Sakshi Ahuja Death: नई दिल्ली। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर ट्रेन पकड़ने गई शिक्षिका की मौत से हड़कंप मचा हुआ है। ज्यादातर लोग इस मोत के लिए रेलवे विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों केा दोषी ठहरा रहे हैं। अनेक लोग तो ऐसे भी हैं जो शिक्षिका साक्षी आहुजा की मौत को हादसा न मानकर हत्या का मामला मान रहे हैं। लोगों का आरोप है कि रेलवे के अधिकारियों व कर्मचारियों के कारण ही रेलवे स्टेशन की पार्किंग में बिजली का करंट उतरा था। उसी करंट के कारण साक्षी आहुजा की मौत हुई है। ऐसे में रेलवे के अधिकारियों के विरुद्ध सीधे सीधे हत्या का मामला दर्ज होना चाहिए।
Sakshi Ahuja Death
क्या है पूरा प्रकरण
आपको बता दें कि परिवार के साथ चंडीगढ़ घूमने जा रहीं शिक्षिका की रविवार की सुबह नई दिल्ली रेलवे स्टेशन परिसर में करंट लगने से मौत हो गई। स्टेशन के टैक्सी स्टैंड में भरे वर्षा के पानी में करंट उतरा हुआ था, जिसकी चपेट में 35 वर्षीय साक्षी आहूजा आ गईं। संभावना जताई जा रही है कि हाई मास्ट लाइट के पोल से बाहर निकली केबल से पानी में करंट आया। पुलिस ने मामले में अज्ञात आरोपित के खिलाफ लापरवाही से मौत का मामला दर्ज करते हुए रेलवे अधिकारियों से जवाब मांगा है। रेलवे की ओर से लापरवाही के लिए जिम्मेदार का नाम बताए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। उधर, स्वजन ने आरोप लगाया कि करीब आधे घंटे तक महिला घटनास्थल पर पड़ी रहीं लेकिन न तो पुलिस और न ही रेलवे के किसी अधिकारी-कर्मचारी ने उनकी मदद की।
साक्षी अपने पति अंकित आहूजा, नौ वर्ष की बेटी अनन्या और आठ वर्ष के बेटे राघव के साथ प्रीत विहार में रहती थीं। वह प्रियदर्शनी विहार स्थित लवली पब्लिक स्कूल में शिक्षिका थीं। अंकित टोयोटा कंपनी में इंजीनियर हैं। साक्षी के चाचा अजय चोपड़ा ने बताया कि वह अपने माता-पिता, भाई विनायक, अपने बच्चों और बहन माधवी के साथ घूमने के लिए चंडीगढ़ जा रही थीं। उन्हें नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से सुबह 5.50 बजे वंदे भारत ट्रेन पकड़नी थी। शनिवार की सुबह साक्षी गुजरांवाला टाउन स्थित अपने मायके से स्वजन के साथ दो कार में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचीं। पहाड़गंज की ओर से माता-पिता व भाई को कार पार्क करने के लिए कहकर खुद बच्चों और बहन को लेकर वह निकास गेट नंबर दो से स्टेशन परिसर के अंदर दाखिल हुईं। टैक्सी स्टैंड का डिवाइडर पार कर हाई मास्ट लाइट के पोल के पास जैसे ही साक्षी ने पैर रखा, उन्हें करंट लगा और वह गिर गईं। इस दौरान माधवी ने बच्चों को पकड़कर पीछे किया और साक्षी को खींचकर बचाने की कोशिश की। उन्हें भी करंट का तेज झटका लगा तो पीछे हटना पड़ा।
माधवी के शोर मचाने पर आटो और कैब चालक वहां आ गए। सभी ने साक्षी को खींचने की कोशिश की लेकिन करंट लगने से वे पानी से निकाल नहीं कर पा रहे थे। इस बीच आरपीएफ के भी वहां पहुंचे और अन्य लोगों के साथ बेल्ट, डंडे और कंबल की मदद से साक्षी को जैसे-तैसे पानी से निकाला। संतोष नामक कैब चालक ने साक्षी को कार में रखा उन्हें लेडी हार्डिंग अस्पताल ले गए। डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिवार में पसरा मातम
साक्षी की आक्समिक मौत के बाद परिवार में मातम पसरा है। दोनों बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, बहन माधवी को विश्वास ही नहीं हो रहा था कि दो मिनट पहले तक जो बहन हंसती-खेलती चंडीगढ़ घूमने की योजना पर बात कर रही थी, वह अब कभी नहीं बोलेगी। बेटी की मौत से साक्षी के माता-पिता सदमे में हैं।
डीसीपी रेलवे अपूर्वा गुप्ता ने कहा कि रेलवे अधिकारियों से जानकारी ली जा रही है। घटना के लिए जिम्मेदार के विषय में पता चलते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पीडब्ल्यूडी ने सुरक्षा- की समीक्षा करने के दिए निर्देश
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर करंट लगने से शिक्षिका की हुई मौत मामले को देखते हुए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने सार्वजनिक स्थल पर लगे बिजली के उपकरणों की सुरक्षा की समीक्षा के निर्देश दिए हैं। विभाग की ओर से सभी फुटओवर ब्रिज, अंडरपास के साथ साथ स्ट्रीट लाइट आदि से संबंधित खुले तारों पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा है।
विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि वैसे तो मानसून से पहले ही इस तरह के निर्देश दिए गए थे और इस मामले में गंभीरता से काम करने के लिए कहा गया था। यह प्रक्रिया मानसून से पहले हर साल अपनाई जाती है, मगर नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर घटना होने के बाद इस बारे में समीक्षा करने के लिए कहा गया है। सड़कों पर लगीं 90 हजार लाइट, 50 से अधिक फुटओवर ब्रिज-अंडरपास की लाइटों की मरम्मत का जिम्मा पीडब्ल्यूडी के पास है। अब अधिकारी समीक्षा करेंगे। Sakshi Ahuja Death
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