ग्रेटर नोएडा में सपा का शक्ति प्रदर्शन, अखिलेश भरेंगे चुनावी हुंकार
पार्टी नेताओं के अनुसार, इस बैठक में लगभग 135 विधानसभा क्षेत्रों की हिस्सेदारी रही, जो इसे सिर्फ स्थानीय बैठक नहीं बल्कि प्रदेशस्तरीय शक्ति-संदेश बनाती है। सपा का कहना है कि इतनी बड़ी मौजूदगी बताती है कि ग्रेटर नोएडा–दादरी बेल्ट में चुनावी मशीनरी अब पूरी रफ्तार पकड़ चुकी है।

Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा की राजनीति में अब चुनावी गर्माहट साफ दिखने लगी है। समाजवादी पार्टी ने ग्रेटर नोएडा को अपने अभियान का शुरुआती केंद्र बनाते हुए दादरी विधानसभा से चुनावी शंखनाद की तैयारी कर ली है। मार्च के पहले सप्ताह में आयोजित होने वाली पीडीए भाईचारा रैली में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सीधे जनता को संबोधित करेंगे। सपा के लिए यह कार्यक्रम केवल एक रैली नहीं, बल्कि ग्रेटर नोएडा के मंच से पूरे उत्तर प्रदेश को अपनी रणनीति, ताकत और संदेश दिखाने का बड़ा सियासी दांव माना जा रहा है।
ग्रेटर नोएडा के सफीपुर गांव में हुई तैयारी बैठक
ग्रेटर नोएडा में रैली की तैयारियां अब जमीन पर उतरती दिख रही हैं। रविवार को ग्रेटर नोएडा के सफीपुर गांव में सपा ने एक रणनीतिक बैठक कर संगठन को धार दी, जिसमें करीब 30 जिलों से पहुंचे गुर्जर समाज के प्रभावशाली प्रतिनिधियों ने भाग लिया। पार्टी नेताओं के अनुसार, इस बैठक में लगभग 135 विधानसभा क्षेत्रों की हिस्सेदारी रही, जो इसे सिर्फ स्थानीय बैठक नहीं बल्कि प्रदेशस्तरीय शक्ति-संदेश बनाती है। सपा का कहना है कि इतनी बड़ी मौजूदगी बताती है कि ग्रेटर नोएडा–दादरी बेल्ट में चुनावी मशीनरी अब पूरी रफ्तार पकड़ चुकी है।
गुर्जर समाज पर विशेष फोकस
सपा की चुनावी बिसात में गुर्जर बहुल इलाकों को साधना इस बार सबसे अहम चाल मानी जा रही है। पार्टी नेतृत्व का जोर है कि पीडीए (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) के साथ सर्व समाज को जोड़कर एक व्यापक सामाजिक मोर्चा खड़ा किया जाए, लेकिन संकेत साफ हैं कि गुर्जर समाज की भूमिका इस अभियान में केंद्र में रहेगी। यही वजह है कि सपा ने ग्रेटर नोएडा के दादरी को खास तौर पर चुना है क्योंकि यह इलाका पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कई सीटों को जोड़ने वाली सियासी धुरी माना जाता है। पार्टी की नजर में ग्रेटर नोएडा-दादरी वही मंच है, जहां से चुनावी ‘टेक-ऑफ’ लेकर पूरे पश्चिम यूपी में असर फैलाया जा सकता है।
ग्रेटर नोएडा से सपा का सामाजिक संदेश
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, शुरुआत में इस आयोजन को ‘गुर्जर सम्मेलन’ के तौर पर आगे बढ़ाने की तैयारी थी, लेकिन सरकार द्वारा जाति के नाम पर रैली/सम्मेलनों पर रोक का हवाला सामने आने के बाद रणनीति बदली गई और इसे “पीडीए भाईचारा रैली” का नाम दे दिया गया। सपा का दावा है कि अब यह मंच किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भाईचारे और सामाजिक प्रतिनिधित्व का व्यापक संदेश लेकर उतरेगा।
दादरी रैली में दिखेगा संगठन का दम
सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और रैली संयोजक राजकुमार भाटी के मुताबिक, अगस्त से गुर्जर समाज के बीच राजनीतिक जागरूकता अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत पार्टी अब तक 20 जिलों में करीब 50 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचकर पीडीए चौपालों के जरिए संगठन और जनसंपर्क को मजबूत कर चुकी है। अब सपा इसी चौपाल से मैदान वाली रणनीति को आगे बढ़ाते हुए ग्रेटर नोएडा–दादरी में एक विशाल रैली के जरिए शक्ति प्रदर्शन करने जा रही है,जिसे पार्टी अपने अभियान का टर्निंग पॉइंट मान रही है।
बैठक में किन जिलों के नेता-कार्यकर्ता पहुंचे
ग्रेटर नोएडा के सफीपुर में हुई बैठक ने यह साफ कर दिया कि दादरी की रैली को लेकर सपा ने तैयारी को प्रदेश-स्तरीय मोर्चे पर ला खड़ा किया है। बैठक में मुजफ्फरनगर से चौधरी इलम सिंह, मेरठ से उदयवीर सिंह, सहारनपुर से धर्मवीर खटाना, बाराबंकी से हसीब अहमद और गोरखपुर से तंजील गुर्जर सहित कई प्रभावशाली प्रतिनिधि मौजूद रहे। इसके साथ ही अमरोहा, बदायूं, बरेली, बागपत, बुलंदशहर, हापुड़, आगरा, फिरोजाबाद और मथुरा जैसे जिलों से भी गुर्जर नेताओं की भागीदारी रही। सपा के मुताबिक, ग्रेटर नोएडा की इस जुटान ने संकेत दे दिए हैं कि अब संगठन ने दादरी रैली को जमीनी नेटवर्क और व्यापक समर्थन के सहारे बड़े अभियान में बदलने की तैयारी कर ली है।
ग्रेटर नोएडा से सपा का संदेश
सफीपुर बैठक में उमड़ी भीड़ को सपा ग्रेटर नोएडा–दादरी बेल्ट में संगठन की मजबूती का साफ संकेत मान रही है। पार्टी का तर्क है कि इतनी बड़ी भागीदारी ने यह दिखा दिया कि चुनावी मशीनरी अब सिर्फ कागज़ों पर नहीं, बल्कि जमीन पर रफ्तार पकड़ चुकी है। उधर, ग्रेटर नोएडा-दादरी से रैली का ऐलान होते ही सियासी हलचल भी तेज हो गई है और दूसरे दलों की गतिविधियां बढ़ती नजर आ रही हैं। खासतौर पर भाजपा ने भी इस क्षेत्र में अपने समीकरण दुरुस्त करने और रणनीति को धार देने के लिए अंदरूनी स्तर पर तैयारियां तेज करने के संकेत दिए हैं। Greater Noida News
Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा की राजनीति में अब चुनावी गर्माहट साफ दिखने लगी है। समाजवादी पार्टी ने ग्रेटर नोएडा को अपने अभियान का शुरुआती केंद्र बनाते हुए दादरी विधानसभा से चुनावी शंखनाद की तैयारी कर ली है। मार्च के पहले सप्ताह में आयोजित होने वाली पीडीए भाईचारा रैली में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सीधे जनता को संबोधित करेंगे। सपा के लिए यह कार्यक्रम केवल एक रैली नहीं, बल्कि ग्रेटर नोएडा के मंच से पूरे उत्तर प्रदेश को अपनी रणनीति, ताकत और संदेश दिखाने का बड़ा सियासी दांव माना जा रहा है।
ग्रेटर नोएडा के सफीपुर गांव में हुई तैयारी बैठक
ग्रेटर नोएडा में रैली की तैयारियां अब जमीन पर उतरती दिख रही हैं। रविवार को ग्रेटर नोएडा के सफीपुर गांव में सपा ने एक रणनीतिक बैठक कर संगठन को धार दी, जिसमें करीब 30 जिलों से पहुंचे गुर्जर समाज के प्रभावशाली प्रतिनिधियों ने भाग लिया। पार्टी नेताओं के अनुसार, इस बैठक में लगभग 135 विधानसभा क्षेत्रों की हिस्सेदारी रही, जो इसे सिर्फ स्थानीय बैठक नहीं बल्कि प्रदेशस्तरीय शक्ति-संदेश बनाती है। सपा का कहना है कि इतनी बड़ी मौजूदगी बताती है कि ग्रेटर नोएडा–दादरी बेल्ट में चुनावी मशीनरी अब पूरी रफ्तार पकड़ चुकी है।
गुर्जर समाज पर विशेष फोकस
