आप बुद्धिमान हैं अथवा नहीं, 12 गुण करेंगे फैसला
चाणक्य नीति में ऐसे 12 गुण बताए गए हैं जिनके आधार पर तय होगा कि व्यक्ति बुद्धिमान है अथवा नहीं। चाणक्य नीति में बताए गए गुण यदि आपके अंदर मौजूद हैं तो आप वास्तव में बुद्धिमान हैं। चाणक्य नीति में बताए गए गुण यदि आपके अंदर नहीं हैं तो आपको बुद्धिमान होने का भ्रम है।

Chanakya Niti : आप बुद्धिमान हैं अथवा नहीं इस बात की पहचान करना बहुत मुश्किल काम नहीं है। आचार्य चाणक्य ने चाणक्य नीति में बुद्धिमान की पूरी पहचान बताई है। चाणक्य नीति में ऐसे 12 गुण बताए गए हैं जिनके आधार पर तय होगा कि व्यक्ति बुद्धिमान है अथवा नहीं। चाणक्य नीति में बताए गए गुण यदि आपके अंदर मौजूद हैं तो आप वास्तव में बुद्धिमान हैं। चाणक्य नीति में बताए गए गुण यदि आपके अंदर नहीं हैं तो आपको बुद्धिमान होने का भ्रम है।
हर कोई मानता है अपने आपको बुद्धिमान
यह दुनिया का सबसे बड़ा सत्य है कि हर कोई अपने आपको बुद्धिमान मानता है। काफी हद तक यह सही भी है कि जिस व्यक्ति के अंदर भी बुद्धि है वह तो वास्तव में बुद्धिमान होगा ही। वास्तव में बुद्धिमान व्यक्ति वही माना जाता है जिसके अंदर बुद्धिमान होने के सारे गुण मौजूद हैं। आचार्य चाणक्य ने चाणक्य नीति में बुद्धिमान व्यक्ति के 12 जरूरी गुण बताए हैं। हम आपको एक काम बता रहे है कि चाणक्य नीति में बुद्धिमान व्यक्ति में क्या-क्या गुण बताए गए हैं।
गुण नम्बर-1 :- योजनाओ को गुप्त रखना (Keeping Secrets)
चाणक्य नीति में कहा गया है कि एक बुद्धिमान व्यक्ति कभी भी अपने काम के शुरू होने से पहले उसकी चर्चा नहीं करता। वह जानता है कि योजना सार्वजनिक करने से उसमें बाधाएं आ सकती हैं या शत्रु उसका लाभ उठा सकते हैं। जब तक कार्य सफल न हो जाए, एक समझदार व्यक्ति उसे Confidential ही रखता है।
गुण नम्बर-2 :- कम बोलना और ज्यादा सुनना (Listening More)
चाणक्य नीति में साफ कहा गया है कि ज्ञानी व्यक्ति की सबसे बड़ी पहचान उसका मौन है। वे व्यर्थ की बातों में ऊर्जा बर्बाद नहीं करते। वे दूसरों की बातों को ध्यान से सुनते हैं क्योंकि सुनने से ज्ञान बढ़ता है और सामने वाले की मंशा समझ आती है। istening Skills ही उन्हें सही निर्णय लेने में मदद करती है।
गुण नम्बर-3 :- दूसरों की गलतियों से सीखना(Learning from Others)
मनुष्य की उम्र इतनी लंबी नहीं होती कि वह हर गलती खुद करके सीखे। बुद्धिमान वही है जो दूसरों की असफलताओं को देखकर उनसे सबक ले ले। यह ्रAnalytical Thinking उसे भविष्य के बड़े नुकसानों से बचा लेती है।
गुण नम्बर-4 :- समय की कद्र करना (Time Management)
एक बुद्धिमान व्यक्ति के लिए समय ही सबसे बड़ा धन है। वह कभी भी कल पर काम नहीं टालता। चाणक्य कहते हैं कि जो व्यक्ति समय की कद्र नहीं करता, समय उसे नष्ट कर देता है। Punctuality और अनुशासन उनके जीवन का आधार होते हैं।
गुण नम्बर-5 :- संकट में धैर्य बनाए रखना (Patience in Crisis)
मुसीबत आने पर जो विचलित हो जाए, वह बुद्धिमान नहीं। समझदार इंसान संकट के समय शांत रहकर समाधान खोजता है। वह जानता है कि गुस्सा या डर उसकी सोचने की शक्ति को खत्म कर देगा। इसलिए Emotional Intelligence के साथ वह कठिन समय को भी पार कर लेता है।
गुण नम्बर-6:- अपनी क्षमता का सही आकलन (Self-Awareness)
बुद्धिमान व्यक्ति को पता होता है कि उसकी ताकत क्या है और कमजोरी क्या। वह कभी भी अपनी क्षमता से बाहर जाकर दिखावे के लिए कोई काम नहीं करता। अपनी मर्यादा और ताकत को जानकर ही वह कदम आगे बढ़ाता है।
