ममता बनर्जी ने महिलाओं-युवाओं के लिए खोला खजाना, हर महीने मिलेंगे पैसे
पश्चिम बंगाल बजट 2026-27 में ममता बनर्जी सरकार ने चुनाव से पहले महिलाओं और युवाओं के लिए बड़े ऐलान किए हैं। लक्ष्मी भंडार योजना के तहत अब SC/ST महिलाओं को 1700 रुपये और सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपये हर महीने मिलेंगे।

चुनावी माहौल के बीच पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने जनता को बड़ी राहत दी है। गुरुवार को पेश किए गए 2026-27 के अंतरिम बजट में महिलाओं, युवाओं और श्रमिक वर्ग के लिए कई अहम घोषणाएं की गई हैं। कुल 4.06 लाख करोड़ रुपये के इस बजट को चुनाव से पहले सरकार का मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। खास बात यह है कि इस बजट में सीधे आम लोगों की जेब से जुड़ी योजनाओं पर जोर दिया गया है जिससे इसका असर हर घर तक पहुंचने की उम्मीद है।
लक्ष्मी भंडार योजना में बड़ा इजाफा
महिलाओं के लिए चलाई जा रही लोकप्रिय लक्ष्मी भंडार योजना में ममता सरकार ने बड़ा बदलाव किया है। अब तक इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को 1000 से 1200 रुपये प्रति माह मिलते थे लेकिन बजट 2026-27 में इसमें 500 रुपये महीने की बढ़ोतरी की घोषणा कर दी गई है। अब SC/ST वर्ग की महिलाओं को 1700 रुपये प्रति माह और सामान्य श्रेणी की महिलाओं को 1500 रुपये प्रति माह मिलेंगे। यह योजना 25 से 60 वर्ष की उन महिलाओं के लिए है जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) में आती हैं। इस फैसले से लाखों महिलाओं को सीधी आर्थिक राहत मिलने वाली है।
बेरोजगार युवाओं को भी मिलेगा लाभ
महिलाओं के साथ-साथ सरकार ने बेरोजगार युवाओं पर भी बड़ा दांव खेला है। बजट में ‘युवा साथी योजना’ का ऐलान किया गया है जिसके तहत 21 से 40 वर्ष तक के बेरोजगार युवाओं को 1500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। यह बेरोजगारी भत्ता युवाओं को तब तक मिलेगा जब तक उन्हें नौकरी नहीं मिल जाती या फिर अधिकतम 5 साल तक। सरकार का कहना है कि इस योजना का मकसद युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और नौकरी की तलाश के दौरान आर्थिक सहारा देना है।
आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के भत्ते में भी बढ़ोतरी
बजट 2026-27 में स्वास्थ्य और बाल विकास से जुड़ी जमीनी कार्यकर्ताओं को भी राहत दी गई है। आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के भत्ते में 1000 रुपये की बढ़ोतरी का ऐलान किया गया है। इससे इन कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को काफी हद तक पूरा किया गया है।
कुल बजट और सरकार की रणनीति
वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य द्वारा पेश किए गए इस अंतरिम बजट का कुल आकार 4.06 लाख करोड़ रुपये है। बजट से साफ है कि ममता बनर्जी सरकार का फोकस इस बार महिलाओं, युवाओं और निम्न-आय वर्ग पर है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ये घोषणाएं आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर की गई हैं।
पश्चिम बंगाल में चुनाव कब होंगे?