सपा की चुनावी बिसात में गुर्जर बहुल इलाकों को साधना इस बार सबसे अहम चाल मानी जा रही है। पार्टी नेतृत्व का जोर है कि पीडीए (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) के साथ सर्व समाज को जोड़कर एक व्यापक सामाजिक मोर्चा खड़ा किया जाए, लेकिन संकेत साफ हैं कि गुर्जर समाज की भूमिका इस अभियान में केंद्र में रहेगी। यही वजह है कि सपा ने ग्रेटर नोएडा के दादरी को खास तौर पर चुना है क्योंकि यह इलाका पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कई सीटों को जोड़ने वाली सियासी धुरी माना जाता है। पार्टी की नजर में ग्रेटर नोएडा-दादरी वही मंच है, जहां से चुनावी ‘टेक-ऑफ’ लेकर पूरे पश्चिम यूपी में असर फैलाया जा सकता है।
ग्रेटर नोएडा से सपा का सामाजिक संदेश
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, शुरुआत में इस आयोजन को ‘गुर्जर सम्मेलन’ के तौर पर आगे बढ़ाने की तैयारी थी, लेकिन सरकार द्वारा जाति के नाम पर रैली/सम्मेलनों पर रोक का हवाला सामने आने के बाद रणनीति बदली गई और इसे “पीडीए भाईचारा रैली” का नाम दे दिया गया। सपा का दावा है कि अब यह मंच किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भाईचारे और सामाजिक प्रतिनिधित्व का व्यापक संदेश लेकर उतरेगा।
दादरी रैली में दिखेगा संगठन का दम
सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और रैली संयोजक राजकुमार भाटी के मुताबिक, अगस्त से गुर्जर समाज के बीच राजनीतिक जागरूकता अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत पार्टी अब तक 20 जिलों में करीब 50 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचकर पीडीए चौपालों के जरिए संगठन और जनसंपर्क को मजबूत कर चुकी है। अब सपा इसी चौपाल से मैदान वाली रणनीति को आगे बढ़ाते हुए ग्रेटर नोएडा–दादरी में एक विशाल रैली के जरिए शक्ति प्रदर्शन करने जा रही है,जिसे पार्टी अपने अभियान का टर्निंग पॉइंट मान रही है।
बैठक में किन जिलों के नेता-कार्यकर्ता पहुंचे
ग्रेटर नोएडा के सफीपुर में हुई बैठक ने यह साफ कर दिया कि दादरी की रैली को लेकर सपा ने तैयारी को प्रदेश-स्तरीय मोर्चे पर ला खड़ा किया है। बैठक में मुजफ्फरनगर से चौधरी इलम सिंह, मेरठ से उदयवीर सिंह, सहारनपुर से धर्मवीर खटाना, बाराबंकी से हसीब अहमद और गोरखपुर से तंजील गुर्जर सहित कई प्रभावशाली प्रतिनिधि मौजूद रहे। इसके साथ ही अमरोहा, बदायूं, बरेली, बागपत, बुलंदशहर, हापुड़, आगरा, फिरोजाबाद और मथुरा जैसे जिलों से भी गुर्जर नेताओं की भागीदारी रही। सपा के मुताबिक, ग्रेटर नोएडा की इस जुटान ने संकेत दे दिए हैं कि अब संगठन ने दादरी रैली को जमीनी नेटवर्क और व्यापक समर्थन के सहारे बड़े अभियान में बदलने की तैयारी कर ली है।
ग्रेटर नोएडा से सपा का संदेश
सफीपुर बैठक में उमड़ी भीड़ को सपा ग्रेटर नोएडा–दादरी बेल्ट में संगठन की मजबूती का साफ संकेत मान रही है। पार्टी का तर्क है कि इतनी बड़ी भागीदारी ने यह दिखा दिया कि चुनावी मशीनरी अब सिर्फ कागज़ों पर नहीं, बल्कि जमीन पर रफ्तार पकड़ चुकी है। उधर, ग्रेटर नोएडा-दादरी से रैली का ऐलान होते ही सियासी हलचल भी तेज हो गई है और दूसरे दलों की गतिविधियां बढ़ती नजर आ रही हैं। खासतौर पर भाजपा ने भी इस क्षेत्र में अपने समीकरण दुरुस्त करने और रणनीति को धार देने के लिए अंदरूनी स्तर पर तैयारियां तेज करने के संकेत दिए हैं। Greater Noida News












