किसानों के लिए खुशखबरी, PM Kisan की 22वीं किस्त को लेकर आया बड़ा अपडेट

PM Kisan Yojana: PM Kisan 22वीं किस्त 2026 को लेकर किसानों के लिए बड़ी खबर सामने आ रही है। बजट 2026 के बाद प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों के खाते में 2000 रुपये ट्रांसफर किए जा सकते हैं।

PM Kisan Yojana
पीएम किसान 22वीं किस्त 2026
locationभारत
userअसमीना
calendar16 Jan 2026 03:25 PM
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देश के करोड़ों किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Yojana) सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं बल्कि खेती-किसानी को संभालने वाला एक मजबूत सहारा बन चुकी है। हर साल मिलने वाली आर्थिक मदद किसानों को बीज, खाद और दूसरी जरूरतों में राहत देती है। अब जब सरकार 21 किस्तें जारी कर चुकी है तो स्वाभाविक है कि किसानों की नजरें PM Kisan की 22वीं किस्त पर टिकी हुई हैं। खास बात यह है कि यह किस्त बजट 2026 के आसपास आने की उम्मीद जताई जा रही है जिससे किसानों को एक बार फिर राहत मिल सकती है।

कब आएगी 22वीं किस्त?

पीएम किसान योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल 6000 रुपये की सहायता तीन बराबर किस्तों में दी जाती है। हर किस्त में 2000 रुपये सीधे किसानों के बैंक खाते में DBT के जरिए भेजे जाते हैं। 19 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु के कोयंबटूर से 21वीं किस्त जारी की थी जिसके बाद से ही किसान यह जानना चाहते हैं कि अगली यानी 22वीं किस्त कब आएगी।

बजट 2026 के बाद आ सकती है PM Kisan की 22वीं किस्त

फिलहाल सरकार की ओर से 22वीं किस्त की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है लेकिन पिछले वर्षों के ट्रेंड को देखें तो एक साफ संकेत जरूर मिलता है। आमतौर पर बजट से पहले सरकार कोई बड़ी किस्त जारी नहीं करती। इस साल 1 फरवरी 2026 को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आम बजट पेश करने जा रही हैं। ऐसे में जानकारों का मानना है कि बजट से पहले किसानों के खाते में पैसा आने की संभावना बेहद कम है।

कब जारी की गई थी आखिरी PM किसान की किस्त?

पिछले साल भी फरवरी के आखिर में पीएम किसान की किस्त जारी की गई थी। इसी पैटर्न को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि बजट के बाद फरवरी के दूसरे या तीसरे सप्ताह में 22वीं किस्त किसानों के खातों में ट्रांसफर की जा सकती है। यह समय रबी की फसल की कटाई और खरीफ की तैयारियों के लिहाज से किसानों के लिए बेहद अहम माना जाता है।

इन वजहों से अटक सकती है आपकी 22वीं किस्त

कई बार ऐसा होता है कि किस्त जारी होने के बावजूद कुछ किसानों के खाते में पैसा नहीं पहुंच पाता। इसकी सबसे बड़ी वजह होती है e-KYC पूरी न होना, बैंक अकाउंट में गलती, आधार लिंक न होना या जमीन से जुड़ा रिकॉर्ड अपडेट न होना। इसलिए जरूरी है कि किसान समय रहते अपनी जानकारी सही कर लें ताकि पैसा अटकने की नौबत न आए।

मिनटों में ऐसे चेक करें PM Kisan का स्टेटस

अगर आप यह जानना चाहते हैं कि आपकी 22वीं किस्त आएगी या नहीं तो इसका तरीका बेहद आसान है। इसके लिए आपको कहीं जाने की जरूरत नहीं है। बस पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं। होमपेज पर आपको Farmer Corner का ऑप्शन मिलेगा। यहां Know Your Status पर क्लिक करें। इसके बाद अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और कैप्चा कोड डालें। मोबाइल पर आए OTP को भरते ही आपकी पूरी जानकारी स्क्रीन पर आ जाएगी। अगर स्टेटस सही दिख रहा है तो आपकी किस्त आने में कोई दिक्कत नहीं होगी।

