इनकम टैक्स चौराहे पर युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया जोरदार प्रदर्शन

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इनकम टैक्स चौराहे पर जमकर नारेबाजी की। पूरा इलाका तनावपूर्ण रहा और प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर धावा बोल दिया। इस दौरान 'कृष्ण हरि को रिहा करो' और 'एप्सटिन फाइल डील पर जवाब दो' जैसे नारे लगाए गए।

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पार्टी ने सरकार पर लगाया युवाओं की आवाज दबाने का आरोप (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar22 Feb 2026 08:33 PM
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Bihar News: दिल्ली में आयोजित 'एआई इम्पैक्ट समिट 2026' के दौरान नग-धारण (शर्टलेस) प्रदर्शन करने के आरोप में युवाओं की गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस और युवा कांग्रेस ने पटना के इनकम टैक्स चौराहे पर जमकर हंगामा किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया।

तनावपूर्ण माहौल और नारेबाजी

जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इनकम टैक्स चौराहे पर जमकर नारेबाजी की। पूरा इलाका तनावपूर्ण रहा और प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर धावा बोल दिया। इस दौरान 'कृष्ण हरि को रिहा करो' और 'एप्सटिन फाइल डील पर जवाब दो' जैसे नारे लगाए गए। विरोध स्वरूप पीएम मोदी और अमित शाह के पुतले में आग लगा दी गई, जिससे माहौल और गरमाया।

'युवाओं की आवाज दबा रही सरकार'

कांग्रेस और युवा कांग्रेस के नेताओं ने इस मौके पर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। पार्टी का आरोप है कि दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान युवाओं की गिरफ्तारी पूरी तरह गलत है और यह लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। नेताओं ने कहा, "सरकार युवाओं के सवालों से डर रही है। असली मुद्दों पर जवाब देने के बजाय वह विरोध की आवाज को दबाने का काम कर रही है और आंदोलनकारियों को जेल भेज रही है।"

रिहाई की मांग, वरना आंदोलन तेज होगा

प्रदर्शन में शामिल नेताओं ने स्पष्ट किया कि AI समिट के दौरान हुआ विरोध एक लोकतांत्रिक अधिकार था, कोई अपराध नहीं। उन्होंने मांग की है कि गिरफ्तार किए गए युवाओं को तत्काल रिहा किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर युवाओं को जल्द रिहा नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और विस्तार दिया जाएगा।

पुलिस की मौजूदगी

सूचना पर पुलिस बल मौके पर तैनात रहा और पूरे प्रदर्शन के दौरान स्थिति पर नजर बनाए रखी। हालांकि किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है, लेकिन इनकम टैक्स चौराहे का माहौल काफी देर तक गरमाया रहा। इस घटनाक्रम ने यह दिखा दिया है कि AI समिट के दौरान हुई कार्रवाई ने राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है। Bihar News

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राजस्थान यूथ कांग्रेस में गुटबाजी तेज, आमने-सामने पायलट और डोटासरा खेमे

यूथ कांग्रेस पर सचिन पायलट गुट का वर्चस्व रहा है। ऐसे में पायलट खेमा इस बार भी अपने नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाने के लिए जोर लगा रहा है, लेकिन पायलट गुट में ही दो फाड़ देखने को मिल रही है।

Rajasthan Youth Congress
दोनों गुटों में जोर की तैयारी (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar22 Feb 2026 05:50 PM
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Rajasthan News: राजस्थान में यूथ कांग्रेस के प्रदेश कार्यकारिणी चुनाव की रणभेरी बज चुकी है। प्रदेश अध्यक्ष सहित कई पदों के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू होते ही कांग्रेस के अलग-अलग गुटों में अपना दबदबा कायम करने की लड़ाई तेज हो गई है। हालांकि अभी तक कोई भी गुट खुलकर सामने नहीं आया है, लेकिन अंदरखाने रणनीति बनाने का सिलसिला शुरू हो गया है। इस बार का चुनाव कांग्रेस नेताओं के आपसी वर्चस्व की लड़ाई का प्रतीक बनकर उभर रहा है।

पायलट खेमे में दो नाम, आम सहमति नहीं बन पाई

पिछले कई चुनावों में यूथ कांग्रेस पर सचिन पायलट गुट का वर्चस्व रहा है। ऐसे में पायलट खेमा इस बार भी अपने नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाने के लिए जोर लगा रहा है, लेकिन पायलट गुट में ही दो फाड़ देखने को मिल रही है। अध्यक्ष पद के लिए इस खेमे से कांग्रेस सांसद प्रत्याक्षी रहे अनिल चौपड़ा और यूथ कांग्रेस सीकर जिलाध्यक्ष मुकुल खींचड़ के नामों पर चर्चा है। दोनों नामों को लेकर अभी तक आम सहमति नहीं बन पाई है। सूत्रों की मानें तो इस मसले पर कल पायलट गुट के कुछ नेताओं ने गुपचुप बैठक भी की। यह खेमा अपनी आंतरिक नाराजगी का फायदा दूसरों को नहीं देना चाहता, इसलिए समझौते की कोशिश जारी है।

