गोवा छोड़िए! घूम आइए उत्तर प्रदेश का चूका बीच

Chuka Beach: जनवरी के महीने में अगर आप घूमने के लिए किसी शांत और खूबसूरत जगह की तलाश में हैं तो उत्तर प्रदेश का चूका बीच आपके लिए एक परफेक्ट डेस्टिनेशन है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के अंदर स्थित यह यूपी का इकलौता बीच है, जहां झील का साफ पानी, ठंडी हवा और हरियाली मन को सुकून देती है।

Chuka Beach
चूका बीच
locationभारत
userअसमीना
calendar03 Jan 2026 04:41 PM
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सर्दियों में घूमने के नाम पर ज्यादातर लोगों के दिमाग में पहाड़ या फिर गोवा जैसे बीच डेस्टिनेशन आ जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि उत्तर प्रदेश में भी एक ऐसा बीच मौजूद है जहां जाकर आप गोवा जैसी फील ले सकते हैं? जी हां, उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में स्थित चूका बीच (Chuka Beach) जनवरी के महीने में घूमने के लिए एक परफेक्ट और सुकून भरी जगह है। ठंडी हवा, शांत माहौल, झील का नीला पानी और चारों तरफ हरियाली इस जगह को खास बना देती है। सबसे अच्छी बात यह है कि यह जगह दिल्ली से ज्यादा दूर भी नहीं है जिससे यह वीकेंड ट्रिप के लिए भी शानदार ऑप्शन बन जाती है।

उत्तर प्रदेश का इकलौता बीच चूका बीच

चूका बीच उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में स्थित है और यह पीलीभीत टाइगर रिजर्व के अंदर आता है। यह कोई समुद्री बीच नहीं है बल्कि एक खूबसूरत झील के किनारे बसा हुआ बीच है जो देखने में बिल्कुल किसी टूरिस्ट डेस्टिनेशन जैसा लगता है। यह बीच लगभग 17 किलोमीटर लंबा और 2 किलोमीटर चौड़ा है। जनवरी के महीने में यहां का मौसम बेहद सुहावना रहता है जिससे आप यहां ठंडी-ठंडी हवा और शांत माहौल का पूरा आनंद ले सकते हैं। झील का पानी इतना साफ है कि उसमें रंग-बिरंगी मछलियां भी साफ दिखाई देती हैं।

जनवरी में चूका बीच क्यों है बेस्ट?

जनवरी के महीने में चूका बीच घूमने का मजा ही कुछ और होता है। इस समय न ज्यादा गर्मी होती है और न ही ज्यादा ठंड। सुबह और शाम के वक्त झील के किनारे चलने वाली ठंडी हवा मन को सुकून देती है। यहां का शांत वातावरण, भीड़-भाड़ से दूर नेचर के करीब समय बिताने का मौका देता है। अगर आप शांति, फोटोग्राफी और रिलैक्सेशन पसंद करते हैं तो जनवरी का महीना यहां घूमने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है।

झील किनारे शानदार स्टे का अनुभव

अगर आप चूका बीच में एक रात रुकने का प्लान बना रहे हैं तो यहां आपको यूनिक और नेचर-फ्रेंडली स्टे ऑप्शन मिलते हैं। झील के किनारे बना ट्री हाउस यहां का सबसे खास आकर्षण है जहां से आपको बीच और झील का शानदार नजारा देखने को मिलता है। इसके अलावा बंबू हट और थारू हट जैसे ऑप्शन भी मौजूद हैं। इन स्टे में रुककर आपको प्रकृति के बीच रहने का एक अलग ही अनुभव मिलेगा जो आपकी ट्रिप को यादगार बना देगा।

पीलीभीत टाइगर रिजर्व में क्या-क्या करें?

