गरीबों के खाते में आए लाखों रुपए, जल्दी चेक करें अपना खाता

DAYALU Scheme: हरियाणा सरकार की दयालु योजना 2026 के तहत हजारों परिवारों को बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने करोड़ों रुपये सीधे खातों में ट्रांसफर किए हैं। इस योजना में किसे फायदा मिलता है और कैसे आवेदन होता है जानने के लिए पूरी खबर पढ़ें।

दयालु योजना 2026
क्या है दयालु योजना?
locationभारत
userअसमीना
calendar03 Jan 2026 01:51 PM
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हरियाणा सरकार ने नए साल की शुरुआत गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत के साथ की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 2 जनवरी 2026 को दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा दयालु योजना (DAYALU-1) के तहत राज्य के 5794 लाभार्थियों के बैंक खातों में 217.36 करोड़ रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर की। यह योजना उन परिवारों के लिए जीवन रेखा साबित हो रही है जिन पर अचानक आई विपत्ति ने आर्थिक संकट खड़ा कर दिया।

अब तक 49,998 लाभार्थियों को मिल चुकी है मदद

दयालु योजना के तहत हरियाणा सरकार अब तक 49,998 परिवारों को कुल 1881.35 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान कर चुकी है। यह आंकड़ा साफ़ दिखाता है कि सरकार गरीब वर्ग के कल्याण को कितनी गंभीरता से ले रही है और संकट की घड़ी में परिवारों को अकेला नहीं छोड़ रही।

क्या है दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा दयालु योजना?

दयालु योजना हरियाणा सरकार की एक सामाजिक सुरक्षा योजना है जिसका उद्देश्य BPL (गरीबी रेखा से नीचे) आने वाले परिवारों को आर्थिक सहारा देना है। यदि किसी परिवार के सदस्य की असामयिक मृत्यु हो जाती है या वह स्थायी रूप से दिव्यांग हो जाता है तो सरकार उसकी उम्र के अनुसार आर्थिक सहायता प्रदान करती है। इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें सिर्फ परिवार का मुखिया ही नहीं बल्कि परिवार के अन्य सदस्य भी कवर किए जाते हैं।

6 साल से 60 साल तक के सदस्य को मिलता है लाभ

दयालु योजना के अंतर्गत 6 वर्ष से 60 वर्ष तक की आयु के परिवार के सदस्य को कवर किया गया है। यह योजना नेशनल फैमिली बेनेफिट स्कीम से कहीं ज्यादा प्रभावी है, क्योंकि वहां केवल परिवार के मुखिया की मृत्यु पर ही सहायता मिलती है जबकि दयालु योजना पूरे परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करती है।

उम्र के अनुसार 1 लाख से 5 लाख रुपये तक की मदद

दयालु योजना में आर्थिक सहायता उम्र के हिसाब से अलग-अलग स्लैब में तय की गई है।

6 से 12 वर्ष तक – ₹1 लाख

12 से 18 वर्ष तक – ₹2 लाख

18 से 25 वर्ष तक – ₹3 लाख

25 से 40 वर्ष तक – ₹5 लाख

40 से 60 वर्ष तक – ₹2 लाख

यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाती है।

संकट के समय सबसे भरोसेमंद योजना

दयालु योजना की शुरुआत वर्ष 2023-24 में की गई थी और बहुत ही कम समय में यह योजना गरीब परिवारों के लिए सबसे भरोसेमंद सुरक्षा कवच बन चुकी है। अचानक हुई मृत्यु या दिव्यांगता की स्थिति में यह मदद परिवार को आर्थिक रूप से संभलने का मौका देती है।

दयालु योजना के लिए आवेदन कैसे करें?

  • दयालु योजना के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और आसान है।
  • सबसे पहले हरियाणा सरकार के ऑफिशियल पोर्टल पर जाएं।
  • वहां Apply Scheme के विकल्प में जाकर DAYALU को चुनें।
  • इसके बाद परिवार पहचान पत्र (PPP) और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए OTP से लॉगिन करें।
  • अब जिस सदस्य की मृत्यु हुई है या जो स्थायी रूप से दिव्यांग हुआ है, उसका नाम चुनें।
  • इसके बाद जन्मतिथि, रजिस्ट्रेशन नंबर और मृत्यु या दिव्यांगता प्रमाण पत्र से जुड़ी जानकारी भरें।
  • सभी जरूरी दस्तावेज अपलोड करें और फॉर्म सबमिट कर दें।

आवेदन करने की समय सीमा क्या है?

