जानिए किन मुस्लिम देशों में है होली पर सख्त प्रतिबंध

अफगानिस्तान में तालिबान के शासन के बाद से धार्मिक नियम काफी सख्त हो गए हैं। हिंदू और सिख समुदाय की संख्या वहां बेहद कम रह गई है, जिसके चलते होली का उत्सव अब सार्वजनिक रूप से लगभग समाप्त हो चुका है। प्रशासन के अनुसार, त्योहार सिर्फ घर या मंदिर की चार दीवारों के भीतर ही सीमित है।

Muslim Holi festival
इन देशों में क्यों नहीं उड़ते रंग? (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar28 Feb 2026 01:07 PM
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Holi Festival: भारत में होली का त्योहार खुशियों, रंगों और आपसी प्रेम का प्रतीक है। गली-मोहल्लों से लेकर खुले मैदानों तक, रंगों की बरसात और मिठाइयों के साथ यह त्योहार पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है। यह दिन गिले-शिकवे भूलकर रिश्तों में मिठास घोलने का होता है। लेकिन, जब आप सीमाओं के पार उन देशों की ओर देखते हैं जहां मुसलमान बहुसंख्यक हैं, तो यह तस्वीर बिल्कुल बदल जाती है। कई इस्लामिक देशों में इतने सख्त धार्मिक और सामाजिक नियम हैं कि वहां होली का रंग दिखना भी महंगा पड़ सकता है।

सार्वजनिक आयोजन है 'नामुमकिन'

कई इस्लामिक देशों में धार्मिक कानूनों के चलते होली को सार्वजनिक रूप से मनाना नामुमकिन है। कुछ जगहों पर तो यह पूरी तरह प्रतिबंधित है। अगर कोई खुले तौर पर रंग खेलता है या जुलूस निकालता है, तो उसे कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं उन देशों के बारे में जहां होली खेलना आसान नहीं है।

1. अफगानिस्तान: तालिबान के शासन में दबा हुआ 'रंग'

अफगानिस्तान में तालिबान के शासन के बाद से धार्मिक नियम काफी सख्त हो गए हैं। हिंदू और सिख समुदाय की संख्या वहां बेहद कम रह गई है, जिसके चलते होली का उत्सव अब सार्वजनिक रूप से लगभग समाप्त हो चुका है। प्रशासन के अनुसार, त्योहार सिर्फ घर या मंदिर की चार दीवारों के भीतर ही सीमित है। खुले मैदानों में रंग खेलना या जुलूस निकालना प्रतिबंधित है। अगर कोई इस नियम का उल्लंघन करता है, तो उसे गिरफ्तारी या जेल की सजा का खतरा बना रहता है।

2. सऊदी अरब: निजी परिसरों तक सीमित

सऊदी अरब में गैर-इस्लामी त्योहारों के सार्वजनिक आयोजन पर लंबे समय से सख्ती बरती जाती है। वहां रहने वाले भारतीय प्रवासी भी होली को सिर्फ निजी परिसरों या भारतीय दूतावास के भीतर ही मना सकते हैं। सार्वजनिक जगहों पर रंग खेलते पकड़े जाने पर सख्त कार्रवाई की जाती है, जिसमें जेल या प्रत्यर्पण (deportation) तक की सजा हो सकती है।

3. कतर और ओमान: प्रशासन की अनुमति के बिना निषेध

अन्य खाड़ी देशों जैसे कतर और ओमान में भी धार्मिक स्वतंत्रता सीमित है। वहां बिना प्रशासन की अनुमति के सार्वजनिक रूप से होली मनाना प्रतिबंधित है। लोग सिर्फ प्रशासन की अनुमति से आयोजित निजी कार्यक्रमों में ही शामिल हो सकते हैं। अगर कोई नियमों की अवहेलना करता है, तो उस पर भारी जुर्माना, प्रशासनिक कार्रवाई या अपवित्रता के आरोप लग सकते हैं।

रंग खेलने पर मिलती है कड़ी सजा

इन देशों में होली के रंगों को लेकर सजा का प्रावधान काफी कड़ा है। सजा का स्वरूप देश के कानून और स्थानीय प्रशासन पर निर्भर करता है:

