
Rahul Gandhi/ मुंबई। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता संजय राउत ने रविवार को दावा किया कि केंद्र सरकार राहुल गांधी से डरी हुई है और इसी वजह से सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद कांग्रेस नेता की लोकसभा की सदस्यता अभी तक बहाल नहीं की गयी है। सुप्रीम कोर्ट ने ‘मोदी उपनाम’ को लेकर की गई कथित विवादित टिप्पणी के संबंध में 2019 में दायर आपराधिक मानहानि मामले में राहुल गांधी की दोषसिद्धि पर रोक लगाते हुए शुक्रवार को उनकी लोकसभा की सदस्यता बहाल करने का रास्ता साफ कर दिया।
राउत ने पत्रकारों से कहा कि उन्हें संसद की सदस्यता से जिस तत्परता से अयोग्य ठहराया गया था, वह उच्चतम न्यायालय द्वारा दोषसिद्धि पर रोक के बाद नहीं दिखायी दे रही है। तीन दिन बीत गए, लेकिन लोकसभा अध्यक्ष ने अभी तक उनकी सदस्यता को बहाल नहीं किया है।
शिवसेना नेता ने दावा किया कि केंद्र सरकार राहुल गांधी से डरी हुई है जिसके कारण उन्हें अभी तक सांसद के रूप में बहाल नहीं किया गया है।
संसद सदस्यता बहाल होने में देरी के साथ ही लोकसभा अध्यक्ष के बयान की आलोचना करते हुए राउत ने कहा, ‘‘इंडिया (विपक्षी गठबंधन) के दल हमारी रणनीति पर चर्चा करने के लिए कल मुलाकात कर रहे हैं।’’
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा है कि उन्हें उच्चतम न्यायालय के आदेश का अध्ययन करने की आवश्यकता है।
राहुल गांधी को गुजरात में सूरत की एक मेट्रोपॉलिटन अदालत द्वारा दो साल की जेल की सजा सुनाए जाने के एक दिन बाद 24 मार्च को लोकसभा की सदस्यता के लिए अयोग्य घोषित किया गया था।
गुजरात उच्च न्यायालय ने सात जुलाई को दोषसिद्धि पर रोक लगाए जाने का अनुरोध करने वाली उनकी याचिका खारिज कर दी थी जिसके बाद 15 जुलाई को उन्होंने शीर्ष न्यायालय का रुख किया था। Rahul Gandhi