जाने दाऊद के जानी दुश्मन हुसैन उस्तरा पर टिकी ‘ओ रोमियो’ की कहानी

मुंबई अंडरवर्ल्ड से प्रेरित कई फिल्में बन चुकी हैं, जिनमें ब्लैक फ्राइडे, कंपनी, शूटआउट एट लोखंडवाला और वन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई जैसी फिल्में शामिल हैं। ऐसे में ‘ओ रोमियो’ पर उठा विवाद एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि रियल लाइफ क्राइम और रील लाइफ कहानी के बीच की सीमा आखिर कहां तय हो।

Mumbai Underworld
‘उस्तरा’ नाम के पीछे छिपी हिंसा की कहानी (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar16 Jan 2026 02:52 PM
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मुंबई अंडरवर्ल्ड के कुख्यात नाम हुसैन उस्तरा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। वजह है शाहिद कपूर अभिनीत फिल्म ‘ओ रोमियो’, जिसे लेकर दावा किया जा रहा है कि उसका मुख्य किरदार हुसैन उस्तरा से प्रेरित है।हालांकि फिल्म निर्माताओं ने इसे पूरी तरह काल्पनिक बताते हुए किसी भी वास्तविक व्यक्ति से संबंध से इनकार किया है। इसी बीच हुसैन उस्तरा की बेटी सनोबर शेख द्वारा भेजे गए कानूनी नोटिस ने विवाद को और गहरा कर दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सनोबर शेख ने नोटिस में आरोप लगाया है कि फिल्म में उनके पिता की छवि को नकारात्मक रूप में दिखाया गया है, जिससे परिवार की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंच सकती है। उन्होंने कथित तौर पर दो करोड़ रुपये के मुआवज़े की मांग की है और फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की अपील भी की है। फिल्म का निर्माण साजिद नाडियावाला ने किया है और निर्देशन विशाल भारद्वाज का बताया जा रहा है।

जाने कौन था हुसैन उस्तरा?

बता दें कि हुसैन शेख उर्फ हुसैन उस्तरा 1980 के दशक में मुंबई अंडरवर्ल्ड का एक चर्चित गैंगस्टर था। सादे पहनावे और शांत स्वभाव के बावजूद उसका नाम खौफ के साथ लिया जाता था। कम उम्र में हुए एक हिंसक हमले के बाद उसके नाम के साथ ‘उस्तरा’ जुड़ गया और धीरे-धीरे उसने अपना अलग गैंग खड़ा कर लिया। वह अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का कट्टर दुश्मन माना जाता था। हुसैन की सबसे बड़ी कमजोरी उसकी प्रेमिकाएं बताई जाती हैं। इसी कमजोरी का फायदा उठाकर छोटा शकील ने कथित तौर पर हनी ट्रैप रचाया और नागपाड़ा इलाके में उसकी हत्या कर दी गई। यह घटना मुंबई अंडरवर्ल्ड के इतिहास की चर्चित घटनाओं में गिनी जाती है।

जाने अशरफ उर्फ सपना दीदी की भूमिका के बारे में

बता दें कि हुसैन उस्तरा का नाम अशरफ खान उर्फ सपना दीदी के साथ भी जोड़ा जाता है। बताया जाता है कि अशरफ के पति की हत्या के बाद उसने दाऊद इब्राहिम से बदला लेने की ठानी और हुसैन के साथ मिलकर अंडरवर्ल्ड के खिलाफ अभियान शुरू किया। यह गठजोड़ दाऊद के नेटवर्क के लिए एक बड़ी चुनौती माना गया था।

फिक्शन बनाम हकीकत की बहस

बता दें कि फिल्म ‘ओ रोमियो’ को लेकर अब यही सवाल उठ रहा है कि सिनेमा सच्ची घटनाओं से प्रेरणा लेते हुए कितनी दूर तक जा सकता है। दर्शक जहां इसे वास्तविक किरदारों की कहानी मान लेते हैं, वहीं निर्माता इसे रचनात्मक स्वतंत्रता का हिस्सा बताते हैं। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, विवाद का केंद्र यही रहेगा कि फिल्म किसी वास्तविक व्यक्ति की सीधी बायोपिक है या केवल प्रेरित कथा।

फिल्म फरवरी में रिलीज होगी या मामला अदालत तक पहुंचेगा, यह आने वाला वक्त तय करेगा। फिलहाल इतना तय है कि हुसैन उस्तरा का नाम, जो कभी मुंबई अंडरवर्ल्ड में खौफ का प्रतीक था, एक बार फिर सिनेमा और कानून दोनों के केंद्र में आ गया है।

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भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव का नोटिफिकेशन जारी, 20 को वोटिंग

अब चुनाव कार्यक्रम सामने आने के बाद राजनीतिक संकेत स्पष्ट हैं कि पार्टी में किसी दूसरे दावेदार की संभावना बेहद कम है, ऐसे में नितिन नवीन के निर्विरोध चुने जाने की चर्चा तेज हो गई है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव का शेड्यूल जारी
राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव का शेड्यूल जारी
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar16 Jan 2026 03:04 PM
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BJP National President :  भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। पार्टी के मुताबिक चुनावी प्रक्रिया 19 जनवरी से शुरू होगी और 20 जनवरी 2026 तक पूरी कर ली जाएगी। शुक्रवार को पार्टी ने अध्यक्ष पद के लिए विस्तृत चुनाव-शेड्यूल भी जारी कर दिया। गौरतलब है कि 14 दिसंबर को बिहार के पांच बार विधायक नितिन नवीन को पार्टी ने राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी थी। अब चुनाव कार्यक्रम सामने आने के बाद राजनीतिक संकेत स्पष्ट हैं कि पार्टी में किसी दूसरे दावेदार की संभावना बेहद कम है, ऐसे में नितिन नवीन के निर्विरोध चुने जाने की चर्चा तेज हो गई है।

क्या है चुनाव प्रक्रिया?

