मध्य प्रदेश: मदरसों में गीता पढ़ाने के बयान से राजनीति तेज

मध्य प्रदेश के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और एडीजी राजा बाबू सिंह द्वारा मदरसों में कुरान के साथ भगवद गीता पढ़ाने के सुझाव ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है।

Teaching the Gita in madrasas
मदरसों में गीता पढ़ाने के मुद्दे पर गरमाई सियासत (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar28 Jan 2026 06:10 PM
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madhya pradesh news : गणतंत्र दिवस के अवसर पर एडीजी सिंह ने सीहोर जिले के दोहरा स्थित मदरसा इस्लामिया मदीनतुल उलूम के छात्रों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संवाद के दौरान यह बात कही थी। एडीजी राजा बाबू सिंह ने कहा कि जिस तरह कुरान इंसान को सही राह दिखाती है, उसी तरह भगवद गीता जीवन मूल्यों, कर्तव्यबोध और नैतिकता की शिक्षा देती है। उन्होंने मदरसों में धार्मिक ग्रंथों के साथ-साथ गीता के अध्ययन की जरूरत पर जोर दिया।

मदरसा संचालक का समर्थन

एडीजी के बयान पर मदरसा संचालक अमीन उल्लाह ने संतुलित प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ज्ञान किसी एक धर्म तक सीमित नहीं होता। जिस ग्रंथ से समाज और देश को आगे बढ़ाने की सीख मिले, उसका अध्ययन किया जाना चाहिए। अमीन उल्लाह ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अब तक गीता का अध्ययन नहीं किया है, लेकिन व्यक्तिगत रूप से पहले स्वयं गीता पढ़ेंगे, उसके बाद ही बच्चों को पढ़ाने को लेकर कोई निर्णय लिया जाएगा।

भाजपा का समर्थन

बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने एडीजी राजा बाबू सिंह के सुझाव का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि भगवद गीता मानवता की रक्षा का सबसे बड़ा उदाहरण है, जिससे आत्मबल और सामाजिक समरसता का ज्ञान मिलता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मदरसों में हिंदू बच्चों को उर्दू पढ़ाई जा सकती है, तो गीता पढ़ाने पर आपत्ति क्यों होनी चाहिए। उनके अनुसार गीता सभी को पढ़नी और पढ़ानी चाहिए।

कांग्रेस का विरोध

वहीं कांग्रेस ने इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। कांग्रेस नेता अब्बास हफीज ने कहा कि एडीजी को मदरसों की पढ़ाई पर टिप्पणी करने के बजाय प्रदेश की कानून व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में हत्या, लूट और अपराध की घटनाएं हो रही हैं और ऐसे में एडीजी का इस तरह का बयान गैरजरूरी है। मदरसों में तालीम देने का काम मौलानाओं का है, जिसे वे बखूबी निभा रहे हैं।

सियासी बहस तेज

कुल मिलाकर एडीजी के गीता पाठ संबंधी सुझाव, मदरसा संचालक के सकारात्मक रुख और राजनीतिक दलों की तीखी प्रतिक्रियाओं के बाद यह मुद्दा पूरी तरह सियासी रंग ले चुका है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि गीता अध्ययन के बाद मदरसे में बच्चों को इसका पाठ पढ़ाया जाएगा या नहीं। madhya pradesh news

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बिहार में का बा वाली नेहा सिंह राठौर आई सरकार के समर्थन में

लगातार सरकार का विरोध करने वाली .... का बा.... फेम गायिका नेहा सिंह राठौर अचानक भारतीय जनता पार्टी की केन्द्र सरकार के समर्थन में खड़ी हो गई है। नेहा सिंह राठौर के केन्द्र सरकार के समर्थन में खड़े होने पर आश्चर्य व्यक्त किया जा रहा है।

