कुतुब मीनार से भी ऊंचा शिखर! बिहार के विराट रामायण मंदिर की ऊंचाई जानिए
योजना के अनुसार, मंदिर में कुल 12 भव्य शिखर होंगे। इनमें मुख्य शिखर 270 फीट ऊंचा प्रस्तावित है। इसके अलावा परिसर में 198, 180, 135 और 108 फीट ऊंचे अन्य शिखर भी बनाए जाने की बात कही जा रही है। यही वजह है कि इसे स्थापत्य और आध्यात्मिक दृष्टि से एक “मेगा प्रोजेक्ट” के रूप में देखा जा रहा है।

Bihar News : बिहार का पूर्वी चंपारण इन दिनों एक भव्य धार्मिक परियोजना के चलते देशभर में चर्चा के केंद्र में है। चकिया–केसरिया मार्ग पर प्रस्तावित विराट रामायण मंदिर परिसर अपने विशाल आकार के साथ-साथ ऊंचाई और आध्यात्मिक महत्व की वजह से भी सुर्खियां बटोर रहा है। दावा है कि निर्माण पूरा होने के बाद यह मंदिर ऊंचाई के पैमाने पर अयोध्या के राम मंदिर और दिल्ली की ऐतिहासिक कुतुब मीनार को भी पीछे छोड़ सकता है।
120 एकड़ में बनेगा विशाल धार्मिक परिसर
सूत्रों के मुताबिक, यह मंदिर परिसर करीब 120 एकड़ में फैला होगा। आकार के लिहाज से भी इसे देश के सबसे बड़े धार्मिक परिसरों में गिना जा रहा है। प्रस्तावित डिजाइन के अनुसार मंदिर की कुल लंबाई 1080 फीट और चौड़ाई 540 फीट बताई जा रही है, जिससे इसका स्वरूप दूर से ही भव्य नजर आएगा। योजना के अनुसार, मंदिर में कुल 12 भव्य शिखर होंगे। इनमें मुख्य शिखर 270 फीट ऊंचा प्रस्तावित है। इसके अलावा परिसर में 198, 180, 135 और 108 फीट ऊंचे अन्य शिखर भी बनाए जाने की बात कही जा रही है। यही वजह है कि इसे स्थापत्य और आध्यात्मिक दृष्टि से एक “मेगा प्रोजेक्ट” के रूप में देखा जा रहा है।
17 जनवरी को शिवलिंग की प्राण-प्रतिष्ठा का आयोजन
विराट रामायण मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, 17 जनवरी को परिसर में विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना/प्राण-प्रतिष्ठा का भव्य कार्यक्रम प्रस्तावित है। इस अवसर पर देशभर से संत-महात्माओं, विद्वान आचार्यों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। इसी दिन सहस्र शिवलिंग की पीठ-स्थापना भी शास्त्रीय विधि-विधान के साथ संपन्न कराए जाने की बात कही गई है।
राम मंदिर और कुतुब मीनार से कितना आगे?
अयोध्या में निर्मित राम मंदिर को भारतीय संस्कृति और श्रद्धा का बड़ा प्रतीक माना जाता है। जानकारी के मुताबिक, यह मंदिर लगभग 2.7 एकड़ क्षेत्र में बना है। इसकी लंबाई 360 फीट और चौड़ाई 235 फीट बताई जाती है। तीन मंजिला इस मंदिर में 366 खंभे, 5 मंडप और 12 भव्य द्वार हैं। नागर शैली में बना यह मंदिर आधुनिक तकनीक और प्राचीन स्थापत्य का मेल माना जाता है। दिल्ली के महरौली क्षेत्र में स्थित कुतुब मीनार यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है। इसके निर्माण की शुरुआत 1199 में कुतुबुद्दीन ऐबक के समय मानी जाती है और बाद में इसे इल्तुतमिश के दौर में पूरा कराया गया। करीब 72.5 मीटर ऊंची इस मीनार में 379 घुमावदार सीढ़ियां हैं, जबकि सतह पर फारसी-अरबी शिलालेख और ज्यामितीय नक्काशी इसकी पहचान मानी जाती है। Bihar News
Bihar News : बिहार का पूर्वी चंपारण इन दिनों एक भव्य धार्मिक परियोजना के चलते देशभर में चर्चा के केंद्र में है। चकिया–केसरिया मार्ग पर प्रस्तावित विराट रामायण मंदिर परिसर अपने विशाल आकार के साथ-साथ ऊंचाई और आध्यात्मिक महत्व की वजह से भी सुर्खियां बटोर रहा है। दावा है कि निर्माण पूरा होने के बाद यह मंदिर ऊंचाई के पैमाने पर अयोध्या के राम मंदिर और दिल्ली की ऐतिहासिक कुतुब मीनार को भी पीछे छोड़ सकता है।
120 एकड़ में बनेगा विशाल धार्मिक परिसर
सूत्रों के मुताबिक, यह मंदिर परिसर करीब 120 एकड़ में फैला होगा। आकार के लिहाज से भी इसे देश के सबसे बड़े धार्मिक परिसरों में गिना जा रहा है। प्रस्तावित डिजाइन के अनुसार मंदिर की कुल लंबाई 1080 फीट और चौड़ाई 540 फीट बताई जा रही है, जिससे इसका स्वरूप दूर से ही भव्य नजर आएगा। योजना के अनुसार, मंदिर में कुल 12 भव्य शिखर होंगे। इनमें मुख्य शिखर 270 फीट ऊंचा प्रस्तावित है। इसके अलावा परिसर में 198, 180, 135 और 108 फीट ऊंचे अन्य शिखर भी बनाए जाने की बात कही जा रही है। यही वजह है कि इसे स्थापत्य और आध्यात्मिक दृष्टि से एक “मेगा प्रोजेक्ट” के रूप में देखा जा रहा है।
17 जनवरी को शिवलिंग की प्राण-प्रतिष्ठा का आयोजन
विराट रामायण मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, 17 जनवरी को परिसर में विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना/प्राण-प्रतिष्ठा का भव्य कार्यक्रम प्रस्तावित है। इस अवसर पर देशभर से संत-महात्माओं, विद्वान आचार्यों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। इसी दिन सहस्र शिवलिंग की पीठ-स्थापना भी शास्त्रीय विधि-विधान के साथ संपन्न कराए जाने की बात कही गई है।
राम मंदिर और कुतुब मीनार से कितना आगे?
अयोध्या में निर्मित राम मंदिर को भारतीय संस्कृति और श्रद्धा का बड़ा प्रतीक माना जाता है। जानकारी के मुताबिक, यह मंदिर लगभग 2.7 एकड़ क्षेत्र में बना है। इसकी लंबाई 360 फीट और चौड़ाई 235 फीट बताई जाती है। तीन मंजिला इस मंदिर में 366 खंभे, 5 मंडप और 12 भव्य द्वार हैं। नागर शैली में बना यह मंदिर आधुनिक तकनीक और प्राचीन स्थापत्य का मेल माना जाता है। दिल्ली के महरौली क्षेत्र में स्थित कुतुब मीनार यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है। इसके निर्माण की शुरुआत 1199 में कुतुबुद्दीन ऐबक के समय मानी जाती है और बाद में इसे इल्तुतमिश के दौर में पूरा कराया गया। करीब 72.5 मीटर ऊंची इस मीनार में 379 घुमावदार सीढ़ियां हैं, जबकि सतह पर फारसी-अरबी शिलालेख और ज्यामितीय नक्काशी इसकी पहचान मानी जाती है। Bihar News












