PM Kisan 22वीं किस्त से पहले बड़ा अपडेट, कहीं आपका नाम लिस्ट से गायब तो नहीं?

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त का इंतजार कर रहे किसानों के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। जानिए 2000 रुपये की किस्त कब आएगी और बेनिफिशियरी लिस्ट में अपना नाम कैसे चेक करें। अगर eKYC अधूरी है या दस्तावेजों में गड़बड़ी है तो आपकी किस्त रुक सकती है।

PM Kisan Yojana
PM Kisan 22वीं किस्त
locationभारत
userअसमीना
calendar22 Feb 2026 02:35 PM
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देश के करोड़ों किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना सिर्फ एक सरकारी स्कीम नहीं बल्कि खेती-किसानी के खर्च में सहारा देने वाली महत्वपूर्ण आर्थिक मदद है। हर चार महीने में मिलने वाली 2,000 रुपये की किस्त किसानों के लिए बीज, खाद और अन्य जरूरतों को पूरा करने में मददगार साबित होती है। ऐसे में अगर आप भी 22वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं तो सबसे पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आपका नाम लाभार्थी सूची में मौजूद है या नहीं क्योंकि यदि नाम सूची से हट गया तो इस बार 2,000 रुपये आपके खाते में नहीं आएंगे।

क्यों जरूरी है बेनिफिशियरी लिस्ट चेक करना?

सरकार हर किस्त जारी करने से पहले लाभार्थियों की सूची अपडेट करती है। इस प्रक्रिया में कई बार ऐसे किसानों के नाम हटा दिए जाते हैं जिनकी e-KYC अधूरी होती है, आधार सीडिंग में गड़बड़ी होती है, बैंक खाता लिंक नहीं होता या जमीन के दस्तावेजों में त्रुटि पाई जाती है। इसलिए 22वीं किस्त से पहले यह जांच लेना बेहद जरूरी है कि आपका नाम अब भी सूची में शामिल है या नहीं। छोटी-सी लापरवाही आपकी किस्त रोक सकती है।

घर बैठे ऐसे चेक करें अपना नाम

  • ऑनलाइन बेनिफिशियरी लिस्ट देखना बेहद आसान है। इसके लिए आपको निम्नलिखित स्टेप्स फॉलो करने होंगे:
  • योजना की आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं।
  • होमपेज पर “Beneficiary List” विकल्प पर क्लिक करें।
  • अपना राज्य, जिला, उप-जिला (सब-डिस्ट्रिक्ट), ब्लॉक और गांव चुनें।
  • सारी जानकारी भरने के बाद “Get Report” पर क्लिक करें।
  • इसके बाद आपके गांव की पूरी लाभार्थी सूची स्क्रीन पर आ जाएगी। यहां आप अपना नाम देखकर यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि आप अगली किस्त के लिए पात्र हैं या नहीं।
  • इसी पोर्टल पर “Beneficiary Status” के जरिए आप अपनी पेमेंट हिस्ट्री, पिछली किस्तों की जानकारी और e-KYC की स्थिति भी देख सकते हैं।

e-KYC क्यों है अनिवार्य?

सरकार ने साफ किया है कि योजना का लाभ लेने के लिए e-KYC अनिवार्य है। यदि आपकी e-KYC पूरी नहीं है तो किस्त अटक सकती है। आप वेबसाइट पर OTP के जरिए e-KYC कर सकते हैं या फिर नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर बायोमेट्रिक e-KYC भी करवा सकते हैं। आधार और बैंक खाते की सही जानकारी होना भी जरूरी है।

ऑफलाइन कैसे लें मदद?

अगर ऑनलाइन प्रक्रिया में दिक्कत आ रही है तो घबराने की जरूरत नहीं है। आप अपने जिले के कृषि विभाग कार्यालय, राजस्व कार्यालय या नजदीकी CSC सेंटर पर जाकर सहायता ले सकते हैं। यदि आप पात्र हैं लेकिन भुगतान रुका हुआ है तो जमीन के कागजात और बैंक पासबुक की कॉपी साथ लेकर संबंधित कार्यालय में संपर्क करें।

कब आएगी 22वीं किस्त?

