फीफा विश्व कप के 8 ऐसे किस्से जिन्हें जानकर चौंक जाएंगे आप

इसके सामने कई बड़े खेल आयोजन भी फीके पड़ जाते हैं। इसकी लोकप्रियता का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि मैच शुरू होते ही स्टेडियम से लेकर टीवी स्क्रीन और मोबाइल तक, हर जगह एक ही जुनून छा जाता है।

फीफा विश्व कप
फीफा विश्व कप 2026
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar02 Jan 2026 04:08 PM
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Fifa World Cup 2026 : फीफा वर्ल्ड कप दुनिया के सबसे लोकप्रिय फुटबॉल लीग है। फीफा वर्ल्ड कप दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे ज्यादा देखी जाने वाली फुटबॉल प्रतियोगिता है इसके सामने कई बड़े खेल आयोजन भी फीके पड़ जाते हैं। इसकी लोकप्रियता का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि मैच शुरू होते ही स्टेडियम से लेकर टीवी स्क्रीन और मोबाइल तक, हर जगह एक ही जुनून छा जाता है। लेकिन विश्व कप सिर्फ 90 मिनट का खेल नहीं; यह चार साल में एक बार आने वाला ऐसा ग्लोबल उत्सव है, जो देशों की सीमाओं से ऊपर उठकर लोगों को एक ही धड़कन में जोड़ देता है। मैदान पर गोल की जंग चलती है, तो पर्दे के पीछे इतिहास के पन्ने पलटते हैं रिकॉर्ड बनते-टूटते हैं, किस्से जन्म लेते हैं और तकनीक खेल को नई दिशा देती है। अगर आप फुटबॉल के पक्के फैन हैं या बड़े मुकाबलों का रोमांच पसंद करते हैं, तो ये 8 रोचक तथ्य आपको जरूर चौंकाएंगे और आपकी दिलचस्पी और बढ़ा देंगे।

विश्व कप की शुरुआत

फीफा विश्व कप की कहानी 1930 से शुरू होती है, जब उरुग्वे ने दुनिया को पहली बार ऐसा मंच दिया, जहां देशों की प्रतिष्ठा फुटबॉल के मैदान पर दांव पर लगती है। उद्घाटन टूर्नामेंट में कुल 13 टीमों ने भाग लिया और फाइनल मुकाबला उरुग्वे व अर्जेंटीना के बीच खेला गया। घरेलू दर्शकों के जबरदस्त उत्साह के बीच उरुग्वे ने जीत दर्ज कर पहला विश्व कप अपने नाम किया। उसी ऐतिहासिक जीत ने विश्व कप को सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि फुटबॉल की सबसे बड़ी वैश्विक पहचान बना दिया जहां हर चार साल बाद इतिहास फिर से लिखा जाता है।

ब्राजील का दबदबा

विश्व कप इतिहास में सबसे ज्यादा बार चैंपियन बनने का रिकॉर्ड ब्राजील के नाम है। ब्राजील ने 1958, 1962, 1970, 1994 और 2002 में ट्रॉफी जीती। खास बात यह भी कि ब्राजील एकमात्र टीम है, जिसने 1930 के बाद से हर विश्व कप में हिस्सा लिया है।

रोनाल्डो का अनोखा रिकॉर्ड

क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने पांच अलग-अलग विश्व कप (2006, 2010, 2014, 2018 और 2022) में गोल करके इतिहास में अपनी जगह पक्की कर ली। यह उपलब्धि उन्हें विश्व कप रिकॉर्ड-बुक में अलग पहचान देती है।

जब युद्ध ने रोक दिया विश्व कप

विश्व कप आमतौर पर हर चार साल पर होता है, लेकिन द्वितीय विश्व युद्ध के कारण 1942 और 1946 के टूर्नामेंट नहीं हो सके। उस दौर में वैश्विक हालात इतने बिगड़ चुके थे कि खेल आयोजनों की कल्पना भी कठिन थी।

सबसे तेज गोल

2002 विश्व कप में फुटबॉल इतिहास का सबसे बिजली-सा गोल देखने को मिला। तुर्की के हाकान शुकुर ने महज 11 सेकंड में गोल दागकर विश्व कप मैच का सबसे तेज गोल करने का रिकॉर्ड बना दिया और यह पल आज भी याद किया जाता है।

ट्रॉफी चोरी और कुत्ते की हीरो एंट्री

1966 में इंग्लैंड में टूर्नामेंट से कुछ महीने पहले ही विश्व कप ट्रॉफी चोरी हो गई थी। बाद में ‘पिकल्स’ नाम के एक कुत्ते ने ट्रॉफी को झाड़ियों के नीचे छिपा हुआ खोज निकाला। यह घटना आज भी विश्व कप के सबसे चर्चित किस्सों में गिनी जाती है।

