एनसीपी ने इससे पहले 37 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी। दूसरी सूची के ऐलान को पार्टी की रणनीति का अहम कदम माना जा रहा है, जिससे यह संकेत मिलता है कि एनसीपी चुनावी मैदान में पूरी ताकत के साथ उतरने की तैयारी में है।

बता दें कि बीएमसी (मुंबई नगर निगम) चुनाव को लेकर एनसीपी (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी) ने अपनी चुनावी गतिविधियां तेज कर दी हैं। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी ने बीएमसी चुनाव के लिए 27 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी कर दी है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि से ठीक एक दिन पहले जारी हुई इस सूची के साथ पार्टी द्वारा घोषित कुल उम्मीदवारों की संख्या अब 64 हो गई है।
बता दें कि दूसरी सूची जारी करते हुए एनसीपी ने साफ कर दिया है कि वह भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन की सहयोगी होने के बावजूद बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव अलग से लड़ेगी। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब भाजपा और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने बीएमसी चुनाव के लिए आपसी गठबंधन कर लिया है।
बता दें कि एनसीपी की दूसरी सूची में कई स्थानीय स्तर पर मजबूत माने जाने वाले चेहरों को टिकट दिया गया है। इनमें वार्ड नंबर 3 से मनीष दुबे, वार्ड 40 से विलास दगडू घुले, वार्ड 48 से सिरील पिटर डिसोझा, वार्ड 57 से अजय दत्ता विचारे शामिल हैं। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि इन उम्मीदवारों के जरिए जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूती मिलेगी। इस बीच मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम ने एनसीपी के साथ किसी भी तरह के गठबंधन से इनकार करते हुए कहा है कि बीएमसी चुनाव में एनसीपी के चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी नवाब मलिक संभाल रहे हैं। नवाब मलिक पर धनशोधन और अंडरवर्ल्ड से जुड़े लोगों से संबंधों के आरोप लग चुके हैं।
बता दें कि एनसीपी की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष सुनील तटकरे ने बताया कि पार्टी पिछले कई दिनों से लगातार बैठकें कर रही है और सभी जानकारियां अजित पवार को दी जा चुकी हैं। पार्टी करीब 100 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। बीएमसी समेत महाराष्ट्र की 29 नगर निगमों के चुनाव 15 जनवरी को होने हैं, जबकि मतगणना 16 जनवरी को होगी। बीएमसी की 227 सीटों को लेकर सभी प्रमुख दलों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है। ऐसे में एनसीपी का अलग चुनाव लड़ने का फैसला मुंबई की राजनीति में नई हलचल पैदा कर सकता है।