अनोखी प्रेम कहानी: 5वीं पास मजदूर के सादगी पर दिल हार बैठी मुंबई की ग्रेजुएट हसीना

प्यार न उम्र देखता है, न जात-पात और न ही पढ़ाई-लिखाई का अंतर जो सब पार कर लेती है इस कहावत को सच करती एक प्रेम कहानी बिहार में मुंबई से पहुंची एक ग्रेजुएट युवती ने समाज की परवाह किए बिना पांचवीं पास प्रेमी को अपना जीवनसाथी चुना है।

Bihar-Mumbai A unique love story
प्यार के आगे झुकी सामाजिक दीवारें (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar20 Jan 2026 03:37 PM
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प्यार न उम्र देखता है, न जात-पात और न ही पढ़ाई-लिखाई का फर्क। ऐसा ही एक मामला बिहार के नालंदा जिले के चंडी थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां एक ग्रेजुएट युवती ने सामाजिक बंदिशों को दरकिनार करते हुए पांचवीं पास मजदूर से शादी कर ली है। हालांकि, परिजनों की शिकायत के बाद यह प्रेम कहानी अब कानूनी उलझनों में फंस गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुंबई से बिहार के चंडी थाना क्षेत्र के मोसिमपुर गांव पहुंची सपना कुमारी ने अपने प्रेमी मनीष कुमार से मंदिर में विवाह कर लिया। सपना उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के बदलापुर थाना क्षेत्र की रहने वाली है। बताया जाता है कि करीब 15 दिन पहले वह घर से निकलकर प्रेमी के पास पहुंची थी और दोनों पति-पत्नी की तरह रह रहे थे। इधर, सपना के घर से अचानक लापता होने पर उसके पिता ने यूपी के बदलापुर थाने में मामला दर्ज कराया। केस की जानकारी मिलते ही सोमवार को चंडी पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर थाने लाया।

मुंबई में हुई थी पहचान

बता दें कि प्राप्त जानकारी के अनुसार मनीष कुमार की पढ़ाई केवल पांचवीं कक्षा तक हुई है और वह मुंबई में मजदूरी करता था, जबकि सपना कुमारी ग्रेजुएट है और बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने का काम करती थी। मुंबई में दोनों के कमरे पास-पास होने के कारण करीब तीन महीने पहले उनकी पहचान हुई, जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। करीब दो महीने पहले मनीष अपने गांव लौट आया, लेकिन दोनों के बीच फोन पर बातचीत जारी रही। इसी दौरान सपना के परिजनों को दोनों के रिश्ते की जानकारी मिली और उन्होंने उसकी शादी कहीं और तय कर दी।

तीन दिन की यात्रा कर पहुंची प्रेमी के गांव

बता दें कि परिवार के फैसले से नाराज सपना ने प्रेमी से शादी की इच्छा जताई, लेकिन जब परिजन नहीं माने तो वह अकेले ही मुंबई से निकल पड़ी। तीन दिन की लंबी ट्रेन यात्रा और मोबाइल लोकेशन के सहारे वह सीधे बिहार के चंडी थाना क्षेत्र के मोसिमपुर गांव पहुंची, जहां दोनों ने स्थानीय जगदंबा स्थान मंदिर में शादी कर ली।

सोशल मीडिया पर साझा किया वीडियो

बता दें कि मामला दर्ज होने के बाद दोनों ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी पोस्ट किया, जिसमें सपना ने अपनी मर्जी से शादी करने की बात कही है। वीडियो में उसने आरोप लगाया कि परिवार उसकी जबरन दूसरी जगह शादी कराना चाहता था, जबकि वह अपने प्रेमी से ही शादी करना चाहती थी। इस संबंध में चंडी थानाध्यक्ष ने बताया कि युवती के परिजनों द्वारा दर्ज कराए गए मामले के आधार पर दोनों को थाने लाया गया है और आगे की कार्रवाई कानून के अनुसार की जा रही है।

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Republic Day 2026: 15 अगस्त और 26 जनवरी पर तिरंगा फहराने का तरीका क्यों है अलग? जानिए पूरा इतिहास

15 अगस्त और 26 जनवरी पर तिरंगा फहराने का तरीका केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम और संवैधानिक विकास की कहानी को दर्शाता है। दोनों दिन राष्ट्रीय गौरव से जुड़े हैं, लेकिन उनका संदेश और ऐतिहासिक संदर्भ अलग-अलग है।

Flag Unfurling
तिरंगा फहराने की दो अलग कहानियां (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar19 Jan 2026 06:52 PM
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देश साल 2026 में अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहा है। राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर भव्य परेड की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। हर वर्ष की तरह 26 जनवरी की सुबह देश के राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया जाएगा। हालांकि, बहुत कम लोग जानते हैं कि 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) और 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) पर तिरंगा फहराने की प्रक्रिया एक जैसी नहीं होती। इसके पीछे आज़ादी और संविधान से जुड़ा गहरा ऐतिहासिक कारण है।

