ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का बड़ा एक्शन, 10 सोसायटियों पर ठोका भारी जुर्माना

ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के अनुसार, सीईओ एनजी रवि कुमार तक लगातार शिकायतें पहुंच रही थीं कि ग्रेटर नोएडा की कई हाई-राइज सोसायटियों में STP नियमित रूप से नहीं चल रहा और घरेलू सीवरेज बिना शोधन सीधे नालों में बहाया जा रहा है।

ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी का सख्त एक्शन
ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी का सख्त एक्शन
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar17 Feb 2026 01:56 PM
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Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा में सीवर का पानी बिना ट्रीटमेंट नालों में छोड़ने वाली बिल्डर सोसायटियों पर ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने सख्त शिकंजा कस दिया है। ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी की ताजा जांच में 10 और सोसायटियों के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) बंद मिले, जिसके बाद हर सोसायटी पर 5-5 लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया गया। इस कार्रवाई को ग्रेटर नोएडा में पर्यावरण सुरक्षा और भूजल संरक्षण के लिए ‘नो-कम्प्रोमाइज’ कदम माना जा रहा है। ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के अनुसार, सीईओ एनजी रवि कुमार तक लगातार शिकायतें पहुंच रही थीं कि ग्रेटर नोएडा की कई हाई-राइज सोसायटियों में STP नियमित रूप से नहीं चल रहा और घरेलू सीवरेज बिना शोधन सीधे नालों में बहाया जा रहा है। शिकायतों की पुष्टि के लिए सीवर विभाग ने फील्ड निगरानी बढ़ाई और अब नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की रफ्तार और तेज कर दी है।

रिपोर्ट के बाद हुई क्रॉस-चेकिंग

ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने 220 से अधिक सोसायटियों को नोटिस भेजकर एसटीपी की मौजूदा स्थिति पर रिपोर्ट मांगी थी। अब तक करीब 30 सोसायटियों के प्रबंधन ने जवाब देकर दावा किया कि उनके यहां एसटीपी सुचारू रूप से संचालित हैं। इसके बाद अथॉरिटी ने कागजी रिपोर्ट पर भरोसा करने के बजाय मैदान में जाकर क्रॉस-चेकिंग कराई। सीवर विभाग के सीनियर मैनेजर सन्नी यादव के अनुसार, जांच के दौरान 10 और सोसायटियों में एसटीपी बंद मिले। नियम उल्लंघन की पुष्टि होने पर अथॉरिटी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए हर सोसायटी पर 5-5 लाख रुपये की पेनल्टी लगा दी।

पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

यह पहली बार नहीं है जब ग्रेटर नोएडा में एसटीपी बंद होने पर दंडात्मक कार्रवाई हुई हो। इससे पहले भी 25 सोसायटियों में जांच के दौरान एसटीपी बंद मिलने पर जुर्माना लगाया जा चुका है। अथॉरिटी ने स्पष्ट किया है कि सोसायटियों से निकलने वाले सीवरेज को शोधित करने के लिए एसटीपी का संचालन अनिवार्य है और इसकी जिम्मेदारी संबंधित बिल्डर/मेंटेनेंस प्रबंधन की होती है। ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने हाल ही में ग्रेनो वेस्ट की एक सोसायटी में बेसमेंट में सीवर का पानी भरने की घटना को गंभीर लापरवाही मानते हुए बिल्डर पर 50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था। अथॉरिटी का कहना है कि उस सोसायटी का एसटीपी करीब दो साल से बंद पड़ा था, जिससे समस्या बढ़ती गई। अथॉरिटी के अनुसार, बिना ट्रीटमेंट सीवर पानी नालों में छोड़ने से ग्रेटर नोएडा में पर्यावरण, नालों की गुणवत्ता और भूजल पर सीधा और गंभीर असर पड़ता है। इसी वजह से अब निरीक्षण को नियमित बनाया जा रहा है और नियम तोड़ने पर सख्त दंड तय किया गया है। Greater Noida News

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ग्रेटर नोएडा वेस्ट वालों की मौज ही मौज! गौर चौक तक बढ़ेगी एक्वा लाइन

नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन के विस्तार पर काम तेज होने के संकेत हैं और प्रस्तावित प्लान के मुताबिक नया मेट्रो कॉरिडोर नोएडा के सेक्टर-61 से निकलकर सीधे ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-4 (गौर चौक) तक पहुंचेगा। करीब 6 किलोमीटर लंबे इस एलिवेटेड कॉरिडोर में चार नए स्टेशन बनाए जाने का प्रस्ताव है।

ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो अपडेट
ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो अपडेट
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar17 Feb 2026 10:26 AM
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Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा वेस्ट से जुड़ी बड़ी अपडेट सामने आई है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट से जुड़ी यह बड़ी खबर ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रहने वाले लाखों लोगों के लिए किसी राहत से कम नहीं है। नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन के विस्तार पर काम तेज होने के संकेत हैं और प्रस्तावित प्लान के मुताबिक नया मेट्रो कॉरिडोर नोएडा के सेक्टर-61 से निकलकर सीधे ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-4 (गौर चौक) तक पहुंचेगा। करीब 6 किलोमीटर लंबे इस एलिवेटेड कॉरिडोर में चार नए स्टेशन बनाए जाने का प्रस्ताव है। अगर यह विस्तार जमीन पर उतरता है तो ग्रेटर नोएडा वेस्ट की 100 से अधिक हाउसिंग सोसायटियों में रहने वाले करीब 5 लाख से ज्यादा लोगों की रोजाना आवाजाही को बड़ा सहारा मिलेगा।

सेक्टर-61 बनेगा इंटरचेंज हब

जानकारी के अनुसार, नोएडा का सेक्टर-61 स्टेशन डीएमआरसी और एनएमआरसी का संयुक्त स्टेशन के तौर पर विकसित किया जाएगा। इसे जंक्शन की तर्ज पर तैयार करने की योजना है, ताकि दिल्ली मेट्रो नेटवर्क से आने वाले यात्री बिना ज्यादा परेशानी के एनएमआरसी/एक्वा लाइन के जरिए ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक पहुंच सकें। मेट्रो विस्तार की सबसे अहम कड़ी इसे आरआरटीएस (नमो रेल) से जोड़ना है। प्रस्ताव है कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-4 (गौर चौक) स्टेशन पर लाइन आरआरटीएस से कनेक्ट होगी। इससे ग्रेटर नोएडा वेस्ट के यात्रियों को जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक जाने के लिए तेज और संगठित कनेक्टिविटी मिल सकती है। बताया जा रहा है कि पहले नॉलेज पार्क-5 तक मेट्रो विस्तार का प्लान उत्तर प्रदेश कैबिनेट से दो चरणों में मंजूर हो चुका था, लेकिन यह रूट गाजियाबाद से जेवर तक प्रस्तावित आरआरटीएस कॉरिडोर के रास्ते में बाधा बन रहा था। इसी वजह से केंद्र स्तर पर इस स्वरूप को मंजूरी नहीं मिल सकी। अब नई रणनीति के तहत ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-4 को आरआरटीएस से जोड़कर योजना को व्यावहारिक बनाया जा रहा है।

ग्रेटर नोएडा वेस्ट का सफर होगा आसान

नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के एमडी कृष्णा करुणेश के मुताबिक, यह विस्तार उसी मेट्रो प्रोजेक्ट का हिस्सा है जिसे यूपी कैबिनेट ने नॉलेज पार्क-5 तक मंजूरी दी थी। फर्क सिर्फ इतना है कि अब योजना का केंद्र ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-4 (गौर चौक) स्टेशन को आरआरटीएस से जोड़ने पर रखा गया है। यह लिंक तैयार होते ही ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रोज़ाना लगने वाले ट्रैफिक जाम का दबाव कम होने की उम्मीद है और यात्रियों को एक्वा लाइन के जरिए भरोसेमंद, तेज और व्यवस्थित सार्वजनिक परिवहन का विकल्प मिलेगा। अधिकारियों के अनुसार, इस कॉरिडोर की डीपीआर लगभग अंतिम रूप में है। कुछ तकनीकी संशोधनों के बाद प्रस्ताव को फिर से यूपी कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। मंजूरी मिलते ही गौर चौक तक मेट्रो विस्तार की औपचारिक प्रक्रिया तेज हो जाएगी। अनुमान है कि इस नई लाइन से करीब पांच लाख या उससे अधिक लोगों की दैनिक आवाजाही आसान होगी और नोएडा से ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक की कनेक्टिविटी को बड़ा बूस्ट मिलेगा।

चार स्टेशन होंगे शामिल

प्रस्तावित कॉरिडोर में चार स्टेशन तय किए गए हैं

  1. सेक्टर-61 स्टेशन
  2. सेक्टर-70 स्टेशन
  3. सेक्टर-123 स्टेशन
  4. सेक्टर-4 (ग्रेटर नोएडा वेस्ट/गौर चौक) स्टेशन

