ग्रेटर नोएडा में ‘कैंपस डिलीवरी’ का प्लान फेल, तीन गिरफ्तार

सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कार में मौजूद तीनों युवकों को हिरासत में लिया। इसके बाद जब वाहन की तलाशी ली गई, तो कार से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ।

ग्रेटर नोएडा में ‘कैंपस डिलीवरी’ नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा
ग्रेटर नोएडा में ‘कैंपस डिलीवरी’ नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar15 Jan 2026 04:56 PM
bookmark

Greater Noida News : नोएडा-ग्रेटर नोएडा के शैक्षणिक हब में नशे की सप्लाई की साजिश को लेकर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। उड़ीसा से गांजा लाकर एनसीआर और नामी यूनिवर्सिटियों के आसपास सप्लाई करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को ग्रेटर नोएडा के थाना नॉलेज पार्क पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 102 किलो 400 ग्राम गांजा बरामद हुआ है, जिसे एक हुंडई एक्सेंट कार में छिपाकर रखा गया था। बरामद गांजे की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है।

उड़ीसा लिंक से एनसीआर तक सप्लाई नेटवर्क चलाने का दावा

ग्रेटर नोएडा जोन के एडीसीपी सुधीर कुमार के मुताबिक, नॉलेज पार्क पुलिस टीम गश्त पर थी, तभी मुखबिर से सूचना मिली कि एक्सपो मार्ट की ओर जाने वाले मार्ग पर नाले के किनारे एक कार संदिग्ध हालत में खड़ी है और उसमें कुछ युवक बैठे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कार में मौजूद तीनों युवकों को हिरासत में लिया। इसके बाद जब वाहन की तलाशी ली गई, तो कार से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने अपनी पहचान संजीव साहू (निवासी बदायूं), अभिषेक कुमार (निवासी बेगूसराय, बिहार) और रिंकू यादव (निवासी मैनपुरी) के रूप में बताई। पुलिस के अनुसार, गिरोह का मुख्य सप्लाई लिंक उड़ीसा से गांजा लाकर ग्रेटर नोएडा-नोएडा समेत दिल्ली-एनसीआर में फैलाने का काम करता था। तस्करी में इस्तेमाल वाहन के जरिए गांजा अलग-अलग इलाकों तक पहुंचाया जाता था और मांग के हिसाब से सप्लाई की जाती थी।

NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, नेटवर्क का एक बड़ा टारगेट ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क और आसपास के यूनिवर्सिटी/कॉलेज बेल्ट भी थे, जहां बाहरी आपूर्तिकर्ता छात्रों की भीड़ और बाजारों के आसपास सक्रिय रहते थे। इसी कड़ी में पुलिस को लंबे समय से इनपुट मिल रहे थे, जिसके बाद टीम ने सतर्कता बढ़ाई और कार्रवाई को अंजाम दिया। कार्रवाई के बाद तस्करी में प्रयुक्त कार को सीज कर दिया गया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।  Greater Noida News

अगली खबर पढ़ें

ग्रेटर नोएडा: प्रेमिका के चक्कर में पति ने पार की हैवानियत की हद

शिकायत में महिला ने सास-ससुर पर भी बेटे का साथ देने और हिंसा में सहभागी बनने के आरोप लगाए हैं। पीड़िता की तहरीर पर ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

घरेलू विवाद से जुड़ा है मामला
घरेलू विवाद से जुड़ा है मामला
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar15 Jan 2026 02:30 PM
bookmark

Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा में शादीशुदा महिला के साथ क्रूरता और जानलेवा हमले का मामला सामने आया है। पीड़िता का आरोप है कि उसका पति शादी के बाद भी दूसरी युवती से संबंध बनाए हुए था और इसी बात को लेकर घर में लगातार तनाव, मारपीट और प्रताड़ना का दौर शुरू हो गया। शिकायत में महिला ने सास-ससुर पर भी बेटे का साथ देने और हिंसा में सहभागी बनने के आरोप लगाए हैं। पीड़िता की तहरीर पर ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

क्या है पूरा मामला?

