दिल्ली और उत्तर प्रदेश में मिलेगा मुफ्त सिलेंडर, जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया

Free Gas Cylinder: दिल्ली और उत्तर प्रदेश की सरकारों ने होली के मौके पर जरूरतमंद परिवारों को राहत देने के लिए मुफ्त गैस सिलेंडर योजना की घोषणा की है। दिल्ली में पात्र परिवारों के बैंक खाते में 853 रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे ताकि वे अपनी सुविधा अनुसार गैस भरवा सकें।

Free Cylinder
दिल्ली और यूपी में मिलेगा मुफ्त गैस सिलेंडर
locationभारत
userअसमीना
calendar23 Feb 2026 12:14 PM
bookmark

होली का त्योहार नजदीक है और घरों में तैयारियां जोरों पर हैं। इस समय रसोई का खर्च बढ़ जाना आम बात है खासकर गैस सिलेंडर की कीमतें कई परिवारों के बजट पर असर डालती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए दिल्ली और उत्तर प्रदेश की सरकारों ने जरूरतमंद परिवारों को राहत देने के लिए खास योजना की घोषणा की है। इस पहल से लाखों परिवारों को त्योहार पर आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी और उनकी रसोई सुचारू रूप से चल सकेगी।

दिल्ली में क्या है योजना?

दिल्ली सरकार ने तय किया है कि होली और दिवाली जैसे बड़े त्योहारों पर पात्र परिवारों को गैस सिलेंडर के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी। इस योजना के तहत सीधे सिलेंडर नहीं दिए जाएंगे बल्कि लाभार्थियों के बैंक खाते में 853 रुपये की राशि ट्रांसफर की जाएगी। इससे परिवार अपनी सुविधा के अनुसार गैस भरवा सकेंगे। इस योजना के लिए लगभग 242 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। अनुमान है कि करीब 17.5 लाख राशन कार्डधारी परिवारों को इसका फायदा मिलेगा। खास बात यह है कि जिन घरों में पाइपलाइन गैस कनेक्शन है उन्हें भी समान सहायता दी जाएगी। यानी शहरी और निम्न आय वर्ग के परिवारों को बराबर राहत मिलेगी।

यूपी में किसे मिलेगा मुफ्त सिलेंडर?

उत्तर प्रदेश सरकार ने भी त्योहार को देखते हुए बड़ा फैसला लिया है। राज्य में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन पाने वाले परिवारों को होली पर मुफ्त सिलेंडर दिया जाएगा। इसका सीधा फायदा ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को मिलेगा। सरकार का कहना है कि इस कदम से महिलाओं को राहत मिलेगी और रसोई का खर्च कम होगा। उज्ज्वला योजना से जुड़े परिवारों को त्योहार के समय आर्थिक बोझ से बचाने की कोशिश की जा रही है।

कौन नहीं उठा सकेगा लाभ?

दिल्ली में केवल वैध राशन कार्ड रखने वाले परिवार ही इस सहायता के पात्र होंगे। जिनके पास राशन कार्ड नहीं है या जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग में शामिल नहीं हैं उन्हें यह लाभ नहीं मिलेगा। इसके अलावा सरकारी कर्मचारी और सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी भी इस योजना के दायरे से बाहर रहेंगे। उत्तर प्रदेश में केवल उज्ज्वला योजना से जुड़े लाभार्थियों को ही मुफ्त सिलेंडर मिलेगा। अगर आपका नाम इस योजना में दर्ज नहीं है तो आप इस सुविधा का फायदा नहीं उठा पाएंगे।

त्योहार के मौके पर राहत की वजह

दोनों राज्यों की यह पहल लाखों परिवारों के लिए राहत लेकर आई है ताकि किसी भी घर की रसोई त्योहार पर खाली न रहे। इससे न सिर्फ घर के खर्च में कमी आएगी बल्कि महिलाओं और परिवार के अन्य सदस्यों को भी आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी। इस पहल से यह संदेश भी मिलता है कि राज्य सरकारें त्योहार के मौके पर गरीब और जरूरतमंद परिवारों की आर्थिक मदद करने के लिए सक्रिय हैं। इससे गरीब परिवारों के जीवन में त्योहार की खुशियां सुरक्षित और सहज रूप से पहुंच सकती हैं।

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

PM Kisan 22वीं किस्त से पहले बड़ा अपडेट, कहीं आपका नाम लिस्ट से गायब तो नहीं?