गांव की बेनिफिशियरी लिस्ट में ऐसे देखें अपना नाम

अगर आप यह देखना चाहते हैं कि आपके गांव में किन किसानों को पीएम किसान योजना का लाभ मिल रहा है तो इसके लिए भी ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध है। वेबसाइट के Farmer Corner में जाकर Beneficiary List पर क्लिक करें। इसके बाद राज्य, जिला, तहसील, ब्लॉक और गांव का चयन करें। जैसे ही आप Get Report पर क्लिक करेंगे आपके गांव के सभी लाभार्थी किसानों की सूची सामने आ जाएगी। अगर इस लिस्ट में आपका नाम है तो इसका मतलब है कि आप योजना के लिए पात्र हैं।

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Sarkari Yojana For Youth
युवाओं के लिए सरकारी योजनाएं
locationभारत
userअसमीना
calendar13 Jan 2026 04:24 PM
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आज के समय में युवाओं के लिए सबसे बड़ी चुनौती सही शिक्षा, व्यावहारिक अनुभव और रोजगार पाना है। केंद्र सरकार ने 2026 के अवसर पर ऐसे कई कदम उठाए हैं जो सीधे युवाओं को सक्षम, आत्मनिर्भर और रोजगार-प्रवण बनाने में मदद करते हैं। इन योजनाओं के जरिए युवा न केवल अपने करियर को मजबूत कर सकते हैं बल्कि आर्थिक सहायता और कौशल भी प्राप्त कर सकते हैं। आइए जानते हैं 6 प्रमुख सरकारी योजनाओं के बारे में जो 2026 में हर युवा के लिए अवसर लेकर आई हैं।

1. प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना

यह योजना युवाओं को सरकारी और निजी संस्थानों में व्यावहारिक अनुभव देती है। इसमें इंटर्नशिप ज्वाइनिंग पर ₹6000 एकमुश्त और हर महीने ₹5000 स्टाइपेंड (₹4500 सरकार + ₹500 कंपनी) दिया जाता है। इंटर्नशिप पूरी होने पर प्रमाण पत्र और नौकरी के अवसर भी मिलते हैं। यह उन छात्रों और युवा पेशेवरों के लिए बेहतरीन है जो अपने कौशल को वास्तविक कार्य अनुभव से जोड़ना चाहते हैं।

2. डिजिटल इंडिया इंटर्नशिप योजना

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा चलाई जाने वाली इस योजना में छात्रों को टेक्निकल, मैनेजमेंट, लीगल और फाइनेंस क्षेत्रों में इंटर्नशिप का मौका मिलता है। परियोजनाओं पर काम करने वाले छात्रों को महीने का ₹10,000 स्टाइपेंड और सर्टिफिकेट दिया जाता है। यह योजना डिजिटल करियर बनाने वाले युवाओं के लिए सबसे उपयुक्त है।

3. अग्निपथ योजना

भारतीय सेना, वायु सेना और नौसेना में भर्ती के लिए बनाई गई यह योजना युवाओं को चार साल की सेवा और अग्निवीर बनने का अवसर देती है। सेवा के दौरान मासिक वेतन ₹30,000–₹40,000, ₹11.71 लाख सेवा निधि (टैक्स मुक्त) और ₹48 लाख जीवन बीमा मिलता है। इसके अलावा सेवा पूरी होने पर 25% अग्निवीरों को स्थायी नौकरी का मौका भी मिलता है। यह योजना अनुशासन, नेतृत्व और करियर विकास में मदद करती है।

4. पीएम यशस्वी योजना

यह योजना OBC, EBC और DNT वर्ग के मेधावी छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराती है। इसमें प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप, टॉप क्लास स्कूल और कॉलेज एजुकेशन स्कीम, हॉस्टल जैसी सुविधाएँ शामिल हैं। टॉप क्लास एजुकेशन स्कीम के तहत छात्र ₹1,25,000 तक की सहायता प्राप्त कर सकते हैं। यह योजना छात्रों को शिक्षा और करियर के हर स्तर पर समर्थन देती है।

5. प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM VBRY)