प्रसिद्ध लोक कलाकार नेहा सिंह राठौर
प्रसिद्ध लोक कलाकार नेहा सिंह राठौर
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar28 Jan 2026 04:10 PM
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Neha Singh Rathore : " बिहार में का बा.. " शीर्षक से गीत गाने वाली नेहा सिंह राठौर प्रसिद्ध लोक कलाकार हैं। नेहा सिंह राठौर हमेशा सरकार के विरोध में गीत तथा गाने गाती रहती है। सरकार के विरोध में खुलकर आवाज उठाने के कारण नेहा सिंह राठौर के विरूद्ध अनेक FIR भी दर्ज हुई हैं। लगातार सरकार का विरोध करने वाली .... का बा.... फेम गायिका नेहा सिंह राठौर अचानक भारतीय जनता पार्टी की केन्द्र सरकार के समर्थन में खड़ी हो गई है। नेहा सिंह राठौर के केन्द्र सरकार के समर्थन में खड़े होने पर आश्चर्य व्यक्त किया जा रहा है।

UGC नियमों का समर्थन करके ​किया केन्द्र सरकार का बचाव

इन दिनों देश भर में UGC के नए नियमों का विरोध हो रहा है। अब UGC विवाद में लोक कलाकार नेहा सिंह राठौर भी सामने आइ्र है। नेहा सिंह राठौर ने UGC के नए नियमों का समर्थन करते हुए केन्द्र सरकार का खुलकर बचाव किया है। प्रसिद्ध लोक गायिका नेहा सिंह राठौर ने अपने सोशल मीडिया हैंडल X पर एक वीडियो शेयर करते हुए विरोध करने वालों से यह अपील की है कि वे देशहित के ऊपर जाति और बिरादरी को ना रखें। नेहा ने ढाई मिनट का वीडियो बनाकर पोस्ट किया है और इसके कैप्शन में उन्होंने लिखा, “सम्मान बचाने वाले कानून से किसे दिक्कत है? 18-18 घंटे मेहनत करने के बाद ये कानून बना है। इसका सम्मान कीजिए।”

केन्द्र सरकार के समर्थन में बोली नेहा सिंह राठौर

इसके अलावा नेहा सिंह राठौर ने वीडियो में कहा, “चोरी के खिलाफ कानून बनने से किसे दिक्कत होगी, जो चोर होगा। अत्याचार के खिलाफ कानून बनने से कौन तिलमिलाएगा, जो अत्याचारी होगा। भेदभाव रोकने वाले कानूनों का विरोध कौन करेगा, जो खुद भेदभाव करता होगा। अगर कोई कानून किसी वर्ग या समूह के सम्मान को बचाने के लिए बनाया जाता है, तो इसमें दिक्कत क्या है। जातिगत भेदभाव और पक्षपात हमारे समाज की पुरानी बीमारी है और पुरानी बीमारियों का इलाज कड़वी दवाइयों से ही होता है।”इसके आगे उन्होंने कहा, “एससी-एसटी एक्ट ऐसी ही कड़वी दवाई थी, जिसका भरपूर विरोध किया गया था। आरक्षण भी एक ऐसी ही कड़वी दवा है जिसका खूब विरोध होता है। लेकिन मेरा यकीन कीजिए कड़वी दवाइयों ने समाज की सेहत में सुधार ही किया है। कही कुछ लोग इस वजह से तो नाराज नहीं हैं कि वो अब दूसरों को अपमानित नहीं कर पाएंगे। कहीं उन्हें ये तो नहीं लगा रहा है कि इससे उनका अवैध विशेषाधिकार छीनने वाला है।”नेहा यहीं नहीं रुकी इसके आगे उन्होंने कहा, “देश का संविधान समानता के बुनियादी सिद्धांत पर टिका है लेकिन क्या इस देश का हर नागरिक बराबर सम्मान पाता है। दरअसल नहीं, बीते तमाम सालों में ले देकर एक काम तो ढंग का हुआ है और कुछ लोग इसका भी विरोध करने लग गए और विरोध कर भी कौन रहा है वही लोग जो अखंड भारत के नाम पर स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसी बुनियादी चीजों से समझौता करने को तैयार थे। वही लोग जो राष्ट्रवाद के नाम पर अपने ही देश के नागरिकों की लिंचिंग तक को सही बताते हैं। कल तक जो लोग सरकार से चार कायदे के सवाल पूछने को देशद्रोह कहते थे, आज वही लोग एक ढंग का कानून आने पर बिलबिला रहे हैं। क्यों भाई, अब मजा नहीं आ रहा है क्या।”


