दिव्यांगजनों के लिए सरकार का बड़ा तोहफा, 15 मार्च तक है आखिरी मौका

मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमी योजना बिहार सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना के तहत दिव्यांगजनों को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए 10 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसमें से 5 लाख रुपये तक की राशि अनुदान के रूप में माफ की जाती है।

Mukhyamantri Divyangjan Yojana
मुख्यमंत्री दिव्यांगजन योजना
locationभारत
userअसमीना
calendar03 Mar 2026 04:14 PM
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अगर आप दिव्यांग हैं और अपने दम पर कुछ करने का सपना रखते हैं तो यह मौका आपके लिए खास है। बिहार सरकार की मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमी योजना के तहत अब दिव्यांगजनों को अपना उद्योग शुरू करने के लिए 10 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जा रही है। खास बात यह है कि इस राशि में से 5 लाख रुपये तक माफ भी किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य है कि दिव्यांगजन आत्मनिर्भर बनें और अपने पैरों पर खड़े होकर रोजगार पैदा करें। आवेदन की आखिरी तारीख 15 मार्च तय की गई है इसलिए समय रहते आवेदन करना जरूरी है।

योजना का उद्देश्य क्या है?

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य सरकार रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। इसी सोच के तहत दिव्यांगजनों को भी उद्यमिता की मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया जा रहा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य है दिव्यांगजनों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना। उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना।

स्वरोजगार के जरिए सम्मानजनक जीवन का अवसर देना।

कितनी मिलेगी आर्थिक सहायता?

इस योजना के तहत प्रति लाभुक अधिकतम 10 लाख रुपये तक की परियोजना लागत स्वीकृत की जाएगी। यह राशि ऋण और अनुदान के रूप में दी जाएगी। सबसे बड़ी राहत यह है कि 10 लाख रुपये में से 5 लाख रुपये पूरी तरह से माफ किए जाएंगे यानी लाभार्थी को केवल शेष राशि ही चुकानी होगी। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कुल 100 दिव्यांगजनों का चयन किया जाएगा। चयनित उम्मीदवारों को लोन देने से पहले जरूरी व्यावसायिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा ताकि वे अपने व्यवसाय को सही तरीके से चला सकें।

मुख्यमंत्री दिव्यांगजन योजना के लिए आवेदन कैसे करें?

अगर आप इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं तो आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। आवेदन करने के लिए आपको-

  • उद्योग विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
  • लॉगिन सेक्शन में जाकर MMUY (Mukhyamantri Muslim Udyami Yojana/Divyangjan) विकल्प पर क्लिक करें।
  • अपने आधार नंबर के जरिए रजिस्ट्रेशन करें।
  • मांगी गई जानकारी भरें और आवेदन फॉर्म जमा करें।
  • ध्यान रखें कि आवेदन 15 मार्च से पहले पूरा करना जरूरी है।

किन दस्तावेजों की होगी जरूरत?

योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी दस्तावेज होना अनिवार्य है। इनमें शामिल हैं-

  • जन्म प्रमाण पत्र।
  • बिहार का आधार कार्ड।
  • स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र।
  • शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र।
  • दिव्यांगता प्रमाण पत्र।

आवेदन से पहले इन सभी दस्तावेजों को तैयार रखें ताकि फॉर्म भरते समय कोई परेशानी न हो।

क्यों है यह योजना खास?

यह योजना सिर्फ आर्थिक मदद नहीं देती, बल्कि दिव्यांगजनों को आत्मविश्वास और सम्मान भी देती है। जब कोई व्यक्ति अपना व्यवसाय शुरू करता है तो वह सिर्फ खुद के लिए ही नहीं बल्कि दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करता है। सरकार का यह कदम दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा में जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।

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महिलाओं के लिए बड़ी खबर, जानिए आपकी अगली किस्त कब आएगी?

