यह नेता बनेगा भाजपा का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष

अब यह पूरी तरह पक्का हो चुका है कि भाजपा का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष भाजपा का कौन नेता बनने वाला है। हम आपको यह पुख्ता जानकारी दे रहे हैं कि भाजपा का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष भाजपा का कौन सा नेता बनेगा।

राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव से पहले BJP में बड़ा संकेत
राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव से पहले BJP में बड़ा संकेत
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar14 Jan 2026 04:48 PM
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BJP Next National President : भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम पर फाइनल मोहर लग गई है। कौन बनेगा भाजपा का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष? इस बड़े सवाल का जवाब मिल गया है। अब यह पूरी तरह पक्का हो चुका है कि भाजपा का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष भाजपा का कौन नेता बनने वाला है। हम आपको यह पुख्ता जानकारी दे रहे हैं कि भाजपा का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष भाजपा का कौन सा नेता बनेगा।

भाजपा के वर्तमान कार्यकारी अध्यक्ष को बनाया जाएगा पार्टी का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष

आपको बता दें कि हाल ही में भाजपा ने बिहार के नेता नितिन नबीन को भाजपा का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया था। भाजपा में कार्यकारी अध्यक्ष बनाने का यह प्रयोग बिल्कुल अनूठा प्रयोग था। भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने वर्तमान कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन को भाजपा का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का फैसला कर लिया है। नितिन नबीन को भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने के लिए औपचारिक तौर पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव का पूरा कार्यक्रम घोषित किया जा चुका है।

निर्विरोध चुना जाएगा भाजपा का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष

भाजपा के अंतरंग सूत्रों ने दावा किया है कि भाजपा के अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में नितिन नबीन को निर्विरोध चुन लिया जाएगा। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए नितिन नबीन जल्दी ही अपना नामांकन पत्र दाखिल कर देंगे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए भरे जाने वाले नितिन नबीन के नामांकन पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, गृहमंत्री अमित शाह समेत कई केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री भी नितिन नबीन के नामांकन में प्रस्तावक होंगे। सूत्रों की माने तो बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए सिर्फ नितिन नबीन ही अपना नामांकन दाखिल करेंगे और उनके के खिलाफ कोई भी नेता नामांकन नहीं भरेगा। ऐसे में नितिन नबीन का निर्विरोध अध्यक्ष चुना जाना तय माना जा रहा है। BJP Next National President

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कुतुब मीनार से भी ऊंचा शिखर! बिहार के विराट रामायण मंदिर की ऊंचाई जानिए

योजना के अनुसार, मंदिर में कुल 12 भव्य शिखर होंगे। इनमें मुख्य शिखर 270 फीट ऊंचा प्रस्तावित है। इसके अलावा परिसर में 198, 180, 135 और 108 फीट ऊंचे अन्य शिखर भी बनाए जाने की बात कही जा रही है। यही वजह है कि इसे स्थापत्य और आध्यात्मिक दृष्टि से एक “मेगा प्रोजेक्ट” के रूप में देखा जा रहा है।

विराट रामायण मंदिर
विराट रामायण मंदिर
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar14 Jan 2026 04:27 PM
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Bihar News : बिहार का पूर्वी चंपारण इन दिनों एक भव्य धार्मिक परियोजना के चलते देशभर में चर्चा के केंद्र में है। चकिया–केसरिया मार्ग पर प्रस्तावित विराट रामायण मंदिर परिसर अपने विशाल आकार के साथ-साथ ऊंचाई और आध्यात्मिक महत्व की वजह से भी सुर्खियां बटोर रहा है। दावा है कि निर्माण पूरा होने के बाद यह मंदिर ऊंचाई के पैमाने पर अयोध्या के राम मंदिर और दिल्ली की ऐतिहासिक कुतुब मीनार को भी पीछे छोड़ सकता है।

