शाम 5 बजकर 4 मिनट पर रहेगा जबकि चंद्रमा का उदय शाम 5 बजकर 59 मिनट पर होगा। ग्रहण का मोक्ष काल शाम 6 बजकर 47 मिनट पर समाप्त होगा। भारत में चंद्रोदय के बाद केवल ग्रहण का मोक्ष काल ही दिखाई देगा लेकिन इसके बावजूद पूरे देश में सूतक काल मान्य रहेगा।

4 मार्च 2026 को ही क्यों मनाई जाएगी रंगों की होली?

ज्योतिषाचार्य पंडित वेद प्रकाश मिश्रा के अनुसार, शास्त्रीय परंपरा में होलिका दहन के अगले दिन रंगोत्सव मनाया जाता है लेकिन 3 मार्च को चंद्रग्रहण और सूतक काल होने के कारण उस दिन होली मनाना उचित नहीं है। ग्रहण समाप्त होने के बाद अगले दिन यानी 4 मार्च 2026 को चैत्र कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि होगी जो रंगों की होली मनाने के लिए पूरी तरह शुभ मानी जा रही है। इसलिए पूरे भारत में होली 4 मार्च को मनाई जाएगी।

चंद्रग्रहण कहां-कहां दिखाई देगा?

3 मार्च 2026 को लगने वाला यह चंद्रग्रहण भारत के अलावा पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर और अमेरिका में भी देखा जाएगा। ग्रहण का प्रभाव धार्मिक दृष्टि से पूरे भारत में मान्य रहेगा इसी कारण सभी ज्योतिषाचार्यों ने 4 मार्च को होली मनाने की सलाह दी है।

Holi 2026 की सही तारीख

सभी पंचांग, ज्योतिषीय गणना और पंडितों की राय के अनुसार, होलिका दहन 2 मार्च 2026 की रात को किया जाएगा। चंद्रग्रहण और सूतक काल के कारण 3 मार्च को रंगों की होली नहीं मनाई जाएगी। इसलिए पूरे देश में रंगों का पर्व होली 4 मार्च 2026 को ही मनाया जाना सबसे शुभ और शास्त्र सम्मत माना जा रहा है।

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यह बात मान ली तो दुश्मन भी आपके पैरों में होगा

चाणक्य नीति में दावा किया गया है कि यदि आपने चाणक्य नीति की बात मान ली तो आपका बड़े से बड़ा दुश्मन भी आपके पैरों में पड़ा हुआ होगा। आपको आसान भाषा में बता देते हैं कि दुश्मन को हराने के लिए चाणक्य नीति में क्या उपाय बताए गए हैं।

चाणक्य
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locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar06 Feb 2026 06:10 PM
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Chanakya Niti : चाणक्य नीति में हर बात प्रमुखता से बताई गई है। चाणक्य नीति में अपने दुश्मन को पराजित करने का भी बेहद आसान तरीका बताया गया है। चाणक्य नीति में दावा किया गया है कि यदि आपने चाणक्य नीति की बात मान ली तो आपका बड़े से बड़ा दुश्मन भी आपके पैरों में पड़ा हुआ होगा। आपको आसान भाषा में बता देते हैं कि दुश्मन को हराने के लिए चाणक्य नीति में क्या उपाय बताए गए हैं।

खामोशी को अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लें

चाणक्य नीति में कहा गया है कि जो व्यक्ति अपनी वाणी पर नियंत्रण रखता है, वह बिना युद्ध किए विजय प्राप्त कर सकता है। जब आप दुश्मन की बातों का जवाब नहीं देते, तो आप उसके पूरे प्लान को फेल कर देते हैं। आपकी खामोशी ही उसके आत्मविश्वास को तोड़ देती है। चुप रहना कई बार सबसे तेज और घातक अस्त्र बन जाता है। हर परिस्थिति में खामोश रहकर दुश्मन पर निगाह बनाए रखें। सच्चा विजेता वही होता है जो अपनी उपलब्धियों का ढिंढोरा न पीटे। जब आप बिना दिखावे के सफलता प्राप्त करते हैं, तो यह आपके दुश्मनों के लिए एक चुपचाप करारा तमाचा बन जाता है और जब आप उस सफलता पर भी शांत रहते हैं, तो वह भीतर से घुटने लगता है। आप बस चुपचाप अपना काम करते जाइए।

दुश्मन को अनदेखा करना शुरू करें

चाणक्य नीति में बताया गया है कि आपके जो दुश्मन आपकी हमेशा निंदा करते रहते हैं उन्हें अनदेखा करना शुरू कर दें। चाणक्य नीति कहती है कि निंदा करने वालों को सबसे बड़ा जवाब है- उन्हें पूरी तरह से अनदेखा करना। जब आप अपने शत्रु को महत्व देना ही बंद कर देते हैं, तो वह अपने ही शब्दों और प्रयासों में घुटने लगता है। यह मानसिक रूप से उसे तोड़ देता है। उसे लगेगा कि वह आपके लिए इतना भी महत्वपूर्ण नहीं कि आप कुछ कहें। चाणक्य नीति के अनुसार, जो व्यक्ति शत्रु की योजनाओं को पहले से जान लेता है, वह अजेय हो जाता है। दुश्मन की गतिविधियों पर पैनी नजर रखिए, अंदर ही अंदर तैयारी करते रहिए, अपनी योजनाएं गुप्त रखिए। जब वह आपको हानि पहुंचाने का प्रयास करे और आप पहले से तैयार हों, तो उसकी हर रणनीति निष्फल हो जाएगी। Chanakya Niti



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