फिलहाल 22वीं किस्त की तारीख को लेकर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स में यह संभावना जताई जा रही है कि होली से पहले किसानों के खातों में 2,000 रुपये की किस्त ट्रांसफर की जा सकती है। जब तक आधिकारिक घोषणा नहीं होती तब तक किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी सभी जरूरी जानकारियां अपडेट रखें और बेनिफिशियरी लिस्ट जरूर चेक कर लें।

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महिलाओं के लिए बिहार सरकार की बड़ी योजना, सिर्फ 3,000 में मिलेगी सभी सुविधाएं

बिहार सरकार ने कामकाजी महिलाओं के लिए ‘आकांक्षा’ छात्रावास शुरू किया है। यह छात्रावास पटना के IAS कॉलोनी (रूपसपुर) में स्थित है। यहां महिलाओं के लिए सुरक्षित और सस्ती रहने-खाने की सुविधा उपलब्ध है। छात्रावास में कुल 50 बेड होंगे और इसमें अधीक्षक, सहायक अधीक्षक और रसोइया सहित अन्य कर्मचारी भी रहेंगे।

Aakanksha Hostel Yojana
आकांक्षा छात्रावास
locationभारत
userअसमीना
calendar21 Feb 2026 01:27 PM
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बिहार में कामकाजी महिलाओं के लिए अब सुरक्षित और सस्ती रहने की सुविधा उपलब्ध हो गई है। पटना के IAS कॉलोनी (रूपसपुर) में महिलाओं के लिए नए छात्रावास ‘आकांक्षा’ का शुभारंभ किया गया है। यह छात्रावास खासतौर पर उन महिलाओं के लिए बनाया गया है जो दूसरे शहर में नौकरी करती हैं और घर से दूर रहती हैं। मुजफ्फरपुर और पटना के बाद अब गयाजी, दरभंगा और भागलपुर में भी ऐसे ही छात्रावास खोलने की योजना है। इसका संचालन महिला बाल विकास निगम के तहत किया जाएगा।

महिलाओं के रहने की होगी व्यवस्था

छात्रावास में कुल 50 महिलाओं के रहने की व्यवस्था होगी। यहां अधीक्षक, सहायक अधीक्षक और रसोइया समेत सभी आवश्यक कर्मचारी मौजूद रहेंगे। महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव बंदना प्रेयषी के अनुसार यह पहल मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है। सुरक्षित आवास मिलने से महिलाएं बिना किसी भय के नौकरी कर सकेंगी और उनकी आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।

केवल खाने के लिए देना होगा पैसा

छात्रावास में रहने वाली महिलाएं केवल भोजन का खर्च ₹3,000 प्रति माह देंगी। अन्य सभी सुविधाएं मुफ्त उपलब्ध होंगी जिसमें बेड, लॉकर, टेबल, कुर्सी, 24 घंटे CCTV निगरानी, शुद्ध पीने का पानी (RO), मनोरंजन के लिए टीवी और मुफ्त WIFI शामिल हैं। चार मंजिला इस छात्रावास में प्रत्येक तल पर दो किचन भी मौजूद हैं जिन्हें महिलाएं अपनी जरूरत के अनुसार इस्तेमाल कर सकती हैं।

कैसे करें आवेदन?

छात्रावास में प्रवेश पाने के लिए इच्छुक महिलाओं को महिला एवं बाल विकास निगम के अधिकारिक पोर्टल https://wcdc.bihar.gov.in/ पर जाकर आवेदन करना होगा। आवेदन प्रक्रिया पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर होगी और इसके बाद काउंसलिंग के आधार पर चयन किया जाएगा। आवेदन में फोटो, डिजिटल सिग्नेचर और अन्य आवश्यक दस्तावेज अपलोड करना अनिवार्य होगा।

कौन है पात्र महिलाएं?