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना बिहार की महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण देने और रोजगार बढ़ाने के लिए चलाई जा रही है। इस योजना के तहत महिलाओं के खाते में पहली किस्त के रूप में 10,000 रुपये भेजे गए हैं। अब अगली किस्त के तौर पर 20,000 रुपये तक की राशि भेजी जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojana
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना
locationभारत
userअसमीना
calendar03 Mar 2026 03:08 PM
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बिहार में महिलाओं के लिए आर्थिक सशक्तिकरण और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना चल रही है। पहले 1.81 करोड़ महिलाओं के खाते में 10,000 रुपये भेजे जा चुके हैं और अब उनकी अगली किस्त पर काम शुरू हो गया है। आइए जानते हैं नई अपडेट और किसे मिलेगा पैसा।

अगली किस्त कब आएगी?

महिलाओं ने अब तक जो रोजगार शुरू किए हैं उनका आकलन किया जा रहा है। सरकार ने तय किया है कि आकलन पूरा होते ही अगली किस्त भेजी जाएगी। उम्मीद है कि यह पैसा इसी महीने या अप्रैल तक महिलाओं के खाते में आ जाएगा। जिन महिलाओं ने पहले 10,000 रुपये के साथ अपना काम शुरू किया है उनका मूल्यांकन जीविकाकर्मी मोबाइल एप के जरिए किया जाएगा।

कितने चरणों में मिलेगा पैसा?

योजना के तहत महिलाओं को चार चरणों में आर्थिक मदद दी जाएगी। पहले चरण में महिलाओं को 20,000 रुपये तक की मदद मिलेगी, जिसमें उन्हें खुद 5,000 रुपये का योगदान देना होगा। दूसरे चरण में सरकार 40,000 रुपये तक की मदद देगी और महिला को 10,000 रुपये अपने तरफ से लगाने होंगे। तीसरे चरण में यह मदद बढ़कर 80,000 रुपये होगी, जिसमें महिलाओं को 20,000 रुपये का योगदान करना होगा। चौथे चरण में महिलाओं को 60,000 रुपये तक की राशि दी जाएगी जिसे वे मार्केटिंग, ब्रांडिंग और पैकेजिंग जैसी चीज़ों पर इस्तेमाल कर सकती हैं। ध्यान रहे कि अगली किस्त का निर्धारण महिलाओं के रोजगार के विकास और आवश्यकता के आधार पर ही किया जाएगा।

किन महिलाओं के खाते में आएंगे 20,000?

हर महिला को जो 10,000 रुपये मिले हैं उसे आगे की राशि नहीं मिलेगी। यह पैसा केवल उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जिनके रोजगार में आगे बढ़ने की संभावना है। प्रशासन इस बात का आकलन करेगा कि किस महिला के रोजगार को और बढ़ावा देने की जरूरत है। उद्योग और रोजगार के हिसाब से महिलाओं को 2 लाख रुपये तक की राशि मिल सकती है।

नई फॉर्म भरने वाली महिलाओं के लिए तैयारी

जो महिलाएं पहली बार आवेदन कर रही हैं, उनके खाते में 10,000 रुपये भेजे जाने की तैयारी भी शुरू हो गई है। 18 लाख नई आवेदनों की वेरिफिकेशन का काम चल रहा है और उम्मीद है कि 15 मार्च तक यह पूरा हो जाएगा। इसके बाद पैसा सीधे महिलाओं के खाते में ट्रांसफर किया जाएगा।

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पोस्ट ऑफिस की जबरदस्त स्कीम, हर कोई होगा लखपति!

