प्रोपर्टी की जानकारी ना देने पर चलेगा कानून का डंडा
इतना ही नहीं प्रोपर्टी की जानकारी ना देने वाले सरकारी कर्मचारियों तथा अधिकारियों के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही भी की जाएगी। प्रोपर्टी की जानकारी नहीं देने वाले अधिकारियों तथा कर्मचारियों को नौकरी से भी हाथ धोना पड़ सकता है।

UP News : उत्तर प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के विरूद्ध लगातार अभियान चला रही है। भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के मकसद से उत्तर प्रदेश के सभी सरकारी कर्मचारियों तथा अधिकारियों को अपनी चल तथा अचल संपत्ति (प्रोपर्टी) का पूरा ब्यौरा सरकार को देना अनिवार्य है। उत्तर प्रदेश के अलग-अलग विभागों ने निर्देश जारी किए हैं कि अपनी प्रोपर्टी का पूरा विवरण सरकारी पोर्टल पर ना देने वालों के विरूद्ध कानून का डंडा चलाया जाएगा।
प्रोपर्टी की जानकारी नहीं तो प्रमोशन भी नहीं
उत्तर प्रदेश सरकार ने व्यवस्था की है कि जो सरकारी कर्मचारी तथा अधिकारी अपनी प्रोपर्टी की जानकारी नहीं देंगे उन कर्मचारियों तथा अधिकारियों का प्रमोशन बिल्कुल भी नहीं किया जाएगा। इतना ही नहीं प्रोपर्टी की जानकारी ना देने वाले सरकारी कर्मचारियों तथा अधिकारियों के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही भी की जाएगी। प्रोपर्टी की जानकारी नहीं देने वाले अधिकारियों तथा कर्मचारियों को नौकरी से भी हाथ धोना पड़ सकता है।
उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग ने जारी किए कड़े निर्देश
उत्तर प्रदेश के अन्य सरकारी विभागों की तरह से ही प्रोपर्टी की जानकारी देने के मामले में प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग के कर्मचारियों तथा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी प्रोपर्टी की पूरी जानकारी तुरन्त उपलब्ध करा दें। ऐसा नहीं करने पर विभाग के अधिकारियों तथा कर्मचारियों को प्रमोशन नहीं दिया जाएगा। साथ ही उनके विरूद्ध कानूनी कार्यवाही भी शुरू कर दी जाएगी।
हर हाल में 31 जनवरी तक देना पड़ेगा प्रोपर्टी का विवरण
उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि सभी कर्मचारियों तथा अधिकारियों को 31 जनवरी 2026 तक संपदा पोर्टल पर अपनी प्रोपर्टी का पूरा विवरण हर हाल में देना होगा। निर्देशों में कहा गया है कि साल 2025 का विवरण पोर्टल पर अपलोड करने की सुविधा एक जनवरी से शुरू हो गई है। 31 जनवरी तक इसका ब्योरा न दिया जाना नियम विपरीत माना जाएगा। महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने कहा है कि एक फरवरी से होने वाली विभागीय चयन समितियों की बैठक में इसकी समीक्षा की जाएगी। ऐसे कार्मिक जब तक अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा नहीं देंगे, तब तक उनकी पदोन्नति पर विचार नहीं किया जाएगा। वहीं ऐसे कार्मिकों के खिलाफ नियमानुसार अनुशासनिक कार्यवाही की जाएगी। सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने अधीन सभी अधिकारियों, शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का ब्योरा नियमानुसार अपलोड कराना सुनिश्चित करें। UP News
UP News : उत्तर प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के विरूद्ध लगातार अभियान चला रही है। भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के मकसद से उत्तर प्रदेश के सभी सरकारी कर्मचारियों तथा अधिकारियों को अपनी चल तथा अचल संपत्ति (प्रोपर्टी) का पूरा ब्यौरा सरकार को देना अनिवार्य है। उत्तर प्रदेश के अलग-अलग विभागों ने निर्देश जारी किए हैं कि अपनी प्रोपर्टी का पूरा विवरण सरकारी पोर्टल पर ना देने वालों के विरूद्ध कानून का डंडा चलाया जाएगा।
प्रोपर्टी की जानकारी नहीं तो प्रमोशन भी नहीं
उत्तर प्रदेश सरकार ने व्यवस्था की है कि जो सरकारी कर्मचारी तथा अधिकारी अपनी प्रोपर्टी की जानकारी नहीं देंगे उन कर्मचारियों तथा अधिकारियों का प्रमोशन बिल्कुल भी नहीं किया जाएगा। इतना ही नहीं प्रोपर्टी की जानकारी ना देने वाले सरकारी कर्मचारियों तथा अधिकारियों के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही भी की जाएगी। प्रोपर्टी की जानकारी नहीं देने वाले अधिकारियों तथा कर्मचारियों को नौकरी से भी हाथ धोना पड़ सकता है।
उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग ने जारी किए कड़े निर्देश
उत्तर प्रदेश के अन्य सरकारी विभागों की तरह से ही प्रोपर्टी की जानकारी देने के मामले में प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग के कर्मचारियों तथा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी प्रोपर्टी की पूरी जानकारी तुरन्त उपलब्ध करा दें। ऐसा नहीं करने पर विभाग के अधिकारियों तथा कर्मचारियों को प्रमोशन नहीं दिया जाएगा। साथ ही उनके विरूद्ध कानूनी कार्यवाही भी शुरू कर दी जाएगी।
हर हाल में 31 जनवरी तक देना पड़ेगा प्रोपर्टी का विवरण
उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि सभी कर्मचारियों तथा अधिकारियों को 31 जनवरी 2026 तक संपदा पोर्टल पर अपनी प्रोपर्टी का पूरा विवरण हर हाल में देना होगा। निर्देशों में कहा गया है कि साल 2025 का विवरण पोर्टल पर अपलोड करने की सुविधा एक जनवरी से शुरू हो गई है। 31 जनवरी तक इसका ब्योरा न दिया जाना नियम विपरीत माना जाएगा। महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने कहा है कि एक फरवरी से होने वाली विभागीय चयन समितियों की बैठक में इसकी समीक्षा की जाएगी। ऐसे कार्मिक जब तक अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा नहीं देंगे, तब तक उनकी पदोन्नति पर विचार नहीं किया जाएगा। वहीं ऐसे कार्मिकों के खिलाफ नियमानुसार अनुशासनिक कार्यवाही की जाएगी। सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने अधीन सभी अधिकारियों, शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का ब्योरा नियमानुसार अपलोड कराना सुनिश्चित करें। UP News