120 एकड़ में बनेगा विशाल धार्मिक परिसर

सूत्रों के मुताबिक, यह मंदिर परिसर करीब 120 एकड़ में फैला होगा। आकार के लिहाज से भी इसे देश के सबसे बड़े धार्मिक परिसरों में गिना जा रहा है। प्रस्तावित डिजाइन के अनुसार मंदिर की कुल लंबाई 1080 फीट और चौड़ाई 540 फीट बताई जा रही है, जिससे इसका स्वरूप दूर से ही भव्य नजर आएगा। योजना के अनुसार, मंदिर में कुल 12 भव्य शिखर होंगे। इनमें मुख्य शिखर 270 फीट ऊंचा प्रस्तावित है। इसके अलावा परिसर में 198, 180, 135 और 108 फीट ऊंचे अन्य शिखर भी बनाए जाने की बात कही जा रही है। यही वजह है कि इसे स्थापत्य और आध्यात्मिक दृष्टि से एक “मेगा प्रोजेक्ट” के रूप में देखा जा रहा है।

17 जनवरी को शिवलिंग की प्राण-प्रतिष्ठा का आयोजन

विराट रामायण मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, 17 जनवरी को परिसर में विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना/प्राण-प्रतिष्ठा का भव्य कार्यक्रम प्रस्तावित है। इस अवसर पर देशभर से संत-महात्माओं, विद्वान आचार्यों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। इसी दिन सहस्र शिवलिंग की पीठ-स्थापना भी शास्त्रीय विधि-विधान के साथ संपन्न कराए जाने की बात कही गई है।

राम मंदिर और कुतुब मीनार से कितना आगे?

अयोध्या में निर्मित राम मंदिर को भारतीय संस्कृति और श्रद्धा का बड़ा प्रतीक माना जाता है। जानकारी के मुताबिक, यह मंदिर लगभग 2.7 एकड़ क्षेत्र में बना है। इसकी लंबाई 360 फीट और चौड़ाई 235 फीट बताई जाती है। तीन मंजिला इस मंदिर में 366 खंभे, 5 मंडप और 12 भव्य द्वार हैं। नागर शैली में बना यह मंदिर आधुनिक तकनीक और प्राचीन स्थापत्य का मेल माना जाता है। दिल्ली के महरौली क्षेत्र में स्थित कुतुब मीनार यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है। इसके निर्माण की शुरुआत 1199 में कुतुबुद्दीन ऐबक के समय मानी जाती है और बाद में इसे इल्तुतमिश के दौर में पूरा कराया गया। करीब 72.5 मीटर ऊंची इस मीनार में 379 घुमावदार सीढ़ियां हैं, जबकि सतह पर फारसी-अरबी शिलालेख और ज्यामितीय नक्काशी इसकी पहचान मानी जाती है। Bihar News

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NEET PG 2025 Cut Off में बड़ा बदलाव, सोशल मीडिया पर हंगामा

NEET PG: NEET PG 2025 Cut Off में बड़ी कटौती के बाद माइनस 40 पर्सेंटाइल वाले उम्मीदवारों को भी PG मेडिकल एडमिशन की अनुमति मिल गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के इस फैसले पर सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है। जानिए नया कट ऑफ क्या है, किन कैटेगरी को फायदा मिलेगा और सरकार ने यह फैसला क्यों लिया?

Neet
NEET PG Cut Off
locationभारत
userअसमीना
calendar14 Jan 2026 02:36 PM
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भारत के मेडिकल एजुकेशन सिस्टम को लेकर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा NEET PG 2025 के क्वालिफाइंग कट-ऑफ में भारी कमी के बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है। इस फैसले के तहत अब SC, ST और OBC कैटेगरी के कैंडिडेट्स माइनस 40 पर्सेंटाइल तक स्कोर करने के बावजूद MS और MD जैसे पोस्ट-ग्रेजुएट मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए योग्य माने जाएंगे। वहीं जनरल और EWS कैटेगरी के लिए भी कट-ऑफ में राहत दी गई है। सरकार का कहना है कि यह फैसला हजारों खाली पड़ी PG मेडिकल सीटों को भरने के लिए लिया गया है लेकिन सवाल यह है कि क्या इससे मेडिकल क्वालिटी पर असर पड़ेगा?