Gram Priya Scheme: यह पोस्ट ऑफिस ग्राम प्रिया स्कीम एक सुरक्षित और फिक्स्ड निवेश विकल्प है। इस योजना में 10 साल तक नियमित प्रीमियम जमा कर आप 7.25 लाख रुपये का गारंटीड रिटर्न पा सकते हैं। इसमें निवेश के साथ-साथ लाइफ इंश्योरेंस का लाभ भी मिलता है।

Post Office Scheme
पोस्ट ऑफिस स्कीम
locationभारत
userअसमीना
calendar01 Mar 2026 10:46 AM
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आज के समय में हर कोई चाहता है कि उसकी मेहनत की कमाई सुरक्षित भी रहे और बढ़े भी। बाजार में निवेश के कई विकल्प मौजूद हैं लेकिन जोखिम का डर भी साथ चलता है। ऐसे में अगर कोई ऐसी योजना मिल जाए जिसमें पैसा डूबने का डर न हो और तय समय पर अच्छा फंड भी मिल जाए तो उससे बेहतर क्या हो सकता है। पोस्ट ऑफिस की ‘ग्राम प्रिया’ स्कीम कुछ ऐसा ही विकल्प है जो सुरक्षित निवेश के साथ जीवन बीमा का फायदा भी देती है। यह योजना रूरल पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस (RPLI) के तहत आती है और खासतौर पर उन लोगों के लिए बनाई गई है जो कम जोखिम में तय रिटर्न चाहते हैं।

क्या है ग्राम प्रिया स्कीम?

‘ग्राम प्रिया’ एक मनी-बैक लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी है जिसकी अवधि 10 साल की होती है। इस योजना में आप हर महीने एक तय प्रीमियम जमा करते हैं और 10 साल पूरे होने पर आपको गारंटीड राशि के साथ बोनस भी मिलता है। यह योजना भारत सरकार के अधीन संचालित होती है इसलिए इसमें बाजार के उतार-चढ़ाव का कोई असर नहीं पड़ता। यही वजह है कि इसे सुरक्षित निवेश विकल्प माना जाता है।

कैसे बनता है 7.25 लाख रुपये का फंड?

अगर कोई व्यक्ति इस योजना में हर महीने करीब 5,042 रुपये का प्रीमियम भरता है तो 10 साल बाद उसे लगभग 7.25 लाख रुपये की राशि मिल सकती है। इस योजना में न्यूनतम बीमा राशि 10,000 रुपये और अधिकतम 5 लाख रुपये तक हो सकती है। पोस्ट ऑफिस हर साल प्रति हजार रुपये के सम एश्योर्ड पर 45 रुपये का बोनस देता है। अगर कोई 5 लाख रुपये का सम एश्योर्ड चुनता है तो उसे हर साल 22,500 रुपये का बोनस मिलता है। 10 साल में यह बोनस 2,25,000 रुपये तक पहुंच सकता है। सम एश्योर्ड और बोनस मिलाकर कुल राशि करीब 7.25 लाख रुपये बनती है। बीच-बीच में मिलने वाली मनी-बैक राशि से छोटी-मोटी जरूरतें भी पूरी की जा सकती हैं।

अनहोनी की स्थिति में परिवार को सुरक्षा

इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सिर्फ निवेश नहीं, बल्कि जीवन बीमा भी है। अगर पॉलिसी की अवधि के दौरान पॉलिसीधारक की मृत्यु हो जाती है तो नॉमिनी को पूरा सम एश्योर्ड दे दिया जाता है। ऐसी स्थिति में परिवार को आगे प्रीमियम भरने की जरूरत नहीं होती और उन्हें तय बीमा राशि का पूरा लाभ मिल जाता है। यही कारण है कि यह योजना ग्रामीण और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए काफी मददगार मानी जाती है।

निवेश से पहले किन बातों का रखें ध्यान?

किसी भी योजना में पैसा लगाने से पहले उसके नियम समझना जरूरी है। ग्राम प्रिया स्कीम 10 साल की प्रतिबद्धता है, यानी आपको नियमित रूप से प्रीमियम जमा करना होगा। अगर समय पर प्रीमियम नहीं भरा गया तो पॉलिसी लैप्स हो सकती है। इसके अलावा, इस योजना में समय से पहले पैसा निकालने का विकल्प सीमित है। इसलिए इसे लंबी अवधि की सुरक्षित बचत योजना मानकर ही निवेश करना बेहतर रहता है।

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