सूखे से लड़ाई में बड़ी सफलता, भारतीय वैज्ञानिकों ने बनाया 'सुपर एब्जॉर्बेंट', सिंचाई में होगी 50% पानी

वैज्ञानिकों के अनुसार, यह सुपर एब्जॉर्बेंट पॉलिमर एक ऐसी स्पंज (Sponge) की तरह काम करता है, जो अपने वजन से कई गुना ज्यादा पानी सोख लेता है। जब इसे खेत की मिट्टी में मिलाया जाता है, तो यह वर्षा या सिंचाई के पानी को अपने अंदर संग्रहित कर लेता है।

Super Absorbent
सूखे से लड़ाई में बड़ी सफलता (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar13 Feb 2026 11:56 AM
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Super Absorbent : भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के वैज्ञानिकों ने किसानों के लिए बहुत ही राहत भरी खोज की है। देश के उन क्षेत्रों में जहाँ पानी की भारी कमी है या सूखे की स्थिति बनी रहती है, वहां फसलों को बचाने के लिए वैज्ञानिकों ने एक विशेष प्रकार का 'सुपर एब्जॉर्बेंट पॉलिमर' (Super Absorbent Polymer) विकसित किया है। यह नया आविष्कार न केवल पानी की बचत करेगा, बल्कि फसल की पैदावार बढ़ाने में भी मदद करेगा।

कैसे काम करता है यह तकनीक?

वैज्ञानिकों के अनुसार, यह सुपर एब्जॉर्बेंट पॉलिमर एक ऐसी स्पंज (Sponge) की तरह काम करता है, जो अपने वजन से कई गुना ज्यादा पानी सोख लेता है। जब इसे खेत की मिट्टी में मिलाया जाता है, तो यह वर्षा या सिंचाई के पानी को अपने अंदर संग्रहित कर लेता है। जब मिट्टी सूखने लगती है, तो यह पॉलिमर धीरे-धीरे संग्रहित पानी को पौधों की जड़ों तक पहुंचाता है। इस तरह पौधों को लंबे समय तक नमी मिलती रहती है और किसानों को बार-बार सिंचाई करने की जरूरत नहीं पड़ती।

पर्यावरण के अनुकूल

इस खबर की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह पॉलिमर पूरी तरह से जैव-निम्नीय (Biodegradable) है। पहले जो पॉलिमर इस्तेमाल किए जाते थे, वे मिट्टी के लिए नुकसानदेह थे, लेकिन यह नया सुपर एब्जॉर्बेंट कुछ समय बाद मिट्टी में ही मिल जाता है और भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाता है।

किसानों में उत्साह

इस तकनीक की जानकारी मिलते ही किसानों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। राजस्थान और बुंदेलखंड जैसे सूखा प्रभावित क्षेत्रों के किसानों का कहना है कि अगर यह प्रयोग सफल रहा तो यह किसानों के लिए वरदान साबित होगा।

कीमत और उपलब्धता

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस सुपर एब्जॉर्बेंट का व्यावसायिक उत्पादन जल्द ही शुरू किया जाएगा और इसे किसानों को सस्ती कीमत पर उपलब्ध कराया जाएगा। अगले रबी सत्र से इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर कई जिलों में इस्तेमाल किया जाएगा। Super Absorbent

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मुंबई के जुहू बीच पर मिले अधजले शव का मुंबई पुलिस ने किया खुलासा

जुहू कोलीवाड़ा लैंडिंग पॉइंट बीच पर एक लाश मिलने की खबर से हड़कंप मच गया। शव काफी हद तक सड़ चुका था। हालांकि, मृतक की उंगली में मौजूद खास अंगूठी को देखकर अशोक की पत्नी ने उसकी पहचान की, जिससे पुलिस की जांच को रफ्तार मिली।

Juhu Beach Reveal
जुहू बीच पर मिला अधजला शव (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar12 Feb 2026 08:41 PM
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Mumbai News : मुंबई के जुहू बीच पर समुद्र किनारे मिली सड़ी-गली लाश ने पूरे इलाके में सनसनी मचा दी थी। इस जटिल मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने में मुंबई पुलिस के लिए सबसे अहम सुराग मृतक की उंगली में पहनी हुई पत्थर जड़ी अंगूठी बनी। इसी अंगूठी की मदद से शव की पहचान हो सकी और पुलिस ने हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया। सांताक्रूज़ पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए 40 वर्षीय कारपेंटर अशोक गौड़ की हत्या के आरोप में उसके ही दोस्त वाहीद अली मोहम्मद इसराइल शेख उर्फ मिट्टू (30) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी वाहीद मालवणी इलाके में गारमेंट फैक्ट्री चलाता है।

क्या है पूरा मामला?

