BMC Election 2026: वोटर लिस्ट गड़बड़ी से मुंबई के कई बूथों पर हंगामा
बीएमसी (मुंबई महानगरपालिका) चुनाव 2026 के मतदान के दौरान गुरुवार को शहर के कई मतदान केंद्रों पर मतदाता सूचीमें गड़बड़ी और प्रशासनिक खामियों के चलते अफरा‑तफरी और नाराजगी देखने को मिली। कई मतदाता लंबी कतारों और रिकॉर्ड में मेल न होने के कारण बिना वोट डाले वापस लौट गए।

बता दें कि बस्थानों जैसे बोरीवली, दहिसर और अंधेरी के कई बूथों पर मतदाताओं ने शिकायत की कि ऑनलाइन उपलब्ध वोटर जानकारी उनके बूथ रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रही थी और कई मतदाता बहुत से बूथों पर घुमते हुए भी अपना नाम नहीं ढूँढ पाए, जिससे वे हताश होकर घर लौट गए। एक मतदाता ने बताया कि इंटरनेट पर मिला क्रमांक बूथ पर सही नहीं था, इसलिए उसे बिना वोट डाले वापस जाना पड़ा। स्थिति को उन्होंने एक "संगठनात्मक विफलता" करार दिया।
वोटिंग स्लिप की कमी और लंबी कतारे
बता दें कि फिल्म निर्माता आशुतोष गोवारिकर के भाई अविनाश गोवारिकर ने भी मतदान के दौरान वोटिंग स्लिप की कमी के कारण देरी की बात कही है और कई लोगों को अपना सीरियल नंबर खोजने में पाँच मिनट तक का समय लग रहा था, जिससे काफ़ी कतारें बढ़ गईं और मतदाताओं का उत्साह कम हुआ।
सेनियर सिटिजन और बुनियादी सुविधा की कमी
बता दें कि कुछ बूथों पर बज़ुर्ग मतदाता भी दो घंटे से अधिक समय तक लाइन में खड़े रहे और बूथ स्तर पर पर्याप्त बैठने/सुविधाओं का अभाव देखा गया।
तकनीकी और वेबसाइट समस्याएँ
बता दें कि बहुत से मतदाताओं ने शिकायत की कि Maharashtra State Election Commission की वेबसाइट और Voter Slip जनरेशन सेवा डाउन थी या सही डेटा नहीं दिखा रही थी, जिससे वे पहले से तैयारी न कर पाए और मतदान पर असर पड़ा।
बता दें कि बस्थानों जैसे बोरीवली, दहिसर और अंधेरी के कई बूथों पर मतदाताओं ने शिकायत की कि ऑनलाइन उपलब्ध वोटर जानकारी उनके बूथ रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रही थी और कई मतदाता बहुत से बूथों पर घुमते हुए भी अपना नाम नहीं ढूँढ पाए, जिससे वे हताश होकर घर लौट गए। एक मतदाता ने बताया कि इंटरनेट पर मिला क्रमांक बूथ पर सही नहीं था, इसलिए उसे बिना वोट डाले वापस जाना पड़ा। स्थिति को उन्होंने एक "संगठनात्मक विफलता" करार दिया।
वोटिंग स्लिप की कमी और लंबी कतारे
बता दें कि फिल्म निर्माता आशुतोष गोवारिकर के भाई अविनाश गोवारिकर ने भी मतदान के दौरान वोटिंग स्लिप की कमी के कारण देरी की बात कही है और कई लोगों को अपना सीरियल नंबर खोजने में पाँच मिनट तक का समय लग रहा था, जिससे काफ़ी कतारें बढ़ गईं और मतदाताओं का उत्साह कम हुआ।
सेनियर सिटिजन और बुनियादी सुविधा की कमी
बता दें कि कुछ बूथों पर बज़ुर्ग मतदाता भी दो घंटे से अधिक समय तक लाइन में खड़े रहे और बूथ स्तर पर पर्याप्त बैठने/सुविधाओं का अभाव देखा गया।
तकनीकी और वेबसाइट समस्याएँ
बता दें कि बहुत से मतदाताओं ने शिकायत की कि Maharashtra State Election Commission की वेबसाइट और Voter Slip जनरेशन सेवा डाउन थी या सही डेटा नहीं दिखा रही थी, जिससे वे पहले से तैयारी न कर पाए और मतदान पर असर पड़ा।












