
क्यों पड़ रही बैन जरूरत
हाल ही में ऑनलाइन गेमिंग एप्प के जरिए धर्म परिवर्तन का एक मामला सामने आया है। यूपी पुलिस ने महाराष्ट्र के रायगड़ से एक शख्स को गिरफ्तार किया है, जो ऑनलाइन गेमिंग एप्प के माध्यम से बच्चों/युवाओं का धर्म परिवर्तन करवाने का कथित रैकेट चला रहा था। आरोप है कि ऑनलाइन गेम की आड़ में एक मौलवी सहित दो लोगों ने एक 17 साल के लड़के का न सिर्फ धर्म परिवर्तन करा दिया बल्कि उसके बाद पांच वक्त का नमाजी भी बना डाला। ये मामला गाजियाबाद के कविनगर थाना क्षेत्र का है। एक खबर ये भी आई थी, जहां एक बच्ची ने अपने मां के अकाउंट से 52 लाख रुपये ऑनलाइन गेमिंग में उड़ा दिए थे। ऐसे कई मामले आ चुके हैं, जहां बच्चों ने अपने पैरेंट्स के अकाउंट से खूब सारे पैसे ऑनलाइन गेमिंग ऐप में उड़ा दिए।
भारत में क्या है गेमिंग एप्प की मार्केट
भारत गेमिंग का एक बड़ा गेमिंग एप्प मार्केट है। साल 2022 तक भारत में गेमिंग का मार्केट 135 अरब रुपये था, जो साल 2025 तक 231 अरब रुपये हो सकता है। भारत में ऑनलाइन गेम खेलने वालों की संख्या 50 करोड़ से अधिक है। आंकड़ों के हिसाब से देखें तो साल 2022 में 15 अरब नए ऑनलाइन गेम डाउनलोड किए गए। रिपोर्ट्स बताती हैं कि ऑनलाइन गेम्स पर यूजर्स सप्ताह में 8.5 घंटे बिता रहे हैं। इस समय भारत में ऑनलाइन गेम्स पर 900 गेमिंग कंपनियां काम कर रही हैं और इसका क्षेत्र 30 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है।
सरकार पहले भी जारी कर चुकी है नियम
केंद्र सरकार ने इससे पहले भी 5 अप्रैल 2023 को ऑनलाइन गेमिंग से संबंधित नए नियम जारी किए थे। नए नियम के अनुसार अब हर डेवलपर्स को नया एप्प लॉन्च करने के लिए एसआरओ से परमिशन लेनी होगी। अगर आपका एप्प पैसे कमाने या बेट लगाने से संबंधित है तो आपको अपना एप्प नए नियमों के अनुरूप बनाना होगा और एसआरओ से परमिशन लेनी होगी। इसके अलावा आपको वेरिफिकेशन मार्क शो करना होगा।
बेटिंग-गैंबलिंग एप्प के वर्तमान नियम
▪ इन नियमों के अनुसार आप एसआरओ की बिना परमिशन के गूगल प्ले और एपल स्टोर पर एप्प लॉंच नही कर सकते हैं।
▪ गूगल प्ले और एप्पल प्ले स्टोर से उन एप्प को हटा दिया जाएगा, जिन्हे केंद्र सरकार के एसआरओ से परमिशन नही मिली है।
▪ अगर किसी गेम एप्प को एसआरओ से परमिशन नही मिलती है, तो उसके प्रमोशन को भी रोक दिया जाएगा।
▪ नियमानुसार गेमिंग एप्प या सट्टेबाजी एप्प को एसआरओ से अनुमति लेनी होगी, और वेरिफिकेशन मार्क शो करना होगा।
▪ अगर कोई गेमिंग प्लेटफोर्म केंद्र सरकार से जुड़ी गलत जानकारी पब्लिश या शेयर करते है तो उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही होगी।