दिल्ली में इतने लोग उठा रहे हैं मुफ्त बिजली का फायदा, चौंका देगा आंकड़ा

दिल्ली सरकार की 200 यूनिट मुफ्त बिजली योजना से 70 लाख उपभोक्ताओं में से लाखों लोगों का बिजली बिल शून्य हुआ है। जानें इस योजना की पूरी जानकारी, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और साल 2025 में कितनों को फायदा मिला।

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मुफ्त बिजली योजना
locationभारत
userअसमीना
calendar16 Jan 2026 01:28 PM
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दिल्ली सरकार ने घरेलू और कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली की योजना शुरू की है जिसका मकसद आम लोगों की बिजली की महंगी बिलों को कम करना और हर घर तक बिजली की सुविधा सुनिश्चित करना है। इस योजना के तहत उपभोक्ताओं को मासिक बिजली बिल में राहत दी जाती है। हाल ही में दिल्ली की बिजली वितरण कंपनियों ने इस स्कीम पर अपनी रिपोर्ट दिल्ली सरकार को सौंप दी है जिसमें यह साफ दिख रहा है कि इस योजना का फायदा हर साल बढ़ता जा रहा है।

2025 में मुफ्त बिजली का लाभ

मौजूदा वित्तीय वर्ष 2025 में करीब 68% बिजली उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली का लाभ मिला है। कुल 70 लाख उपभोक्ताओं में से 47,67,162 उपभोक्ताओं का बिल जीरो आया है। इसका मतलब है कि इनमें से अधिकांश घरेलू परिवार और छोटे व्यवसाय शामिल हैं। साल 2023 और 2024 के आंकड़ों की तुलना करें तो मुफ्त बिजली पाने वाले उपभोक्ताओं की संख्या में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।

जीरो बिलिंग वाले उपभोक्ताओं की संख्या (सालवार)

साल घरेलू उपभोक्ता कॉमर्शियल उपभोक्ता

2021 40,35,827 10,989

2022 49,25,305 10,735

2023 35,89,299 8,634

2024 42,70,964 6,515

2025 47,67,162 7,750

इन आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले दो सालों में जीरो बिलिंग वाले उपभोक्ताओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है। विशेष रूप से साल 2024 और 2025 में यह योजना लोगों के लिए बेहद लाभकारी साबित हुई।

योजना का असर और महत्व  

घरेलू परिवारों के लिए राहत: दिल्ली में लाखों घरेलू परिवार अब बिना अतिरिक्त बिजली बिल के अपनी बिजली का इस्तेमाल कर पा रहे हैं।

बिजली की बचत और बजट में सहूलियत: यह योजना खासकर मध्यम और कम आय वाले परिवारों के लिए एक बड़ा फायदा है।

कॉमर्शियल सेक्टर में मदद: छोटे व्यवसायों को भी इस योजना के तहत बिजली का कुछ हिस्सा मुफ्त मिलता है जिससे उनके संचालन पर खर्च कम होता है।

योजना का भविष्य

दिल्ली सरकार लगातार इस योजना के दायरे को बढ़ाने और अधिक लोगों तक मुफ्त बिजली पहुंचाने की योजना बना रही है। अगर आप दिल्ली के बिजली उपभोक्ता हैं तो सुनिश्चित करें कि आप इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। दिल्ली में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या लगभग 70 लाख है, और इनमें से ज्यादातर लोग इस योजना से सीधे लाभ उठा रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में जीरो बिलिंग वाले उपभोक्ताओं की संख्या बढ़कर इस योजना की सफलता को दिखाती है। 

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2026 की टॉप सरकारी योजनाएं, हर युवा को होनी चाहिए पता

Government Scheme: जानिए 2026 में युवाओं के लिए कौन‑कौन सी सरकारी योजनाएं आपके करियर को नया मुकाम दे सकती हैं और कैसे आप अपने अवसरों को बढ़ा सकते हैं। क्लिक करें और पूरी जानकारी पाएं।

Sarkari Yojana For Youth
युवाओं के लिए सरकारी योजनाएं
locationभारत
userअसमीना
calendar13 Jan 2026 04:24 PM
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आज के समय में युवाओं के लिए सबसे बड़ी चुनौती सही शिक्षा, व्यावहारिक अनुभव और रोजगार पाना है। केंद्र सरकार ने 2026 के अवसर पर ऐसे कई कदम उठाए हैं जो सीधे युवाओं को सक्षम, आत्मनिर्भर और रोजगार-प्रवण बनाने में मदद करते हैं। इन योजनाओं के जरिए युवा न केवल अपने करियर को मजबूत कर सकते हैं बल्कि आर्थिक सहायता और कौशल भी प्राप्त कर सकते हैं। आइए जानते हैं 6 प्रमुख सरकारी योजनाओं के बारे में जो 2026 में हर युवा के लिए अवसर लेकर आई हैं।

1. प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना

यह योजना युवाओं को सरकारी और निजी संस्थानों में व्यावहारिक अनुभव देती है। इसमें इंटर्नशिप ज्वाइनिंग पर ₹6000 एकमुश्त और हर महीने ₹5000 स्टाइपेंड (₹4500 सरकार + ₹500 कंपनी) दिया जाता है। इंटर्नशिप पूरी होने पर प्रमाण पत्र और नौकरी के अवसर भी मिलते हैं। यह उन छात्रों और युवा पेशेवरों के लिए बेहतरीन है जो अपने कौशल को वास्तविक कार्य अनुभव से जोड़ना चाहते हैं।

