अब राष्ट्रगान से पहले गूंजेगा वंदे मातरम, सरकार ने जारी किए नए नियम

बताया गया है कि वंदे मातरम का यह निर्धारित पाठ करीब 3 मिनट 10 सेकंड में पूरा होगा। साथ ही, अगर किसी कार्यक्रम में राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत दोनों शामिल हों, तो क्रम में पहले वंदे मातरम और उसके बाद राष्ट्रगान गाए जाने की व्यवस्था की जा सकती है।

राष्ट्रीय कार्यक्रम में वंदे मातरम गाते केंद्रीय नेता
राष्ट्रीय कार्यक्रम में वंदे मातरम गाते केंद्रीय नेता
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar11 Feb 2026 09:38 AM
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अब राष्ट्रगान से पहले गूंजेगा वंदे मातरम, सरकार ने जारी किए नए नियम


Vande Mataram : भारत सरकार ने राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के गायन को लेकर अहम और ताजा दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिससे अब सार्वजनिक व सरकारी आयोजनों में इसका प्रस्तुतीकरण एक तय प्रोटोकॉल के तहत होगा। नियमों के मुताबिक, जहां राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत का सामूहिक गायन कराया जाता है, वहां 6 छंदों वाला वंदे मातरम निर्धारित समय में गाया जाएगा और इस दौरान हर व्यक्ति का खड़े रहना अनिवार्य रहेगा। बताया गया है कि वंदे मातरम का यह निर्धारित पाठ करीब 3 मिनट 10 सेकंड में पूरा होगा। साथ ही, अगर किसी कार्यक्रम में राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत दोनों शामिल हों, तो क्रम में पहले वंदे मातरम और उसके बाद राष्ट्रगान गाए जाने की व्यवस्था की जा सकती है।

रचना से राष्ट्रीय गीत तक की यात्रा

वंदे मातरम की रचना शुरुआत में स्वतंत्र रूप से की गई थी, बाद में इसे बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के उपन्यास ‘आनंदमठ’ (1882) में शामिल किया गया। इसके गायन का एक ऐतिहासिक उल्लेख 1896 के कलकत्ता कांग्रेस अधिवेशन से जुड़ा है, जहां इसे रवींद्रनाथ टैगोर ने गाया था। आजादी के आंदोलन के दौर में ‘वंदे मातरम’ एक जन-उद्घोष बनकर उभरा और 7 अगस्त 1905 को इसके राजनीतिक नारे के रूप में इस्तेमाल का उल्लेख मिलता है। बाद में 1950 में संविधान सभा ने इसे भारत के राष्ट्रीय गीत के रूप में स्वीकार किया।

क्या हैं नए नियम?

दिशा-निर्देशों के अनुसार, वंदे मातरम का गायन कई आधिकारिक कार्यक्रमों में आवश्यक किया गया है। इनमें प्रमुख रूप से ध्वजारोहण/ध्वज-वंदन जैसे कार्यक्रमों से लेकर राष्ट्रपति के आगमन से पहले और प्रस्थान के बाद, तथा राज्यपाल से जुड़े सरकारी आयोजनों में भी इसके गायन की व्यवस्था अनिवार्य मानी जाएगी। पद्म पुरस्कार जैसे राष्ट्रीय सम्मान समारोहों में भी यह नियम लागू होगा। साथ ही सरकार ने संकेत दिया है कि ऐसे और भी कार्यक्रमों/समारोहों की सूची जारी की जाएगी, जहां निर्धारित क्रम और मर्यादा के साथ वंदे मातरम गाया जाएगा ताकि देशभर में आयोजनों की एकरूपता और गरिमा बनी रहे।

जब वंदे मातरम से घबराया था हुक्मरान तंत्र

PIB से जुड़े संदर्भ बताते हैं कि आजादी की लड़ाई में जैसे-जैसे ‘वंदे मातरम’ गीत से आगे बढ़कर जन-उद्घोष बनता गया, वैसे-वैसे अंग्रेजी हुकूमत की बेचैनी भी बढ़ती चली गई। प्रभाव को थामने के लिए नए बने पूर्वी बंगाल प्रांत में स्कूल-कॉलेजों तक परिपत्र भेजे गए, जिनमें इसे गाने या बोलने पर रोक की बात कही गई। कई संस्थानों को मान्यता रद्द करने की चेतावनी दी गई और आंदोलन से जुड़े छात्रों को सरकारी नौकरी से बाहर रखने जैसी धमकियां दी गईं यानी राष्ट्रभक्ति की आवाज को प्रशासनिक डर से दबाने की कोशिश हुई। इतिहास के पन्नों में इसके कई उदाहरण दर्ज हैं, नवंबर 1905 में बंगाल के रंगपुर में छात्रों पर वंदे मातरम गाने के आरोप में जुर्माना लगाए जाने का उल्लेख मिलता है। नवंबर 1906 में महाराष्ट्र के धुलिया की विशाल सभा में इसके नारे गूंजे। और 1908 में कर्नाटक के बेलगाम में लोकमान्य तिलक को मांडले भेजे जाने के दिन, मौखिक रोक के बावजूद वंदे मातरम गाने पर पुलिस कार्रवाई, मारपीट और गिरफ्तारियों का जिक्र मिलता है। Vande Mataram