राष्ट्रीय निर्वाचन अधिकारी व राज्यसभा सांसद डॉ. के. लक्ष्मण के जारी चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक, 19 जनवरी को भाजपा अध्यक्ष पद के लिए नामांकन की खिड़की दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक खुली रहेगी। इसके तुरंत बाद 4 बजे से 5 बजे के बीच नामांकन पत्रों के साथ लगाए गए दस्तावेजों की औपचारिक जांच की जाएगी। वहीं, यदि कोई उम्मीदवार अपना दावा वापस लेना चाहे तो उसके लिए 5 बजे से 6 बजे तक का समय तय किया गया है। डॉ. लक्ष्मण ने स्पष्ट किया है कि जरूरत पड़ने पर 20 जनवरी को मतदान कराया जाएगा और उसी दिन पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम पर आधिकारिक मुहर भी लग जाएगी। पूरी चुनावी प्रक्रिया भाजपा मुख्यालय में ही संपन्न होगी।

नितिन नवीन कौन हैं?

नितिन नवीन, वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक दिवंगत नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के बेटे हैं और संगठन की राजनीति में उनकी पहचान एक सक्रिय, स्पष्टवादी और अनुशासित कार्यकर्ता-नेता के रूप में रही है। 45 वर्षीय नितिन नवीन ने बिहार की सियासत में लंबा अनुभव हासिल किया है। वे बिहार की राजधानी पटना के बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से लगातार अपनी पकड़ साबित करते हुए पांच बार विधायक चुने गए। नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में वे दो बार मंत्री रहे, जहां प्रशासनिक कामकाज और जन-समस्याओं के समाधान में उनकी भूमिका चर्चा में रही। संघ-परिवार से उनका जुड़ाव भी उनकी संगठनात्मक ट्रेनिंग और वैचारिक मजबूती का आधार माना जाता है। पार्टी के भीतर यह आकलन भी है कि बिहार में मंत्री के दायित्वों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में पार्टी प्रभारी की जिम्मेदारी निभाते समय उनकी मैनेजमेंट क्षमता और संगठन को जमीन पर साधने की समझ खुलकर सामने आई,यही वजह है कि उन्हें नेतृत्व की दौड़ में एक मजबूत चेहरे के तौर पर देखा जा रहा है। BJP National President


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छत्रपति संभाजीनगर में मतगणना के दौरान हंगामा, पुलिस का लाठीचार्ज

महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव परिणामों की मतगणना के बीच छत्रपति संभाजीनगर में आज शुक्रवार को उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब काउंटिंग सेंटर पर प्रवेश को लेकर पुलिस और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई।

Counting of votes in Chhatrapati Sambhajinagar
पुलिस लाठीचार्ज से भड़का राजनीतिक विवाद (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar16 Jan 2026 12:58 PM
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प्राप्त जानकारी के अनुसार, शहर के गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज को मुख्य मतगणना केंद्र बनाया गया है। सुबह 10 बजे से मतगणना शुरू होने से पहले ही बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के प्रतिनिधि और समर्थक केंद्र पर जमा हो गए और इसी दौरान बिना आधिकारिक पहचान पत्र के कुछ कार्यकर्ता अंदर प्रवेश करने की कोशिश करने लगे, जिस पर पुलिस ने उन्हें रोका और उस पर पुलिस और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसमें शिवसेना (शिंदे गुट) के कई कार्यकर्ता घायल हो गए।

आईडी कार्ड को लेकर बढ़ा विवाद

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, चुनाव आयोग द्वारा जारी आधिकारिक पहचान पत्र को लेकर पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच बहस शुरू हुई, जो देखते ही देखते धक्का-मुक्की में बदल गई। आरोप है कि कुछ कार्यकर्ताओं ने सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद हालात बिगड़ गए।

शिंदे गुट के कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज

स्थिति बेकाबू होने पर पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हल्का लाठीचार्ज किया। इस कार्रवाई में शिवसेना (शिंदे गुट) के वरिष्ठ नेता और पूर्व महापौर विकास जैन को भी चोट लगने की खबर है। इसके अलावा कई अन्य कार्यकर्ताओं को भी मामूली चोटें आई हैं।

मंत्री संजय शिरसाट ने उठाए सवाल

घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य के मंत्री संजय शिरसाट ने पुलिस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि मतगणना जैसे महत्वपूर्ण दिन पर कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज करना गलत है। पुलिस को अपराधियों पर कार्रवाई करनी चाहिए, न कि राजनीतिक कार्यकर्ताओं पर। उन्होंने मामले की शिकायत विधान परिषद (MLC) में दर्ज कराने की बात कही है।

फिलहाल काउंटिंग सेंटर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और स्थिति को नियंत्रण में बताया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और नियमों का पालन करने की अपील की है।

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