सोमवार सुबह जुहू कोलीवाड़ा लैंडिंग पॉइंट बीच पर एक लाश मिलने की खबर से हड़कंप मच गया। शव काफी हद तक सड़ चुका था। हालांकि, मृतक की उंगली में मौजूद खास अंगूठी को देखकर अशोक की पत्नी ने उसकी पहचान की, जिससे पुलिस की जांच को रफ्तार मिली। जांच में सामने आया कि अशोक और वाहीद दोनों उत्तर प्रदेश के बरदह गांव के रहने वाले थे और सालों से एक-दूसरे को जानते थे। पुलिस के मुताबिक, आरोपी वाहीद के अशोक की पत्नी के साथ कथित संबंध थे, जिसे लेकर दोनों के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा था।

ऐसे हुई हत्या और फेंका गया शव

पुलिस के अनुसार, 29 जनवरी को फैक्ट्री के कर्मचारियों के जाने के बाद वाहीद ने अशोक को मालवणी स्थित अपनी गारमेंट फैक्ट्री में बुलाया। वहां दोनों ने साथ बैठकर शराब पी। इसी दौरान दोनों के बीच बहस बढ़ गई और गुस्से में आकर वाहीद ने धारदार हथियार से अशोक पर हमला कर दिया, जिसमें अशोक की मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने के लिए शव के टुकड़े कर दिए और हथियार को ठिकाने लगा दिया। उसने शव को सीमेंट की बोरी में भरकर समुद्र में फेंक दिया। कुछ दिन बाद शव का ऊपरी हिस्सा बहते हुए जुहू बीच तक पहुंच गया।

पुलिस ने ऐसे पकड़ा कातिल

9 फरवरी को गश्त के दौरान एक पुलिस कांस्टेबल की नजर जेट्टी से करीब 40 मीटर दूर पानी में तैरती नीली पॉलिथीन पर पड़ी। जब उसे बाहर निकाला गया तो उसके अंदर सीमेंट की बोरी में सिर से कमर तक का हिस्सा मिला। इसके बाद सांताक्रूज़ पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने तटीय इलाकों के थानों में दर्ज गुमशुदगी की शिकायतें खंगालीं, जिसमें मालवणी थाने में अशोक की गुमशुदगी की रिपोर्ट मिली। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और मुखबिरों की मदद से पुलिस आरोपी तक पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया। Mumbai News

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धर्मेद्र प्रधान ने कहा- कक्षा 3 से ही एआई आधारित शिक्षा शुरू की जाएगी

तकनीक अब शिक्षा तंत्र का केंद्रीय तत्व बनती जा रही है। सरकार ने ज्ञान और बौद्धिक क्षमता के विकास के लिए शिक्षा क्षेत्र में एआई के लिए एक सेंटर आॅफ एक्सीलेंस स्थापित किया है। इसका उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों दोनों को उन्नत डिजिटल उपकरणों से सशक्त बनाना है।

pradhan
एआई कॉन्क्लेव-2026 के उद्घाटन अवसर
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar12 Feb 2026 07:03 PM
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AI Based Education : केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भारत बोधन एआई कॉन्क्लेव-2026 के उद्घाटन अवसर पर देश की शिक्षा व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को व्यापक रूप से शामिल करने की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने घोषणा की कि आने वाले समय में कक्षा 3 से ही आयु-उपयुक्त एआई आधारित शिक्षा शुरू की जाएगी, ताकि बच्चों को शुरुआती स्तर से ही नई तकनीकों से परिचित कराया जा सके।

तकनीक अब शिक्षा तंत्र का केंद्रीय तत्व बनती जा रही

मंत्री ने कहा कि तकनीक अब शिक्षा तंत्र का केंद्रीय तत्व बनती जा रही है। सरकार ने ज्ञान और बौद्धिक क्षमता के विकास के लिए शिक्षा क्षेत्र में एआई के लिए एक सेंटर आॅफ एक्सीलेंस स्थापित किया है। इसका उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों दोनों को उन्नत डिजिटल उपकरणों से सशक्त बनाना है। दो दिवसीय इस कॉन्क्लेव में शिक्षाविदों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, नीति-निमार्ताओं, स्टार्टअप्स, नवाचारकतार्ओं और कौशल विकास से जुड़े विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मकसद शिक्षा में एआई के बड़े पैमाने पर एकीकरण और भारत-केंद्रित एडुअक स्टैक विकसित करने की दिशा में सहयोग बढ़ाना है।

एआई मॉडल नैतिक, जिम्मेदार, समावेशी और आत्मनिर्भर होना चाहिए

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को एआई-रेडी राष्ट्र बनाने का आह्वान किया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश में विकसित होने वाला एआई मॉडल नैतिक, जिम्मेदार, समावेशी और आत्मनिर्भर होना चाहिए। उनका कहना था कि भारत का एआई ढांचा डिजाइन के स्तर पर समावेशी, संरचना के स्तर पर इंटरआपरेबल और क्षमता के स्तर पर स्वदेशी होना चाहिए। मंत्री ने सभी हितधारकों से अपील की कि वे शिक्षा में परिवर्तन लाने और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए स्केलेबल और जिम्मेदार एआई समाधान तैयार करें। उन्होंने विश्वास जताया कि इस कॉन्क्लेव में हुई चचार्एं भारत की एआई क्षमता को मजबूत करेंगी, शिक्षा में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देंगी और आल फार आल के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में सहायक साबित होंगी।


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