दयालु योजना के तहत मृत्यु या दुर्घटना की तारीख से 3 महीने के भीतर आवेदन करना अनिवार्य है। यदि 3 महीने की समयसीमा निकल जाती है तो इस योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा। इसलिए समय पर आवेदन करना बेहद जरूरी है।

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CM Kisan Samman Nidhi Yojana: मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। अगर आप एक किसान हैं तो आपके लिए यह खबर बेहद जरूरी है। इस आर्टिकल में हमने मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में लाभार्थी की पात्रता, कृषि योग्य भूमि की शर्तें और अपात्रता की जानकारी दी है।

CM Kisan Samman Nidhi Yojana
मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना लेटेस्ट अपडेट
locationभारत
userअसमीना
calendar03 Jan 2026 11:54 AM
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राजस्थान के किसानों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (CM Kisan Samman Nidhi Yojana) और PM किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को सालाना आर्थिक सहायता दी जाती है। यह योजना छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए राज्य सरकार की तरफ से शुरू की गई है।

केंद्र सरकार की PM किसान योजना के तहत किसान सालाना ₹6000 प्राप्त करते हैं वहीं राजस्थान सरकार मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत हर साल अतिरिक्त ₹3000 देती है। यानी दोनों योजनाओं को मिलाकर राजस्थान के किसानों को सालाना ₹9000 सीधे उनके बैंक खाते में मिलते हैं।

मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत और महत्व

मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना 30 जून 2024 से लागू की गई थी। बजट साल 2024-25 में राज्य सरकार ने घोषणा की थी कि PM किसान सम्मान निधि योजना के ₹6000 के अलावा राज्य सरकार की तरफ से सालाना ₹3000 अतिरिक्त दिए जाएंगे। योजना का उद्देश्य किसानों की आमदनी बढ़ाना और उन्हें खेती के खर्चों में मदद देना है।

मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के मुख्य लाभ

  • किसानों को नियमित आर्थिक सहायता देना।
  • खेती के लिए जरूरी बीज, खाद और अन्य संसाधनों में मदद।
  • छोटे और सीमांत किसानों को सीधे लाभ पहुंचाना।
  • कर्ज पर निर्भरता कम करना।

मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की पांचवीं किस्त

मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की पांचवीं किस्त का कार्यक्रम पहले दिसंबर 2025 में आयोजित होने वाला था लेकिन बाद में इसे टाल दिया गया। अनुमान है कि नए साल के पहले महीने में किसानों के खाते में यह राशि ट्रांसफर हो जाएगी। पिछली चार किस्तों में राज्य के 74 लाख किसानों को ₹1000 प्रति किस्त सीधे उनके बैंक खाते में भेजे जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की पात्रता और अपात्रता

मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की पात्रता

  • केवल वही किसान पात्र होंगे जो PM किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े हों।
  • किसान परिवार में पति, पत्नी और 18 साल से कम उम्र के बच्चे शामिल होते हैं।
  • परिवार में केवल एक सदस्य को ही योजना का लाभ मिलेगा।
  • जिनके पास खेती योग्य जमीन है (01.02.2019 से पहले या विरासत में मिली जमीन)।

मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अपात्रता

  • वर्तमान या पूर्व संवैधानिक पद पर रहे व्यक्ति
  • केंद्र/राज्य सरकार के कर्मचारी और पेंशनर
  • पेशेवर जो किसी प्रोफेशनल बॉडी से जुड़े हैं (डॉक्टर, इंजीनियर, CA, वकील आदि)
  • जिनका सालाना आयकर दाखिल हो चुका हो
  • पेंशन 10,000 रुपये या उससे अधिक पाने वाले

मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लिए आवेदन कैसे करें?

किसान PM-Kisan पोर्टल पर जाकर स्वयं आवेदन कर सकते हैं। अगर स्वयं आवेदन नहीं कर सकते तो नजदीकी CSC या ई-मित्र केंद्र पर जाकर रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं।

CM किसान सम्मान निधि योजना आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

1. परिवार के सभी सदस्यों का आधार कार्ड

2. 12 अंकों वाली फार्मर ID

3. DBT सक्षम बैंक खाता

4. आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर

फार्मर रजिस्ट्री और अपडेट

योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा जिनका नाम फार्मर रजिस्ट्री ID में दर्ज हो। फार्मर रजिस्ट्री एक डिजिटल सरकारी प्रणाली है जो किसानों की जानकारी सुरक्षित रखती है। राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों की आर्थिक मदद के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इस योजना के माध्यम से किसानों को सीधे DBT के जरिए हर साल ₹3000 अतिरिक्त मिलते हैं। यदि आप PM किसान योजना के लाभार्थी हैं तो सुनिश्चित करें कि आपका नाम फार्मर रजिस्ट्री में दर्ज है और बैंक खाते से लिंक है। इससे आपकी आर्थिक सुरक्षा मजबूत होगी और खेती के खर्च आसानी से पूरे हो सकेंगे।