  • अफगानिस्तान: तालिबानी शासन में सार्वजनिक आयोजन पर रोक है। उल्लंघन पर गिरफ्तारी और जेल की सजा हो सकती है।
  • सऊदी अरब: रंग खेलते पकड़े जाने पर आपराधिक कार्रवाई हो सकती है, जिसमें जेल और देश से निकाले जाने का प्रावधान शामिल है।
  • कतर व ओमान: सार्वजनिक उत्सव पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई का डर बना रहता है।

संक्षेप में, भारत की तरह खुले मैदानों में रंग उड़ाने का अहसास इन देशों में न केवल मुश्किल है, बल्कि जोखिम भी भरा है। वहां रहने वाले भारतीय अपनी सुरक्षा के लिए त्योहार को सिर्फ घरों तक ही सीमित रखते हैं। Holi Festival

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घर की छत पर उगाएं मूंगफली, जानें आसान तरीका और भरपूर फायदे

मूंगफली की फसल को ज्यादा पानी की आवश्यकता नहीं होती है। अधिक पानी देने से पौधे सड़ने की संभावना बनी रहती है। पानी: हर 2-3 दिन में हल्का पानी दें, ताकि मिट्टी नम बनी रहे। धूप: मूंगफली के लिए धूप बेहद जरूरी है।

Peanut cultivation
घर पर तैयार है पूरी तरह से ऑर्गेनिक मूंगफली (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar28 Feb 2026 12:06 PM
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Peanut cultivation : खेतों में होने वाली खेती अब शहरों की छतों पर भी अपना जादू दिखा रही है। अगर आप भी घर पर ऑर्गेनिक सब्जियां और फल उगाने के शौकीन हैं, तो मूंगफली की खेती आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है। यह न केवल आसानी से उगाई जा सकती है, बल्कि इसके लिए ज्यादा जगह या खास मेहनत की भी जरूरत नहीं होती। आइए जानते हैं कि कैसे आप अपने घर की छत या गमले में मूंगफली उगाकर खुद की जरूरतों को पूरा कर सकते हैं।

सही मौसम और तापमान

मूंगफली एक गर्म मौसम की फसल है। इसे बोने के लिए मार्च से जून का महीना सबसे उपयुक्त माना जाता है। बीज के सही ढंग से अंकुरित होने के लिए 25 से 35 डिग्री सेल्सियस का तापमान आदर्श माना जाता है। इस तापमान में बीज जल्दी और आसानी से अंकुरित हो जाते हैं।

मिट्टी कैसे करें तैयार?

मूंगफली की खेती का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है मिट्टी। यह फसल हल्की और रेतीली मिट्टी में सबसे अच्छी बढ़ती है। अगर आप गमले में इसे लगा रहे हैं, तो मिट्टी का मिश्रण: 60% मिट्टी और 40% बालू या रेत का मिश्रण तैयार करें। इससे मिट्टी ढीली रहती है, जिससे बीज को अंकुरण में आसानी होती है और फली बनने के लिए जगह मिलती है। खाद पौधे को पर्याप्त पोषण देने के लिए मिट्टी में केंचुआ खाद या गोबर की सड़ी हुई जैविक खाद का उपयोग करें।

बीज की बुवाई का तरीका

घर पर मूंगफली बोने के लिए आप आसानी से बाजार से कच्ची मूंगफनी ले सकते हैं। भिगोना बुवाई से एक दिन पहले बीजों को हल्के पानी में भिगोकर रख दें। बोना: गमले में 5 से 6 सेंटीमीटर गहराई तक बीज बोएं और ऊपर से हल्की मिट्टी से ढक दें। दूरी: पौधों को सही जगह मिले, इसके लिए दो बीजों के बीच कम से कम 10 सेंटीमीटर की दूरी जरूर रखें।

सिंचाई और देखभाल

मूंगफली की फसल को ज्यादा पानी की आवश्यकता नहीं होती है। अधिक पानी देने से पौधे सड़ने की संभावना बनी रहती है। पानी: हर 2-3 दिन में हल्का पानी दें, ताकि मिट्टी नम बनी रहे। धूप: मूंगफली के लिए धूप बेहद जरूरी है। गमले को ऐसी जगह रखें जहां रोजाना 6 से 8 घंटे तक सीधी धूप मिलती हो।

रोचक प्रक्रिया: फूल से फली तक

यह फसल प्रकृति का एक अनूठा खेल है। बुवाई के 30 से 40 दिन बाद पौधे में फूल आने लगते हैं। जब फूल झड़ते हैं, तो उनकी डंडी (Peg) मिट्टी के अंदर जाने लगती है और वहीं जमीन के नीचे फली का निर्माण होता है। यह मूंगफली उगाने का सबसे रोमांचक चरण होता है। फली पूरी तरह तैयार होने में लगभग 3 से 4 महीने का समय लगता है।

कब और कैसे करें कटाई?

