वेनेजुएला संकट पर पृथ्वीराज चव्हाण के बयान से सियासी तूफान

वेनेजुएला संकट और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका का जिक्र करते हुए महाराष्ट्र के पृथ्वीराज चव्हाण ने सवाल उठाया कि क्या भविष्य में भारत के प्रधानमंत्री के साथ भी ऐसा हो सकता है।

Former Maharashtra Chief Minister Prithviraj Chavan
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar06 Jan 2026 09:31 PM
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के एक बयान ने देश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। वेनेजुएला संकट और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका का जिक्र करते हुए चव्हाण ने सवाल उठाया कि क्या भविष्य में भारत के प्रधानमंत्री के साथ भी ऐसा हो सकता है। इस टिप्पणी के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है और इसे “भारत विरोधी मानसिकता” करार दिया है।

टैरिफ से लेकर वेनेजुएला तक

दरअसल, पृथ्वीराज चव्हाण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। उन्होंने कहा कि ट्रंप भारत के साथ व्यापार को बाधित करने के लिए टैरिफ का इस्तेमाल कर रहे हैं। चव्हाण के मुताबिक, अगर अमेरिका भारत पर अतिरिक्त 50 प्रतिशत टैरिफ भी लगा दे, तो उससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा। इसी क्रम में उन्होंने विवादित सवाल उठाते हुए कहा कि सवाल यह है कि क्या भारत में भी वही होगा जो वेनेजुएला में हुआ? क्या ट्रंप हमारे प्रधानमंत्री को किडनैप करेंगे?

भाजपा का पलटवार

चव्हाण के इस बयान पर भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उनके इंटरव्यू का एक वीडियो क्लिप साझा करते हुए लिखा है कि कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण बेशर्मी से भारत की तुलना वेनेजुएला से कर रहे हैं। यह पूछकर कि ‘जो वेनेजुएला में हुआ, क्या वह भारत में हो सकता है’, कांग्रेस अपनी भारत विरोधी मानसिकता उजागर कर रही है।

दूसरे इंटरव्यू में भी दोहराई बात

विवाद यहीं नहीं थमा। एक अन्य इंटरव्यू में भी पृथ्वीराज चव्हाण ने इसी तरह की टिप्पणी दोहराई। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला में जो हुआ, वह संयुक्त राष्ट्र चार्टर के खिलाफ है और अगर दुनिया ने इस पर चुप्पी साध ली तो यह एक खतरनाक मिसाल बन सकती है। उन्होंने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि भारत ने इस पूरे मामले पर कोई स्पष्ट रुख नहीं अपनाया है, जबकि रूस और चीन जैसे देशों ने अमेरिकी कार्रवाई की आलोचना की है।

भारत की विदेश नीति पर सवाल

बता दें कि चव्हाण ने भारत की विदेश नीति को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यूक्रेन युद्ध हो, इजरायल-हमास संघर्ष हो या अब वेनेजुएला संकट—भारत ने किसी पर भी साफ रुख नहीं लिया। हम अमेरिकियों से इतने डरे हुए हैं कि जो गलत हुआ है, उसकी आलोचना करने की भी हिम्मत नहीं कर पा रहे। उन्होंने यह भी दावा किया कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर ड्रग्स तस्करी के आरोप राजनीतिक मकसद से लगाए गए हैं और इसके ठोस सबूत सामने नहीं आए हैं।

वेनेजुएला कार्रवाई पर वैश्विक प्रतिक्रिया

बता दें कि अमेरिका ने हाल ही में वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई करते हुए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लिया और उन्हें न्यूयॉर्क ले जाकर मुकदमा चलाने की प्रक्रिया शुरू की। इस कार्रवाई को लेकर दुनिया भर में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। अब भारत में भी यह मुद्दा सियासी रंग ले चुका है, जहां कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने हैं और विदेश नीति से लेकर राष्ट्रीय सम्मान तक पर बहस तेज हो गई है।

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महाराष्ट्र में मेयर चुनाव से पहले तेज हुई सियासी बयानबाज़ी

कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि हाल ही में हुए नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन उत्साहजनक रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि एक बार फिर कांग्रेस का महापौर चुना जाएगा।

Mayoral elections in Maharashtra
महाराष्ट्र में मेयर चुनाव व कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar06 Jan 2026 07:05 PM
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महाराष्ट्र में महापौर पद को लेकर जारी राजनीतिक बयानबाज़ी के बीच कांग्रेस ने अपना स्पष्ट रुख सामने रखा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुंबई का अगला महापौर किसी धर्म या भाषा की पहचान से नहीं, बल्कि भारतीय, महाराष्ट्रीयन और मुंबईकर होगा।

हर्षवर्धन सपकाल का यह बयान मुख्यमंत्री फडणवीस के उस कथन के जवाब में आया है, जिसमें उन्होंने मुंबई के लिए ‘हिंदू-मराठी’ महापौर की बात कही थी। कांग्रेस नेता ने कहा कि पहचान की राजनीति से ऊपर उठकर शहरों के विकास पर ध्यान देना समय की मांग है।

नागपुर नगर निगम चुनावों के लिए कांग्रेस का घोषणापत्र जारी

बता दें कि नागपुर नगर निगम चुनावों को लेकर कांग्रेस ने अपना घोषणापत्र जारी किया है। पार्टी ने 100 से अधिक पार्षद सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है। ‘स्वच्छ और स्मार्ट नागपुर’ की थीम पर आधारित इस घोषणापत्र में बुनियादी सुविधाओं, शहरी विकास, स्वच्छता, परिवहन और नागरिक सेवाओं को मजबूत करने के वादे किए गए हैं।

