नोएडा के इन सेक्टरों में आएगी पजल पार्किंग, पार्किंग संकट पर लगेगी लगाम

अधिकारियों के मुताबिक अब इन एजेंसियों के दस्तावेजों की स्क्रूटनी के बाद तकनीकी-अंतिम प्रक्रिया पूरी कर प्रोजेक्ट पर काम शुरू कराया जाएगा, जिससे नोएडा की पार्किंग व्यवस्था को नई रफ्तार मिल सकती है।

नोएडा में स्मार्ट पार्किंग की नई पहल
नोएडा में स्मार्ट पार्किंग की नई पहल
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar08 Jan 2026 03:04 PM
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Noida News : नोएडा में लगातार बढ़ते वाहनों और पार्किंग की कमी से पैदा हो रहे ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर की दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ाया है। नोएडा प्राधिकरण ने शहर के तीन नए सेक्टरों में भी ऑटोमेटेड पजल पार्किंग विकसित करने की तैयारियां तेज कर दी हैं, ताकि सीमित जगह में अधिक गाड़ियों की सुरक्षित और व्यवस्थित पार्किंग हो सके। इसी क्रम में सेक्टर-63 में प्रस्तावित नोएडा की पहली पजल पार्किंग के लिए जारी टेंडर प्रक्रिया में दो एजेंसियां सामने आई हैं। अधिकारियों के मुताबिक अब इन एजेंसियों के दस्तावेजों की स्क्रूटनी के बाद तकनीकी-अंतिम प्रक्रिया पूरी कर प्रोजेक्ट पर काम शुरू कराया जाएगा, जिससे नोएडा की पार्किंग व्यवस्था को नई रफ्तार मिल सकती है।

नोएडा में कहां-कहां बनेगी पजल पार्किंग?

नोएडा प्राधिकरण से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, नोएडा में पार्किंग सिस्टम को ज्यादा स्मार्ट, ऑटोमेटेड और अनुशासित बनाने की कवायद अब तेज हो गई है। सेक्टर-63 के बाद प्राधिकरण ने सेक्टर-124, सेक्टर-15 (अलका सिनेमा के पास) और सेक्टर-62 की ओर नए स्थानों पर पजल पार्किंग विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया है।

क्या है ऑटोमेटेड पजल पार्किंग?

नोएडा में जिस ऑटोमेटेड पजल पार्किंग सिस्टम की तैयारी है, वह पारंपरिक बहुमंजिला पार्किंग से बिल्कुल अलग और ज्यादा स्मार्ट होगा। इसे पजल इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसमें कारों के स्लॉट और प्लेटफॉर्म किसी गेम की तरह ऊपर-नीचे और दाएं-बाएं मूव करते हैं। चालक सिर्फ वाहन तय पॉइंट पर खड़ा करता है, इसके बाद मशीन कार को खुद निर्धारित स्लॉट तक पहुंचा देती है और जरूरत पड़ने पर उसी तरह वापस निकाल भी देती है। अधिकारियों के मुताबिक, इस तकनीक में 3 से 6 मिनट में कार पार्क हो जाती है, जबकि सामान्य बहुमंजिला पार्किंग में यही प्रक्रिया अक्सर 10 से 15 मिनट तक खिंच जाती है

नोएडा में 4 से 6 फ्लोर तक बन सकती है व्यवस्था

प्राधिकरण की योजना के मुताबिक, नोएडा में प्रस्तावित पजल पार्किंग स्ट्रक्चर 4 से 6 फ्लोर तक विकसित किए जा सकते हैं। शुरुआती आकलन में हर फ्लोर पर लगभग 25 कारों की क्षमता मानी जा रही है, यानी एक यूनिट में कुल मिलाकर 100 से 150 कारों तक की पार्किंग संभव होगी। यही वजह है कि नोएडा जैसे तेजी से बढ़ते शहर में यह मॉडल खास माना जा रहा है

नोएडा के लिए क्यों जरूरी?