2022 में तकनीक का नया दौर

कतर विश्व कप 2022 में पहली बार “स्मार्ट बॉल” का इस्तेमाल हुआ। एडिडास की इस गेंद में सेंसर लगे थे, जो रियल-टाइम डेटा देकर रेफरी के फैसलों में मदद करते थे।

विश्व कप 2026: सबसे बड़ा और सबसे अलग

2026 का विश्व कप कई मायनों में ऐतिहासिक होगा। यह पहली बार तीन देशों कनाडा, मैक्सिको और अमेरिका की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा। साथ ही 48 टीमें मैदान में उतरेंगी, यानी टूर्नामेंट का पैमाना पहले से कहीं बड़ा और मुकाबले ज्यादा होंगे। Fifa World Cup 2026

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कौन सा टूर्नामेंट कब? 2026 में होने वाले बड़े इवेंट्स की पूरी टाइमलाइन

भारत के लिहाज से खास बात यह है कि साल की शुरुआत ही क्रिकेट के बड़े आकर्षण के साथ होती नजर आ रही है, जबकि आगे बढ़ते-बढ़ते 2026 कई खेलों में भारत की प्रतिष्ठा और पदक उम्मीदों की कड़ी परीक्षा भी लेगा।

2026 स्पोर्ट्स रोडमैप
2026 स्पोर्ट्स रोडमैप
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar02 Jan 2026 12:55 PM
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Sports Calendar 2026 : अगर आप खेलों के शौकीन हैं, तो 2026 आपके लिए किसी उत्सव से कम नहीं होने वाला। क्रिकेट के बड़े मुकाबलों से लेकर फुटबॉल विश्व कप, कॉमनवेल्थ गेम्स, हॉकी वर्ल्ड कप, बैडमिंटन के टॉप टूर्नामेंट और एथलेटिक्स के हाई-वोल्टेज मुकाबले इस साल का स्पोर्ट्स कैलेंडर रोमांच से भरा दिख रहा है। भारत के लिहाज से खास बात यह है कि साल की शुरुआत ही क्रिकेट के बड़े आकर्षण के साथ होती नजर आ रही है, जबकि आगे बढ़ते-बढ़ते 2026 कई खेलों में भारत की प्रतिष्ठा और पदक उम्मीदों की कड़ी परीक्षा भी लेगा।

वर्ल्ड कप से पहले टीम का रोडमैप तय

2026 के शुरुआती महीने भारत में क्रिकेट का माहौल गर्म रख सकते हैं। जनवरी में भारतीय टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे और टी20 सीरीज में भिड़ेगी। फैंस की नजरें खास तौर पर उन सीनियर खिलाड़ियों पर रहेंगी, जिनका अनुभव बड़े टूर्नामेंट से पहले टीम को संतुलन दे सकता है। इसके तुरंत बाद फरवरी-मार्च का फोकस ICC T20 वर्ल्ड कप 2026 पर जाएगा। यह टूर्नामेंट टीम इंडिया के लिए सिर्फ ट्रॉफी का लक्ष्य नहीं, बल्कि रणनीति, संयोजन और दबाव में प्रदर्शन की कसौटी भी होगा। कप्तान सूर्यकुमार यादव और कोचिंग सेटअप के लिए यह अभियान ‘करो या दिखाओ’ वाले माहौल जैसा माना जा सकता है।

बैडमिंटन और WPL

क्रिकेट के साथ-साथ दिल्ली में इंडियन ओपन बैडमिंटन जैसे आयोजन भी चर्चा में रहेंगे। वहीं महिला क्रिकेट में WPL का आयोजन भी इस साल आकर्षण बढ़ाएगा। भारत में महिला क्रिकेट का ग्राफ जिस तरह ऊपर जा रहा है, उसके बीच WPL का हर सीजन अब सिर्फ टूर्नामेंट नहीं—एक बड़े स्पोर्टिंग प्रोडक्ट की तरह देखा जा रहा है।

2026 का स्पोर्ट्स टाइमलाइन

  1. मार्च–अप्रैल: IPL का हाई-वोल्टेज सीजन—स्टार खिलाड़ियों, नए टैलेंट और प्लेऑफ रेस का रोमांच चरम पर रहेगा।
  2. जून–जुलाई: FIFA World Cup 2026 (11 जून से 19 जुलाई) — फुटबॉल की दुनिया का सबसे बड़ा मंच, जहां हर मुकाबला ‘फाइनल’ जैसा लगेगा। इसी दौर में भारत की महिला टीम यूके में वर्ल्ड T20 (महिला) खेलने जा सकती है, जबकि पुरुष टीम का भी जुलाई में यूके दौरा चर्चा में रहेगा।
  3. 23 जुलाई–2 अगस्त: कॉमनवेल्थ गेम्स (ग्लासगो) — मल्टी-स्पोर्ट इवेंट में भारत के लिए पदकों की दौड़, खासकर शूटिंग/रेसलिंग/बैडमिंटन/एथलेटिक्स जैसे खेलों में उम्मीदें रहेंगी।