डोटासरा ग्रुप की रणनीति, तीन दावेदारों में दिलचस्पी

वहीं, दूसरी ओर डोटासरा ग्रुप भी इस चुनाव में पूरी तरह सक्रिय है। अभी तक इस गुट ने भी अपना प्रत्याशी तय नहीं किया है, लेकिन तीन नेताओं ने चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की है। इसमें कांग्रेस विधानसभा प्रत्याक्षी रहे अभिषेक चौधरी, यूथ कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष रहे यशवीर सूरा और सुधींद्र मुंड शामिल हैं।

पुरानी रणनीति का दोहराव होगा?

इस चुनाव में एक दिलचस्प बार-बार सामने आ सकती है। जानकार सूत्रों के अनुसार, यदि पायलट गुट से अनिल चौपड़ा चुनाव मैदान में उतरते हैं, तो डोटासरा खेमे के अभिषेक चौधरी उनके सामने चुनाव लड़ सकते हैं। दरअसल, साल 2014 में राजस्थान विश्वविद्यालय के चुनाव में दोनों आमने-सामने आए थे, जिसमें अनिल चौपड़ा ने जीत दर्ज की थी। अब अभिषेक चौधरी यूथ कांग्रेस चुनाव के जरिए अपनी उस पुरानी हार का बदला लेने के मूड में नजर आ रहे हैं।

रणनीतिकार बने मुकेश भाकर और अशोक चांदना

चुनाव के इस दो मुख्य किरदार मुकेश भाकर और अशोक चांदना अभी तक खुलकर सामने नहीं आए हैं। वहीं, राजनीतिक पंडितों की नजर में पायलट गुट में मुकेश भाकर और डोटासरा गुट में अशोक चांदना इस चुनाव के मुख्य रणनीतिकार माने जा रहे हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आखिर कौन सा गुट यूथ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा करने में कामयाब होता है। Rajasthan News

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यूजीसी ने 32 विश्वविद्यालयों को घोषित किया फर्जी, छात्रों को दी चेतावनी

UGC ने हाल ही में पूरे भारत में 32 विश्वविद्यालयों को फर्जी घोषित किया है। इन संस्थानों में दाखिला लेने वाले छात्रों को चेतावनी दी गई है कि इन विश्वविद्यालयों की डिग्रियाँ वैध नहीं मानी जाएंगी और न ही सरकारी नौकरी या उच्च शिक्षा में मान्यता पाएंगी।

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32 विश्वविद्यालयों को फर्जी घोषित किया
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar22 Feb 2026 04:27 PM
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Fake University : विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने हाल ही में पूरे भारत में 32 विश्वविद्यालयों को फर्जी घोषित किया है। इन संस्थानों में दाखिला लेने वाले छात्रों को चेतावनी दी गई है कि इन विश्वविद्यालयों की डिग्रियाँ वैध नहीं मानी जाएंगी और न ही सरकारी नौकरी या उच्च शिक्षा में मान्यता पाएंगी। यदि कोई छात्र किसी अमान्य विश्वविद्यालय से डिग्री प्राप्त करता है, तो डिग्री सरकारी या निजी नौकरी में मान्य नहीं होगी। आगे की पढ़ाई या प्रतियोगी परीक्षाओं में इसे मान्यता नहीं मिलेगी। यह आपके करियर और समय दोनों पर बुरा असर डाल सकता है।

छात्रों के लिए सुझाव

1. एडमिशन लेने से पहले यूजीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर विश्वविद्यालय की मान्यता जरूर जांचें।

2. किसी भी संस्थान के विश्वविद्यालय नाम से भ्रमित न हों, कई फर्जी विश्वविद्यालय नामों से असली लग सकते हैं।

3. किसी भी शुल्क या एडमिशन आॅफर को जल्दबाजी में स्वीकार न करें।

4. एडमिशन लेने के पहले पूरी तरह से जांच पड़ताल करलें।

प्रमुख उदाहरण

दिल्ली में कुल 12 विश्वविद्यालय इस सूची में शामिल हैं, जिनमें कुछ हैं:

* वर्ल्ड पीस आॅफ युनाइटेड नेशन्स यूनिवर्सिटी

* इंस्टीट्यूट आॅफ मैनेजमेंट एण्ड इंजीनियरिंग

* आल इंडिया इंस्टीट्यूट आॅफ पब्लिक एण्ड फिजिकल हेल्थ साइंसेज

* कामर्सियल यूनिवर्सिटी लिमिटेड

* युनाइटेड नेशन्स यूनिवर्सिटी

इसके अलावा अन्‍य राज्यों जैसे हरियाणा, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, पुडुचेरी, पश्चिम बंगाल, झारखंड, और राजस्थान में भी कई फर्जी विश्वविद्यालय पाए गए हैं। Fake University



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