
ADR Survey Report : नई दिल्ली। हमारे देश भारत की विधानसभाओं का एक कड़वा सच सामने आया है। पता चला है कि देश की अलग अलग प्रदेशों की विधानसभाओं में 14 माननीय विधायक ऐसे निकले हैं जो दुनिया के सबसे घिनौने अपराध बलात्कार के आरोपी हैं। इतना ही नहीं देश की अलग अलग विधानसभाओं में बैठे 44 प्रतिशत विधायक अपराधी हैं। ऐसा हम नहीं कह रहे हैं बल्कि यह एक बड़े सर्वें के आंकडे हैं।
भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था में सुधार करने के लिए कार्य कर रही एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफामर्स (ADR) तथा नेशनल इलेक्शन वॉच (N.E.W.) ने एक व्यापक सर्वे किया है। इस सर्वे में देश 28 राज्य विधानसभाओं व दो केंद्रशासित प्रदेशों में मौजदा 4033 विधायकों में से 4001 विधायकों का पूरा कड़वा सच सामने आया है।
इस सर्वे की विस्तृत रिपोर्ट (ADR) ने जारी कर दी है। एडीआर की रिपोर्ट में अनेक चौंकाने वाले खुलासे किए गए हैं। सर्वे रिपोर्ट में यह भी उल्लेखित है कि सर्वे विधायकों द्वारा चुनाव लड़ने के दौरान चुनाव आयोग को दिए गए विधायकों के शपथपत्रों (एफेडेविट) का पूरा पूरा विश्लेषण करके किया गया है।
एडीआर (ADR) तथा एनईडब्ल्यू (NEW) का यह ताजा सर्वे बेहद चौंकाने वाला है। इस सर्वे के नतीजों में बताया गया है कि देश के अलग अलग राज्यों की विधानसभाओं में 14 ऐसे विधायक मौजूद हैं जिन पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376 के तहत बलात्कार जैसे घिनौने अपराध के मामले दर्ज हैं। सर्वे में यभी बताया गया है कि देश के विधायकों में से 44 प्रतिशत के खिलाफ अपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से 28 प्रतिशत के खिलाफ तो गंभीर अपराध यानि Heinous Crime जैसे हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण व बलात्कार के मामले शामिल हैं।
एडीआर तथा एनईडब्ल्यू की रिपोर्ट में राज्यवार विश्लेषण करने पर पता चलता है कि देशभर की विधानसभाओं में से केरल के विधायकों पर सर्वाधिक अपराधिक मामले दर्ज हैं। केरल में 135 में से 95 विधायकों यानी 70 प्रतिशत ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं। इसी तरह बिहार में 242 विधायकों में से 161 (67 प्रतिशत), दिल्ली में 70 में से 44 विधायक ( 63 प्रतिशत), महाराष्ट्र में 284 में से 175 विधायक (62 प्रतिशत), तेलंगाना में 118 विधायकों में से 72 विधायक (61 प्रतिशत) और तमिलनाडु में 224 विधायकों में से 134 (60 प्रतिशत) ने अपने हलफनामों में स्वयं के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले घोषित किए हैं।
इसके अतिरिक्त, एडीआर ने बताया कि दिल्ली में 70 में से 37 विधायक (53 प्रतिशत), बिहार में 242 में से 122 विधायक (50 प्रतिशत), महाराष्ट्र में 284 में से 114 विधायक (40 प्रतिशत), झारखंड में 79 में से 31 विधायक (39 प्रतिशत), तेलंगाना में 118 में से 46 विधायक (39 प्रतिशत) और उत्तर प्रदेश में 403 में से 155 विधायकों (38 प्रतिशत) ने अपने खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए हैं।
विश्लेषण में महिलाओं के खिलाफ अपराधों से संबंधित परेशान करने वाले आंकड़े भी सामने आए। जैसा कि रिपोर्ट में बताया गया है, कुल 114 विधायकों ने महिलाओं के खिलाफ अपराध से संबंधित मामलों की घोषणा की है, जिनमें से 14 ने विशेष रूप से बलात्कार (भादंसं की धारा-376) से संबंधित मामलों की घोषणा की है। विश्लेषण में आपराधिक मामलों के अलावा विधायकों की संपत्ति की भी पड़ताल की गई।
राज्य विधानसभाओं में प्रति विधायक औसत संपत्ति 13.63 करोड़ रुपए पाई गई। हालांकि, घोषित आपराधिक मामलों वाले विधायकों की औसत संपत्ति 16.36 करोड़ रुपए से अधिक है, जबकि बिना आपराधिक मामलों वाले विधायकों की औसत संपत्ति 11.45 करोड़ रुपए है। विश्लेषण से संबंधित 4,001 विधायकों में से 88 (दो प्रतिशत) अरबपति पाए गए, जिनके पास 100 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति है। इसमें कर्नाटक प्रदेश शीर्ष पर है जहां 223 में से 32 विधायक (14 प्रतिशत) अरबपति हैं। ADR Survey Report