गुण नम्बर-7:- निरंतर सीखते रहने की इच्छा (Lifelong Learning)
ज्ञान का अहंकार कभी भी एक बुद्धिमान व्यक्ति को नहीं होता। वह हर छोटे-बड़े इंसान से कुछ न कुछ सीखने की कोशिश करता है। उसके लिए Continuous Learning ही विकास का एकमात्र रास्ता है।
गुण नम्बर-8:- विवादों से दूरी बनाना (Avoiding Conflicts)
बेवजह के वाद-विवाद और झगड़ों में पडऩा मूर्खों का काम है। बुद्धिमान व्यक्ति अपनी ऊर्जा सकारात्मक कार्यों में लगाता है। वह जानता है कि बहस जीतने से अच्छा है कि शांत रहकर अपना काम सिद्ध किया जाए।
गुण नम्बर-9 :- धन का संचय और सही उपयोग (Wealth Management)
चाणक्य नीति के अनुसार, पैसा मुसीबत का सबसे बड़ा साथी है। बुद्धिमान व्यक्ति फिजूलखर्ची से बचता है और बुरे समय के लिए Savings करता है। वह धन का उपयोग केवल उपभोग के लिए नहीं बल्कि निवेश और सुरक्षा के लिए करता है।
गुण नम्बर-10 :- हार न मानना (Resilience)
असफलता एक बुद्धिमान व्यक्ति के लिए अंत नहीं बल्कि एक सीख है। वह गिरकर दोबारा उठने की ताकत रखता है। जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए, वह अपनी रणनीतियों को बदलता है लेकिन मैदान नहीं छोड़ता।
गुण नम्बर-11:- संगति का सही चुनाव (Right Company)
इंसान की पहचान उसकी संगति से होती है। बुद्धिमान व्यक्ति हमेशा विद्वानों और सकारात्मक सोच वाले लोगों के बीच रहता है। वह जानता है कि Bad Company उसे पतन की ओर ले जा सकती है।
12:- वर्तमान में जीना (Living in Present)
चाणक्य नीति में कहा गया है कि समझदार लोग बीते हुए कल का शोक नहीं मनाते और न ही भविष्य की चिंता में डूबे रहते हैं। वे वर्तमान पल में पूरी ईमानदारी से मेहनत करते हैं, क्योंकि आज का कर्म ही कल का भविष्य तय करता है। Chanakya Niti
Chanakya Niti : आप बुद्धिमान हैं अथवा नहीं इस बात की पहचान करना बहुत मुश्किल काम नहीं है। आचार्य चाणक्य ने चाणक्य नीति में बुद्धिमान की पूरी पहचान बताई है। चाणक्य नीति में ऐसे 12 गुण बताए गए हैं जिनके आधार पर तय होगा कि व्यक्ति बुद्धिमान है अथवा नहीं। चाणक्य नीति में बताए गए गुण यदि आपके अंदर मौजूद हैं तो आप वास्तव में बुद्धिमान हैं। चाणक्य नीति में बताए गए गुण यदि आपके अंदर नहीं हैं तो आपको बुद्धिमान होने का भ्रम है।
हर कोई मानता है अपने आपको बुद्धिमान
यह दुनिया का सबसे बड़ा सत्य है कि हर कोई अपने आपको बुद्धिमान मानता है। काफी हद तक यह सही भी है कि जिस व्यक्ति के अंदर भी बुद्धि है वह तो वास्तव में बुद्धिमान होगा ही। वास्तव में बुद्धिमान व्यक्ति वही माना जाता है जिसके अंदर बुद्धिमान होने के सारे गुण मौजूद हैं। आचार्य चाणक्य ने चाणक्य नीति में बुद्धिमान व्यक्ति के 12 जरूरी गुण बताए हैं। हम आपको एक काम बता रहे है कि चाणक्य नीति में बुद्धिमान व्यक्ति में क्या-क्या गुण बताए गए हैं।
गुण नम्बर-1 :- योजनाओ को गुप्त रखना (Keeping Secrets)
चाणक्य नीति में कहा गया है कि एक बुद्धिमान व्यक्ति कभी भी अपने काम के शुरू होने से पहले उसकी चर्चा नहीं करता। वह जानता है कि योजना सार्वजनिक करने से उसमें बाधाएं आ सकती हैं या शत्रु उसका लाभ उठा सकते हैं। जब तक कार्य सफल न हो जाए, एक समझदार व्यक्ति उसे Confidential ही रखता है।
गुण नम्बर-2 :- कम बोलना और ज्यादा सुनना (Listening More)
