मोदी कैबिनेट में एपस्टीन कनेक्शन? संजय राउत का बड़ा दावा, मचा तहलका

संजय राउत ने केंद्र सरकार को सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप बता दें कि लगाया कि एपस्टीन फाइल्स में मोदी कैबिनेट के मंत्रियों की संलिप्तता का खुलासा हुआ है। राउत ने विशेष रूप से केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम लेते हुए कहा कि पुरी का इन लोगों के साथ संबंध होने की बात सामने आई है।

Epstein Files
संजय राउत ने मोदी कैबिनेट पर आरोप (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar06 Feb 2026 09:40 PM
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Mumbai News : पूरी दुनिया में हड़कंप मचाने वाले ‘एपस्टीन फाइल्स’ (Epstein Files) की गूंज अब भारतीय राजनीति के गलियारों तक पहुंच गई है। शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय राउत ने बड़ा सनसनीखेज दावा करते हुए कहा है कि इस विवादास्पद लिस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल के सदस्यों के नाम भी शामिल हैं। राउत ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री से इन मंत्रियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

मुंबई में मीडिया से बातचीत के दौरान संजय राउत ने केंद्र सरकार को सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप बता दें कि लगाया कि एपस्टीन फाइल्स में मोदी कैबिनेट के मंत्रियों की संलिप्तता का खुलासा हुआ है। राउत ने विशेष रूप से केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम लेते हुए कहा कि पुरी का इन लोगों के साथ संबंध होने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा, "मोदी सरकार इस स्कैंडल में फंसी हुई है। एपस्टीन के साथ इस सरकार के मंत्रियों के कितने 'मधुर' संबंध थे, यह अब सबके सामने आ रहा है।"

वीजा नियमों के उल्लंघन का आरोप

बता दें कि संजय राउत ने अपने आरोपों को आगे बढ़ाते हुए हरदीप पुरी पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पुरी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए एपस्टीन से जुड़े लोगों को भारत आने के लिए वीजा दिलवाया। राउत ने पूछा, "क्या यह सब प्रधानमंत्री मोदी की सहमति के बिना हुआ होगा?" उन्होंने बिल गेट्स के तलाक का उदाहरण देते हुए कहा कि जब अमेरिका में इतनी बड़ी कार्रवाई और बदलाव हो सकते हैं, तो संदिग्ध मंत्रियों को देश पर शासन करने का अधिकार कैसे है? उन्होंने प्रधानमंत्री से ऐसे मंत्रियों पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की।

राहुल गांधी को लेंगे आगे

बता दें कि जब राउत से इस मामले में और जानकारी मांगी गई, तो उन्होंने कहा कि वे फिलहाल इस पर ज्यादा नहीं बोलेंगे। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी इस विषय पर बोलने के लिए पूरी तरह से सक्षम हैं और वह इसे उठाएंगे। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि देश के सामने सच आना जरूरी है क्योंकि यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नैतिकता और भ्रष्टाचार से जुड़ा है।

पीएम को कांग्रेस से खतरा बताना बकवास- राउत

बता दें कि संसद के बजट सत्र के दौरान जारी हंगामे और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा कांग्रेस महिला सांसदों के रवैये पर चिंता जताए जाने पर संजय राउत ने पलटवार किया। उन्होंने कहा, "यह सब बकवास है, हम मोदी के दिल्ली आने से बहुत पहले से संसद में हैं। हमें संसद की आचार संहिता और नियमों का पूरा ज्ञान है।" राउत ने कहा कि मोदी को कांग्रेस से खतरा बताना हास्यास्पद है। उन्होंने कहा, "जिस कांग्रेस ने देश की आजादी की लड़ाई लड़ी, जेलें काटीं और जिसके योगदान से यह संसद बनी है, उससे खतरा बताना बेबुनियाद है।" Mumbai News

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महाराष्ट्र के सोलापुर में कारोबारी ने 17वीं मंजिल से कूदकर दी जान

सोलापुर जिले में 60 वर्षीय बुजुर्ग कारोबारी ने चाबी ऊपर ही रह जाने का बहाना बनाया और दोबारा 17वीं मंजिल पर चढ़ गए। कुछ ही पल बाद उन्होंने वहां से छलांग लगा दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

Solapur businessman commits suicide
सोलापुर में कारोबारी ने की खुदकुशी (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar06 Feb 2026 08:11 PM
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महाराष्ट्र के सोलापुर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक बुजुर्ग कारोबारी ने अपनी जीवनलीला समाप्त करने से पहले एक अनोखा कदम उठाया। उन्होंने पहले हाथ जोड़कर प्रार्थना की और फिर 17वीं मंजिल से नीचे कूद गए। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।