थाना नॉलेज पार्क में दर्ज शिकायत के अनुसार, सेक्टर-150 क्षेत्र में रहने वाली पीड़िता (काल्पनिक नाम) की शादी वर्ष 2016 में उड़ीसा मूल के युवक (काल्पनिक नाम) से हुई थी। शादी के बाद दोनों ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रहने लगे। पीड़िता का कहना है कि कुछ समय बाद उसे पता चला कि पति का किसी अन्य युवती से गहरा संबंध है। जब उसने इसका विरोध किया तो कथित तौर पर उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट शुरू हो गई। पीड़िता के मुताबिक, जब उसने यह बात सास-ससुर के सामने रखी तो उन्होंने भी बेटे का पक्ष लेते हुए कहा कि उसे “उनके हिसाब से” घर में रहना होगा। महिला का आरोप है कि विरोध करने पर पति के साथ सास-ससुर ने भी उसे धमकाया और एक मौके पर गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की। किसी तरह बचकर वह अपने मायके पहुंची।

समझौते के बाद फिर बढ़ी प्रताड़ना

महिला का कहना है कि मायके पक्ष ने जब ग्रेटर नोएडा में ससुराल वालों से बात की तो उन्होंने गलती मानते हुए आगे ऐसी घटना न दोहराने का आश्वासन दिया। लेकिन आरोप है कि कुछ समय बाद फिर हालात बिगड़ गए। पीड़िता के अनुसार पति देर रात शराब के नशे में घर आता और मारपीट करता था। वह मोबाइल पर दूसरी महिला से बातचीत और चैटिंग करता रहता था। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि एक दिन उसने पति का फोन चेक किया तो उसमें दूसरी लड़की के साथ आपत्तिजनक फोटो-वीडियो मिले। इस पर सास-ससुर ने कथित तौर पर फिर बेटे का साथ देते हुए कहा कि वह लड़की उसे शादी से पहले से पसंद थी।

वेतन निकालने और जबरन दवा खिलाने का आरोप

पीड़िता का दावा है कि ससुराल वालों के कहने पर उसने नौकरी शुरू की, लेकिन नौकरी से मिलने वाला वेतन भी घरवाले बैंक से निकलवा लेते थे। खर्च के लिए पैसे मांगने पर मारपीट करने का आरोप भी लगाया गया है। शिकायत में महिला ने यह गंभीर आरोप भी लगाया कि उसका ससुर डॉक्टर है और उसने बिना बीमारी के कुछ दवाएं खिलानी शुरू कर दीं, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। पीड़िता के मुताबिक दूसरे डॉक्टर को दिखाने पर बताया गया कि गलत दवा के अधिक सेवन से जान को खतरा हो सकता है।

घर से निकालने का आरोप, केस दर्ज

पीड़िता का आरोप है कि तबीयत ठीक होने के बाद जब वह वापस ग्रेटर नोएडा स्थित ससुराल पहुंची तो पति और सास-ससुर ने मारपीट कर उसे घर से बाहर निकाल दिया। महिला की शिकायत पर ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क थाने में पति, सास और ससुर के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। Greater Noida News

अगली खबर पढ़ें

बड़ी खबर : ग्रेटर नोएडा GIMS में खुलेगा विशेष केंद्र, खर्च होगा कम

संस्थान ने इसके लिए एक एनजीओ के साथ साझेदारी में काम शुरू किया है, ताकि ऑटिज्म से प्रभावित बच्चों को निजी अस्पतालों की तुलना में कम खर्च में इलाज मिल सके। साथ ही जरूरतमंद परिवारों के बच्चों का उपचार पूरी तरह निशुल्क किए जाने की भी व्यवस्था रखी गई है।

GIMS में ऑटिज्म के लिए विशेष केंद्र की दिशा में पहल
GIMS में ऑटिज्म के लिए विशेष केंद्र की दिशा में पहल
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar14 Jan 2026 10:52 AM
bookmark

Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा के बच्चों और पैरेंट्स के लिए राहत की खबर सामने आई है। ग्रेटर नोएडा के कासना स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (GIMS), ग्रेटर नोएडा में अब ऑटिज्म (Autism) की स्क्रीनिंग और इलाज की सुविधा विकसित की जा रही है। संस्थान ने इसके लिए एक एनजीओ के साथ साझेदारी में काम शुरू किया है, ताकि ऑटिज्म से प्रभावित बच्चों को निजी अस्पतालों की तुलना में कम खर्च में इलाज मिल सके। साथ ही जरूरतमंद परिवारों के बच्चों का उपचार पूरी तरह निशुल्क किए जाने की भी व्यवस्था रखी गई है।