जब पौधे के पत्ते पीले पड़ने लगें और सूखने लगें, तो समझ जाएं कि फसल पक चुकी है। इस अवस्था में पौधे को सावधानी से उखाड़ें। मिट्टी को साफ करके फलियों को अलग करें और कुछ दिनों तक धूप में अच्छी तरह सुखाएं। इस तरह आपकी घर पर उगाई गई पूरी तरह से ऑर्गेनिक और केमिकल-फ्री मूंगफली आपके खाने के लिए तैयार है। Peanut cultivation

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बेटी को पोर्न वीडियो दिखाकर अश्लील हरकत करने वाला वकील पिता गिरफ्तार

वकील ने न केवल बच्ची के साथ अश्लील हरकत की, बल्कि उसे अश्लील पोर्न वीडियो भी दिखाता था। जब बच्ची की मां को इस गंदी हरकत के बारे में पता चला तो उसने पति का विरोध किया। इस पर आरोपी वकील ने पत्नी को गालियां देना शुरू कर दिया।

Lawyer father arrested
मां ने पुलिस को सौंपा शिकायत (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar27 Feb 2026 08:13 PM
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Nagpur News : महाराष्ट्र के नागपुर शहर से इंसानियत को शर्मसार करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों की पवित्रता को भी तार-तार कर दिया है। यहां एक वकील पिता पर अपनी ही 8 वर्षीय दिव्यांग और मतिमंद बेटी के साथ अश्लील हरकत करने और उसका यौन शोषण करने का गंभीर आरोप लगा है। पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बच्ची के दादा पर भी मामले को दबाने और जघन्य धमकी देने का आरोप है।

घरेलू कलह के बीच उभरा कहर

मामला नागपुर के मानकापुर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, आरोपी वकील की पत्नी से घरेलू कलह के चलते अलग होकर रह रही थी। इस दौरान 8 वर्षीय दिव्यांग बालिका अपने पिता के साथ रह रही थी। पुलिस को दी शिकायत में बताया गया है कि आरोपी पिता जनवरी 2025 से अपनी बेटी का यौन शोषण कर रहा था।

पोर्न वीडियो से करता था बच्ची का दिमाग खराब

आरोप है कि वकील ने न केवल बच्ची के साथ अश्लील हरकत की, बल्कि उसे अश्लील पोर्न वीडियो भी दिखाता था। जब बच्ची की मां को इस गंदी हरकत के बारे में पता चला तो उसने पति का विरोध किया। इस पर आरोपी वकील ने पत्नी को गालियां देना शुरू कर दिया और उसे जान से मारने की धमकी दी।

दादा का दिल दहलाने वाला बयान

पत्नी ने यह बात अपने 70 वर्षीय ससुर (बच्ची के दादा) को बताकर मदद मांगी, लेकिन वहां भी उसे निराशा हाथ लगी। आरोप है कि ससुर ने इस घिनौने अपराध को नजरअंदाज करते हुए कहा कि, "वह उसकी बेटी है, वह कुछ भी कर सकता है।" साथ ही, उसने महिला को चेतावनी दी कि अगर उसने इस बात को किसी को बताया, तो बच्ची को गायब कर दिया जाएगा।

पुलिस ने लिया सक्रिय संज्ञान, विशेषज्ञों से हुई पूछताछ

लगातार प्रताड़ना और डर के माहौल से त्रस्त महिला ने आखिरकार पुलिस का दरवाजा खटखटाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए मानकापुर पुलिस ने तुरंत सक्रिय होकर आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया। चूंकि पीड़िता बालिका मतिमंद और दिव्यांग है, इसलिए पुलिस ने उससे बयान दर्ज करने के लिए विशेष शिक्षकों और मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञों की मदद ली। विशेषज्ञों के सामने बच्ची ने पिता द्वारा किए गए यौन शोषण की पुष्टि की।

पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज

पुलिस ने आरोपी वकील और उसके पिता के खिलाफ पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। मानकापुर थाने के इंस्पेक्टर हरीश कलस्कर ने बताया कि शिकायत के आधार पर तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को जेल भेज दिया गया है और मामले की गहन जांच जारी है। Nagpur News

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