चूका बीच के साथ-साथ पीलीभीत टाइगर रिजर्व भी घूमने लायक जगह है। यहां आप जंगल सफारी का मजा ले सकते हैं जिसमें बाघ, हिरण और कई अन्य वन्य जीव देखने को मिल जाते हैं। इसके अलावा झील किनारे सनसेट देखना, शारदा सागर डैम के पास बोटिंग, और नेचर फोटोग्राफी करना भी एक शानदार अनुभव होता है। पूरा इलाका हरियाली और प्राकृतिक सुंदरता से भरा हुआ है जो तनाव को दूर करने में मदद करता है।

चूका बीच का टिकट और टाइमिंग

चूका बीच में एंट्री के लिए प्रति व्यक्ति 100 रुपये का सामान्य टिकट लगता है। क्योंकि यह बीच टाइगर रिजर्व के अंदर स्थित है, इसलिए एंट्री से पहले फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की अनुमति लेना जरूरी होता है। इसके अलावा वाहन शुल्क और अन्य चार्ज भी लग सकते हैं जिनकी जानकारी आप इको-टूरिज्म पोर्टल पर देख सकते हैं। बीच की टाइमिंग की बात करें तो यह सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक खुला रहता है।

पीलीभीत टाइगर रिजर्व कैसे पहुंचे?

अगर आप दिल्ली से जा रहे हैं तो पीलीभीत की दूरी लगभग 340 किलोमीटर है, जिसे कार से तय करने में करीब 6 घंटे लगते हैं। ट्रेन से जाने वालों के लिए पीलीभीत रेलवे स्टेशन नजदीकी स्टेशन है, जहां पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन से कई ट्रेनें मिल जाती हैं। ट्रेन से यात्रा करने में लगभग 7 घंटे का समय लगता है। इसके अलावा बस से यात्रा करने के लिए आप कश्मीरी गेट या आनंद विहार बस स्टैंड से पीलीभीत के लिए सीधी बस ले सकते हैं।

अगर आप जनवरी के महीने में किसी ऐसी जगह घूमना चाहते हैं जहां शांति हो, प्राकृतिक सुंदरता हो और भीड़-भाड़ से दूर सुकून मिले तो उत्तर प्रदेश का चूका बीच आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है। गोवा जैसा अनुभव, जंगल सफारी, शानदार स्टे और खूबसूरत नजारे यह सब कुछ आपको एक ही जगह पर मिल जाता है। यही वजह है कि चूका बीच धीरे-धीरे यूपी के सबसे खास टूरिस्ट डेस्टिनेशन में शामिल होता जा रहा है।

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बस खुद को एक महीने दे दें, लोग जल-भुनकर हो जाएंगे राख

आज के समय में पर्सनालिटी डेवलपमेंट करियर और लाइफ दोनों के लिए बेहद जरूरी हो गया है। इस आर्टिकल में बताया गया है कि ब्रह्म मुहूर्त में सुबह जल्दी उठने की एक छोटी सी आदत कैसे 21 से 30 दिनों में फोकस, कॉन्फिडेंस, डिसिप्लिन और मानसिक स्पष्टता को बेहतर बना सकती है।

Personality Development
How to Develop Personality
locationभारत
userअसमीना
calendar03 Jan 2026 03:44 PM
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आज के समय में सिर्फ डिग्री या स्किल ही नहीं बल्कि पर्सनालिटी डेवलपमेंट (Personality Development) भी करियर और लाइफ में आगे बढ़ने के लिए बेहद जरूरी हो गया है। आत्मविश्वास, फोकस, डिसिप्लिन और पॉजिटिव सोच एक मजबूत पर्सनालिटी की पहचान हैं। इसी वजह से लोग पर्सनालिटी डेवलपमेंट क्लासेस जॉइन करते हैं और पेरेंट्स बच्चों को ट्रेनिंग दिलवाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सिर्फ एक छोटी सी आदत अपनाकर आपकी पर्सनालिटी 30 दिनों के अंदर बदल सकती है? और आपकी वो आदत है सुबह जल्दी उठना खासतौर पर ब्रह्म मुहूर्त में।

क्या है बिगड़ती लाइफस्टाइल और बीमारियों की असली वजह?

आज भारत में डायबिटीज, मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और मानसिक तनाव जैसी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। WHO भी कई बार इस पर चिंता जता चुका है। रिसर्च साफ तौर पर बताती है कि इसका सबसे बड़ा कारण है खराब लाइफस्टाइल। देर रात तक जागना, मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल और फिर सुबह देर से उठना ये आदतें धीरे-धीरे शरीर और दिमाग दोनों को कमजोर बना देती हैं। इसीलिए कहा जाता है, “जवानी में सोया, बुढ़ापे में रोया और जो जल्दी उठा उसने सब कुछ पाया।”

ब्रह्म मुहूर्त क्या है और क्यों है इतना खास?

