वेनेजुएला संकट पर पृथ्वीराज चव्हाण के बयान से सियासी तूफान
वेनेजुएला संकट और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका का जिक्र करते हुए महाराष्ट्र के पृथ्वीराज चव्हाण ने सवाल उठाया कि क्या भविष्य में भारत के प्रधानमंत्री के साथ भी ऐसा हो सकता है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के एक बयान ने देश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। वेनेजुएला संकट और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका का जिक्र करते हुए चव्हाण ने सवाल उठाया कि क्या भविष्य में भारत के प्रधानमंत्री के साथ भी ऐसा हो सकता है। इस टिप्पणी के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है और इसे “भारत विरोधी मानसिकता” करार दिया है।
टैरिफ से लेकर वेनेजुएला तक
दरअसल, पृथ्वीराज चव्हाण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। उन्होंने कहा कि ट्रंप भारत के साथ व्यापार को बाधित करने के लिए टैरिफ का इस्तेमाल कर रहे हैं। चव्हाण के मुताबिक, अगर अमेरिका भारत पर अतिरिक्त 50 प्रतिशत टैरिफ भी लगा दे, तो उससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा। इसी क्रम में उन्होंने विवादित सवाल उठाते हुए कहा कि सवाल यह है कि क्या भारत में भी वही होगा जो वेनेजुएला में हुआ? क्या ट्रंप हमारे प्रधानमंत्री को किडनैप करेंगे?
भाजपा का पलटवार
चव्हाण के इस बयान पर भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उनके इंटरव्यू का एक वीडियो क्लिप साझा करते हुए लिखा है कि कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण बेशर्मी से भारत की तुलना वेनेजुएला से कर रहे हैं। यह पूछकर कि ‘जो वेनेजुएला में हुआ, क्या वह भारत में हो सकता है’, कांग्रेस अपनी भारत विरोधी मानसिकता उजागर कर रही है।
दूसरे इंटरव्यू में भी दोहराई बात
विवाद यहीं नहीं थमा। एक अन्य इंटरव्यू में भी पृथ्वीराज चव्हाण ने इसी तरह की टिप्पणी दोहराई। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला में जो हुआ, वह संयुक्त राष्ट्र चार्टर के खिलाफ है और अगर दुनिया ने इस पर चुप्पी साध ली तो यह एक खतरनाक मिसाल बन सकती है। उन्होंने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि भारत ने इस पूरे मामले पर कोई स्पष्ट रुख नहीं अपनाया है, जबकि रूस और चीन जैसे देशों ने अमेरिकी कार्रवाई की आलोचना की है।
भारत की विदेश नीति पर सवाल
बता दें कि चव्हाण ने भारत की विदेश नीति को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यूक्रेन युद्ध हो, इजरायल-हमास संघर्ष हो या अब वेनेजुएला संकट—भारत ने किसी पर भी साफ रुख नहीं लिया। हम अमेरिकियों से इतने डरे हुए हैं कि जो गलत हुआ है, उसकी आलोचना करने की भी हिम्मत नहीं कर पा रहे। उन्होंने यह भी दावा किया कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर ड्रग्स तस्करी के आरोप राजनीतिक मकसद से लगाए गए हैं और इसके ठोस सबूत सामने नहीं आए हैं।
वेनेजुएला कार्रवाई पर वैश्विक प्रतिक्रिया
बता दें कि अमेरिका ने हाल ही में वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई करते हुए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लिया और उन्हें न्यूयॉर्क ले जाकर मुकदमा चलाने की प्रक्रिया शुरू की। इस कार्रवाई को लेकर दुनिया भर में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। अब भारत में भी यह मुद्दा सियासी रंग ले चुका है, जहां कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने हैं और विदेश नीति से लेकर राष्ट्रीय सम्मान तक पर बहस तेज हो गई है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के एक बयान ने देश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। वेनेजुएला संकट और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका का जिक्र करते हुए चव्हाण ने सवाल उठाया कि क्या भविष्य में भारत के प्रधानमंत्री के साथ भी ऐसा हो सकता है। इस टिप्पणी के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है और इसे “भारत विरोधी मानसिकता” करार दिया है।
टैरिफ से लेकर वेनेजुएला तक
दरअसल, पृथ्वीराज चव्हाण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। उन्होंने कहा कि ट्रंप भारत के साथ व्यापार को बाधित करने के लिए टैरिफ का इस्तेमाल कर रहे हैं। चव्हाण के मुताबिक, अगर अमेरिका भारत पर अतिरिक्त 50 प्रतिशत टैरिफ भी लगा दे, तो उससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा। इसी क्रम में उन्होंने विवादित सवाल उठाते हुए कहा कि सवाल यह है कि क्या भारत में भी वही होगा जो वेनेजुएला में हुआ? क्या ट्रंप हमारे प्रधानमंत्री को किडनैप करेंगे?
भाजपा का पलटवार
चव्हाण के इस बयान पर भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उनके इंटरव्यू का एक वीडियो क्लिप साझा करते हुए लिखा है कि कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण बेशर्मी से भारत की तुलना वेनेजुएला से कर रहे हैं। यह पूछकर कि ‘जो वेनेजुएला में हुआ, क्या वह भारत में हो सकता है’, कांग्रेस अपनी भारत विरोधी मानसिकता उजागर कर रही है।
दूसरे इंटरव्यू में भी दोहराई बात
विवाद यहीं नहीं थमा। एक अन्य इंटरव्यू में भी पृथ्वीराज चव्हाण ने इसी तरह की टिप्पणी दोहराई। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला में जो हुआ, वह संयुक्त राष्ट्र चार्टर के खिलाफ है और अगर दुनिया ने इस पर चुप्पी साध ली तो यह एक खतरनाक मिसाल बन सकती है। उन्होंने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि भारत ने इस पूरे मामले पर कोई स्पष्ट रुख नहीं अपनाया है, जबकि रूस और चीन जैसे देशों ने अमेरिकी कार्रवाई की आलोचना की है।
भारत की विदेश नीति पर सवाल
बता दें कि चव्हाण ने भारत की विदेश नीति को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यूक्रेन युद्ध हो, इजरायल-हमास संघर्ष हो या अब वेनेजुएला संकट—भारत ने किसी पर भी साफ रुख नहीं लिया। हम अमेरिकियों से इतने डरे हुए हैं कि जो गलत हुआ है, उसकी आलोचना करने की भी हिम्मत नहीं कर पा रहे। उन्होंने यह भी दावा किया कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर ड्रग्स तस्करी के आरोप राजनीतिक मकसद से लगाए गए हैं और इसके ठोस सबूत सामने नहीं आए हैं।
वेनेजुएला कार्रवाई पर वैश्विक प्रतिक्रिया
बता दें कि अमेरिका ने हाल ही में वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई करते हुए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लिया और उन्हें न्यूयॉर्क ले जाकर मुकदमा चलाने की प्रक्रिया शुरू की। इस कार्रवाई को लेकर दुनिया भर में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। अब भारत में भी यह मुद्दा सियासी रंग ले चुका है, जहां कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने हैं और विदेश नीति से लेकर राष्ट्रीय सम्मान तक पर बहस तेज हो गई है।












