मनोज भाटी के कारण बार एसोसिएशन की प्रतिष्ठा दांव पर

गौतमबुद्धनगर जिले की जनपद दीवानी एवं फौजदारी बार एसोसिएशन के वर्तमान अध्यक्ष मनोज कुमार भाटी एडवोकेट हैं। मनोज कुमार भाटी हाल ही में चुनाव जीतकर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बने थे।

बार अध्यक्ष मनोज भाटी पर FIR के बाद बढ़ी हलचल
बार अध्यक्ष मनोज भाटी पर FIR के बाद बढ़ी हलचल
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar05 Jan 2026 03:38 PM
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Noida News : नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में सक्रिय वकीलों की सबसे बड़ी संस्था बार एसोसिएशन है। गौतमबुद्धनगर जिले की बार एसोसिएशन का पूरा नाम गौतमबुद्धनगर दीवानी एवं फौजदारी बार एसोसिएशन है। इस एसोसिएशन को केवल बार एसोसिएशन के नाम से भी लिखा तथा बोला जाता है। गौतमबुद्धनगर जिले की जनपद दीवानी एवं फौजदारी बार एसोसिएशन के वर्तमान अध्यक्ष मनोज कुमार भाटी एडवोकेट हैं। मनोज कुमार भाटी हाल ही में चुनाव जीतकर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बने थे।

मनोज भाटी के कारण कैसे दांव पर लगी है बार एसोसिएशन की प्रतिष्ठा

यह मामला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज भाटी के विरूद्ध दर्ज हुई FIR से जुड़ा हुआ है। हाल ही में ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क थाने में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज कुमार भाटी एडवोकेट के विरूद्ध एक FIR दर्ज हुई है। इस FIR में आरोप है कि जिस डिग्री के आधार पर मनोज भाटी वकील बना है वह डिग्री फर्जी है। इस मामले में नोएडा कमिश्नरी पुलिस तेजी के साथ जांच कर रही है। FIR दर्ज होने के बाद मनोज कुमार भाटी ने FIR को बदले की भावना तथा राजनीति से प्रेरित कृत्य बताकर खारिज करने का प्रयास किया है। बार एसोसिएशन के मुखिया के विरूद्ध दर्ज हुई FIR से बार एसोसिएशन की प्रतिष्ठा पर उस समय बड़ी आंच आ सकती है जब यदि पुलिस की जांच में यह साबित हो जाता है कि मनोज भाटी पर लगाए गए आरोप सही पाए गए हैं।

बहुत बड़ी प्रतिष्ठा रही है बार एसोसिएशन तथा बार अध्यक्षों की

गौतमबुद्धनगर जिले की बार एसोसिएशन की हमेशा से बहुत बड़ी प्रतिष्ठा रही है। गौतमबुद्धनगर जिले की बार एसोसिएशन का समाज से लेकर न्याय पालिका तक में खूब सम्मान कायम है। अनेक मौकों पर बड़े-बड़े न्यायविदों तथा जजों ने गौतमबुद्धनगर जिले की बार एसोसिएशन की तारीफ की है। गौतमबुद्धनगर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पद पर अनेक प्रतिष्ठित वकील तैनात रहे हैं। बार एसोसिशएन के अध्यक्ष की प्रतिष्ठा किसी सांसद, विधायक तथा जिला पंचायत अध्यक्ष जैसे पदों पर बैठे हुए जनप्रतिनिधियों की तरह से रही है। न्याय पालिका बार के अध्यक्ष की खूब धमक रहती है ऐसे में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष के विरूद्ध फर्जीवाड़े का मामला दर्ज होना बड़ी चिंता का कारण है।

बार एसोसिएशन क्या होती है?

यहां बार एसोसिएशन के विषय में जानना भी जरूरी है। बार एसोसिएशन (Bar Association) एक पेशेवर वकीलों का संगठन होता है, जिसमें वे अपने पेशे के अधिकारों, ज़िम्मेदारियों, नैतिक मूल्यों, तथा हितों की सुरक्षा के लिए एकत्रित होते हैं। यह एक वकीलों की पेशेवर निकाय / असोसिएशन होती है, जो वकीलों (अधिवक्ताओं) के हितों की रक्षा करता है, न्यायपालिका के सामने वकीलों का प्रतिनिधित्व करता है, और पेशे का सम्मान बनाए रखने में मदद करता है। “बार” शब्द का इतिहास पुराने इंग्लिश कोर्ट से लिया गया है। पुराने समय में कोर्ट रूम में एक रेलिंग (बेर) होती थी जो जनता और न्यायालय के वकीलों/क्लर्कों के बीच विभाजित करती थी। वकील इस रेलिंग को पार करके न्यायालय के अग्र भाग में काम करते थे; इसी प्रतीक से वकीलों के संगठन को “बार” कहा गया।

बार एसोसिएशन का इतिहास क्या है ?

