कौन थे दुल्ला भट्टी? जिनके बगैर आज भी अधूरी मानी जाती है लोहड़ी

Dulla Bhatti: Lohri 2026 के मौके पर हम आपके लिए एक ऐसे नायक की जानकारी लेकर आए हैं जिन्हें पंजाब का रॉबिन हुड कहा जाता है। मुगल शासन के खिलाफ उनके संघर्ष, नारी सम्मान और लोककथाओं से जुड़ा इतिहास यहां विस्तार से पढ़ें।

Lohri
दुल्ला भट्टी
locationभारत
userअसमीना
calendar13 Jan 2026 12:03 PM
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जब भी लोहड़ी का पर्व आता है आग के चारों ओर घूमते हुए एक आवाज जरूर गूंजती है-“सुंदर मुंदरिए हो, तेरा कौन विचारा हो? दुल्ला भट्टी वाला हो…” लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इस गीत में लिया जाने वाला दुल्ला भट्टी कौन था? आखिर क्यों उनके नाम के बगैर लोहड़ी अधूरी मानी जाती है? Lohri 2026 के मौके पर यह जानना बेहद जरूरी है कि दुल्ला भट्टी सिर्फ एक लोककथा नहीं बल्कि अन्याय के खिलाफ खड़ा हुआ एक वास्तविक वीर था जिसे आज भी पंजाब का रॉबिन हुड कहा जाता है। चलिए जानते हैं कौन थे दुल्ला भट्टी?

कौन थे दुल्ला भट्टी? (Who was Dulla Bhatti?)

दुल्ला भट्टी का वास्तविक नाम राय अब्दुल्ला भट्टी था। उनका जन्म 1547 ईस्वी में पंजाब के सांडल बार क्षेत्र में हुआ जो आज पाकिस्तान के फैसलाबाद इलाके में आता है। वे भट्टी राजपूत वंश से संबंध रखते थे, जो वीरता और स्वाभिमान के लिए प्रसिद्ध था। दुल्ला भट्टी का परिवार पहले से ही मुगल सत्ता के निशाने पर था क्योंकि उनके पिता और दादा ने किसानों पर लगाए जा रहे भारी करों और जमीनी शोषण का विरोध किया था। इसी अन्याय ने दुल्ला भट्टी को विद्रोह की राह पर खड़ा कर दिया।

मुगल शासन के खिलाफ खुला विद्रोह

मुगल काल में पंजाब के किसानों पर अत्यधिक कर लगाए जाते थे और जमींदारों के जरिये गरीबों का शोषण किया जाता था। दुल्ला भट्टी ने इस व्यवस्था को स्वीकार करने से इंकार कर दिया। वे जंगलों और ग्रामीण इलाकों से मुगल अधिकारियों पर हमले करते, कर वसूली रोकते और जो धन लूटा जाता था उसे गरीबों में बांट देते थे। यही कारण है कि आम जनता उन्हें मसीहा मानती थी जबकि मुगल दरबार उन्हें अपराधी और विद्रोही कहता था। यही दो अलग-अलग नजरिए दुल्ला भट्टी को एक ऐतिहासिक नायक बनाते हैं।

नारी सम्मान के रक्षक दुल्ला भट्टी

दुल्ला भट्टी का सबसे मानवीय पक्ष स्त्रियों की रक्षा से जुड़ा है। लोककथाओं के अनुसार, उस समय कुछ मुगल अधिकारी गरीब परिवारों की लड़कियों को जबरन उठा लिया करते थे। दुल्ला भट्टी ने ऐसी कई लड़कियों को मुक्त कराया और उनका सम्मानपूर्वक विवाह करवाया। सबसे प्रसिद्ध कथा सुंदरी और मुंदरी की है दो अनाथ बहनें जिनकी शादी दुल्ला भट्टी ने स्वयं पिता बनकर करवाई। उन्होंने जंगल में अलाव जलाकर विवाह संपन्न कराया और गुड़ व तिल देकर पिता का फर्ज निभाया। यही घटना लोहड़ी के गीतों का आधार बनी।

लोहड़ी और दुल्ला भट्टी का अटूट रिश्ता

लोहड़ी मूल रूप से फसल और सूर्य से जुड़ा त्योहार है लेकिन दुल्ला भट्टी की गाथा ने इसे सामाजिक न्याय और वीरता से जोड़ दिया। जब बच्चे और बड़े गाते हैं-“सुंदर मुंदरिए… दुल्ला भट्टी वाला हो” तो वे अनजाने में एक ऐसे नायक को याद कर रहे होते हैं जिसने अन्याय के सामने सिर नहीं झुकाया। लोकगीतों ने दुल्ला भट्टी को पीढ़ी दर पीढ़ी जीवित रखा है।

