हुगली में पीएम मोदी का ममता सरकार पर हमला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पश्चिम बंगाल के दौरे के दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर तीखा हमला बोला। सिंगूर और हुगली में आयोजित दो जनसभाओं को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार केंद्र की योजनाओं को जनता तक पहुंचने से रोक रही है और बंगाल के लोगों के साथ दुश्मनी का व्यवहार कर रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूर्वी भारत, खासकर पश्चिम बंगाल का विकास बेहद जरूरी है और केंद्र सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा, “मैं बंगाल के नौजवानों, किसानों और माताओं-बहनों की हर संभव सेवा करना चाहता हूं, लेकिन यहां की TMC सरकार केंद्र की योजनाओं को आप तक नहीं पहुंचने देती।”
रेल और कनेक्टिविटी परियोजनाओं का जिक्र
बता दें कि पीएम मोदी ने बताया कि पश्चिम बंगाल से देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की शुरुआत हो चुकी है। इसके साथ ही राज्य को कई नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें मिली हैं। रविवार को तीन और अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई गई, जिनमें से एक ट्रेन वाराणसी और बंगाल के बीच कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और ग्रीन मोबिलिटी पर विशेष जोर दे रही है, जिसके तहत बंदरगाहों, नदी जलमार्गों, हाइवे और हवाई अड्डों को आपस में जोड़ा जा रहा है।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट और सागरमाला योजना
बता दें कि प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट की क्षमता बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया है। सागरमाला योजना के तहत पोर्ट की कनेक्टिविटी सुधारने के लिए सड़कें बनाई गई हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहे हैं। उन्होंने बालागढ़ में बनने वाले एक्सटेंडेड पोर्ट गेट सिस्टम को क्षेत्र के लिए नए अवसरों का द्वार बताया।
नेताजी और राष्ट्रीय प्रतीकों का उल्लेख
बता दें कि पीएम मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सम्मान में कई अहम फैसले लिए हैं। कर्तव्य पथ पर नेताजी की प्रतिमा की स्थापना, लाल किले से आज़ाद हिंद फौज को सम्मान और अंडमान-निकोबार में द्वीपों का नामकरण इसी दिशा में उठाए गए कदम हैं। उन्होंने बताया कि अब गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम 23 जनवरी, नेताजी की जयंती से शुरू होकर 30 जनवरी, महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर समाप्त होते हैं।
‘वंदे मातरम्’ और विकसित भारत का संकल्प
प्रधानमंत्री ने कहा कि हुगली और ‘वंदे मातरम्’ का विशेष संबंध है। उन्होंने आह्वान किया कि जैसे वंदे मातरम् स्वतंत्रता संग्राम का उद्घोष बना, वैसे ही उसे विकसित भारत और विकसित बंगाल का मंत्र बनाया जाना चाहिए।
जूट, कृषि और ‘जंगलराज’ पर बयान
बता दें कि पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा सरकार बनने पर प्लास्टिक के विकल्प के रूप में जूट पैकेजिंग को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे राज्य के जूट उद्योग को मजबूती मिलेगी। उन्होंने हुगली में आलू, प्याज और सब्जी उत्पादन का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय किसानों के लिए वैश्विक बाजार में अपार संभावनाएं हैं।
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि देश “महा जंगलराज” से मुक्ति चाहता है। उन्होंने दावा किया कि बिहार में जंगलराज को रोका गया है और अब पश्चिम बंगाल में भी TMC के “महा जंगलराज” को बदलने के लिए भाजपा तैयार है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूर्वी भारत, खासकर पश्चिम बंगाल का विकास बेहद जरूरी है और केंद्र सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा, “मैं बंगाल के नौजवानों, किसानों और माताओं-बहनों की हर संभव सेवा करना चाहता हूं, लेकिन यहां की TMC सरकार केंद्र की योजनाओं को आप तक नहीं पहुंचने देती।”
रेल और कनेक्टिविटी परियोजनाओं का जिक्र
बता दें कि पीएम मोदी ने बताया कि पश्चिम बंगाल से देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की शुरुआत हो चुकी है। इसके साथ ही राज्य को कई नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें मिली हैं। रविवार को तीन और अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई गई, जिनमें से एक ट्रेन वाराणसी और बंगाल के बीच कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और ग्रीन मोबिलिटी पर विशेष जोर दे रही है, जिसके तहत बंदरगाहों, नदी जलमार्गों, हाइवे और हवाई अड्डों को आपस में जोड़ा जा रहा है।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट और सागरमाला योजना
बता दें कि प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट की क्षमता बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया है। सागरमाला योजना के तहत पोर्ट की कनेक्टिविटी सुधारने के लिए सड़कें बनाई गई हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहे हैं। उन्होंने बालागढ़ में बनने वाले एक्सटेंडेड पोर्ट गेट सिस्टम को क्षेत्र के लिए नए अवसरों का द्वार बताया।
नेताजी और राष्ट्रीय प्रतीकों का उल्लेख
बता दें कि पीएम मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सम्मान में कई अहम फैसले लिए हैं। कर्तव्य पथ पर नेताजी की प्रतिमा की स्थापना, लाल किले से आज़ाद हिंद फौज को सम्मान और अंडमान-निकोबार में द्वीपों का नामकरण इसी दिशा में उठाए गए कदम हैं। उन्होंने बताया कि अब गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम 23 जनवरी, नेताजी की जयंती से शुरू होकर 30 जनवरी, महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर समाप्त होते हैं।
‘वंदे मातरम्’ और विकसित भारत का संकल्प
प्रधानमंत्री ने कहा कि हुगली और ‘वंदे मातरम्’ का विशेष संबंध है। उन्होंने आह्वान किया कि जैसे वंदे मातरम् स्वतंत्रता संग्राम का उद्घोष बना, वैसे ही उसे विकसित भारत और विकसित बंगाल का मंत्र बनाया जाना चाहिए।
जूट, कृषि और ‘जंगलराज’ पर बयान
बता दें कि पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा सरकार बनने पर प्लास्टिक के विकल्प के रूप में जूट पैकेजिंग को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे राज्य के जूट उद्योग को मजबूती मिलेगी। उन्होंने हुगली में आलू, प्याज और सब्जी उत्पादन का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय किसानों के लिए वैश्विक बाजार में अपार संभावनाएं हैं।
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि देश “महा जंगलराज” से मुक्ति चाहता है। उन्होंने दावा किया कि बिहार में जंगलराज को रोका गया है और अब पश्चिम बंगाल में भी TMC के “महा जंगलराज” को बदलने के लिए भाजपा तैयार है।