2. डिजिटल इंडिया इंटर्नशिप योजना

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा चलाई जाने वाली इस योजना में छात्रों को टेक्निकल, मैनेजमेंट, लीगल और फाइनेंस क्षेत्रों में इंटर्नशिप का मौका मिलता है। परियोजनाओं पर काम करने वाले छात्रों को महीने का ₹10,000 स्टाइपेंड और सर्टिफिकेट दिया जाता है। यह योजना डिजिटल करियर बनाने वाले युवाओं के लिए सबसे उपयुक्त है।

3. अग्निपथ योजना

भारतीय सेना, वायु सेना और नौसेना में भर्ती के लिए बनाई गई यह योजना युवाओं को चार साल की सेवा और अग्निवीर बनने का अवसर देती है। सेवा के दौरान मासिक वेतन ₹30,000–₹40,000, ₹11.71 लाख सेवा निधि (टैक्स मुक्त) और ₹48 लाख जीवन बीमा मिलता है। इसके अलावा सेवा पूरी होने पर 25% अग्निवीरों को स्थायी नौकरी का मौका भी मिलता है। यह योजना अनुशासन, नेतृत्व और करियर विकास में मदद करती है।

4. पीएम यशस्वी योजना

यह योजना OBC, EBC और DNT वर्ग के मेधावी छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराती है। इसमें प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप, टॉप क्लास स्कूल और कॉलेज एजुकेशन स्कीम, हॉस्टल जैसी सुविधाएँ शामिल हैं। टॉप क्लास एजुकेशन स्कीम के तहत छात्र ₹1,25,000 तक की सहायता प्राप्त कर सकते हैं। यह योजना छात्रों को शिक्षा और करियर के हर स्तर पर समर्थन देती है।

5. प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM VBRY)

यह योजना युवाओं को पहली नौकरी मिलने पर अतिरिक्त प्रोत्साहन देती है। योजना के तहत पहली नौकरी पाने वाले युवाओं को ₹15,000 प्रोत्साहन राशि दी जाती है। 4.1 करोड़ युवाओं को रोजगार, कौशल और अवसर प्रदान करने के लक्ष्य वाली यह योजना करियर की शुरुआत मजबूत करने में मदद करती है।

6. प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना

युवाओं को आवश्यक कौशल, ट्रेनिंग और रोजगार-संबंधी अनुभव देने के लिए बनाई गई यह योजना 2–3 महीने की ट्रेनिंग और कुछ कोर्स पर ₹10,000 स्टाइपेंड प्रदान करती है। इसमें सॉफ्ट स्किल्स, डिजिटल साक्षरता और वित्तीय जागरूकता की ट्रेनिंग भी शामिल है। प्रशिक्षण पूरा होने पर सरकारी मान्यता वाला सर्टिफिकेट मिलता है और स्वरोजगार या नौकरी के अवसर भी उपलब्ध होते हैं।

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प्राइवेट कर्मचारी ध्यान दें! आपके काम की है खबर

EPFO: अगर EPFO की वेज लिमिट बढ़कर 30,000 हो जाए तो प्राइवेट कर्मचारियों की पेंशन में बड़ा बदलाव आएगा। जानिए न्यूनतम और अधिकतम पेंशन कितनी हो सकती है साथ ही EPS पेंशन कैलकुलेशन का असर और भविष्य के फायदे भी देखें।

EPFO
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userअसमीना
calendar13 Jan 2026 02:48 PM
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प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करने वाले कर्मचारियों के लिए EPFO की पेंशन योजना रिटायरमेंट के समय बहुत अहम होती है। यह योजना कर्मचारियों को मासिक पेंशन देती है जो उनकी सैलरी और सेवा अवधि पर निर्भर करती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी पेंशन सीधे वेज़ लिमिट पर निर्भर करती है? अभी EPFO की वेज लिमिट 15,000 रुपये है।

एक फॉर्मूले से होता है पेंशन का कैलकुलेशन

वर्तमान में EPFO के तहत प्राइवेट कर्मचारियों को न्यूनतम 1,000 रुपये और अधिकतम 7,500 रुपये की मासिक पेंशन मिलती है। पेंशन का कैलकुलेशन एक फॉर्मूले से होता है जिसमें पेंशन योग्य सैलरी और सेवा वर्षों को ध्यान में रखा जाता है। यहां पेंशन योग्य सैलरी पिछले 60 महीनों की बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते का औसत होती है जबकि पेंशन योग्य सर्विस आपके कुल सेवा साल हैं। अभी यह कैलकुलेशन 15,000 रुपये की सैलरी तक ही मान्य है और अधिकतम सेवा 35 साल मानी जाती है।

दोगुनी हो जाएगी पेंशन

अगर नई वेज लिमिट 30,000 रुपये कर दी जाती है तो इसका सीधा फायदा कर्मचारियों की पेंशन पर पड़ेगा। अब EPFO में योगदान अधिकतम 30,000 रुपये की सैलरी पर होगा जिससे पेंशन राशि बढ़ जाएगी। इस बदलाव के बाद, अधिकतम पेंशन 15,000 रुपये प्रति माह और न्यूनतम पेंशन 4,285 रुपये प्रति माह हो सकती है। यानी पहले की तुलना में पेंशन लगभग दोगुनी हो जाएगी जो रिटायरमेंट के समय कर्मचारियों के लिए वित्तीय सुरक्षा को मजबूत बनाएगी।

बदलाव क्यों है जरूरी?

यह बदलाव इसलिए जरूरी है क्योंकि पिछले 15,000 रुपये की वेज लिमिट अब पर्याप्त नहीं रही। महंगाई और बढ़ती सैलरी को देखते हुए पेंशन को भी अपडेट करना जरूरी हो गया है। इससे उच्च वेतन पाने वाले कर्मचारियों को भी सही पेंशन मिलेगी और रिटायरमेंट के समय उनकी आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

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