26 मार्च 1599 को दी गई थी फांसी

मुगल सत्ता लंबे समय तक दुल्ला भट्टी की गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं कर सकी। अंततः उन्हें पकड़ लिया गया और 26 मार्च 1599 को सार्वजनिक रूप से फांसी दे दी गई। मुगलों ने सोचा कि इससे विद्रोह खत्म हो जाएगा लेकिन हुआ इसका उल्टा दुल्ला भट्टी मरकर भी अमर हो गए। उनकी शहादत ने उन्हें इतिहास से उठाकर लोकदेवता बना दिया।

इतिहास से ज्यादा ताकतवर लोककथा

इतिहास की किताबों में दुल्ला भट्टी का उल्लेख सीमित है लेकिन लोक-संस्कृति में उनका स्थान बहुत ऊंचा है। यही लोक परंपरा की ताकत है जो आम जनता के नायकों को अमर बना देती है। दुल्ला भट्टी न किसी धर्म विशेष के थे और न किसी सत्ता के। वे सिर्फ अन्याय के खिलाफ खड़े एक साहसी इंसान थे।


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2026 मॉडल Goan Classic 350 भारत में लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स

Royal Enfield ने भारतीय बाजार में अपनी नई Goan Classic 350 (2026 मॉडल) को आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया है। यह बाइक बॉबर स्टाइल सेगमेंट में पेश की गई है और क्लासिक रेट्रो लुक के साथ मॉडर्न फीचर्स का बेहतरीन कॉम्बिनेशन पेश करती है।

2026 Goan Classic 350
2026 Goan Classic 350 (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar13 Jan 2026 11:19 AM
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कंपनी ने इस बाइक को खासतौर पर डेली राइडिंग को आसान और आरामदायक बनाने के उद्देश्य से अपडेट किया है। Goan Classic 350 अब देशभर के Royal Enfield डीलरशिप्स पर बिक्री के लिए उपलब्ध है।

कीमत और कलर ऑप्शन

बता दें कि Royal Enfield Goan Classic 350 को कुल चार आकर्षक कलर ऑप्शन में लॉन्च किया गया है। Shack Black और Purple Haze कलर वेरिएंट की एक्स-शोरूम कीमत ₹2,19,787 रखी गई है। वहीं Trip Teal Green और Rave Red कलर ऑप्शन के लिए ₹2,22,593 (एक्स-शोरूम) चुकाने होंगे। कीमत के लिहाज से यह बाइक प्रीमियम बॉबर सेगमेंट में एक मजबूत दावेदार बनकर सामने आती है।

2026 मॉडल में क्या हैं नए अपडेट्स?

बता दें कि 2026 Goan Classic 350 में सबसे बड़ा अपडेट असिस्ट-एंड-स्लिपर क्लच का दिया जाना है। इससे क्लच ऑपरेशन पहले के मुकाबले काफी हल्का हो गया है, जिससे ट्रैफिक में बाइक चलाना आसान होगा और लंबी दूरी की राइड में हाथों पर कम दबाव पड़ेगा। इसके अलावा, तेज रफ्तार पर गियर शिफ्ट करते समय रियर व्हील स्लिप होने की संभावना भी कम हो जाती है। इसके साथ ही बाइक में अब USB Type-C फास्ट चार्जिंग पोर्ट दिया गया है, जिससे राइड के दौरान स्मार्टफोन या अन्य डिवाइस को आसानी से चार्ज किया जा सकता है।

इंजन, पावर और राइडिंग एक्सपीरियंस

बता दें कि Royal Enfield Goan Classic 350 में 349cc का सिंगल-सिलेंडर, एयर-ऑयल कूल्ड इंजन मिलता है, जो 20.2 bhp की पावर, 27 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इंजन के साथ 5-स्पीड गियरबॉक्स दिया गया है। यह इंजन तेज रफ्तार से ज्यादा स्मूद, शांत और स्थिर राइडिंग के लिए जाना जाता है, जो शहर और हाईवे दोनों पर बेहतरीन परफॉर्मेंस देता है।