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NPS Latest Update
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userअसमीना
calendar02 Jan 2026 03:47 PM
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नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में निवेश करने वाले करोड़ों लोगों के लिए यह खबर किसी राहत भरे तोहफे से कम नहीं है। सरकार और रेगुलेटर लगातार NPS को मजबूत और भरोसेमंद बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। इसी कड़ी में पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने NPS से जुड़े कई बड़े और अहम सुधारों को मंजूरी दे दी है। इन बदलावों का सीधा फायदा सरकारी कर्मचारियों, प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों, स्वरोजगार करने वालों और रिटेल निवेशकों को मिलेगा। ज्यादा विकल्प, बेहतर गवर्नेंस और कम फीस के जरिए NPS को और ज्यादा निवेशक-अनुकूल बनाया जा रहा है।

अब बैंकों को भी मिलेगा पेंशन फंड मैनेज करने का मौका

अब तक NPS के तहत पेंशन फंड मैनेजमेंट कुछ चुनिंदा संस्थाओं तक सीमित था लेकिन PFRDA के नए फैसले के बाद तस्वीर बदलने वाली है। अब सैद्धांतिक रूप से बैंकों को भी NPS के तहत पेंशन फंड शुरू करने की अनुमति दे दी गई है। इसका मतलब यह है कि आने वाले समय में देश के बड़े और भरोसेमंद बैंक भी निवेशकों के रिटायरमेंट फंड को मैनेज कर सकेंगे। इससे निवेशकों के पास पहले से ज्यादा विकल्प होंगे और विकल्प बढ़ने से प्रतिस्पर्धा भी तेज होगी जिसका सीधा फायदा सर्विस क्वालिटी और रिटर्न्स पर पड़ेगा।

हर बैंक को नहीं मिलेगी इजाजत

हालांकि, PFRDA ने साफ कर दिया है कि हर बैंक को पेंशन फंड स्पॉन्सर करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सिर्फ वही बैंक इस दौड़ में शामिल हो सकेंगे जिनकी वित्तीय स्थिति मजबूत होगी और जो रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के सभी नियमों और मानकों पर खरे उतरते हों। बैंक की पात्रता उसकी नेटवर्थ, मार्केट वैल्यू और कुल वित्तीय मजबूती के आधार पर तय की जाएगी। PFRDA जल्द ही इससे जुड़े विस्तृत नियम और शर्तें जारी करेगा जो नए और मौजूदा दोनों तरह के पेंशन फंड्स पर लागू होंगी।

NPS ट्रस्ट बोर्ड को मिला मजबूत नेतृत्व

NPS की निगरानी और गवर्नेंस को और बेहतर बनाने के लिए PFRDA ने ट्रस्ट बोर्ड में तीन अनुभवी और प्रतिष्ठित हस्तियों को शामिल किया है। इनमें SBI के पूर्व चेयरमैन दिनेश कुमार खारा, UTI AMC की पूर्व वरिष्ठ अधिकारी स्वाति अनिल कुलकर्णी और डिजिटल इंडिया फाउंडेशन के को-फाउंडर अरविंद गुप्ता शामिल हैं। खास बात यह है कि दिनेश कुमार खारा को NPS ट्रस्ट बोर्ड का नया चेयरपर्सन नियुक्त किया गया है। इससे निवेशकों के पैसे की सुरक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही और मजबूत होने की उम्मीद है।

निवेशकों के लिए फीस पर लगेगा लगाम

PFRDA ने पेंशन फंड्स की इनवेस्टमेंट मैनेजमेंट फीस में भी बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। नया फीस स्ट्रक्चर 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा. इसके तहत सरकारी और गैर-सरकारी सेक्टर के निवेशकों के लिए अलग-अलग फीस तय की जाएगी ताकि सभी वर्गों के हित सुरक्षित रह सकें। मल्टीपल स्कीम फ्रेमवर्क के तहत हर स्कीम का कॉर्पस अलग-अलग माना जाएगा। राहत की बात यह है कि 0.015 प्रतिशत की रेगुलेटरी फीस पहले की तरह ही जारी रहेगी।

आम निवेशकों को क्या मिलेगा सीधा फायदा

इन सभी सुधारों का मकसद NPS को ज्यादा पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी और लंबे समय तक टिकाऊ बनाना है। ज्यादा पेंशन फंड विकल्प मिलने से निवेशकों को बेहतर फंड मैनेजर्स चुनने का मौका मिलेगा। मजबूत गवर्नेंस से निवेश ज्यादा सुरक्षित होगा और नियंत्रित फीस से लंबे समय में रिटायरमेंट कॉर्पस बड़ा बनेगा। इसका फायदा सरकारी कर्मचारी, प्राइवेट नौकरी करने वाले लोग, स्वरोजगार वाले और युवा वर्कफोर्स सभी को मिलेगा।

क्यों मजबूत हो रहा है NPS?

PFRDA के ये कदम साफ संकेत देते हैं कि सरकार और रेगुलेटर NPS को भारत की सबसे भरोसेमंद रिटायरमेंट स्कीम बनाना चाहते हैं। बदलते समय और बढ़ती आबादी को देखते हुए रिटायरमेंट प्लानिंग पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गई है। ऐसे में NPS में किए गए ये सुधार निवेशकों को बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा देने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होंगे। 

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