यूरोप और ब्रिटेन से शुरू: वकीलों के पेशे का व्यवस्थित संगठन ब्रिटेन में शुरू हुआ, जहां “बार” शब्द का उपयोग कोर्ट के उस हिस्से को दर्शाने के लिए किया जाता था, जहां वकील काम करते थे। धीरे-धीरे वकालात पेशे में संगठित होने की आवश्यकता महसूस हुई और पेशेवर संगठन बने। 

19वीं सदी में वैश्विक विस्तार: जैसे-जैसे आधुनिक न्याय प्रणाली विकसित हुई, वकीलों ने पेशेवर निकायों का गठन किया ताकि पेशे का मानक, नैतिकता, शिक्षा, और नियम निर्धारित किए जा सकें। इसके परिणामस्वरूप बार एसोसिएशनों का उदय हुआ जो आज दुनिया के अधिकांश देशों में पाए जाते हैं। 

भारत में बार एसोसिएशन का इतिहास

1. प्रारंभ और विकास -भारत में बार एसोसिएशनों का इतिहास ब्रिटिश शासन से जुड़ा है। जैसे-जैसे न्यायिक प्रणाली विकसित हुई, स्थानीय वकीलों ने अपने हितों की रक्षा तथा न्यायपालिका में सुधार के लिए संगठित होना शुरू किया।

2. दिल्ली बार एसोसिएशन - दिल्ली बार एसोसिएशन, जिसकी स्थापना 1888 में हुई थी, इसे एशिया का सबसे पुराना बार एसोसिएशन माना जाता है। यह संगठन वकीलों के लिए पेशेवर समर्थन, शिक्षा, और न्याय प्रणाली में सुधार के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 

3. हाई कोर्ट बार एसोसिएशनों की स्थापना - इलाहाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन जैसे कई हाई कोर्ट बार एसोसिएशनों ने 19वीं सदी में ही अपनी शुरुआत की। इलाहाबाद बार एसोसिएशन का 150 वर्ष से अधिक का गौरवशाली इतिहास रहा है और इसने कई कानूनी दिग्गजों को जन्म दिया है। 

4. बार एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया - बार एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया भारत का एक प्रमुख राष्ट्रीय वकीलों का संगठन है, जिसकी स्थापना 8 अगस्त 1959 को हुई और 2 अप्रैल 1960 को इसे औपचारिक रूप से राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा विधिवत लॉन्च किया गया था। इसके संस्थापक नेताओं में श्री एम. सी. सेटालवाड भी शामिल थे। यह संगठन देश भर के स्थानीय एवं उच्च न्यायालय बार एसोसिएशनों का संघ है। 

बार एसोसिएशन के मुख्य कार्य

बार एसोसिएशन न केवल वकीलों का संगठन होता है, बल्कि यह कई महत्वपूर्ण कार्य भी करता है:

वकीलों के हितों की रक्षा - बार एसोसिएशन न्यायपालिका व अन्य संस्थाओं के सामने वकीलों के पेशेवर हितों की रक्षा करता है, उनके वेतन, कार्यशर्तों, तथा गरिमा से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाता है।

शिक्षा और प्रशिक्षण - अधिवक्ताओं को व्यावसायिक शिक्षा, कार्यशालाएँ, सेमिनार, तथा नैतिकता-संबंधी प्रशिक्षण प्रदान करता है। 

पेशेवर नियम और आचार संहिता - बार एसोसिएशन वकीलों के पेशे के लिए आचार संहिता, व्यावसायिक नियम और अनुशासनात्मक मानक तैयार और लागू करते हैं। 

न्याय प्रणाली में सुधार -यह कानून के सुधार, न्याय प्रक्रिया में बदलाव, और विधिक सहायता कार्यक्रमों का समर्थन कर न्याय में सुधार लाने में भी भूमिका निभाता है। 

भारत में बार एसोसिएशन की कानूनी और सामाजिक भूमिका

कानून और न्याय - बार एसोसिएशन वकीलों को एक मंच देता है जिससे वे न्यायपालिका में अपनी आवाज़ उठा सकें और सुधार के लिए सुझाव दे सकें। यह सिस्टम में बेहतर पारदर्शिता और उत्तरदायित्व लाने में मदद करता है। 

सामाजिक लीडरशिप - बार एसोसिएशनों का सामाजिक जीवन में भी योगदान होता है — यह न्याय के लिये जागरूकता अभियान, मुफ्त विधिक सहायता शिविर तथा न्यायपालिका से जुड़े अन्य कार्यक्रम आयोजित करते हैं। 

अनुशासन और पारदर्शिता - बार एसोसिएशन अक्सर अपने सदस्यों को अनुशासनात्मक प्रयोजन से कोड ऑफ़ कंडक्ट का पालन करना सीखाता है तथा उसमें सुधार भी प्रस्तावित करता है। 

