महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सबसे बड़ी पार्टी के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। सीएम फडणवीस के नेतृत्व में भाजपा ने 25 नगर निगमों में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। इस जीत के साथ ही राज्य की राजनीति में फडणवीस का कद और ऊंचा हो गया है।

चुनावी नतीजों के मुताबिक नागपुर, मुंबई, नवी मुंबई, मीरा-भाईंदर सहित करीब 20 महानगरपालिकाओं में बीजेपी ने दमदार प्रदर्शन किया। इसके अलावा पनवेल, जालना, नांदेड़, धुलिया, सोलापुर, इचलकरंजी, जलगांव, नाशिक, पुणे, पिंपरी-चिंचवड, संभाजीनगर और सांगली जैसी प्रमुख महानगरपालिकाओं में भी भाजपा ने बड़ी जीत दर्ज की है।
बता दें कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का अपने गढ़ ठाणे में प्रदर्शन मिला-जुला रहा है। हालांकि वे ठाणे मनपा में अपनी पकड़ बनाए रखने में सफल रहे, लेकिन पार्टी को अपेक्षित बढ़त नहीं मिल सकी। वहीं, शरद पवार के साथ मिलकर चुनाव लड़ने वाले उपमुख्यमंत्री अजित पवार अपने गढ़ पुणे और पिंपरी-चिंचवड को बचाने में नाकाम रहे है।
मुंबई महानगरपालिका में भाजपा और शिंदे गुट की शिवसेना ने मिलकर बहुमत हासिल किया है। वसई-विरार में भले ही बहुजन विकास आघाड़ी को बहुमत मिला हो, लेकिन भाजपा ने वहां भी अपनी स्थिति पहले से बेहतर की है। इससे पार्टी कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
महानगरपालिका चुनावों में मिली इस सफलता के बाद देवेंद्र फडणवीस महायुति के सबसे प्रभावशाली नेता के रूप में उभरकर सामने आए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन नतीजों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मौजूदा सरकार में नेतृत्व को लेकर शिंदे और अजित पवार के पास फिलहाल कोई मजबूत विकल्प नहीं है।
मुख्यमंत्री की पत्नी अमृता फडणवीस ने चुनावी जीत पर खुशी जताते हुए कहा कि युवाओं ने गुड गवर्नेंस और विकास के नाम पर वोट किया है। उन्होंने देवेंद्र फडणवीस को महाराष्ट्र का ‘इंफ्रा मैन’ बताते हुए कहा कि वे समाज के हर वर्ग के प्रति जिम्मेदार हैं और यही बात उनकी नीतियों में भी साफ दिखाई देती है। हानगरपालिका चुनावों के नतीजों ने न केवल भाजपा की संगठनात्मक मजबूती को दिखाया है, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति में देवेंद्र फडणवीस को एक बार फिर केंद्र में ला खड़ा किया है।