महाराष्ट्र में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) सहित 29 नगर निकाय चुनावों के नतीजे शुक्रवार को सामने आ रहे हैं। शुरुआती रुझानों में भाजपा ने बड़ा राजनीतिक संदेश देते हुए बीएमसी में सबसे बड़ी पार्टी बनने की ओर कदम बढ़ा दिए हैं।

बता दें कि अब तक आए रुझानों के अनुसार भाजपा लगभग शतक के आंकड़े को छूने के करीब है, जबकि करीब तीन दशक बाद मुंबई में ठाकरे बंधुओं का वर्चस्व टूटता नजर आ रहा है। बीएमसी की 227 सीटों में से 225 पर आए रुझानों में भाजपा 99 सीटों पर बढ़त के साथ सबसे आगे चल रही है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) 62 सीटों पर, एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना 31 सीटों पर आगे है। कांग्रेस 13 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) को केवल 9 सीटों पर ही संतोष करना पड़ता दिख रहा है।
मुंबई में एनसीपी (अजित पवार गुट) का खाता खुलता नजर नहीं आ रहा है। वहीं शरद पवार गुट की एनसीपी को अब तक 3 सीटों पर बढ़त मिली है। चुनाव में एनसीपी नेता नवाब मलिक के भाई कप्तान मलिक को हार का सामना करना पड़ा। इसके अलावा शिंदे गुट के सांसद रविंद्र वायकर की बेटी दीप्ति वायकर को जोगेशरी से पराजय झेलनी पड़ी।
मुंबई में कांग्रेस की एक प्रत्याशी ने महज़ 7 वोटों के अंतर से जीत दर्ज कर सभी का ध्यान खींचा। वहीं वार्ड नंबर 111 से शिवसेना (UBT) के दीपक सावंत विजयी रहे। वार्ड नंबर 197 से शिवसेना (शिंदे गुट) की दीक्षा कारकर और दहिसार के वार्ड नंबर 5 से संजय घाड़ी ने जीत हासिल की।
बीएमसी के अलावा नवी मुंबई, पुणे, नागपुर, सोलापुर, पनवेल, अकोला, उल्हासनगर, वसई-विरार, धुले, कोल्हापुर और जलगांव समेत कई नगरपालिकाओं में भाजपा लगातार बढ़त बनाए हुए है। हालांकि चंद्रपुर और लातूर में कांग्रेस ने दमदार प्रदर्शन किया है। चंद्रपुर में कांग्रेस 16 सीटों पर आगे है जबकि भाजपा 10 सीटों पर। लातूर में कांग्रेस 36 सीटों पर बढ़त के साथ भाजपा (22 सीट) से आगे निकल गई है।
पुणे से आए नतीजे सबसे चौंकाने वाले हैं। यहां भाजपा ने 92 में से 80 सीटों पर बढ़त बना ली है। अजित पवार गुट की एनसीपी को केवल 6 सीटों और शरद पवार गुट को 3 सीटों पर बढ़त मिली है। कांग्रेस यहां 3 सीटों पर आगे चल रही है। नागपुर में भी भाजपा का दबदबा बरकरार है। कोल्हापुर से सबसे पहले नतीजे आए, जहां बीजेपी ने 4 सीटें अपने नाम कीं।
बीएमसी चुनावों के लिए 23 काउंटिंग सेंटर बनाए गए हैं। म्युनिसिपल कमिश्नर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी भूषण गगरानी ने बताया कि मतगणना भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार पूरी पारदर्शिता और सुरक्षा के साथ कराई जा रही है। मतगणना में 779 सुपरवाइज़र, 770 असिस्टेंट और 770 क्लास-IV कर्मचारियों की तैनाती की गई है। सभी काउंटिंग सेंटर्स पर CCTV, पुलिस सुरक्षा, फायर और मेडिकल सुविधाएं मौजूद हैं।
गगरानी ने कहा कि परिणामों की घोषणा में कंप्यूटर सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि सटीकता और पारदर्शिता बनी रहे। केवल अधिकृत प्रतिनिधियों और पहचान पत्रधारकों को ही मतगणना केंद्र में प्रवेश की अनुमति दी गई है।