ग्रेटर नोएडा के GIMS में बनेगा ऑटिज्म केयर सपोर्ट सिस्टम

GIMS प्रशासन का कहना है कि ग्रेटर नोएडा में ऑटिज्म से जुड़े मामलों को लेकर जागरूकता बढ़ाना और बच्चों की समय रहते पहचान व इलाज सुनिश्चित करना इस पहल का मुख्य उद्देश्य है। इसी दिशा में कासना स्थित GIMS, ग्रेटर नोएडा ने ऑटिज्म से प्रभावित बच्चों और स्पेशल चाइल्ड के लिए एक अलग से विशेष थेरेपी रूम तैयार किया है। यहां बच्चों की जरूरत के अनुसार थेरपी सेशन (जैसे स्पीच/बिहेवियर सपोर्ट) कराए जाएंगे, ताकि इलाज सिर्फ दवा तक सीमित न रहे बल्कि ग्रेटर नोएडा के बच्चों को समग्र देखभाल और लगातार सपोर्ट मिल सके।

12 महीने से दिख सकते हैं शुरुआती संकेत

संस्थान के डायरेक्टर ब्रिगेडियर डॉ. आर.के. गुप्ता ने बताया कि बच्चों में यह समस्या तेजी से बढ़ रही है और कई बार शिशु के 12 महीने का होते ही शुरुआती लक्षण दिखाई देने लगते हैं। ऐसे में ग्रेटर नोएडा और आसपास के इलाकों के पैरेंट्स के लिए जरूरी है कि वे बच्चों के व्यवहार के पैटर्न पर ध्यान दें और किसी भी शंका पर जल्दी स्क्रीनिंग/कंसल्टेशन कराएं। GIMS, ग्रेटर नोएडा में ऑटिज्म से जुड़े केस को बेहतर तरीके से मैनेज करने की जिम्मेदारी पीडियाट्रिक विभाग की टीम को दी गई है। स्क्रीनिंग के बाद जरूरत के अनुसार इलाज और थेरपी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। GIMS, ग्रेटर नोएडा में स्पेशल चाइल्ड के लिए स्पीच थेरपी, व्यवहारिक सुधार से जुड़ी थेरपी और मेंटल हेल्थ सपोर्ट जैसी सेवाओं पर फोकस किया जाएगा। संस्थान का लक्ष्य है कि बच्चों को शुरुआती स्टेज में ही पहचान कर सही दिशा में इलाज दिया जाए, ताकि आगे चलकर उनकी सीखने की क्षमता और सामाजिक व्यवहार में बेहतर सुधार हो सके।

4 जिलों में अभियान में मिले 44 बच्चे

GIMS की डीन अकादमिक डॉ. रंभा पाठक ने बताया कि ICMR के साथ मिलकर तीन साल तक एक अभियान चलाया गया था। इस अभियान में गौतमबुद्ध नगर (ग्रेटर नोएडा), हापुड़, गाजियाबाद और मेरठ में जांच के दौरान ऑटिज्म से प्रभावित 44 बच्चे चिन्हित किए गए। इनमें कुछ बच्चे हाई रिस्क कैटेगरी में भी पाए गए, जिन्हें समय पर चिकित्सकीय सहायता और थेरपी की जरूरत है।

ऑटिज्म क्या है और किन लक्षणों पर तुरंत ध्यान दें?

ऑटिज्म कोई साधारण आदत नहीं बल्कि दिमाग के विकास से जुड़ी एक न्यूरो-डेवलपमेंटल स्थिति है, जो बच्चे के व्यवहार, संवाद करने की क्षमता और सामाजिक जुड़ाव को प्रभावित कर सकती है। अगर इसे समय रहते पहचानकर सही मार्गदर्शन और थेरपी न मिले, तो बच्चे के मानसिक व सामाजिक विकास पर इसका असर बढ़ सकता है। आम तौर पर ऑटिज्म के संकेत इन रूपों में दिखाई दे सकते हैं

  1. बातचीत करने या लोगों से सहज तरीके से जुड़ने में कठिनाई
  2. भावनाएं समझने और अपनी बात/भाव व्यक्त करने में परेशानी
  3. बोलने में देरी, या एक ही शब्द/वाक्य को बार-बार दोहराना
  4. नाम लेकर बुलाने पर प्रतिक्रिया न देना या नजरें चुराना
  5. अकेले रहना पसंद करना, और एक ही तरह का व्यवहार बार-बार दोहराते रहनाGreater Noida News