पश्चिम बंगाल विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल मई 2026 में समाप्त हो रहा है। ऐसे में मार्च-अप्रैल 2026 के बीच विधानसभा चुनाव होने की पूरी संभावना है। राज्य में कुल 294 विधानसभा सीटें हैं जिन पर कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है। चुनाव से पहले राज्य का राजनीतिक माहौल और भी गर्म हो गया है। SIR मुद्दे को लेकर ममता बनर्जी सरकार और चुनाव आयोग के बीच टकराव चल रहा है। इस मामले में तृणमूल कांग्रेस सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया है। शीर्ष अदालत ने चुनाव आयोग और पश्चिम बंगाल के निर्वाचन आयोग से 9 फरवरी तक जवाब मांगा है।
चुनावी माहौल के बीच पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने जनता को बड़ी राहत दी है। गुरुवार को पेश किए गए 2026-27 के अंतरिम बजट में महिलाओं, युवाओं और श्रमिक वर्ग के लिए कई अहम घोषणाएं की गई हैं। कुल 4.06 लाख करोड़ रुपये के इस बजट को चुनाव से पहले सरकार का मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। खास बात यह है कि इस बजट में सीधे आम लोगों की जेब से जुड़ी योजनाओं पर जोर दिया गया है जिससे इसका असर हर घर तक पहुंचने की उम्मीद है।
लक्ष्मी भंडार योजना में बड़ा इजाफा
महिलाओं के लिए चलाई जा रही लोकप्रिय लक्ष्मी भंडार योजना में ममता सरकार ने बड़ा बदलाव किया है। अब तक इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को 1000 से 1200 रुपये प्रति माह मिलते थे लेकिन बजट 2026-27 में इसमें 500 रुपये महीने की बढ़ोतरी की घोषणा कर दी गई है। अब SC/ST वर्ग की महिलाओं को 1700 रुपये प्रति माह और सामान्य श्रेणी की महिलाओं को 1500 रुपये प्रति माह मिलेंगे। यह योजना 25 से 60 वर्ष की उन महिलाओं के लिए है जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) में आती हैं। इस फैसले से लाखों महिलाओं को सीधी आर्थिक राहत मिलने वाली है।
बेरोजगार युवाओं को भी मिलेगा लाभ
महिलाओं के साथ-साथ सरकार ने बेरोजगार युवाओं पर भी बड़ा दांव खेला है। बजट में ‘युवा साथी योजना’ का ऐलान किया गया है जिसके तहत 21 से 40 वर्ष तक के बेरोजगार युवाओं को 1500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। यह बेरोजगारी भत्ता युवाओं को तब तक मिलेगा जब तक उन्हें नौकरी नहीं मिल जाती या फिर अधिकतम 5 साल तक। सरकार का कहना है कि इस योजना का मकसद युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और नौकरी की तलाश के दौरान आर्थिक सहारा देना है।
आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के भत्ते में भी बढ़ोतरी
बजट 2026-27 में स्वास्थ्य और बाल विकास से जुड़ी जमीनी कार्यकर्ताओं को भी राहत दी गई है। आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के भत्ते में 1000 रुपये की बढ़ोतरी का ऐलान किया गया है। इससे इन कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को काफी हद तक पूरा किया गया है।
कुल बजट और सरकार की रणनीति
वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य द्वारा पेश किए गए इस अंतरिम बजट का कुल आकार 4.06 लाख करोड़ रुपये है। बजट से साफ है कि ममता बनर्जी सरकार का फोकस इस बार महिलाओं, युवाओं और निम्न-आय वर्ग पर है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ये घोषणाएं आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर की गई हैं।
पश्चिम बंगाल में चुनाव कब होंगे?
पश्चिम बंगाल विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल मई 2026 में समाप्त हो रहा है। ऐसे में मार्च-अप्रैल 2026 के बीच विधानसभा चुनाव होने की पूरी संभावना है। राज्य में कुल 294 विधानसभा सीटें हैं जिन पर कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है। चुनाव से पहले राज्य का राजनीतिक माहौल और भी गर्म हो गया है। SIR मुद्दे को लेकर ममता बनर्जी सरकार और चुनाव आयोग के बीच टकराव चल रहा है। इस मामले में तृणमूल कांग्रेस सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया है। शीर्ष अदालत ने चुनाव आयोग और पश्चिम बंगाल के निर्वाचन आयोग से 9 फरवरी तक जवाब मांगा है।