ध्रुवीकरण का आरोप, विकास से ध्यान भटकाने की कोशिश

कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने आरोप लगाया कि राज्य में जानबूझकर ध्रुवीकरण की राजनीति की जा रही है, जिससे देश की ‘विविधता में एकता’ की भावना को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि महापौर की भाषा और पहचान पर बहस कर असली मुद्दों—जैसे शहरों का विकास, रोजगार और नागरिक सुविधाएं—से जनता का ध्यान भटकाया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि केंद्र सरकार द्वारा घोषित 100 स्मार्ट शहरों की योजनाओं का आज क्या हाल है और ज़मीनी स्तर पर उनका कितना लाभ मिला है।

पुनर्चुनाव और नोटा की मांग

बता दें कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि पार्टी ने राज्य निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर उन नगर निगम वार्डों में पुनर्चुनाव कराने की मांग की है, जहां महायुति उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। इसके साथ ही स्थानीय निकाय चुनावों में NOTA (नोटा) का विकल्प लागू करने की भी मांग दोहराई गई है।

विलासराव देशमुख की विरासत पर टिप्पणी की निंदा

बता दें कि लातूर में पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख की विरासत को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि देशमुख का महाराष्ट्र के विकास में योगदान ऐतिहासिक और अविस्मरणीय है। उन्होंने इस बयान को अहंकार से भरा और खतरनाक बताते हुए कड़ी निंदा की।

कांग्रेस को जीत का भरोसा

बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि हाल ही में हुए नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन उत्साहजनक रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि नागपुर में एक बार फिर कांग्रेस का महापौर चुना जाएगा। गौरतलब है कि मुंबई समेत महाराष्ट्र की 29 नगर निगमों के चुनाव 15 जनवरी 2026 को होंगे, जबकि 16 जनवरी 2026 को मतगणना की जाएगी।

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फ्लाइट में पावर बैंक को लेकर बदले नियम, यात्रियों के लिए जरूरी खबर

DGCA ने यात्रियों को यह भी सलाह दी है कि पावर बैंक को ओवरहेड बिन में न रखें उसे ऐसी जगह रखें जहां यात्री खुद उस पर नजर रख सके। शॉर्ट सर्किट से बचाव के लिए सुरक्षा कवर या केस का इस्तेमाल करें।

DGCA has taken strict action against power banks.
DGCA ने पावर बैंक पर दिखाई सख्ती (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar06 Jan 2026 05:30 PM
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हवाई यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) लगातार नियमों में सख्ती कर रहा है। हाल के दिनों में फ्लाइट के अंदर आग और धुएं की घटनाओं में बढ़ोतरी को देखते हुए DGCA ने यात्रियों के लिए एक बार फिर अहम एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी में एक ऐसी आम चीज को लेकर चेतावनी दी गई है, जिसे लोग अक्सर बिना सोचे-समझे अपने बैग में रख लेते हैं और जो उड़ान के दौरान जानलेवा साबित हो सकती है।

हालिया घटना के बाद DGCA हुआ अलर्ट

बता दें कि हाल ही में दिल्ली एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाली एक घरेलू फ्लाइट में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई थी, जब एक यात्री के बैग में रखे पावर बैंक की लिथियम बैटरी में अचानक आग लग गई। हालांकि केबिन क्रू की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया, लेकिन इस घटना ने एविएशन सेफ्टी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। जांच में सामने आया कि लिथियम बैटरियां उड़ान के दौरान बड़ा खतरा बन सकती हैं।

फ्लाइट में पावर बैंक को लेकर सख्त नियम

DGCA के मुताबिक, लिथियम बैटरी वाले पावर बैंक और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में ओवरहीटिंग, शॉर्ट सर्किट या खराब क्वालिटी के कारण आग लगने की आशंका ज्यादा रहती है। इसी वजह से अब पावर बैंक को चेक-इन बैग में रखना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। यात्री पावर बैंक को केवल हैंड बैगेज में ही ले जा सकते हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। चेक-इन बैग में रखे सामान पर उड़ान के दौरान निगरानी संभव नहीं होती, जिससे खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

क्षमता को लेकर भी तय की गई सीमा

बता दें कि DGCA के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार यात्री केवल*100 वाट-आवर (Wh) से कम क्षमता वाले पावर बैंक ही ले जा सकते हैं, यानी 27,000mAh से अधिक क्षमता वाले पावर बैंक फ्लाइट में प्रतिबंधित हैं उड़ान के दौरान पावर बैंक से मोबाइल या अन्य गैजेट चार्ज करना पूरी तरह बैन है। अगर किसी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से ज्यादा गर्मी, धुआं या जलने जैसी गंध आए तो यात्रियों को तुरंत केबिन क्रू को इसकी जानकारी देनी होगी।

पावर बैंक रखने का सही तरीका

बता दें कि DGCA ने यात्रियों को यह भी सलाह दी है कि पावर बैंक को ओवरहेड बिन में न रखें उसे ऐसी जगह रखें जहां यात्री खुद उस पर नजर रख सके। शॉर्ट सर्किट से बचाव के लिए सुरक्षा कवर या केस का इस्तेमाल करें। साथ ही DGCA ने एयरलाइंस और एयरपोर्ट ऑपरेटर्स को निर्देश दिए हैं कि वे यात्रियों को बार-बार इन नियमों के बारे में जागरूक करें, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।