कॉमनवेल्थ के बाद हॉकी की बड़ी परीक्षा

कॉमनवेल्थ गेम्स की रौनक थमते ही भारतीय खेल जगत की निगाहें सीधे हॉकी पर टिक जाएंगी। कुछ ही हफ्तों के भीतर नीदरलैंड्स और बेल्जियम की धरती पर होने वाला हॉकी वर्ल्ड कप टीम इंडिया के लिए सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि ‘मेडल मिशन’ होगा जहां हर मैच में गलती की गुंजाइश बेहद कम रहेगी। लेकिन असली चुनौती यहीं खत्म नहीं होती। वर्ल्ड कप की थकान उतरने से पहले ही टीम के सामने एशियन गेम्स का बड़ा इम्तिहान होगा।

दिल्ली में बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप

हॉकी के साथ-साथ दिल्ली में बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप की मेजबानी भी चर्चा का केंद्र रहेगी। भारतीय जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी–चिराग शेट्टी जैसे स्टार खिलाड़ी घरेलू दर्शकों के सामने बड़ा संदेश देना चाहेंगे खासकर एशियन गेम्स से पहले यह टूर्नामेंट लय और आत्मविश्वास दोनों के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। इसके बाद भारतीय दल का फोकस नागोया (जापान) में होने वाले एशियन गेम्स की ओर शिफ्ट होगा, जहां कई खेलों में भारत की पदक तालिका और प्रतिष्ठा की परीक्षा होगी।

नीरज चोपड़ा की वापसी

इन तमाम बड़े आयोजनों के बीच भारतीय एथलेटिक्स की सबसे बड़ी उम्मीद नीरज चोपड़ा एक बार फिर डायमंड लीग के मंच पर अपनी चमक बिखेरने उतरेंगे। यह सिर्फ एक और सीजन नहीं होगा, बल्कि उनके लिए री-स्टार्ट बटन दबाने जैसा मौका होगा जहां वह पिछले साल की चूकों और निराशाओं को पीछे छोड़कर नई लय में लौटना चाहेंगे। 

साल का आखिरी हिस्सा

जैसे-जैसे 2026 आगे बढ़ेगा, भारतीय क्रिकेट की कहानी टी20 की चमक से निकलकर टेस्ट की सख्त धूप में आ जाएगी। अगस्त में श्रीलंका के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज टीम इंडिया के लिए लय बनाने और संयोजन परखने का अहम पड़ाव होगी, लेकिन असली ‘लिटमस टेस्ट’ अक्टूबर के न्यूजीलैंड दौरे पर लिखा होगा। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की रेस में यह सीरीज निर्णायक मोड़ ला सकती है क्योंकि कीवी पिचों पर सीम मूवमेंट, स्विंग और मौसम तीनों मिलकर बल्लेबाजों का इम्तिहान लेते हैं। इतिहास यही बताता है कि न्यूजीलैंड में जीतना आसान नहीं, और इसी वजह से यह दौरा टीम इंडिया के लिए तकनीक, धैर्य और मानसिक मजबूती की असली परीक्षा बनने जा रहा है Sports Calendar 2026

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खास बात यह है कि पहली बार विश्व कप की संयुक्त मेजबानी तीन देश (अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा) मिलकर करेंगे। आयोजन के लिए कुल 16 शहर चुने गए हैं, जिनमें अमेरिका के 11, मेक्सिको के 3 और कनाडा के 2 शहर शामिल हैं।

फीफा वर्ल्ड कप 2026
39 दिन चलेगा फीफा वर्ल्ड कप 2026
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar02 Jan 2026 10:43 AM
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FIFA World Cup 2026 : फीफा विश्व कप 2026 (जिसे आधिकारिक तौर पर FIFA World Cup 2026 के नाम से प्रचारित किया जा रहा है) पुरुष फुटबॉल का 23वां विश्व कप होगा। यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट 11 जून से 19 जुलाई 2026 तक चलेगा। खास बात यह है कि पहली बार विश्व कप की संयुक्त मेजबानी तीन देश (अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा) मिलकर करेंगे। आयोजन के लिए कुल 16 शहर चुने गए हैं, जिनमें अमेरिका के 11, मेक्सिको के 3 और कनाडा के 2 शहर शामिल हैं।

