पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले भाजपा का 'बड़ा शक्ति प्रदर्शन'

भाजपा के अनुसार, यह ‘परिवर्तन यात्रा’ लगभग 5,000 किलोमीटर का सफर तय करेगी और राज्य के सभी 294 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करेगी। अभियान के दौरान 63 बड़ी सार्वजनिक सभाएं और 280 से अधिक जनसभाएं आयोजित की जाएंगी। पार्टी ने इस यात्रा में एक करोड़ से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा है।

BJP's show of strength in Bengal
9 जगहों से एक साथ शुरू हुई 'परिवर्तन यात्रा' (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar01 Mar 2026 06:08 PM
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Paschim Bengal News : पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक गर्मी बढ़ गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्य में सत्ता परिवर्तन की मंशा के साथ राज्यव्यापी ‘परिवर्तन यात्रा’ का शुभारंभ कर दिया है। यह यात्रा मतदाता सूची के विवादास्पद संशोधन (SIR) के तुरंत बाद शुरू होने के कारण खास महत्व रखती है। पार्टी इस अभियान के जरिए तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सरकार के खिलाफ जनाक्रोश को संगठित करने और चुनावी मैदान में अपनी स्थिति मजबूत करने का प्रयास कर रही है।

5,000 किलोमीटर का सफर और 'ब्रिगेड' में समापन

भाजपा के अनुसार, यह ‘परिवर्तन यात्रा’ लगभग 5,000 किलोमीटर का सफर तय करेगी और राज्य के सभी 294 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करेगी। अभियान के दौरान 63 बड़ी सार्वजनिक सभाएं और 280 से अधिक जनसभाएं आयोजित की जाएंगी। पार्टी ने इस यात्रा में एक करोड़ से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा है। यात्रा का समापन 15 मार्च को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में एक विशाल जनसभा के साथ होगा, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधित करने की संभावना है।

नौ स्थानों से एक साथ दस्तक

पार्टी ने इस अभियान को व्यापक बनाने के लिए राज्य के नौ अलग-अलग स्थानों—कूचबिहार, कृष्णानगर, कुल्टी, गरबेटा, रैदिघी, इस्लामपुर, हसनाबाद, संदेशखाली और आमता से एक साथ शुरू किया है। पहले दिन ही कूचबिहार के रसमेला मैदान, कृष्णानगर के दिगनगर पंचायत मैदान सहित कई जगहों पर बड़ी सभाएं हुईं। इन कार्यक्रमों में भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा, स्मृति ईरानी, सुवेंदु अधिकारी, धर्मेंद्र प्रधान और दिलीप घोष जैसे वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया।

मतदाता सूची में बड़ा बदलाव और BJP की रणनीति

यात्रा का आरंभ उस समय हुआ है जब पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत मतदाता सूची में बड़े बदलाव किए गए हैं। नवंबर में शुरू हुई इस प्रक्रिया के दौरान लगभग 63.66 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए, जो कुल मतदाताओं का करीब 8.3 प्रतिशत है। इसके बाद राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या घटकर लगभग 7.04 करोड़ रह गई है। भाजपा इसे 'बंगाल में लोकतांत्रिक सुधार का अगला चरण' बता रही है।

तनाव भरा माहौल और नारे

इस बीच राज्य में राजनीतिक तनाव भी बढ़ा है। तृणमूल कांग्रेस के विधायक शौकत मोल्ला ने देसी बम से हमले का आरोप लगाया है, जिससे सियासी गर्मी और बढ़ सकती है। वहीं, भाजपा ने ‘पलटनो दरकार, चाही बीजेपी सरकार’ और ‘ब्रिगेड चलो’ जैसे नारों के साथ इस अभियान को जनआंदोलन का रूप देने की कोशिश की है। पार्टी का मानना है कि 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले यह एक निर्णायक राजनीतिक अभियान साबित होगा। Paschim Bengal News

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'आंख के बदले आंख' वाली नीति पर प्रियंका गांधी का बड़ा इशारा

प्रियंका गांधी ने अपनी पोस्ट में कहा, "यह बेहद दुखद है कि अब कई देश इस संघर्ष में खींचे जा चुके हैं। दुनिया को और अनावश्यक युद्धों की नहीं, बल्कि शांति की जरूरत है।"

Priyanka Gandhi on Iran attack
ईरान हमले पर प्र‍ियंका गांधी ने जताई चिंता (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar01 Mar 2026 03:41 PM
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Congress Priyanka Gandhi Vadra : मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते तनाव और ईरान पर हुए हमलों के बीच कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने अमेरिका और इजराइल की कार्रवाइयों की कड़ी आलोचना की है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हमले में मौत की खबरों के बाद भी जारी रहे हमलों को लेकर उन्होंने जमकर निशाना साधा और महात्मा गांधी का प्रसिद्ध उद्घोष कार्य करते हुए कहा कि "आंख के बदले आंख की नीति पूरी दुनिया को अंधा बना देगी।"

सोशल मीडिया पर किया पोस्ट

प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट कर इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने लिखा कि किसी भी संप्रभु राष्ट्र के नेतृत्व की लक्षित हत्या और निर्दोष लोगों की बड़ी संख्या में की गई हत्याएं, चाहे उसके पीछे कोई भी घोषित कारण क्यों न हो, निंदनीय हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कृत्यों की कड़ी आलोचना की जानी चाहिए।