नोएडा के कई सेक्टरों में ऑफिस हब, बाजार, अस्पताल और मेट्रो कनेक्टिविटी के चलते वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। नतीजा यह कि सड़क किनारे बेतरतीब पार्किंग कई इलाकों में जाम की सबसे बड़ी वजह बन जाती है। ऐसे में पजल पार्किंग को नोएडा के लिए एक व्यावहारिक “स्मार्ट समाधान” माना जा रहा है। इसकी खासियत यह है कि कम भूमि क्षेत्र में ही 5-6 फ्लोर तक पार्किंग क्षमता विकसित की जा सकती है, संचालन के लिए कम स्टाफ की जरूरत पड़ती है और पूरी व्यवस्था सेंसर-बेस्ड होने से सुरक्षा व मॉनिटरिंग भी ज्यादा मजबूत रहती है। 

सेंसर सिस्टम से हादसे का जोखिम कम

नोएडा प्राधिकरण के अनुसार, यह पार्किंग पूरी तरह ऑटोमेटेड है, जहां कारें मशीन के जरिए एक फ्लोर से दूसरे फ्लोर पर शिफ्ट होती हैं। सुरक्षा के लिए इसमें सेंसर लगाए जाते हैं। यदि कोई बच्चा या जानवर गलती से अंदर आ जाए, तो सेंसर अलर्ट होते ही सिस्टम तुरंत रुक जाता है और कार वहीं स्थिर हो जाती है, ताकि दुर्घटना की आशंका न रहे। पार्किंग एरिया की सीमा तय कर पीली लाइन से संकेत भी दिया जा सकता है।

नोएडा में आगे क्या होगा?

फिलहाल सेक्टर-63 की पजल पार्किंग के टेंडर में आई एजेंसियों के दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की प्रक्रिया तय होगी। इसके साथ ही सेक्टर-124, सेक्टर-15 और सेक्टर-62 की ओर प्रस्तावित लोकेशनों पर भी तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर तैयारी तेज होने के संकेत हैं। नोएडा जैसे तेजी से बढ़ते शहर में यह पहल सिर्फ पार्किंग नहीं, बल्कि ट्रैफिक जाम कंट्रोल और स्मार्ट सिटी मैनेजमेंट की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। Noida News

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नोएडा में किया जा रहा था फर्जी बीमा, पूरा गिरोह पकड़ा

जानकारी मिलने पर नोएडा सेक्टर-63 की पुलिस और गौतम बुद्ध नगर स्थित साइबर क्राइम की जॉइंट टीम ने एक्शन लेते हुए सेक्टर 63 के H-198 से संचालित हो रहे फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया. छापेमारी के दौरान दो लैपटॉप, एक मॉडेम, टेलीकॉलर डिवाइस, 31 मोबाइल फोन, 721 डेटाशीट और दो डायरी बरामद कीं।

नोएडा में फर्जी बीमा का खेल खत्म
नोएडा में फर्जी बीमा का खेल खत्म
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar07 Jan 2026 06:04 PM
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Noida News : नोएडा पुलिस ने बड़ी कार्यवाही करते हुए फर्जी बीमा (इंश्योरेंस पॉलिसी) करके ठगी करने वाले एक गिरोह को पकड़ा है। एक बड़ा गिरोह नोएडा में फर्जी कॉल सेंटर चलाकर लोगों को फर्जी इंश्योरेंस पॉलिसी बेच रहा था। नोएडा पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारकर शातिर ठगों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। नोएडा पुलिस की इस कार्यवाही से ठगी का शिकार हुए लोगों ने राहत की सांस ली है।

क्या है फर्जी बीमा गिरोह का पूरा मामला?

आपको बता दें कि लोग खुद को बीमा एजेंट बताकर कॉल करते थे. साथ ही पीड़ितों को बीमा की रकम खुद के (ठगों) बैंक खातों में ट्रांसफर करने के लिए लुभाते थे। जानकारी मिलने पर नोएडा सेक्टर-63 की पुलिस और गौतम बुद्ध नगर स्थित साइबर क्राइम की जॉइंट टीम ने एक्शन लेते हुए सेक्टर 63 के H-198 से संचालित हो रहे फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया. छापेमारी के दौरान दो लैपटॉप, एक मॉडेम, टेलीकॉलर डिवाइस, 31 मोबाइल फोन, 721 डेटाशीट और दो डायरी बरामद कीं। 

बीमा कंपनियों के नाम पर ठगते थे

नोएडा कमिश्नरी में तैनात ADCP शव्या गोयल ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ के दौरान खुलासा किया कि वे बीमा कंपनियों के प्रतिनिधि होने का दावा करके लोगों से संपर्क करते थे। उन्हें समाप्त हो चुकी पॉलिसियों का रिन्यू कराने, नई पॉलिसियां खरीदने और पॉलिसी बोनस का दावा करने के लिए राजी करते थे. ठगी की रकम को गिरोह के सदस्यों के बीच बांट दिया जाता था। इन आरोपियों की पहचान छत्रपाल शर्मा, सत्यम, समीर, राज सलाउद्दीन, ईश्वर करमाली, सुहैल, विवेक कुमार, सुमित कुमार, मोहम्मद आसिफ, सुहैल, राजीव कुमार, मिथिलेश और हरिओम के रूप में हुई है. छत्रपाल (32) का आपराधिक इतिहास रहा है और उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। इन आरोपियों के खिलाफ सेक्टर-63 पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा-318 (धोखाधड़ी), 319 (पहचान बदलकर धोखाधड़ी), 336 (जाली दस्तावेज बनाना), 340 (दस्तावेजों से जालसाजी) व 61 (आपराधिक साजिश) और इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। Noida News