यह योजना युवाओं को पहली नौकरी मिलने पर अतिरिक्त प्रोत्साहन देती है। योजना के तहत पहली नौकरी पाने वाले युवाओं को ₹15,000 प्रोत्साहन राशि दी जाती है। 4.1 करोड़ युवाओं को रोजगार, कौशल और अवसर प्रदान करने के लक्ष्य वाली यह योजना करियर की शुरुआत मजबूत करने में मदद करती है।

6. प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना

युवाओं को आवश्यक कौशल, ट्रेनिंग और रोजगार-संबंधी अनुभव देने के लिए बनाई गई यह योजना 2–3 महीने की ट्रेनिंग और कुछ कोर्स पर ₹10,000 स्टाइपेंड प्रदान करती है। इसमें सॉफ्ट स्किल्स, डिजिटल साक्षरता और वित्तीय जागरूकता की ट्रेनिंग भी शामिल है। प्रशिक्षण पूरा होने पर सरकारी मान्यता वाला सर्टिफिकेट मिलता है और स्वरोजगार या नौकरी के अवसर भी उपलब्ध होते हैं।

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प्राइवेट कर्मचारी ध्यान दें! आपके काम की है खबर

EPFO: अगर EPFO की वेज लिमिट बढ़कर 30,000 हो जाए तो प्राइवेट कर्मचारियों की पेंशन में बड़ा बदलाव आएगा। जानिए न्यूनतम और अधिकतम पेंशन कितनी हो सकती है साथ ही EPS पेंशन कैलकुलेशन का असर और भविष्य के फायदे भी देखें।

EPFO
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userअसमीना
calendar13 Jan 2026 02:48 PM
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प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करने वाले कर्मचारियों के लिए EPFO की पेंशन योजना रिटायरमेंट के समय बहुत अहम होती है। यह योजना कर्मचारियों को मासिक पेंशन देती है जो उनकी सैलरी और सेवा अवधि पर निर्भर करती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी पेंशन सीधे वेज़ लिमिट पर निर्भर करती है? अभी EPFO की वेज लिमिट 15,000 रुपये है।

एक फॉर्मूले से होता है पेंशन का कैलकुलेशन

वर्तमान में EPFO के तहत प्राइवेट कर्मचारियों को न्यूनतम 1,000 रुपये और अधिकतम 7,500 रुपये की मासिक पेंशन मिलती है। पेंशन का कैलकुलेशन एक फॉर्मूले से होता है जिसमें पेंशन योग्य सैलरी और सेवा वर्षों को ध्यान में रखा जाता है। यहां पेंशन योग्य सैलरी पिछले 60 महीनों की बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते का औसत होती है जबकि पेंशन योग्य सर्विस आपके कुल सेवा साल हैं। अभी यह कैलकुलेशन 15,000 रुपये की सैलरी तक ही मान्य है और अधिकतम सेवा 35 साल मानी जाती है।

दोगुनी हो जाएगी पेंशन

अगर नई वेज लिमिट 30,000 रुपये कर दी जाती है तो इसका सीधा फायदा कर्मचारियों की पेंशन पर पड़ेगा। अब EPFO में योगदान अधिकतम 30,000 रुपये की सैलरी पर होगा जिससे पेंशन राशि बढ़ जाएगी। इस बदलाव के बाद, अधिकतम पेंशन 15,000 रुपये प्रति माह और न्यूनतम पेंशन 4,285 रुपये प्रति माह हो सकती है। यानी पहले की तुलना में पेंशन लगभग दोगुनी हो जाएगी जो रिटायरमेंट के समय कर्मचारियों के लिए वित्तीय सुरक्षा को मजबूत बनाएगी।

बदलाव क्यों है जरूरी?

यह बदलाव इसलिए जरूरी है क्योंकि पिछले 15,000 रुपये की वेज लिमिट अब पर्याप्त नहीं रही। महंगाई और बढ़ती सैलरी को देखते हुए पेंशन को भी अपडेट करना जरूरी हो गया है। इससे उच्च वेतन पाने वाले कर्मचारियों को भी सही पेंशन मिलेगी और रिटायरमेंट के समय उनकी आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

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