ब्रह्म मुहूर्त का समय सुबह लगभग 4 बजे से 5:30 बजे के बीच माना जाता है। आयुर्वेद और योग शास्त्रों में इसे सबसे शुद्ध और प्रभावी समय बताया गया है। इस समय वातावरण में शांति होती है, ऑक्सीजन का स्तर ज्यादा होता है और दिमाग सबसे ज्यादा एक्टिव रहता है। यही वजह है कि ध्यान, पढ़ाई और आत्म-विकास के लिए ये समय सबसे बेहतर माना जाता है।

ब्रह्म मुहूर्त पर हुई रिसर्च क्या कहती है?

हाल ही में पब्लिश हुई एक स्टडी में भारत की इस पारंपरिक आदत पर रिसर्च की गई। इसमें लोगों को दो ग्रुप में बांटा गया। पहला ग्रुप ब्रह्म मुहूर्त में सुबह 4:30 बजे से पहले उठने वालों का था जबकि दूसरा ग्रुप सुबह 7 बजे से पहले उठने वालों का। 01 दिन, 10 दिन और 20 दिन के बाद ऑब्जर्वेशन में पाया गया कि ब्रह्म मुहूर्त में उठने वालों की मेमोरी, फोकस और स्मरण शक्ति में ज्यादा सुधार देखने को मिला। स्टडी के अनुसार, इस आदत से मानसिक स्पष्टता और एकाग्रता बढ़ती है।

सुबह 4:30 बजे उठने से मिलने वाले बड़े फायदे

फोकस और मेंटल हेल्थ में जबरदस्त सुधार

ब्रह्म मुहूर्त में उठने से मानसिक स्वास्थ्य पर बहुत सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इस समय वातावरण बेहद शांत होता है जिससे दिमाग रिलैक्स रहता है। उगते सूरज को देखना अंदर से मानसिक शक्ति को बढ़ाता है। सुबह के समय ऑक्सीजन ज्यादा होने से शरीर को नई एनर्जी मिलती है जिससे फोकस और प्रोडक्टिविटी दोनों बढ़ती हैं।

चीजों को बेहतर तरीके से मैनेज करने की क्षमता

सुबह जल्दी उठने से दिन की शुरुआत बिना जल्दबाजी के होती है। आपके पास प्लानिंग करने और जरूरी काम निपटाने के लिए पर्याप्त समय होता है। जब दिन की शुरुआत सही होती है तो बाकी काम भी आसानी से पूरे हो जाते हैं। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि इस आदत को पूरी तरह अपनाने में लगभग 21 दिन लगते हैं।

पर्सनालिटी में साफ नजर आने वाला बदलाव

जो लोग सुबह जल्दी उठते हैं, उनमें एक अलग ही पॉजिटिव एनर्जी देखने को मिलती है। वे नियमित रूप से एक्सरसाइज, योग या वॉक कर पाते हैं जिससे शरीर फिट रहता है। फिट बॉडी और हेल्दी माइंड से कॉन्फिडेंस अपने आप बढ़ता है जो पर्सनालिटी को मजबूत बनाता है। सुबह पढ़ाई या बुक रीडिंग करने से नॉलेज बढ़ती है जिसका सीधा असर पर्सनालिटी डेवलपमेंट पर पड़ता है।

हार्मोन बैलेंस और पूरे दिन एनर्जी

रिपोर्ट्स के अनुसार सुबह जल्दी उठने से कोर्टिसोल हार्मोन नेचुरली एक्टिव होता है। इससे दिनभर एनर्जी बनी रहती है और थकान या सुस्ती महसूस नहीं होती। यही कारण है कि जल्दी उठने वाले लोग ज्यादा एक्टिव और मोटिवेटेड रहते हैं।