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नोएडा पुलिस के खुलासे की हो रही है खूब तारीफ, बरामद किए 8 करोड़ के फोन

चोरी किए गए मोबाइल फोन नेपाल तक में ले जाकर बेचे जा रहे थे। नोएडा पुलिस के इस काम की खूब तारीफ की जा रही है। नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा के नागरिकों का कहना है कि नोएडा पुलिस का यह खुलासा बेहद सराहनीय खुलासा है।

नोएडा पुलिस की बड़ी कामयाबी
नोएडा पुलिस की बड़ी कामयाबी
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar07 Jan 2026 05:50 PM
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Noida News : नोएडा कमिश्नरी पुलिस के एक बड़े खुलासे की खूब तारीफ की जा रही है। नोएडा कमिश्नरी पुलिस के इस बड़े खुलासे में मोबाइल फोन चोरी करने वाले एक अंतर्राष्ट्रीय गिरोह का खुलासा हुआ है। पकड़े गए गिरोह के कब्जे से नोएडा पुलिस ने 8 करोड़ रूपए कीमत के मोबाइल फोन बरामद किए हैं। मोबाइल फोन चोरों के इस गिरोह ने नोएड से लेकर दिल्ली तक की पुलिस की नाक में दम कर रखा था।

नोएडा के फेस-2 थाने की पुलिस ने पकड़ा बड़ा गिरोह

आपको बता दें कि मंगलवार को नोएडा के फेज-2 थाने की पुलिस ने एक अंतर्राष्ट्रीय गिरोह को पकडऩे का खुलासा किया है। यह गिरोह नोएडा, ग्रेटर नोएडा तथा दिल्ली एनसीआर में महंगे मोबाइल फोन चोरी करने का धंधा चला रहा था। चोरी किए गए मोबाइल फोन नेपाल तक में ले जाकर बेचे जा रहे थे। नोएडा पुलिस के इस काम की खूब तारीफ की जा रही है। नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा के नागरिकों का कहना है कि नोएडा पुलिस का यह खुलासा बेहद सराहनीय खुलासा है।

नोएडा पुलिस ने बरामद किए 8 करोड़ रूपए के मोबाइल फोन

नोएडा कमिश्नरी पुलिस की मीडिया सेल ने बताया है कि नोएडा पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय मोबाइल चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है. थाना फेज-2 पुलिस ने इस गिरोह के आठ सदस्यों को पकड़ते हुए उनके कब्जे से 821 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 8 करोड़ रुपये है। नोएडा पुलिस की जांच में सामने आया है कि यह गिरोह झारखंड से दो-तीन महीने के लिए दिल्ली-एनसीआर आता था. यहां किराये पर कमरे लेकर भीड़भाड़ वाले इलाकों में सक्रिय रहता और मौके का फायदा उठाकर मोबाइल चोरी करता था। पकड़े जाने से बचने के लिए गिरोह के सदस्य चोरी के तुरंत बाद मोबाइल एक-दूसरे को पास कर देते थे. जब चोरी किए गए मोबाइलों की संख्या सैकड़ों में पहुंच जाती थी, तो उन्हें बैग और बोरियों में भरकर ट्रेन और बस के जरिए झारखंड और बिहार ले जाया जाता था। इसके बाद इन मोबाइलों को नेपाल बॉर्डर के इलाकों में बेहद सस्ते दामों पर बेच दिया जाता था। सेंट्रल नोएडा के डीसीपी शक्ति अवस्थी ने बताया कि गिरोह के आठ सदस्यों को पकड़ा गया है, जिनमें छह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि दो नाबालिगों को बाल सुधार गृह भेजा गया है। एक साथ 821 मोबाइल फोन की बरामदगी नोएडा पुलिस के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी रिकवरी मानी जा रही है. फिलहाल पुलिस बरामद मोबाइल फोन के मालिकों की पहचान करने और गिरोह से जुड़े अन्य नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है। नोएडा पुलिस के इस खुलासे की सर्वत्र सराहना हो रही है। Noida News

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