
Supreme Court : देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट परिसर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। खबर यह है कि भारत की सबसे बड़ी कोर्ट ''सुप्रीम कोर्ट'' ने बिहार के एक पूर्व सांसद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। बिहार के पूर्व सांसद को आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद मुंबई में चल रही महागठबंधन I.N.D.I.A. की बैठक की बैठक में हड़कंप मच गया।
आपको बता दें कि वोट के लिए हत्या के किसी केस में शायद बिहार में ऐसी पहली सजा है। बिहार के पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह को सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के मामले दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।
पूर्व सांसद प्रभुनाथ पर आरोप था कि पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह ने अपने कहे अनुसार वोट नहीं देने पर छपरा के मसरख निवासी राजेंद्र राय और दारोगा राय की हत्या करवा दी थी। आरोप है कि इन लोगों ने प्रभुनाथ सिंह समर्थित प्रत्याशी को अपना मत नहीं दिया था। पहले यह मामला निचली अदालत पहुंचा था। 2008 में सबूतों अभाव में यहां से पूर्व सांसद को रिहाई मिल गई थी। इसके बाद यह मामला पटना हाईकोर्ट में पहुंचा। 2012 पटना हाईकोर्ट में मामला गया तो यहां पर निचली अदालत के फैसले को सही माना। इस फैसले के विरोध में मृतक राजेंद्र राय के भाई ने सुप्रीम कोर्ट से न्याय की गुहार लगाई थी।
सुप्रीम कोर्ट तीन जज जस्टिस किशन कौल, जस्टिस एएस ओका, जस्टिस विक्रम नाम की पीठ ने इस मामले की सुनवाई की। दोनों पक्ष की दलीलों को सुना। इस मामले प्रभुनाथ सिंह के खिलाफ पर्याप्त सबूत पाया। कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट के फैसले को पलटते हुए पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह को डबल मर्डर केस में दोषी करार दिया। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में बिहार के डीजीपी को प्रभुनाथ सिंह को पेश करने का आदेश दिया था।
इसके बाद इस मामले में 28 अगस्त को प्रभुनाथ सिंह की ओर आवेदन दायर की गई थी। इसमें वर्चुअली उपस्थित होने की अनुमति मांगी थी। जस्टिस कौल की अध्यक्षता वाली बेंच ने एक सितंबर को सजा के सवाल पर सुनवाई के लिए फिजिकल उपस्थिति के बजाय, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वर्चुअली उपस्थित होने की अनुमति दे दी गई थी। Supreme Court News