क्या है NEET PG 2025 का नया Cut Off Criteria?

अब तक NEET PG में SC, ST और OBC उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम क्वालिफाइंग कट-ऑफ 40वां पर्सेंटाइल था यानी लगभग 800 में से 230–240 अंक। नए आदेश के अनुसार इस कट-ऑफ को घटाकर 0 पर्सेंटाइल कर दिया गया है। इसका मतलब यह हुआ कि निगेटिव मार्क्स लाने वाला कैंडिडेट भी सीट उपलब्ध होने की स्थिति में PG मेडिकल कोर्स में दाखिला पा सकता है। यही बात सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा विवाद का कारण बन रही है।

सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?

दरअसल NEET PG 2025 की एडमिशन प्रक्रिया काफी देरी से चल रही है। अभी तक तीसरी काउंसलिंग भी शुरू नहीं हो पाई है और अनुमान है कि 20,000 से ज्यादा PG मेडिकल सीटें खाली रह सकती थीं। मंत्रालय का मानना है कि डॉक्टरों की कमी और सीटों की बर्बादी रोकने के लिए कट-ऑफ में ढील जरूरी थी। सरकार इसे एक व्यावहारिक समाधान बता रही है।

सोशल मीडिया पर क्यों भड़का गुस्सा?

इस फैसले के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर डॉक्टरों और आम लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। एक डॉक्टर ने लिखा कि यह शायद दुनिया का इकलौता देश है जहां जीवन और मृत्यु से जुड़े पेशे में क्वालिटी से समझौता किया जा रहा है। वहीं एक अन्य यूजर ने कहा कि जो लोग यह पॉलिसी बना रहे हैं वे खुद इन डॉक्टरों से इलाज नहीं कराएंगे बल्कि महंगे अस्पतालों में जाएंगे। आम और गरीब लोग ही इसका असर झेलेंगे।

“5 साल MBBS करने के बाद सब बराबर होते हैं” वाली दलील

कुछ लोगों का मानना है कि MBBS पूरा करने के बाद सभी डॉक्टर एक जैसी बुनियादी ट्रेनिंग पा चुके होते हैं, इसलिए PG में कट-ऑफ कम करना इतना खतरनाक नहीं है। वहीं दूसरी तरफ कई एक्सपर्ट्स कहते हैं कि स्पेशलिस्ट डॉक्टर बनने के लिए मेरिट और स्किल सबसे अहम फैक्टर होने चाहिए क्योंकि PG लेवल पर डॉक्टर सीधे जटिल बीमारियों का इलाज करते हैं।

क्या इससे मरीजों की सुरक्षा पर असर पड़ेगा?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस फैसले से मरीजों की सुरक्षा खतरे में पड़ेगी। आलोचकों का कहना है कि कम मेरिट वाले कैंडिडेट्स को स्पेशलिस्ट ट्रेनिंग देना भविष्य में हेल्थकेयर सिस्टम के लिए जोखिम भरा हो सकता है। वहीं समर्थकों का तर्क है कि PG ट्रेनिंग के दौरान डॉक्टरों की कड़ी निगरानी और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग होती है जिससे क्वालिटी कंट्रोल बना रहता है।

NEET PG Cut Off विवाद का बड़ा सच

यह विवाद सिर्फ कट-ऑफ का नहीं है बल्कि यह भारत के मेडिकल एजुकेशन सिस्टम, आरक्षण नीति और हेल्थकेयर क्वालिटी से जुड़ा एक बड़ा मुद्दा बन चुका है। एक तरफ सीटें खाली जाने का डर है तो दूसरी तरफ मरीजों की जान से जुड़ी चिंताएं हैं। यही वजह है कि NEET PG 2025 Cut Off को लेकर बहस थमने का नाम नहीं ले रही।

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