ओ तेरी! 41.17 लाख किसानों को इतना बड़ा फायदा!
PM Kisan Yojana: पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त फरवरी में किसानों के खाते में पहुंचेगी। बिहार के लगभग 41.17 लाख किसान सीधे इस योजना का फायदा उठाएंगे। किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) लोन और डिजिटल कृषि के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

फरवरी किसानों के लिए खुशखबरी लेकर आया है। बिहार सरकार ने घोषणा की है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) की 22वीं किस्त अब उन किसानों के खातों में भी पहुंचेगी जिनकी फार्मर आईडी (Farmer ID) अभी तक नहीं बनी है। यह फैसला करीब 41.17 लाख किसानों के लिए राहत का कारण है। अब कोई भी किसान फार्मर रजिस्ट्री की बाधा के कारण 2000 रुपये की सरकारी सहायता से वंचित नहीं रहेगा।
कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ किया कि सरकार किसानों की फार्मर आईडी बनाने में 100% प्रयास कर रही है। लेकिन तब तक किसी किसान को योजना का लाभ लेने से रोका नहीं जाएगा। यानी फरवरी 2026 में आने वाली पीएम किसान की 22वीं किस्त बिना आईडी के भी सीधे खातों में ट्रांसफर हो जाएगी।
फार्मर आईडी बनवाने के लिए सुविधा
जिन किसानों के पास अभी तक फार्मर आईडी नहीं है वे पंचायत स्तर पर लग रहे विशेष कैंप, सीएससी (Common Service Center) या नजदीकी सुविधा केंद्र में जाकर फार्मर रजिस्ट्री करवा सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड और जमीन की जमाबंदी के कागज जरूरी होंगे। मोबाइल से भी स्टेप-बाय-स्टेप फार्मर आईडी बनाई जा सकती है जिससे समय और यात्रा की बचत होती है।
पीएम किसान की 22वीं किस्त कब आएगी?
पिछली 21वीं किस्त नवंबर 2025 में किसानों के खातों में पहुंची थी। इस बार उम्मीद है कि फरवरी के आखिरी हफ्ते या होली के आसपास किसानों को 2000 रुपये की राशि मिलेगी। सरकार ने इसे सुनिश्चित करने के लिए प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाया है।
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और डिजिटल कृषि
जिन किसानों की फार्मर आईडी बन चुकी है, उन्हें किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) लोन भी मिलेगा। बिहार सरकार डिजिटल कृषि को बढ़ावा देने में लगी है ताकि बीचौलियों का प्रभाव खत्म हो और योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचे। कृषि विभाग छोटे और सीमांत किसानों की आय बढ़ाने और जोखिम कम करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
कृषि बाजार का विकास
सरकार ने बताया कि छोटे और सीमांत किसानों के लिए क्लस्टर आधारित खेती, कृषि स्टार्टअप और कोल्ड चेन सिस्टम विकसित किया जा रहा है। राज्य के 54 में से 22 कृषि बाजारों को अपग्रेड किया गया है और ग्रामीण हाटों का भी विकास किया जाएगा। इससे किसानों की आय बढ़ेगी और उत्पादन के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध होगा।
फसल उत्पादन और उर्वरक सुविधा
अधिकारियों के अनुसार, बीते 20 वर्षों में धान, गेहूं और मक्का का उत्पादन तेजी से बढ़ा है। अब दलहन और तिलहन का उत्पादन भी बढ़ाने की योजना है। उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है और उर्वरक संबंधी शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। कृषि यंत्रीकरण के लिए आधुनिक मशीनों को अनुदान पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
फरवरी किसानों के लिए खुशखबरी लेकर आया है। बिहार सरकार ने घोषणा की है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) की 22वीं किस्त अब उन किसानों के खातों में भी पहुंचेगी जिनकी फार्मर आईडी (Farmer ID) अभी तक नहीं बनी है। यह फैसला करीब 41.17 लाख किसानों के लिए राहत का कारण है। अब कोई भी किसान फार्मर रजिस्ट्री की बाधा के कारण 2000 रुपये की सरकारी सहायता से वंचित नहीं रहेगा।
कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ किया कि सरकार किसानों की फार्मर आईडी बनाने में 100% प्रयास कर रही है। लेकिन तब तक किसी किसान को योजना का लाभ लेने से रोका नहीं जाएगा। यानी फरवरी 2026 में आने वाली पीएम किसान की 22वीं किस्त बिना आईडी के भी सीधे खातों में ट्रांसफर हो जाएगी।
फार्मर आईडी बनवाने के लिए सुविधा
जिन किसानों के पास अभी तक फार्मर आईडी नहीं है वे पंचायत स्तर पर लग रहे विशेष कैंप, सीएससी (Common Service Center) या नजदीकी सुविधा केंद्र में जाकर फार्मर रजिस्ट्री करवा सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड और जमीन की जमाबंदी के कागज जरूरी होंगे। मोबाइल से भी स्टेप-बाय-स्टेप फार्मर आईडी बनाई जा सकती है जिससे समय और यात्रा की बचत होती है।
पीएम किसान की 22वीं किस्त कब आएगी?
पिछली 21वीं किस्त नवंबर 2025 में किसानों के खातों में पहुंची थी। इस बार उम्मीद है कि फरवरी के आखिरी हफ्ते या होली के आसपास किसानों को 2000 रुपये की राशि मिलेगी। सरकार ने इसे सुनिश्चित करने के लिए प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाया है।
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और डिजिटल कृषि
जिन किसानों की फार्मर आईडी बन चुकी है, उन्हें किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) लोन भी मिलेगा। बिहार सरकार डिजिटल कृषि को बढ़ावा देने में लगी है ताकि बीचौलियों का प्रभाव खत्म हो और योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचे। कृषि विभाग छोटे और सीमांत किसानों की आय बढ़ाने और जोखिम कम करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
कृषि बाजार का विकास
सरकार ने बताया कि छोटे और सीमांत किसानों के लिए क्लस्टर आधारित खेती, कृषि स्टार्टअप और कोल्ड चेन सिस्टम विकसित किया जा रहा है। राज्य के 54 में से 22 कृषि बाजारों को अपग्रेड किया गया है और ग्रामीण हाटों का भी विकास किया जाएगा। इससे किसानों की आय बढ़ेगी और उत्पादन के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध होगा।
फसल उत्पादन और उर्वरक सुविधा
अधिकारियों के अनुसार, बीते 20 वर्षों में धान, गेहूं और मक्का का उत्पादन तेजी से बढ़ा है। अब दलहन और तिलहन का उत्पादन भी बढ़ाने की योजना है। उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है और उर्वरक संबंधी शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। कृषि यंत्रीकरण के लिए आधुनिक मशीनों को अनुदान पर उपलब्ध कराया जा रहा है।