डिजाइन और मुकाबला

डिजाइन की बात करें तो Goan Classic 350 में बॉबर स्टाइल सिंगल सीट, व्हाइटवॉल टायर्स, ट्यूबलेस स्पोक व्हील्स, ऊंचा हैंडलबार और कस्टम लुक देने वाला साइलेंसर दिया गया है, जो इसे एक अलग पहचान देता है। भारतीय बाजार में इस बाइक का मुकाबला Jawa 42 Bobber, Jawa Perak, Honda CB350, Harley-Davidson X440 और Yezdi Roadster जैसी बाइक्स से होगा।

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बीएमसी चुनाव से पहले अंबरनाथ में राजनीतिक उबाल

बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) चुनावों से पहले महाराष्ट्र की राजनीति में उबाल तेज होता जा रहा है। ठाणे जिले की अंबरनाथ नगर परिषद एक बार फिर राजनीतिक घमासान का केंद्र बन गई है। उपाध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर आज सोमवार (12 जनवरी) को हुई है।

Maharashtra Brihanmumbai Municipal Corporation
महाराष्ट्र की राजनीति में उबाल तेज (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar12 Jan 2026 08:32 PM
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बता दें कि आम सभा की बैठक के दौरान भाजपा और एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना के पार्षदों के बीच जमकर हंगामा देखने को मिला। बैठक के दौरान दोनों पक्षों में तीखी बहस हुई, जिसके बाद सदन का माहौल तनावपूर्ण हो गया। आरोप है कि गुस्साए बीजेपी पार्षदों ने शिवसेना समर्थित उम्मीदवार के खिलाफ नारेबाजी की और चप्पलें तक लहराईं, जिससे कुछ समय के लिए कार्यवाही बाधित करनी पड़ी।

सत्ता संघर्ष की जड़ में उपाध्यक्ष पद

बता दें कि अंबरनाथ नगर परिषद में पिछले महीने हुए चुनावों में भाजपा ने कांग्रेस और एनसीपी के समर्थन से अपनी उम्मीदवार तेजश्री करंजुले पाटील को परिषद अध्यक्ष चुना था। हालांकि, उपाध्यक्ष पद का चुनाव अब सत्ता संघर्ष का नया केंद्र बन गया है।

‘अंबरनाथ विकास अघाड़ी’ का गठन और टूटन

बता दें कि 20 दिसंबर को हुए नगर परिषद चुनावों के बाद भाजपा की स्थानीय इकाई ने कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर ‘अंबरनाथ विकास अघाड़ी’ (AVA) का गठन किया था। इस गठबंधन के जरिए शिवसेना को सत्ता से बाहर रखा गया, जबकि वह सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। 60 सदस्यीय नगर परिषद में शिवसेना के 27, भाजपा के 14, कांग्रेस के 12, एनसीपी के 4 और दो निर्दलीय पार्षद थे। AVA के पास शुरुआत में 32 सदस्यों का बहुमत था। हालांकि, इस गठबंधन से नाराज कांग्रेस ने अपने पार्षदों को निलंबित कर दिया, जिसके बाद वे बीजेपी में शामिल हो गए।

शिंदे गुट की ताकत बढ़कर 32

बता दें कि राजनीतिक समीकरण उस समय बदले जब एनसीपी के चार पार्षदों ने बीजेपी से समर्थन वापस लेकर शिवसेना का दामन थाम लिया। इससे एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना की संख्या बढ़कर 32 हो गई और परिषद में उनका प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो गया।

व्हिप को लेकर विवाद

बता दें कि आज की बैठक के दौरान भाजपा ने AVA के सभी घटकों को अपने उम्मीदवार प्रदीप पाटिल के पक्ष में मतदान करने के लिए व्हिप जारी किया। हालांकि, एनसीपी ने इस व्हिप को मानने से इनकार कर दिया। स्थानीय शिवसेना विधायक डॉ. बालाजी किनिकर ने भी AVA के अस्तित्व को खत्म घोषित कर दिया।शिवसेना ने उपाध्यक्ष पद के लिए एनसीपी के सदाशिव पाटिल को अपना उम्मीदवार बनाया है।

मतगणना के बाद आएगा फैसला

बता दें कि बैठक में हुए हंगामे के बावजूद उपाध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया पूरी की गई। आधिकारिक परिणाम औपचारिक मतदान और मतगणना के बाद घोषित किए जाएंगे। अंबरनाथ नगर परिषद का यह सियासी संग्राम आने वाले BMC चुनावों से पहले राज्य की राजनीति में बड़े संकेत दे रहा है।