
Amaranth Yatra 2023 बालटाल (जम्मू कश्मीर)। वार्षिक अमरनाथ यात्रा शनिवार को यहां आधार शिविर से दक्षिण कश्मीर हिमालय स्थित गुफा मंदिर के लिए तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे के रवाना होने के साथ ही शुरू हो गई। गांदरबल के उपायुक्त श्यामबीर ने श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बालटाल आधार शिविर से हरी झंडी दिखाकर 62 दिवसीय तीर्थयात्रा की शुरुआत की।
मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले में स्थित बालटाल, वार्षिक तीर्थयात्रा के लिए दोहरे मार्गों में से एक है। दूसरा दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में पहलगाम मार्ग है। तीर्थयात्री आधार शिविर से लगभग 13,000 फुट की ऊंचाई पर स्थित पवित्र गुफा मंदिर तक 12 किलोमीटर की यात्रा करेंगे। वार्षिक तीर्थयात्रा के लिए सुरक्षा सहित सभी व्यवस्थाएं कर ली गई हैं।
उपायुक्त श्यामबीर ने कहा कि आधार शिविर में लगभग 6,000 यात्री पहुंचे। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, "मैं कामना करता हूं कि यात्रा सुचारू रूप से चले। मैं यात्रियों से अनुरोध करता हूं कि वे अपने रेडियो फ्रीक्वेंसी पहचान (आरएफआईडी) टैग साथ रखें।"
श्यामबीर ने यह भी कहा कि स्वयंसेवकों और पर्वतीय बचाव दल को यात्रा मार्ग पर तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर यात्री उनकी मदद ले सकते हैं। अधिकारी ने कहा कि स्थानीय लोगों के समर्थन के बिना यात्रा संभव नहीं होगी।
जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को जम्मू आधार शिविर से 3,488 तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।
अधिकारियों ने बताया कि यात्रा के लिए अब तक तीन लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने अपना पंजीकरण कराया है। उन्होंने बताया कि यात्रा के लिए सुरक्षाकर्मी तैनात किये गये हैं। बालटाल और पहलगाम मार्गों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अधिकारियों ने कहा कि नई सुरक्षा चौकियां स्थापित की गई हैं। तीर्थयात्रा का समापन 31 अगस्त को होगा।
वार्षिक अमरनाथ यात्रा के लिए 4,400 से अधिक तीर्थयात्रियों का दूसरा जत्था यहां के भगवती नगर आधार शिविर से शनिवार को रवाना हुआ। अधिकारियों ने बताया कि तीर्थयात्री सुबह 188 वाहनों में आधार शिविर से रवाना हुए और इसके साथ ही जम्मू आधार शिविर से अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना होने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या 7,904 हो गई है।
भगवती नगर आधार शिविर के आसपास बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है। जम्मू में 33 आवास केंद्र स्थापित किए गए हैं और श्रद्धालुओं को रेडियो फ्रीक्वेंसी पहचान (आरएफआईडी) टैग जारी किए जा रहे हैं। यात्रा पर जाने के इच्छुक लोगों को पंजीकरण कराने के लिए पांच काउंटर बनाए गए हैं और अब तक 3.5 लाख से ज्यादा लोग ऑनलाइन पंजीकरण करा चुके हैं। Amaranth Yatra 2023
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