स्थानीय स्तर पर बार एसोसिएशन का महत्व

जिला और हाई कोर्ट बार एसोसिएशन - जिला बार एसोसिएशनों का गठन वकीलों के प्रति स्थानीय न्यायालयों में होता है, जहाँ वे स्थानीय मामलों, चुनावों, तथा वकीलों के हितों के मुद्दों पर कार्य करते हैं।

हाई कोर्ट बार एसोसिएशन - उच्च न्यायालयों में वकीलों का प्रतिनिधित्व करते हैं और अक्सर न्यायिक सुधार हेतु सक्रिय भूमिका निभाते हैं। Noida News

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नोएडा पुलिस का बड़ा एक्शन: सेक्टर-24 से बिसरख तक 4 शातिर दबोचे

कार्रवाई में चोरी की कुल 13 बाइक और चार चाकू बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में वाहन चोरी की कई घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार किया है।

वाहन चोरी नेटवर्क पर नोएडा पुलिस का बड़ा प्रहार
वाहन चोरी नेटवर्क पर नोएडा पुलिस का बड़ा प्रहार
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar05 Jan 2026 02:55 PM
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Noida News : नोएडा-ग्रेटर नोएडा में वाहन चोरों के खिलाफ पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में चलाए गए अभियान के तहत पुलिस ने चार शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई में चोरी की कुल 13 बाइक और चार चाकू बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में वाहन चोरी की कई घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार किया है।

सेक्टर-24 पुलिस की बड़ी बरामदगी

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, थाना सेक्टर-24 की टीम सेक्टर-54 चौकी क्षेत्र के आसपास चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि दो संदिग्ध सेक्टर-22 एफ ब्लॉक में शौचालय के पास चोरी की बाइक के साथ खड़े हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर दीपक (पुत्र संतोष) और स्वतंत्र (पुत्र सचिन) को दबोच लिया। तलाशी के दौरान दोनों के पास से एक-एक चाकू बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनके पास मौजूद बाइक करीब 20 दिन पहले सेक्टर-22 स्थित नोबल बैंक वाली गली से चोरी की गई थी। पुलिस ने जब सख्ती से पूछताछ की तो दोनों ने अन्य चोरी की वारदातों की भी जानकारी दी। उनकी निशानदेही पर सेक्टर-54 के जंगल में झाड़ियों के बीच छुपाकर रखी गई 10 और चोरी की बाइक बरामद की गईं। बरामद बाइकों में से कई दिल्ली और नोएडा क्षेत्र से चोरी की बताई जा रही हैं।

बिसरख में गश्त के दौरान दो आरोपी दबोचे

उधर, थाना बिसरख पुलिस टीम गश्त पर थी। कामाख्या विला के पीछे कच्चे रास्ते पर बाइक से आ रहे दो युवकों को पुलिस ने रोकने का इशारा किया तो वे घबराकर मुड़कर भागने लगे। हड़बड़ाहट में बाइक फिसलकर गिर गई, जिसके बाद पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया। तलाशी में चाकू बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम फैजान (पुत्र नसीम) और यासीन (पुत्र मोहम्मद प्यारे) बताया। दोनों ने स्वीकार किया कि उनके पास से मिली बाइक चोरी की है और इसे 3 जनवरी को दिल्ली से चुराया गया था।

फेज-2 इलाके में चेकिंग के दौरान एक और चोर पकड़ा गया

थाना फेज-2 पुलिस टीम सेक्टर-82 कट भंगेल के पास चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर ने सूचना दी कि काले रंग की स्प्लेंडर प्लस बाइक पर एक युवक घूम रहा है, जिसके पास हथियार भी है। पुलिस टीम ने मंगल बाजार से बांस मंडी की ओर जाने वाली रोड पर बाइक सवार युवक को पकड़ लिया। तलाशी में उसके पास से चाकू बरामद हुआ। पूछताछ में उसने अपना नाम अमित कुमार (पुत्र रमाशंकर) बताया। आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह रेवाड़ी (हरियाणा) में पेट्रोल पंप पर सेल्समैन था और 23 दिसंबर की शाम को उसने वहीं से यह बाइक चोरी की थी। इसके बाद वह नोएडा आ गया और चोरी की बाइक पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर चला रहा था।

चारों आरोपी जेल भेजे गए

पुलिस के मुताबिक, सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। नोएडा-ग्रेटर नोएडा पुलिस का कहना है कि वाहन चोरी के नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई जारी है और बरामद बाइकों के असली मालिकों की पहचान/सुपुर्दगी की प्रक्रिया भी तेजी से की जा रही है। Noida News

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नोएडा में अतिक्रमण करने वालों की अब खैर नहीं, दर्ज हुई 7 FIR

सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो जल्दी ही नोएडा क्षेत्र के दर्जनों भू-माफिया जेल की सलाखों के पीछे जाएंगे। नोएडा प्राधिकरण की पहल पर नोएडा पुलिस ने अतिक्रमण का धंधा करने वालों के विरूद्ध 7 अलग-अलग FIR दर्ज की हैं।

नोएडा में अतिक्रमण पर बड़ा वार
नोएडा में अतिक्रमण पर बड़ा वार: 7 FIR दर्ज
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userआरपी रघुवंशी
calendar05 Jan 2026 02:39 PM
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Noida News : नोएडा क्षेत्र में अतिक्रमण करने वालों की अब खैर नहीं है। नोएडा प्राधिकरण की सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने वालों के विरूद्ध बड़ा अभियान शुरू कर दिया गया है। सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो जल्दी ही नोएडा क्षेत्र के दर्जनों भू-माफिया जेल की सलाखों के पीछे जाएंगे। नोएडा प्राधिकरण की पहल पर नोएडा पुलिस ने अतिक्रमण का धंधा करने वालों के विरूद्ध 7 अलग-अलग FIR दर्ज की हैं।

नोएडा के दो थानों में नोएडा प्राधिकरण ने दर्ज कराई FIR

नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. लोकेश एम के निर्देश पर नोएडा प्राधिकरण ने बड़ा एक्शन लिया है। नोएडा प्राधिकरण की तरफ से नोएडा के थाना फेज-2 तथा फेज-3 में 7 अलग-अलग FIR दर्ज कराई गई है। नोएडा प्राधिकरण की तरफ से अवर अभियंता मोहित भाटी, नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक पारसनाथ सोनकर, नोएडा प्राधिकरण के अवर अभियंता मुकेश कुमार तथा नोएडा प्राधिकरण के जेई बिजेन्द्र सिंह ने FIR दर्ज कराई है। अलग-अलग दर्ज कराई गई FIR में दो दर्जन से अधिक लोगों के विरूद्ध सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जे करने के आरोप लगाए गए हैं। FIR दर्ज करने के बाद नोएडा पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है।

नोएडा में सक्रिय दो दर्जन अतिक्रमणकारियों के विरूद्ध दर्ज हुई FIR 

नोएडा के थानों में दर्ज कराई गई अलग-अलग FIR में कुल दो दर्जन लोगों को नामजद किया गया है।  नोएडा प्राधिकरण के अवर अभियंता मोहित भाटी की तरफ से दर्ज कराई गई FIR में ने बताया गया है कि बसई और गढ़ी चैखंडी में प्राधिकरण की अर्जित जमीन है। जमीन पर बिना अनुमति लिए सौरभ राणा, नितिन राणा व ब्रिकलैंड डवलपर्स प्रबंधन द्वारा अवैध निर्माण किया हुआ है। वरिष्ठ प्रबंधक पारसनाथ सोनकर ने दी गई शिकायत में बताया है कि बसई गांव में अशोक कुमार, ओमवीर यादव, विजय नागर व भूपेंद्र गुप्ता द्वारा अवैध कब्जा किया है। वहीं, अवर अभियंता मुकेश कुमार ने बताया है कि गढ़ी गांव में, प्रदीप कुमार, रामराज, अजय तिवारी, अवध सिंह, नवीन, विशाल मिश्रा, उदयवीर चैहान, राकेश यादव ने अवैध निर्माण किया है। फेज-2 थाने में दी गई शिकायत में जेई विजेंद्र सिंह ने बताया है कि इलाहाबांस गांव में और निम्मी विहार में प्राधिकरण की अधिसूचित व अर्जित जमीन है। आरोप है कि जमीन पर गांव के राम अवतार सिंह व दानिश अली ने अवैध कब्जा किया हुआ है।

नोएडा प्राधिकरण के CEO ने दिए सख्त निर्देश

अतिक्रमण को लेकर नोएडा प्राधिकरण के CEO डॉ. लोकेश एम सख्त मुद्रा में नजर आ रहे हैं। नोएडा प्राधिकरण के CEO ने प्राधिकरण के सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अवैध रूप से कब्जाई गई सरकारी जमीन को हर हाल में कब्जों से मुक्त कराना है। नोएडा के अलग-अलग थानों में दर्ज कराई गई FIR इसी सख्ती का नतीजा बताई जा रही है। जानकार सूत्रों का कहना है कि नोएडा प्राधिकरण जल्दी ही अतिक्रमण को ध्वस्त करने का बड़ा अभियान शुरू करने वाला है। इस बीच नोएडा पुलिस ने भी जांच पड़ताल शुरू कर दी है। नोएडा पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि दोषी पाए जाने पर अतिक्रमण करने वालों को जेल में भेजा जाएगा। Noida News

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