छात्रावास के लिए पात्र महिलाएं जिनकी सैलरी अधिकतम ₹75,000 प्रति माह है, आवेदन कर सकती हैं। इसके लिए उन्हें पहचान पत्र, नियुक्ति पत्र, पे-स्लिप, स्थानीय अभिभावक का विवरण और दिव्यांगता की स्थिति होने पर संबंधित प्रमाणपत्र भी जमा करना होगा। इस पहल से न केवल राजधानी पटना बल्कि अन्य जिलों में भी महिला सुरक्षा और सामाजिक भरोसा मजबूत होगा। आकांक्षा छात्रावास महिलाओं के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती ठिकाना साबित होगा जिससे उनका जीवन और नौकरी करना दोनों आसान होगा।

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ओ तेरी! 41.17 लाख किसानों को इतना बड़ा फायदा!

PM Kisan Yojana: पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त फरवरी में किसानों के खाते में पहुंचेगी। बिहार के लगभग 41.17 लाख किसान सीधे इस योजना का फायदा उठाएंगे। किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) लोन और डिजिटल कृषि के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

PM Kisan Yojana
पीएम किसान 22वीं किस्त पर बड़ा अपडेट
locationभारत
userअसमीना
calendar19 Feb 2026 11:39 AM
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फरवरी किसानों के लिए खुशखबरी लेकर आया है। बिहार सरकार ने घोषणा की है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) की 22वीं किस्त अब उन किसानों के खातों में भी पहुंचेगी जिनकी फार्मर आईडी (Farmer ID) अभी तक नहीं बनी है। यह फैसला करीब 41.17 लाख किसानों के लिए राहत का कारण है। अब कोई भी किसान फार्मर रजिस्ट्री की बाधा के कारण 2000 रुपये की सरकारी सहायता से वंचित नहीं रहेगा।

कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ किया कि सरकार किसानों की फार्मर आईडी बनाने में 100% प्रयास कर रही है। लेकिन तब तक किसी किसान को योजना का लाभ लेने से रोका नहीं जाएगा। यानी फरवरी 2026 में आने वाली पीएम किसान की 22वीं किस्त बिना आईडी के भी सीधे खातों में ट्रांसफर हो जाएगी।

फार्मर आईडी बनवाने के लिए सुविधा

जिन किसानों के पास अभी तक फार्मर आईडी नहीं है वे पंचायत स्तर पर लग रहे विशेष कैंप, सीएससी (Common Service Center) या नजदीकी सुविधा केंद्र में जाकर फार्मर रजिस्ट्री करवा सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड और जमीन की जमाबंदी के कागज जरूरी होंगे। मोबाइल से भी स्टेप-बाय-स्टेप फार्मर आईडी बनाई जा सकती है जिससे समय और यात्रा की बचत होती है।

पीएम किसान की 22वीं किस्त कब आएगी?

पिछली 21वीं किस्त नवंबर 2025 में किसानों के खातों में पहुंची थी। इस बार उम्मीद है कि फरवरी के आखिरी हफ्ते या होली के आसपास किसानों को 2000 रुपये की राशि मिलेगी। सरकार ने इसे सुनिश्चित करने के लिए प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाया है।

किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और डिजिटल कृषि

जिन किसानों की फार्मर आईडी बन चुकी है, उन्हें किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) लोन भी मिलेगा। बिहार सरकार डिजिटल कृषि को बढ़ावा देने में लगी है ताकि बीचौलियों का प्रभाव खत्म हो और योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचे। कृषि विभाग छोटे और सीमांत किसानों की आय बढ़ाने और जोखिम कम करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।

कृषि बाजार का विकास

सरकार ने बताया कि छोटे और सीमांत किसानों के लिए क्लस्टर आधारित खेती, कृषि स्टार्टअप और कोल्ड चेन सिस्टम विकसित किया जा रहा है। राज्य के 54 में से 22 कृषि बाजारों को अपग्रेड किया गया है और ग्रामीण हाटों का भी विकास किया जाएगा। इससे किसानों की आय बढ़ेगी और उत्पादन के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध होगा।

फसल उत्पादन और उर्वरक सुविधा

अधिकारियों के अनुसार, बीते 20 वर्षों में धान, गेहूं और मक्का का उत्पादन तेजी से बढ़ा है। अब दलहन और तिलहन का उत्पादन भी बढ़ाने की योजना है। उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है और उर्वरक संबंधी शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। कृषि यंत्रीकरण के लिए आधुनिक मशीनों को अनुदान पर उपलब्ध कराया जा रहा है।

 

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