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त का इंतजार कर रहे किसानों के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। जानिए 2000 रुपये की किस्त कब आएगी और बेनिफिशियरी लिस्ट में अपना नाम कैसे चेक करें। अगर eKYC अधूरी है या दस्तावेजों में गड़बड़ी है तो आपकी किस्त रुक सकती है।

PM Kisan Yojana
PM Kisan 22वीं किस्त
locationभारत
userअसमीना
calendar22 Feb 2026 02:35 PM
bookmark

देश के करोड़ों किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना सिर्फ एक सरकारी स्कीम नहीं बल्कि खेती-किसानी के खर्च में सहारा देने वाली महत्वपूर्ण आर्थिक मदद है। हर चार महीने में मिलने वाली 2,000 रुपये की किस्त किसानों के लिए बीज, खाद और अन्य जरूरतों को पूरा करने में मददगार साबित होती है। ऐसे में अगर आप भी 22वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं तो सबसे पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आपका नाम लाभार्थी सूची में मौजूद है या नहीं क्योंकि यदि नाम सूची से हट गया तो इस बार 2,000 रुपये आपके खाते में नहीं आएंगे।

क्यों जरूरी है बेनिफिशियरी लिस्ट चेक करना?

सरकार हर किस्त जारी करने से पहले लाभार्थियों की सूची अपडेट करती है। इस प्रक्रिया में कई बार ऐसे किसानों के नाम हटा दिए जाते हैं जिनकी e-KYC अधूरी होती है, आधार सीडिंग में गड़बड़ी होती है, बैंक खाता लिंक नहीं होता या जमीन के दस्तावेजों में त्रुटि पाई जाती है। इसलिए 22वीं किस्त से पहले यह जांच लेना बेहद जरूरी है कि आपका नाम अब भी सूची में शामिल है या नहीं। छोटी-सी लापरवाही आपकी किस्त रोक सकती है।

घर बैठे ऐसे चेक करें अपना नाम

  • ऑनलाइन बेनिफिशियरी लिस्ट देखना बेहद आसान है। इसके लिए आपको निम्नलिखित स्टेप्स फॉलो करने होंगे:
  • योजना की आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं।
  • होमपेज पर “Beneficiary List” विकल्प पर क्लिक करें।
  • अपना राज्य, जिला, उप-जिला (सब-डिस्ट्रिक्ट), ब्लॉक और गांव चुनें।
  • सारी जानकारी भरने के बाद “Get Report” पर क्लिक करें।
  • इसके बाद आपके गांव की पूरी लाभार्थी सूची स्क्रीन पर आ जाएगी। यहां आप अपना नाम देखकर यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि आप अगली किस्त के लिए पात्र हैं या नहीं।
  • इसी पोर्टल पर “Beneficiary Status” के जरिए आप अपनी पेमेंट हिस्ट्री, पिछली किस्तों की जानकारी और e-KYC की स्थिति भी देख सकते हैं।

e-KYC क्यों है अनिवार्य?

सरकार ने साफ किया है कि योजना का लाभ लेने के लिए e-KYC अनिवार्य है। यदि आपकी e-KYC पूरी नहीं है तो किस्त अटक सकती है। आप वेबसाइट पर OTP के जरिए e-KYC कर सकते हैं या फिर नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर बायोमेट्रिक e-KYC भी करवा सकते हैं। आधार और बैंक खाते की सही जानकारी होना भी जरूरी है।

ऑफलाइन कैसे लें मदद?

अगर ऑनलाइन प्रक्रिया में दिक्कत आ रही है तो घबराने की जरूरत नहीं है। आप अपने जिले के कृषि विभाग कार्यालय, राजस्व कार्यालय या नजदीकी CSC सेंटर पर जाकर सहायता ले सकते हैं। यदि आप पात्र हैं लेकिन भुगतान रुका हुआ है तो जमीन के कागजात और बैंक पासबुक की कॉपी साथ लेकर संबंधित कार्यालय में संपर्क करें।

कब आएगी 22वीं किस्त?