देश के हित में बताया UGC कानून

का बा फेम गायिका नेहा सिंह राठौर ने X पर पोष्ट की गई अपनी वीडियो के अंत में कहा कि “देश का हर नागरिक गौरव बढ़ाने वाला, सम्मानित और कॉन्फिडेंट महसूस नहीं करेगा, तब तक ये देश मजबूत नहीं होगा। देशवासियों के गौरव को बढ़ाने वाला यह कानून देश के हित में है। इस कानून के खिलाफ बोलने वाले लोग देशहित के खिलाफ बोल रहे हैं। उन्हें यह काम नहीं करना चाहिए। जातिगत स्वार्थ के लिए देश हित से समझौता मत कीजिए। देश को मजबूत बनाने वाले कानून का समर्थन कीजिए। सबसे पहले देश है। जाति और बिरादरी बहुत बाद में आती है। वैसे भी ये मामूली कानून नहीं है। 18-18 घंटे मेहनत करने के बाद ये कानून बनाया गया है। आपको इसका सम्मान करना चाहिए।” Neha Singh Rathore

यहां नीचे ​देख सकते हैं का बा वाली नेहा सिंह राठौर का वीडियो....


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नई Renault Duster 2026 की प्री-बुकिंग शुरू, जानें कीमत, फीचर्स और डिलीवरी का पूरा शेड्यूल

रेनॉल्ट डस्टर 2026 की आधिकारिक कीमतों की घोषणा मार्च 2026 के मध्य किए जाने की संभावना है। उसी समय वेरिएंट-वाइज फीचर्स, इंजन विकल्प और रंगों की पूरी जानकारी भी साझा की जाएगी।

New Renault Duster 2026
Renault Duster 2026 (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar28 Jan 2026 03:19 PM
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रेनॉल्ट इंडिया ने अपनी बहुप्रतीक्षित नई जनरेशन Renault Duster 2026 के लिए भारत में प्री-बुकिंग शुरू कर दी है। नए प्लेटफॉर्म, आधुनिक डिजाइन, पेट्रोल और हाइब्रिड इंजन विकल्पों के साथ यह मिड-साइज़ एसयूवी सेगमेंट में हुंडई क्रेटा, किआ सेल्टोस और मारुति ग्रैंड विटारा को कड़ी टक्कर देने के लिए तैयार है।

₹21,000 में करें प्री-बुकिंग

ग्राहक नई रेनॉल्ट डस्टर 2026 को ₹21,000 की टोकन राशि देकर प्री-बुक कर सकते हैं। बुकिंग प्रक्रिया देशभर की अधिकृत रेनॉल्ट डीलरशिप और कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से उपलब्ध है। कंपनी ने बताया है कि कुछ चुनिंदा प्री-बुकिंग ग्राहकों को रेनॉल्ट प्लांट में अपने वाहन के डेवलपमेंट प्रोसेस को देखने का अवसर भी मिल सकता है।

कीमतों का ऐलान मार्च 2026 में

रेनॉल्ट डस्टर 2026 की आधिकारिक कीमतों की घोषणा मार्च 2026 के मध्य किए जाने की संभावना है। उसी समय वेरिएंट-वाइज फीचर्स, इंजन विकल्प और रंगों की पूरी जानकारी भी साझा की जाएगी। अनुमान है कि इस एसयूवी की एक्स-शोरूम कीमत ₹10 लाख से ₹20 लाख के बीच हो सकती है।

नए इंजन और हाइब्रिड टेक्नोलॉजी

नई डस्टर में पेट्रोल इंजन के साथ टर्बो-पेट्रोल और एडवांस्ड हाइब्रिड पावरट्रेन का विकल्प दिया जाएगा। हाइब्रिड टेक्नोलॉजी रेनॉल्ट की भविष्य की रणनीति का अहम हिस्सा मानी जा रही है, जिससे बेहतर माइलेज और कम उत्सर्जन मिलेगा।

डिलीवरी शेड्यूल

रेनॉल्ट के अनुसार टर्बो पेट्रोल वेरिएंट की डिलीवरी मार्च 2026 के मध्य से शुरू होने की उम्मीद है। वहीं, हाइब्रिड वेरिएंट को दिवाली 2026 के आसपास बाजार में उतारा जा सकता है। नई Renault Duster 2026 अपने अपडेटेड डिजाइन, आधुनिक फीचर्स और नई पावरट्रेन के साथ भारतीय एसयूवी बाजार में रेनॉल्ट की मजबूत वापसी का संकेत देती है।

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