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महाराष्ट्र: पत्नी की मौत के पीछे मंत्री के PA की खौफनाक साजिश का खुलासा

SIT ने अपनी जांच के आधार पर अनंत गर्जे के खिलाफ पुख्ता सबूत पाए हैं, जबकि उनकी ननद शीतल आंधले और देवर अजय गर्जे को प्रताड़ना के अपर्याप्त सबूतों के चलते चार्जशीट से बाहर (क्लीन चिट) दे दिया गया है।

Anant Garje Pankaja Munde ex P Arrest
पुख्ता सबूतों के आधार पर केस दर्ज (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar10 Feb 2026 03:53 PM
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Anant Garje Pankaja Munde Ex PA Arrest: महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चित डॉ. गौरी पालवे सुसाइड केस में बड़ा खुलासा हुआ है। विशेष जांच दल (SIT) ने अदालत में चार्जशीट दाखिल करते हुए मंत्री पंकजा मुंडे के पूर्व निजी सचिव (PA) अनंत गर्जे को मुख्य आरोपी बनाया है। जांच में सामने आया है कि अनंत ने अपनी पत्नी डॉ. गौरी को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के साथ-साथ उन्हें 'तू मर जा' जैसी टिप्पणियों के जरिए आत्महत्या के लिए मजबूर किया था।

2025 का काला सच: डायरी और लैपटॉप बने सबूत

SIT की जांच में घटनास्थल से बरामद कुछ निजी सामान 'ट्रम्प कार्ड' साबित हुए हैं। पुलिस को एक काली डायरी मिली है, जिसके पन्नों पर डॉ. गौरी ने अपनी मानसिक पीड़ा और तनाव का विस्तार से जिक्र किया था। इसके अलावा, दिसंबर 2024 मॉडल का एक सैमसंग लैपटॉप भी जब्त किया गया है, जिसमें डिजिटल सबूतों का भंडार मिला है।

'तू मर जा' वाली ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आई

सबसे सनसनीखेज खुलासा एक वॉइस रिकॉर्डिंग को लेकर हुआ है। 22 नवंबर 2025 को घटना के दिन अनंत ने जानबूझकर अपने और गौरी के बीच हो रहे झगड़े को रिकॉर्ड किया था। इस रिकॉर्डिंग में अनंत बार-बार गौरी को 'तू मर जा' कहता सुनाई दे रहा है। SIT के अनुसार, अनंत ने गौरी को धमकी दी थी कि वह ये ऑडियो क्लिप्स समाज और रिश्तेदारों में फैलाकर उनकी छवि खराब कर देगा। इसी डर और मानसिक दबाव में डॉ. गौरी ने आत्मघाती कदम उठाया। इससे पहले, डॉ. गौरी ने अपनी मौत से कुछ दिन पूर्व अपनी दोस्त डॉ. प्रणिता अस्वले को 17 वॉइस क्लिप्स भेजी थीं, जिनमें अनंत द्वारा किए जा रहे शारीरिक और मानसिक टॉर्चर का पूरा विवरण था।

CCTV और सैलून का रहस्य: मौत से ठीक पहले की गतिविधियां

चार्जशीट में 22 नवंबर 2025 की दोपहर की घटना का भी जिक्र किया गया है। CCTV फुटेज के अनुसार, डॉ. गौरी दोपहर 03:02 बजे 'बे-लीफ सैलून' (Be-Leaf Salon) गईं और 03:19 बजे वापस बाहर आईं। हैरानी की बात यह रही कि सैलून के रजिस्टर में उस दिन की कोई एंट्री नहीं थी (पिछली एंट्री 9 नवंबर की थी), जिससे पुलिस को पहले संदेह हुआ, लेकिन बाद में तकनीकी जांच और पास के 'स्किन स्पेशलिस्ट क्लिनिक' के कैमरों ने उनकी मौजूदगी की पुष्टि कर दी। डॉ. गौरी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, मृत्यु का समय पोस्टमार्टम से 12 से 24 घंटे पहले बताया गया है। मौत का कारण 'Asphyxia following Hanging' (फांसी के कारण दम घुटना) है, जिसे SIT ने 'अप्राकृतिक मृत्यु' की श्रेणी में रखा है।