केंद्र-राज्य समेत प्राधिकरण मिलकर देंगे फंड

इस नए रूट के बजट को तुलनात्मक रूप से कम रखने की कोशिश की जा रही है। इक्विटी मॉडल के तहत केंद्र सरकार, राज्य सरकार, नोएडा प्राधिकरण और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण मिलकर वित्तीय योगदान देंगे, ताकि निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ सके। एनएमआरसी प्रबंधन के मुताबिक, ग्रेटर नोएडा डिपो से जुनपत और बॉटेनिकल गार्डन से सेक्टर-142 तक की डीपीआर को केंद्र से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। डिजाइनिंग का काम जारी है, जबकि टोपोग्राफी सर्वे और मिट्टी की जांच (सोइल टेस्टिंग) लगभग पूरी हो चुकी है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि दोनों रूट का शिलान्यास एक साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कराया जा सकता है। Greater Noida News

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ग्रेटर नोएडा में गरजा बुलडोजर, 37 करोड़ की जमीन से हटाया अवैध कब्जा

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार कुछ कॉलोनाइजर खसरा संख्या 100, 104 और 105 की जमीन पर घर और बाउंड्री वॉल बनाकर प्लॉटिंग की तैयारी कर रहे थे। शिकायत मिलने के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की भूलेख और परियोजना विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माण हटाने की कार्रवाई की है।

बिलासपुर में अतिक्रमण पर प्राधिकरण का बुलडोजर एक्शन
बिलासपुर में अतिक्रमण पर प्राधिकरण का बुलडोजर एक्शन
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar16 Feb 2026 04:54 PM
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Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा में जमीन कब्जाने और अवैध प्लॉटिंग की कोशिशों पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बड़ी कार्रवाई की है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अधिसूचित क्षेत्र बिलासपुर में करीब 18,770 वर्ग मीटर जमीन पर हुए अतिक्रमण को हटाते हुए मौके पर किए गए अवैध निर्माण ध्वस्त कर दिए है। प्राधिकरण के आकलन के मुताबिक अतिक्रमण से मुक्त कराई गई जमीन की कीमत लगभग 37.5 करोड़ रुपये है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार कुछ कॉलोनाइजर खसरा संख्या 100, 104 और 105 की जमीन पर घर और बाउंड्री वॉल बनाकर प्लॉटिंग की तैयारी कर रहे थे। शिकायत मिलने के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की भूलेख और परियोजना विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माण हटाने की कार्रवाई की है

सीईओ के निर्देश पर चला अभियान

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बिलासपुर में अवैध निर्माण के खिलाफ कड़ा संदेश देते हुए बुलडोजर कार्रवाई की। बता दें कि यह अभियान प्राधिकरण के सीईओ एन.जी. रवि कुमार के निर्देश पर सख्ती से चलाया गया। मौके पर जमीन पर अवैध तरीके से खड़े किए गए दो मकानों को ध्वस्त कर दिया गया, ताकि भविष्य में दोबारा कब्जे की कोशिश की कोई गुंजाइश न बचे। कार्रवाई के दौरान प्राधिकरण ने अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात रखे और पूरे ऑपरेशन को कड़ी निगरानी में चरणबद्ध तरीके से पूरा कराया। प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने साफ कहा कि अधिसूचित क्षेत्र में बिना अनुमति या बिना नक्शा स्वीकृत कराए किए गए निर्माण पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत सख्त कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि ध्वस्तीकरण के बाद भी अगर किसी ने दोबारा निर्माण या कब्जे की कोशिश की, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और भी कठोर की जाएगी।

ग्रेटर नोएडा में प्लॉटिंग से पहले भूलेख सत्यापन जरूरी

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने शहरवासियों को सतर्क करते हुए साफ कहा है कि किसी भी जमीन/प्लॉट की खरीदारी से पहले भूलेख विभाग से रिकॉर्ड और मौके की स्थिति जरूर जांचें। अधिकारियों के मुताबिक, अवैध कॉलोनियों के जाल में फंसकर लोग अक्सर अपनी गाढ़ी कमाई दांव पर लगा देते हैं, इसलिए दस्तावेजों की पुष्टि करना ही सबसे सुरक्षित रास्ता है। इधर, प्राधिकरण के महाप्रबंधक (परियोजना) ए.के. सिंह ने बताया कि बिलासपुर में खसरा संख्या 100, 104 और 105 पर अवैध निर्माण की शिकायत मिलने के बाद टीम को तुरंत सक्रिय किया गया। भूलेख विभाग के ओएसडी रामनयन सिंह के नेतृत्व में वरिष्ठ प्रबंधक नागेंद्र सिंह समेत अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सत्यापन किया, और पुष्टि होते ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अमल में लाई गई। प्राधिकरण का कहना है कि नियमों से खिलवाड़ करने वालों पर आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। Greater Noida News



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