Political News : नाखून कटवाकर शहीद होना चाहते हैं सचिन पायलट : लोढ़ा
Sachin Pilot wants to be a martyr by cutting his nails: Lodha
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 01:53 AM
जयपुर। राजस्थान के निर्दलीय विधायक और मुख्यमंत्री के सलाहकार संयम लोढ़ा ने कांग्रेस नेता सचिन पायलट को सलाह दी कि वह खुद को हंसी का पात्र न बनाएं। उन्होंने यह भी नसीहत दी कि वह अपनी पार्टी की मर्यादा और अनुशासन में रहकर काम करें। लोढ़ा ने पायलट द्वारा हाल ही में उठाई गई मांगों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पायलट ‘नाखून कटवाकर शहीद होना चाहते हैं।’
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अपने आपको हंसी का पात्र न बनाएं सचिन
संयम लोढ़ा ने पायलट की मांगों के बारे में सिरोही में संवाददाताओं से कहा कि अब नाखून कटवाकर आप शहीद बनना चाहते हैं। राजस्थान की जनता सब कुछ समझती है कि चुनावी वर्ष में आपको बेरोजगारों की याद क्यों आ रही है। पूर्ववर्ती सरकार के घोटालों की याद क्यों आ रही है? विधायक ने कहा कि इसको भली भांति लोग समझ रहे हैं। पायलट अपने आपको हंसी का पात्र नहीं बनाएं। वह जिस पार्टी में हैं, उस पार्टी के अनुशासन और मर्यादा में काम करें। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती वसुंधरा राजे सरकार के कार्यकाल के दौरान हुए भ्रष्टाचार के जिन मुद्दों का जिक्र पायलट कर रहे हैं, उन्हें मैंने पूरे पांच साल उठाया, लेकिन तब वह या उनकी टीम का कोई आदमी हमारे साथ खड़ा नहीं हुआ।
प्रायोजित थी जनसंघर्ष यात्रा में भीड़
सिरोही विधानसभा क्षेत्र के विधायक ने यह भी कहा कि पायलट की जनसंघर्ष यात्रा का कोई प्रभाव नहीं पड़ा है, क्योंकि कोई भी इसे गंभीरता से नहीं लेता है। कोई प्रभाव नहीं है इसका, कोई इसको गंभीरता से नहीं लेता और जो भी यह समूह दिख रहा है, यह प्रायोजित समूह है। जो भी कदम उन्होंने उठाए हैं, राजनीति तो खुला मैदान है, किसने रोका है आपको।
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पायलट के हालिया कदम आलाकमान पर दबाव बनाने की रणनीति
उल्लेखनीय है कि पायलट ने अपनी पांच दिन की जनसंघर्ष पदयात्रा के समापन पर सोमवार को जयपुर में आयोजित सभा में सरकार के सामने तीन मांगें रखीं, जिनमें राजस्थान लोकसेवा आयोग (आरपीएससी) को बंद कर इसका पुनर्गठन करना, परीक्षा पेपर लीक होने से प्रभावित प्रत्येक नौजवान को उचित आर्थिक मुआवजा देना और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के खिलाफ लगे आरोपों की उच्च स्तरीय जांच कराना शामिल है। पायलट और उनके गुट के विधायकों ने यह ताकत प्रदर्शन ऐसे समय में किया है, जबकि राज्य में इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होने हैं। पायलट के हालिया कदमों को पार्टी आलाकमान पर दबाव बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। राज्य में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पायलट के बीच लगातार खींचतान बनी हुई है।
पद पर नहीं, फिर भी सरकारी बंगले पर काबिज
विधायक संयम लोढ़ा ने पिछली कई घटनाओं को लेकर पायलट पर तंज किया। उन्होंने कहा कि 2018 में सरकार बनने पर पायलट अपनी कार को विधानसभा में एक गेट विशेष पर जाने की अनुमति नहीं दिए जाने पर नाराज हो गए थे। बाद में वह मुख्यमंत्री कार्यालय में ही अपने लिए कमरा आवंटित किए जाने पर अड़ गए। उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री पद से हटाए जाने के बावजूद पायलट ने अपना सरकारी बंगला खाली नहीं किया है।
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