चाणक्य नीति में साफ कहा गया है कि ज्ञानी व्यक्ति की सबसे बड़ी पहचान उसका मौन है। वे व्यर्थ की बातों में ऊर्जा बर्बाद नहीं करते। वे दूसरों की बातों को ध्यान से सुनते हैं क्योंकि सुनने से ज्ञान बढ़ता है और सामने वाले की मंशा समझ आती है। istening Skills ही उन्हें सही निर्णय लेने में मदद करती है।
गुण नम्बर-3 :- दूसरों की गलतियों से सीखना(Learning from Others)
मनुष्य की उम्र इतनी लंबी नहीं होती कि वह हर गलती खुद करके सीखे। बुद्धिमान वही है जो दूसरों की असफलताओं को देखकर उनसे सबक ले ले। यह ्रAnalytical Thinking उसे भविष्य के बड़े नुकसानों से बचा लेती है।
गुण नम्बर-4 :- समय की कद्र करना (Time Management)
एक बुद्धिमान व्यक्ति के लिए समय ही सबसे बड़ा धन है। वह कभी भी कल पर काम नहीं टालता। चाणक्य कहते हैं कि जो व्यक्ति समय की कद्र नहीं करता, समय उसे नष्ट कर देता है। Punctuality और अनुशासन उनके जीवन का आधार होते हैं।
गुण नम्बर-5 :- संकट में धैर्य बनाए रखना (Patience in Crisis)
मुसीबत आने पर जो विचलित हो जाए, वह बुद्धिमान नहीं। समझदार इंसान संकट के समय शांत रहकर समाधान खोजता है। वह जानता है कि गुस्सा या डर उसकी सोचने की शक्ति को खत्म कर देगा। इसलिए Emotional Intelligence के साथ वह कठिन समय को भी पार कर लेता है।
गुण नम्बर-6:- अपनी क्षमता का सही आकलन (Self-Awareness)
बुद्धिमान व्यक्ति को पता होता है कि उसकी ताकत क्या है और कमजोरी क्या। वह कभी भी अपनी क्षमता से बाहर जाकर दिखावे के लिए कोई काम नहीं करता। अपनी मर्यादा और ताकत को जानकर ही वह कदम आगे बढ़ाता है।
गुण नम्बर-7:- निरंतर सीखते रहने की इच्छा (Lifelong Learning)
ज्ञान का अहंकार कभी भी एक बुद्धिमान व्यक्ति को नहीं होता। वह हर छोटे-बड़े इंसान से कुछ न कुछ सीखने की कोशिश करता है। उसके लिए Continuous Learning ही विकास का एकमात्र रास्ता है।
गुण नम्बर-8:- विवादों से दूरी बनाना (Avoiding Conflicts)
बेवजह के वाद-विवाद और झगड़ों में पडऩा मूर्खों का काम है। बुद्धिमान व्यक्ति अपनी ऊर्जा सकारात्मक कार्यों में लगाता है। वह जानता है कि बहस जीतने से अच्छा है कि शांत रहकर अपना काम सिद्ध किया जाए।
गुण नम्बर-9 :- धन का संचय और सही उपयोग (Wealth Management)
चाणक्य नीति के अनुसार, पैसा मुसीबत का सबसे बड़ा साथी है। बुद्धिमान व्यक्ति फिजूलखर्ची से बचता है और बुरे समय के लिए Savings करता है। वह धन का उपयोग केवल उपभोग के लिए नहीं बल्कि निवेश और सुरक्षा के लिए करता है।
गुण नम्बर-10 :- हार न मानना (Resilience)
असफलता एक बुद्धिमान व्यक्ति के लिए अंत नहीं बल्कि एक सीख है। वह गिरकर दोबारा उठने की ताकत रखता है। जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए, वह अपनी रणनीतियों को बदलता है लेकिन मैदान नहीं छोड़ता।
गुण नम्बर-11:- संगति का सही चुनाव (Right Company)
इंसान की पहचान उसकी संगति से होती है। बुद्धिमान व्यक्ति हमेशा विद्वानों और सकारात्मक सोच वाले लोगों के बीच रहता है। वह जानता है कि Bad Company उसे पतन की ओर ले जा सकती है।
12:- वर्तमान में जीना (Living in Present)
चाणक्य नीति में कहा गया है कि समझदार लोग बीते हुए कल का शोक नहीं मनाते और न ही भविष्य की चिंता में डूबे रहते हैं। वे वर्तमान पल में पूरी ईमानदारी से मेहनत करते हैं, क्योंकि आज का कर्म ही कल का भविष्य तय करता है। Chanakya Niti