अलग-अलग ऐतिहासिक महत्व

बता दें कि 15 अगस्त 1947 को भारत ने ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता प्राप्त की थी। यह दिन देश के गुलामी से मुक्त होकर एक स्वतंत्र राष्ट्र बनने का प्रतीक है। वहीं, 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ और देश एक संपूर्ण गणतंत्र बन गया। इसी ऐतिहासिक घटना की स्मृति में हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है।

15 अगस्त: ध्वजारोहण की परंपरा

स्वतंत्रता दिवस पर अपनाई जाने वाली प्रक्रिया को ध्वजारोहण कहा जाता है। इसमें तिरंगे को झंडे के डंडे के नीचे से रस्सी के सहारे ऊपर चढ़ाया जाता है और फिर उसे खोला जाता है। यह प्रक्रिया अंग्रेजी शासन के झंडे के उतरने और भारतीय तिरंगे के ऊपर चढ़ने का प्रतीक मानी जाती है। 15 अगस्त के दिन तिरंगा प्रधानमंत्री द्वारा फहराया जाता है, क्योंकि आज़ादी के समय देश में संविधान लागू नहीं था और राष्ट्रपति का पद अस्तित्व में नहीं था। उस समय प्रधानमंत्री ही देश के प्रशासनिक प्रमुख थे।

26 जनवरी: Flag Unfurling की प्रक्रिया

गणतंत्र दिवस पर तिरंगा फहराने की प्रक्रिया को अंग्रेज़ी में Flag Unfurling कहा जाता है। इस दिन झंडा पहले से ही डंडे के ऊपरी सिरे पर बंधा होता है। जैसे ही रस्सी खींची जाती है, तिरंगा खुल जाता है। यह भारत में संविधान के लागू होने और नए संवैधानिक युग की शुरुआत का प्रतीक है। 26 जनवरी को तिरंगा राष्ट्रपति द्वारा फहराया जाता है, क्योंकि राष्ट्रपति देश के संवैधानिक प्रमुख होते हैं। इसी दिन भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने पद की शपथ ली थी।

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डायबिटीज और ब्लड प्रेशर से दस मिनट में पाएं निजात

वॉक करने से शरीर की मांसपेशियां सक्रिय हो जाती हैं और वे खून में मौजूद ग्लूकोज को ऊर्जा के रूप में इस्तेमाल करने लगती हैं। इससे शुगर का लेवल तेजी से बढ़ने के बजाय संतुलित बना रहता है। यही वजह है कि डायबिटीज के जोखिम को कम करने या शुगर कंट्रोल में रखने के लिए यह आदत काफी फायदेमंद मानी जाती है।

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डायबिटीज और ब्लड प्रेशर चेक करने की मशीन
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar19 Jan 2026 06:45 PM
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Health Tips : खाने के बाद की जाने वाली हल्की वॉक से सेहत को कई तरह के फायदे मिल सकते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट ब्रायन जॉनसन के अनुसार, भोजन के तुरंत बाद कुछ मिनट टहलना ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मददगार साबित होता है। उनका कहना है कि अगर कोई व्यक्ति खाना खाने के बाद करीब 10 मिनट की वॉक करता है, तो इससे ब्लड ग्लूकोज का स्तर लगभग 17 प्रतिशत तक घट सकता है। जिसके कारण डायबिटीज और ब्लडप्रेशर होता है नियंत्रित।

फायदेमंद है खाने के बाद दस मिनट टहलना

असल में, वॉक करने से शरीर की मांसपेशियां सक्रिय हो जाती हैं और वे खून में मौजूद ग्लूकोज को ऊर्जा के रूप में इस्तेमाल करने लगती हैं। इससे शुगर का लेवल तेजी से बढ़ने के बजाय संतुलित बना रहता है। यही वजह है कि डायबिटीज के जोखिम को कम करने या शुगर कंट्रोल में रखने के लिए यह आदत काफी फायदेमंद मानी जाती है। ब्लड प्रेसर भी रहता है नियंत्रित।

लंबे समय तक सेहत को बेहतर बनाए रखने में कारगर

सिर्फ ब्लड ग्लूकोज ही नहीं, बल्कि खाने के बाद टहलने से पाचन प्रक्रिया भी बेहतर होती है। इससे पेट में भारीपन, गैस और सुस्ती जैसी समस्याएं कम हो सकती हैं। इसके अलावा नियमित रूप से छोटी वॉक करने से दिल की सेहत पर भी सकारात्मक असर पड़ता है और ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में मदद मिलती है। कुल मिलाकर, खाने के बाद लंबी एक्सरसाइज की जगह हल्की और आरामदायक वॉक को अपनी दिनचर्या में शामिल करना एक आसान लेकिन असरदार तरीका है, जो लंबे समय तक सेहत को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकता है।