डिसिप्लिन और जीवन में स्थिरता

अगर आप रोज सुबह 4 से 6 बजे के बीच उठते हैं तो जीवन में अपने आप अनुशासन आ जाता है। टाइम मैनेजमेंट बेहतर होता है, आत्मविश्वास बढ़ता है और लाइफ ज्यादा बैलेंस्ड महसूस होती है। यही डिसिप्लिन धीरे-धीरे आपकी पर्सनालिटी को मजबूत बनाता है।

अगर आप सच में चाहते हैं कि आपकी पर्सनालिटी एक महीने में बदले तो महंगी क्लासेस से पहले सुबह जल्दी उठने की आदत जरूर अपनाएं। सिर्फ 21 से 30 दिन लगातार ब्रह्म मुहूर्त में उठकर आप खुद में फोकस, कॉन्फिडेंस, डिसिप्लिन और पॉजिटिविटी का फर्क महसूस करेंगे। याद रखें छोटी सी आदत आपकी पूरी जिंदगी बदल सकती है।

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हर लड़की छिपाकर रखती है ये राज, कहीं आप तो नहीं बन रहे मूर्ख?

Makeup Removal: मेकअप हर लड़की के कॉन्फिडेंस और खूबसूरती का खास हिस्सा होता है लेकिन इसे सही तरीके से हटाना भी बेहद जरूरी है। सही मेकअप रिमूवर, डबल क्लिंजिंग और आंखों‑होंठों की खास देखभाल से स्किन स्वस्थ और ग्लोइंग बनी रहती है। चलिए जानते हैं सही तरीके से मेकअप कैसे हटाया जाता है।

Makeup Removal
मेकअप हटाने का सही तरीका
locationभारत
userअसमीना
calendar02 Jan 2026 04:37 PM
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मेकअप (Makeup) सिर्फ खूबसूरत दिखने का जरिया नहीं होता है बल्कि हर लड़की के कॉन्फिडेंस का एक खास हिस्सा भी होता है। स्कूल, कॉलेज, ऑफिस, पार्टी या शादी हर जगह मेकअप बेहतर महसूस कराता है। लेकिन जितनी मेहनत हम मेकअप लगाने में करते हैं उतना ध्यान हम उसे हटाने में नहीं देते। यही सबसे बड़ी गलती है। अक्सर लड़कियां मेकअप हटाने के लिए सिर्फ वेट वाइप्स, साधारण मेकअप रिमूवर या फिर सिर्फ पानी से ही चेहरा धो लेती हैं। देखने में तो लगता है कि चेहरा साफ हो गया लेकिन हकीकत यह है कि मेकअप के महीन कण स्किन के अंदर रह जाते हैं। यही कण धीरे-धीरे पिंपल्स, दाग-धब्बे, जलन, रैशेज और बेजान त्वचा का कारण बनते हैं।

मेकअप हटाना कोई मामूली स्टेप नहीं बल्कि स्किन केयर की सबसे जरूरी नींव है। अगर मेकअप सही तरीके से न हटाया जाए तो महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स भी काम नहीं करते। चलिए जानते हैं मेकअप हटाने का सही तरीका जिसे अपनाकर आपकी स्किन लंबे समय तक हेल्दी और ग्लोइंग बनी रहेगी।

स्टेप 1: मेकअप हटाने से पहले हाथों को करें साफ

ज्यादातर लोग मेकअप हटाने से पहले हाथ धोना नजरअंदाज कर देते हैं जबकि यह सबसे जरूरी होता है। मेकअप हटाने से पहले अपने हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोना बेहद जरूरी है। हाथों में मौजूद गंदगी, बैक्टीरिया और जर्म्स सीधे चेहरे पर ट्रांसफर हो सकते हैं जिससे एक्ने, इरिटेशन और रैशेज की समस्या बढ़ जाती है। साफ हाथ न सिर्फ स्किन को इंफेक्शन से बचाते हैं बल्कि मेकअप रिमूवर को सही तरीके से काम करने में भी मदद करते हैं।