'दुनिया को शांति की जरूरत'

प्रियंका गांधी ने अपनी पोस्ट में कहा, "यह बेहद दुखद है कि अब कई देश इस संघर्ष में खींचे जा चुके हैं। दुनिया को और अनावश्यक युद्धों की नहीं, बल्कि शांति की जरूरत है।" उन्होंने उन लोगों से अपील की जो इस संघर्ष के फैसले ले रहे हैं, कि उन्हें महात्मा गांधी के शब्दों को याद रखना चाहिए। उन्होंने लिखा, "आंख के बदले आंख पूरी दुनिया को अंधा बना देती है।"

PM से फंसे भारतीयों की सुरक्षा की अपील

इस दौरान कांग्रेस नेत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी अपील की है। उन्होंने कहा कि इजरायल के प्रधानमंत्री और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रति औपचारिक समर्थन जताने के बाद हमारे प्रधानमंत्री को प्रभावित देशों में फंसे सभी भारतीय नागरिकों को सुरक्षित स्वदेश लाने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए। यह इस समय बेहद जरूरी है कि युद्धग्रस्त क्षेत्रों में मौजूद भारतीय सुरक्षित हों।

फ्लाइट सेवाएं हुईं प्रभावित

ईरान-इजराइल तनाव का असर दुबई से लेकर भारत तक दिखाई दे रहा है। बढ़ते खतरे के कारण कई देशों ने अपना एयरस्पेस अस्थायी रूप से बंद कर दिया है, जिससे दुनियाभर की फ्लाइट्स बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। एयर इंडिया ने 1 मार्च तक के लिए कई उड़ानें रद्द करने की घोषणा की है। वहीं, डीजीसीए (DGCA) ने भी एयरलाइंस को 11 देशों के एयरस्पेस से बचने की सलाह दी है। इस वजह से हजारों यात्री एयरपोर्ट पर ही रात गुजारने को मजबूर हैं और उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। Congress Priyanka Gandhi Vadra

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खामेनेई की मौत पर महबूबा मुफ्ती का दुखद बयान, मुस्लिम देशों से नाराजगी

पीडीपी अध्यक्ष और पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने इस घटना को 'इतिहास में एक बेहद दुखद और शर्मनाक मोड़' बताया। उन्होंने लिखा, "आज का दिन इतिहास में एक बेहद दुखद और शर्मनाक मोड़ के रूप में दर्ज हो रहा है।

Sad statement by Mehbooba Mufti
ईरान में तेजी से बिगड़ते हालात पर चिंतित सीएम उमर (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar01 Mar 2026 12:37 PM
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Jammu Kashmir News : इजराइल और अमेरिका की तरफ से ईरान पर किए गए हमलों में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर सामने आते ही भारतीय राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर के नेताओं ने इस घटना पर गहरा दुख और चिंता जताई है। जहां पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कुछ मुस्लिम देशों के रवैये को 'शर्मनाक' बताया, वहीं मौजूदा सीएम उमर अब्दुल्ला ने शांति और संयम की अपील की है।

उमर अब्दुल्ला की अपील- शोक मनाने को शांति से छोड़ा जाए

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक विस्तृत पोस्ट करते हुए ईरान में तेजी से बिगड़ते हालात और खामेनेई की हत्या की खबर पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने लिखा, "मैं ईरान में तेजी से बदल रहे हालात को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करता हूं, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली ख़ामेनेई की हत्या की खबर भी शामिल है।"

उमर अब्दुल्ला ने सभी समुदायों से शांति बनाए रखने और संयम बरतने की अपील करते हुए कहा कि ऐसे कदम नहीं उठाए जाएं जो तनाव या अशांति को बढ़ा सकें। सीएम ने प्रशासन से भी अनुरोध किया कि शोक मना रहे लोगों को शांतिपूर्वक दुख व्यक्त करने की अनुमति दी जाए। उन्होंने पुलिस और प्रशासन को अत्यंत संयम बरतने और बल प्रयोग या कड़े प्रतिबंधात्मक कदमों से बचने की सलाह दी। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि ईरान में फंसे जम्मू-कश्मीर के निवासियों, विशेषकर छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के साथ लगातार समन्वय में है।

महबूबा मुफ्ती का हमला- मुस्लिम देशों ने स्वार्थ को चुना

पीडीपी अध्यक्ष और पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने इस घटना को 'इतिहास में एक बेहद दुखद और शर्मनाक मोड़' बताया। उन्होंने लिखा, "आज का दिन इतिहास में एक बेहद दुखद और शर्मनाक मोड़ के रूप में दर्ज हो रहा है, जब इजराइल और अमेरिका ईरान के प्रिय नेता आयातुल्ला अली ख़ामेनेई की हत्या पर खुशी जता रहे हैं।"

मुफ्ती ने मुस्लिम देशों पर निशाना साधते हुए कहा कि सबसे शर्मनाक बात यह है कि कुछ मुस्लिम देशों ने खुलकर या परोक्ष रूप से इसका समर्थन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन देशों ने अंतरात्मा की आवाज़ के बजाय सुविधा और स्वार्थ को चुना है। उन्होंने कहा, "इतिहास इस बात का गवाह बनेगा कि किसने न्याय के लिए आवाज उठाई और किसने अत्याचार का साथ दिया।" Jammu Kashmir News


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