बढ़ सकती है मृतकों की संख्या
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि खोइजुमंतबी गांव में रविवार देर रात यह घटना तब हुई, जब ग्राम स्वयंसेवक अस्थायी बंकर से इलाके की रखवाली कर रहे थे। उन्होंने बताया कि खबर मिलने तक भारी गोलीबारी जारी थी। अधिकारी ने हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई। पूर्वोत्तर राज्य में मेइती और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा में आधिकारिक तौर पर अब तक 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि अपुष्ट खबरों की मानें तो हिंसा में अब तक 120 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।
आदिवासी एकजुटता मार्च से शुरू हुई थी हिंसा
मेइती समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा दिए जाने की मांग के विरोध में तीन मई को पर्वतीय जिलों में ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ आयोजित किए जाने के बाद मणिपुर में हिंसा भड़क उठी थी। मणिपुर की 53 प्रतिशत आबादी मेइती समुदाय की है और यह मुख्य रूप से इंफाल घाटी में रहती है। वहीं, नगा और कुकी जैसे आदिवासी समुदायों की आबादी 40 प्रतिशत है और यह मुख्यत: पर्वतीय जिलों में रहती है।
देश विदेशकी खबरों से अपडेट रहने लिएचेतना मंचके साथ जुड़े रहें।देश–दुनिया की लेटेस्ट खबरों से अपडेट रहने के लिए हमेंफेसबुकपर लाइक करें याट्विटरपर फॉलो करें।
#manipurviolence #twopeopledied