फिलहाल 22वीं किस्त की तारीख को लेकर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स में यह संभावना जताई जा रही है कि होली से पहले किसानों के खातों में 2,000 रुपये की किस्त ट्रांसफर की जा सकती है। जब तक आधिकारिक घोषणा नहीं होती तब तक किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी सभी जरूरी जानकारियां अपडेट रखें और बेनिफिशियरी लिस्ट जरूर चेक कर लें।

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

महिलाओं के लिए बिहार सरकार की बड़ी योजना, सिर्फ 3,000 में मिलेगी सभी सुविधाएं

बिहार सरकार ने कामकाजी महिलाओं के लिए ‘आकांक्षा’ छात्रावास शुरू किया है। यह छात्रावास पटना के IAS कॉलोनी (रूपसपुर) में स्थित है। यहां महिलाओं के लिए सुरक्षित और सस्ती रहने-खाने की सुविधा उपलब्ध है। छात्रावास में कुल 50 बेड होंगे और इसमें अधीक्षक, सहायक अधीक्षक और रसोइया सहित अन्य कर्मचारी भी रहेंगे।

Aakanksha Hostel Yojana
आकांक्षा छात्रावास
locationभारत
userअसमीना
calendar21 Feb 2026 01:27 PM
bookmark

बिहार में कामकाजी महिलाओं के लिए अब सुरक्षित और सस्ती रहने की सुविधा उपलब्ध हो गई है। पटना के IAS कॉलोनी (रूपसपुर) में महिलाओं के लिए नए छात्रावास ‘आकांक्षा’ का शुभारंभ किया गया है। यह छात्रावास खासतौर पर उन महिलाओं के लिए बनाया गया है जो दूसरे शहर में नौकरी करती हैं और घर से दूर रहती हैं। मुजफ्फरपुर और पटना के बाद अब गयाजी, दरभंगा और भागलपुर में भी ऐसे ही छात्रावास खोलने की योजना है। इसका संचालन महिला बाल विकास निगम के तहत किया जाएगा।

महिलाओं के रहने की होगी व्यवस्था

छात्रावास में कुल 50 महिलाओं के रहने की व्यवस्था होगी। यहां अधीक्षक, सहायक अधीक्षक और रसोइया समेत सभी आवश्यक कर्मचारी मौजूद रहेंगे। महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव बंदना प्रेयषी के अनुसार यह पहल मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है। सुरक्षित आवास मिलने से महिलाएं बिना किसी भय के नौकरी कर सकेंगी और उनकी आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।

केवल खाने के लिए देना होगा पैसा

छात्रावास में रहने वाली महिलाएं केवल भोजन का खर्च ₹3,000 प्रति माह देंगी। अन्य सभी सुविधाएं मुफ्त उपलब्ध होंगी जिसमें बेड, लॉकर, टेबल, कुर्सी, 24 घंटे CCTV निगरानी, शुद्ध पीने का पानी (RO), मनोरंजन के लिए टीवी और मुफ्त WIFI शामिल हैं। चार मंजिला इस छात्रावास में प्रत्येक तल पर दो किचन भी मौजूद हैं जिन्हें महिलाएं अपनी जरूरत के अनुसार इस्तेमाल कर सकती हैं।

कैसे करें आवेदन?

छात्रावास में प्रवेश पाने के लिए इच्छुक महिलाओं को महिला एवं बाल विकास निगम के अधिकारिक पोर्टल https://wcdc.bihar.gov.in/ पर जाकर आवेदन करना होगा। आवेदन प्रक्रिया पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर होगी और इसके बाद काउंसलिंग के आधार पर चयन किया जाएगा। आवेदन में फोटो, डिजिटल सिग्नेचर और अन्य आवश्यक दस्तावेज अपलोड करना अनिवार्य होगा।

कौन है पात्र महिलाएं?

छात्रावास के लिए पात्र महिलाएं जिनकी सैलरी अधिकतम ₹75,000 प्रति माह है, आवेदन कर सकती हैं। इसके लिए उन्हें पहचान पत्र, नियुक्ति पत्र, पे-स्लिप, स्थानीय अभिभावक का विवरण और दिव्यांगता की स्थिति होने पर संबंधित प्रमाणपत्र भी जमा करना होगा। इस पहल से न केवल राजधानी पटना बल्कि अन्य जिलों में भी महिला सुरक्षा और सामाजिक भरोसा मजबूत होगा। आकांक्षा छात्रावास महिलाओं के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती ठिकाना साबित होगा जिससे उनका जीवन और नौकरी करना दोनों आसान होगा।

संबंधित खबरें