रिश्तेदारों को मिली क्लीन चिट, पति पर शिकंजा

SIT ने अपनी जांच के आधार पर अनंत गर्जे के खिलाफ पुख्ता सबूत पाए हैं, जबकि उनकी ननद शीतल आंधले और देवर अजय गर्जे को प्रताड़ना के अपर्याप्त सबूतों के चलते चार्जशीट से बाहर (क्लीन चिट) दे दिया गया है। चार्जशीट में SIT ने निष्कर्ष दिया है कि अनंत गर्जे ने अपने पिछले संबंधों को छिपाकर विश्वासघात किया और लगातार "तू मर जा" कहकर व ऑडियो क्लिप्स के जरिए ब्लैकमेल कर डॉ. गौरी को आत्महत्या के लिए मजबूर किया। अब इस मामले की अगली सुनवाई अदालत में होगी। Anant Garje Pankaja Munde Ex PA Arrest

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बाजार में पकड़ बनाने के लिए जीप का एलान, सभी मॉडल पर भारी छूट

बाजार में दर्ज हुई खराब बिक्री के बाद यह कदम स्टॉक क्लियर करने और ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए उठाया गया है। हालांकि, ये ऑफर सीमित समय के लिए है और फरवरी माह के अंत तक ही वैलिड रहेंगे। इन छूटों में कंज्यूमर डिस्काउंट, कॉर्पोरेट ऑफर और स्पेशल डील्स शामिल हैं।

Jeep Meridian
जीप की फ्लैगशिप कारें हुईं सस्ती (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar10 Feb 2026 02:35 PM
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Jeep Compass: अमेरिकी ऑटोमोबाइल दिग्गज जीप (Jeep) ने भारतीय बाजार में अपनी गिरती बिक्री को पटरी पर लाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। पिछले महीने जनवरी में महज 228 यूनिट्स की बिक्री दर्ज करने वाली कंपनी ने अब फरवरी महीने में अपनी पूरी रेंज पर भारी छूट की घोषणा की है। कंपनी अपनी एंट्री-लेवल कारों से लेकर प्रीमियम सेगमेंट तक, यानी जीप कंपास, मेरिडियन और ग्रैंड चेरोकी पर 4 लाख रुपये तक की बचत का मौका दे रही है। बाजार जानकारों का मानना है कि जनवरी में दर्ज हुई खराब बिक्री के बाद यह कदम स्टॉक क्लियर करने और ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए उठाया गया है। हालांकि, ये ऑफर सीमित समय के लिए है और फरवरी माह के अंत तक ही वैलिड रहेंगे। इन छूटों में कंज्यूमर डिस्काउंट, कॉर्पोरेट ऑफर और स्पेशल डील्स शामिल हैं, जो शहर और डीलरशिप के आधार पर थोड़ा अलग हो सकते हैं।

जीप कंपास पर 2.75 लाख रुपये की छूट

जीप की सबसे सस्ती कार कंपास (Jeep Compass) पर कंपनी 2.75 लाख रुपये तक की छूट दे रही है। यह एक 4x4 एसयूवी है जिसमें 170 हॉर्सपावर का 2.0-लीटर डीजल इंजन लगा है। ग्राहकों को इसमें मैनुअल और ऑटोमैटिक, दोनों ट्रांसमिशन विकल्प मिलते हैं। कंपास की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 17.73 लाख रुपये है।

जीप मेरिडियन पर सबसे ज्यादा फायदा

अगर आप बड़ी एसयूवी की तलाश में हैं, तो जीप मेरिडियन (Jeep Meridian) पर आपको सबसे ज्यादा फायदा हो सकता है। कंपनी इस 5 और 7 सीटर एसयूवी पर 3.25 लाख रुपये तक का डिस्काउंट ऑफर कर रही है। इसमें भी कंपास जैसा ही 2.0 लीटर का डीजल इंजन दिया गया है, जो 6-स्पीड मैनुअल और 9-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के साथ आता है। इसके टॉप मॉडल 4x4 सिस्टम से लैस हैं और इसकी शुरुआती कीमत 23.33 लाख रुपये है।

फ्लैगशिप ग्रैंड चेरोकी पर 4 लाख की बचत

कंपनी की फ्लैगशिप कार जीप ग्रैंड चेरोकी (Jeep Grand Cherokee) पर सबसे बड़ा डिस्काउंट दिया जा रहा है। इस पर कुल 4 लाख रुपये की छूट मिल रही है। इसके साथ ही खरीदारों को 'जीप वेव एक्सक्लूसिव ओनरशिप प्रोग्राम' की सुविधा भी दी जा रही है, जिसमें 3 साल की वारंटी और प्रायोरिटी सर्विसिंग शामिल है। यह कार 272 हॉर्सपावर के 2.0-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन के साथ आती है और इसकी कीमत 63 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) से शुरू होती है। Jeep Compass

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