मिली जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान 60 वर्षीय सुनील सदारंगानी के रूप में हुई है। सुनील शहर में एक समय मशहूर रही 'मुलतानी बेकरी' के मालिक थे। गुरुवार दोपहर वे शहर के विजयपुर रोड स्थित निर्माणाधीन 'पनाश अपार्टमेंट' पहुंचे। यहां उन्होंने लिफ्ट का इस्तेमाल न करते हुए सीढ़ियों के सहारे सीधे 17वीं मंजिल पर जाकर पहुंचे।

गार्ड को बनाया बहाना, फिर लगाई छलांग

जब स्थानीय लोगों ने इमारत की दीवार की रेलिंग पर एक व्यक्ति को हाथ जोड़े खड़ा देखा, तो उन्होंने तुरंत इसकी सूचना सुरक्षा गार्ड को दी। सुरक्षा गार्ड ने तुरंत ऊपर जाकर सुनील सदारंगानी को नीचे उतार लिया। हालांकि, सदारंगानी ने चाबी ऊपर ही रह जाने का बहाना बनाया और दोबारा 17वीं मंजिल पर चढ़ गए। कुछ ही पल बाद उन्होंने वहां से छलांग लगा दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

पुलिस जांच में जुटी

घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल, आत्महत्या के पीछे के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और आस-पास लगे सीसीटीवी फुटेज व अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। बताया जा रहा है कि आत्महत्या से पहले का उनका एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें वे प्रार्थना करते हुए नजर आ रहे हैं।

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अजित पवार के बाद अब सुनेत्रा पवार बनीं पुणे-बीड की प्रभारी मंत्री

महाराष्ट्र की राजनीति में एक विशेष ऐतिहासिक महत्व रहा है। दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने अपने लंबे कार्यकाल के दौरान इसी आवास में निवास किया था। चाहे वे उपमुख्यमंत्री पद पर हों या फिर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष, उन्होंने यहीं से अपनी राजनीतिक गतिविधियों का संचालन किया।

Deputy Chief Minister Sunetra Pawar
सुनेत्रा पवार की बड़ी जिम्मेदारी (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar06 Feb 2026 02:40 PM
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महाराष्ट्र की नवनियुक्त उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को मुंबई के प्रतिष्ठित मालाबार हिल इलाके में स्थित ‘देवगिरि’ बंगला उनके आधिकारिक आवास के रूप में सौंप दिया गया है। महाराष्ट्र सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है। यह फैसला हाल ही में उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद लिया गया है।

देवगिरि बंगले का महाराष्ट्र की राजनीति में एक विशेष ऐतिहासिक महत्व रहा है। दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने अपने लंबे कार्यकाल के दौरान इसी आवास में निवास किया था। चाहे वे उपमुख्यमंत्री पद पर हों या फिर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष, उन्होंने यहीं से अपनी राजनीतिक गतिविधियों का संचालन किया। अब यह बंगला आधिकारिक तौर पर सुनेत्रा पवार के नाम दर्ज कर दिया गया है।

विभागों का बंटवारा: सुनेत्रा पवार को मिली यह जिम्मेदारी

बीते सप्ताह पुणे जिले के बारामती में हुई दुखद विमान दुर्घटना में अजित पवार के निधन के बाद सुनेत्रा पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। अजित पवार के पास वित्त, राज्य उत्पाद शुल्क, खेल और अल्पसंख्यक कल्याण जैसे महत्वपूर्ण विभाग थे। सरकारी सूत्रों के अनुसार, अब सुनेत्रा पवार को आबकारी (उत्पाद शुल्क), खेल और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का प्रभार सौंपा गया है। हालांकि, महत्वपूर्ण वित्त मंत्रालय का प्रभार अब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास ही रहेगा। इसके अलावा, सुनेत्रा पवार को पुणे और बीड जिलों का प्रभारी मंत्री भी नियुक्त किया गया है, जो पहले अजित पवार के पास था।

बारामती से लड़ सकती हैं विधानसभा चुनाव

महाराष्ट्र की राजनीति में 31 जनवरी को एक ऐतिहासिक क्षण दर्ज हुआ, जब सुनेत्रा पवार राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बनीं। उन्हें आबकारी, खेल, अल्पसंख्यक विकास और औकाफ विभाग दिए गए हैं। शपथ ग्रहण के बाद सुनेत्रा पवार ने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है और वर्तमान में विधानसभा के किसी भी सदन की सदस्य नहीं हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जल्द होने वाले उपचुनाव में वे अपने दिवंगत पति द्वारा लंबे समय तक प्रतिनिधित्व किए गए बारामती विधानसभा सीट से चुनाव लड़ सकती हैं।

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