स्टेप 2: स्किन टाइप के अनुसार मेकअप रिमूवर का करें इस्तेमाल

हर स्किन एक जैसी नहीं होती इसलिए सभी के लिए एक ही मेकअप रिमूवर सही नहीं हो सकता। सही रिमूवर चुनना इसलिए जरूरी है ताकि मेकअप पूरी तरह हटे और स्किन को नुकसान न पहुंचे। सिर्फ मेकअप वाइप्स से चेहरा साफ करना सही तरीका नहीं है क्योंकि वाइप्स मेकअप को हटाने के बजाय पूरे चेहरे पर फैला देते हैं और कई बार पोर्स को बंद कर देते हैं। अगर आपकी स्किन सेंसिटिव या एक्ने-प्रोन है तो माइसेलर वॉटर सबसे अच्छा ऑप्शन होता है। यह बिना रगड़े मेकअप और गंदगी को आसानी से हटा देता है। वाटरप्रूफ मस्कारा, लॉन्ग-लास्टिंग फाउंडेशन या हैवी सनस्क्रीन के लिए ऑयल-बेस्ड क्लिंजर बेहतर रहता है। यह ऑयली स्किन वालों के लिए भी सुरक्षित होता है और पोर्स को नुकसान नहीं पहुंचाता।

ड्राई या मेच्योर स्किन वालों के लिए क्रीम या मिल्क क्लिंजर अच्छा रहता है क्योंकि यह मेकअप हटाने के साथ-साथ स्किन को हाइड्रेट भी करता है। अगर आप हैवी या प्रोफेशनल मेकअप करती हैं तो बाल्म क्लिंजर सबसे असरदार विकल्प है क्योंकि यह मेकअप को बिना स्किन को खींचे आसानी से घोल देता है।

स्टेप 3: आंखों और होंठों का मेकअप हटाते समय एक्सट्रा केयर जरूरी

आंखों और होंठों की स्किन चेहरे के बाकी हिस्सों की तुलना में बहुत ज्यादा नाजुक होती है। मस्कारा, आईलाइनर और काजल आमतौर पर ज्यादा स्टबर्न होते हैं इसलिए इन्हें हटाने के लिए आंखों के लिए बने स्पेशल मेकअप रिमूवर का ही इस्तेमाल करना चाहिए। बाइ-फेज मेकअप रिमूवर वाटरप्रूफ आई मेकअप हटाने के लिए सबसे बेहतर माना जाता है। कॉटन पैड पर रिमूवर लगाकर कुछ सेकंड आंखों पर रखें और फिर हल्के हाथ से पोंछें। आंखों को जोर से रगड़ने से बचें क्योंकि इससे जल्दी झुर्रियां और फाइन लाइन्स आ सकती हैं। वहीं लिक्विड लिपस्टिक या लिप स्टेन हटाने के लिए ऑयल-बेस्ड रिमूवर या नारियल तेल का इस्तेमाल करें। इसे होंठों पर कुछ सेकंड के लिए छोड़ दें और फिर धीरे-धीरे साफ करें इससे होंठ फटते नहीं हैं।

स्टेप 4: डबल क्लिंजिंग क्यों है सबसे जरूरी?

मेकअप हटाने के बाद सिर्फ यहीं रुक जाना काफी नहीं होता। स्किन को पूरी तरह साफ करने के लिए डबल क्लिंजिंग बेहद जरूरी है। पहले स्टेप में मेकअप रिमूवर से मेकअप हटाएं और दूसरे स्टेप में हल्का, वॉटर-बेस्ड फेस वॉश इस्तेमाल करें। डबल क्लिंजिंग से स्किन के पोर्स गहराई से साफ होते हैं, बचा हुआ मेकअप और ऑयल पूरी तरह निकल जाता है और स्किन अगले स्किन केयर स्टेप्स के लिए तैयार हो जाती है। इस दौरान गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें क्योंकि बहुत गर्म पानी स्किन की नेचुरल नमी को खत्म कर देता है।

स्टेप 5: चेहरे को सही तरीके से सुखाना भी है जरूरी

क्लींजिंग के बाद चेहरे को जोर से रगड़कर सुखाना स्किन को नुकसान पहुंचा सकता है। हमेशा सॉफ्ट टॉवल या माइक्रोफाइबर कपड़े से हल्के-हल्के थपथपा कर चेहरा सुखाएं। खुरदरे तौलिए स्किन पर छोटे-छोटे माइक्रो टियर्स बना सकते हैं जिससे समय से पहले एजिंग शुरू हो जाती है।

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