विश्व कप का सबसे बड़ा विस्तार

2026 संस्करण से विश्व कप के इतिहास में बड़ा बदलाव लागू हो रहा है। यह पहला विश्व कप होगा जिसमें 32 की जगह 48 टीमें मैदान में उतरेंगी। इससे टूर्नामेंट का दायरा बढ़ेगा और मुकाबलों की संख्या भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाएगी।

मेजबानी की रेस और कई देशों वाला विश्व कप

फीफा वर्ल्ड कप 2026 की मेजबानी का फैसला मॉस्को में हुई फीफा कांग्रेस की वोटिंग में हुआ था, जहां अमेरिका की संयुक्त बोली ने मोरक्को को पछाड़कर इतिहास रच दिया। 2002 के बाद यह पहला मौका होगा जब पुरुष विश्व कप एक से ज्यादा देशों के साझा मंच पर खेला जाएगा। इस बार मेजबानी के साथ तीन देशों की कहानी भी खास है मेक्सिको 1970 और 1986 के बाद तीसरी बार (मेजबानी/सह-मेजबानी) कर के एक नया रिकॉर्ड बनाएगा, अमेरिका 1994 के बाद फिर से दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल इवेंट का केंद्र बनेगा, जबकि कनाडा पहली बार पुरुष विश्व कप की मेजबानी/सह-मेजबानी कर अपने फुटबॉल इतिहास में सबसे बड़ा अध्याय जोड़ देगा। कतर 2022 के नवंबर-दिसंबर शेड्यूल के बाद वर्ल्ड कप 2026 फिर पारंपरिक जून-जुलाई विंडो में लौटेगा यानी फैंस को एक बार फिर गर्मियों वाली वर्ल्ड कप फील मिलेगी। मेजबान होने के चलते अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा को क्वालिफिकेशन की कसौटी से नहीं गुजरना पड़ेगा तीनों टीमें सीधे टूर्नामेंट में होंगी।

नया फॉर्मेट

टीमों के बढ़ने के साथ टूर्नामेंट का प्रारूप भी बदलेगा। नई व्यवस्था के तहत:

  1. 48 टीमों को 4-4 टीमों के 12 ग्रुप में बांटा जाएगा।
  2. हर ग्रुप से टॉप-2 टीमें आगे बढ़ेंगी।
  3. साथ ही 8 सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान वाली टीमें भी अगले दौर में पहुंचेंगी।
  4. इसके बाद टूर्नामेंट में “राउंड ऑफ 32” (32 टीमों का नया नॉकआउट दौर) खेला जाएगा।
  5. यह बदलाव 1998 के बाद पहली बार विश्व कप में बड़ा विस्तार और फॉर्मेट शिफ्ट माना जा रहा है।

नए फॉर्मेट के साथ मैचों की संख्या 64 से बढ़कर 104 हो जाएगी

  1. फाइनल तक पहुंचने वाली टीम को अब 7 नहीं बल्कि 8 मैच खेलने होंगे।
  2. टूर्नामेंट की अवधि 39 दिन होगी, जो 2014 और 2018 जैसे संस्करणों की तुलना में लंबी है।
  3. हालांकि, ग्रुप स्टेज में हर टीम के मैच 3 ही रहेंगे—यानी शुरुआती स्तर पर टीमों पर भार नहीं बढ़ेगा, लेकिन नॉकआउट चरण बड़ा हो जाएगा।

विस्तार पर बहस भी रही तेज

विश्व कप को 48 टीमों तक बढ़ाने का विचार कई सालों से चर्चा में रहा। इस विस्तार के समर्थकों ने इसे वैश्विक प्रतिनिधित्व और प्रतिस्पर्धा का विस्तार बताया, जबकि विरोधियों की दलीलें अलग रहीं

  1. मैचों की संख्या बढ़ने से खिलाड़ियों पर वर्कलोड बढ़ेगा।
  2. गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मक संतुलन पर असर पड़ने की आशंका जताई गई।
  3. कुछ आलोचकों ने इसे खेल से ज्यादा राजनीतिक/प्रशासनिक फैसला करार दिया।

क्लब फुटबॉल का कैलेंडर भी ध्यान में

टूर्नामेंट से पहले खिलाड़ियों के क्लब कमिटमेंट को लेकर भी टाइमलाइन तय की गई है। रिपोर्टेड कार्यक्रम के मुताबिक:

  1. क्लब स्तर पर खिलाड़ियों का अंतिम मैच-डे 24 मई 2026 तक माना गया है।
  2. क्लबों को सामान्य स्थिति में 25 मई तक खिलाड़ियों को रिलीज करना होगा।
  3. जो खिलाड़ी 30 मई तक किसी महाद्वीपीय क्लब प्रतियोगिता के फाइनल में शामिल होंगे, उन्हें विशेष छूट मिलेगी। FIFA World Cup 2026


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