हरियाणा ट्रैक्टर सब्सिडी योजना 2026: एक क्लिक में पढ़ें पूरी जानकारी

Tractor Subsidy Yojana: हरियाणा सरकार ने अनुसूचित जाति के किसानों के लिए ट्रैक्टर सब्सिडी योजना 2026 शुरू की है। इस योजना के तहत 45 HP तक के नए ट्रैक्टर की खरीद पर 3 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है। यहां जानें इस योजना का लाभ कौन और कैसे उठा सकता है।

ट्रैक्टर सब्सिडी
हरियाणा ट्रैक्टर सब्सिडी योजना
locationभारत
userअसमीना
calendar01 Jan 2026 03:33 PM
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हरियाणा सरकार ने राज्य के अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के किसानों के लिए एक बड़ी और बेहद फायदेमंद योजना शुरू की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। इसी कड़ी में सरकार 45 हॉर्स पावर तक के नए ट्रैक्टर की खरीद पर 3 लाख रुपये तक की सब्सिडी दे रही है। इस योजना के तहत आवेदन की आखिरी तारीख 15 जनवरी 2026 तय की गई है। तय समय के बाद आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे इसलिए पात्र किसानों को जल्द आवेदन करना जरूरी है।

किस योजना के तहत मिल रही है ट्रैक्टर सब्सिडी?

हरियाणा सरकार द्वारा यह सब्सिडी योजना कृषि विभाग के अंतर्गत चलाई जा रही है। योजना का उद्देश्य अनुसूचित जाति के छोटे और सीमांत किसानों को आधुनिक खेती के साधन उपलब्ध कराना है। इस योजना में सिर्फ नए 45 HP क्षमता वाले ट्रैक्टर पर ही सब्सिडी दी जाएगी। पुराने या सेकेंड हैंड ट्रैक्टर पर किसी तरह की सहायता नहीं मिलेगी।

ट्रैक्टर खरीदने पर कैसे मिलेंगे 3 लाख रुपये?

ट्रैक्टर सब्सिडी का लाभ लेने के लिए किसानों को सबसे पहले ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन की जांच के बाद जिला स्तर पर गठित जिला स्तरीय कार्यकारी समिति लाभार्थियों की सूची तैयार करेगी। अगर आवेदन करने वाले किसानों की संख्या तय लक्ष्य से अधिक होती है तो लॉटरी के माध्यम से चयन किया जाएगा। चयनित किसान कृषि विभाग के पोर्टल पर रजिस्टर्ड ट्रैक्टर कंपनियों से मोलभाव करके ट्रैक्टर खरीद सकेंगे और सब्सिडी का लाभ मिलेगा।

ट्रैक्टर सब्सिडी योजना की पात्रता

इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी शर्तें तय की गई हैं।

लाभार्थी किसान हरियाणा राज्य का निवासी होना चाहिए और अनुसूचित जाति (SC) वर्ग से संबंधित होना अनिवार्य है। किसान ने पिछले 5 वर्षों में किसी भी सरकारी योजना के तहत ट्रैक्टर सब्सिडी नहीं ली होनी चाहिए। सब्सिडी पर खरीदे गए ट्रैक्टर को 5 साल तक बेचा नहीं जा सकता। किसान के पास खेती की जमीन का मालिकाना हक होना चाहिए। हालांकि जमीन परिवार पहचान पत्र (PPP/Family ID) में परिवार के किसी भी सदस्य के नाम पर रजिस्टर्ड हो सकती है।

ट्रैक्टर सब्सिडी योजना के लिए आवेदन कैसे करें?

आवेदन प्रक्रिया को दो आसान चरणों में बांटा गया है ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो।

पहला चरण

सबसे पहले किसान को ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा। पोर्टल के किसान सेंटर पर जाकर परिवार पहचान पत्र या आधार नंबर से रजिस्ट्रेशन करें। रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आने वाले ओटीपी के जरिए वेरिफिकेशन पूरा करना होगा।

दूसरा चरण

इसके बाद किसान को कृषि विभाग के पोर्टल पर जाकर Tractor Subsidy Scheme SB-89 का चयन करना होगा। योजना की शर्तें ध्यान से पढ़कर Click Here for Registration पर क्लिक करें। परिवार पहचान पत्र नंबर डालने के बाद परिवार के सदस्यों की सूची खुलेगी। जिस सदस्य के नाम से आवेदन करना है उसे चुनें और मांगी गई सभी जानकारी भरकर जरूरी दस्तावेज अपलोड कर दें।

कहां से मिलेगी मदद?

अगर किसी किसान को आवेदन करने में कोई परेशानी आती है तो वह हेल्पलाइन नंबर 1800-180-2117 पर संपर्क कर सकता है। इसके अलावा किसान अपने जिले के उप निदेशक कृषि या सहायक कृषि अभियंता कार्यालय में जाकर भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

क्यों जरूरी है समय रहते आवेदन?

यह योजना सीमित समय और सीमित लक्ष्य के तहत लाई गई है। 15 जनवरी 2026 के बाद आवेदन का कोई मौका नहीं मिलेगा। ऐसे में जो किसान पात्र हैं, उन्हें बिना देरी किए जल्द से जल्द आवेदन करना चाहिए ताकि 3 लाख रुपये तक की सब्सिडी का लाभ मिल सके और खेती के काम को आसान बनाया जा सके।

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बेटियों को राजस्थान सरकार दे रही बड़ी मदद, जल्दी करें आवेदन

मुख्यमंत्री राजश्री योजना राजस्थान सरकार की एक विशेष योजना है। यह योजना बेटियों के जन्म से लेकर उनकी 12वीं तक की पढ़ाई और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करती है। इस योजना के तहत बेटियों के अकाउंट में कुल 50,000 रुपये 6 किस्तों में सीधे ट्रांसफर किए जाते हैं।

Mukhyamantri Rajshri Yojana
मुख्यमंत्री राजश्री योजना क्या है?
locationभारत
userअसमीना
calendar30 Dec 2025 03:22 PM
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भारत में बेटियों की पढ़ाई और उनकी सुरक्षा के लिए केंद्र और राज्य सरकार लगातार कई योजनाएं चला रही हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य बेटियों के जन्म से लेकर उनकी शिक्षा और शादी तक का खर्च उठाना और उन्हें आर्थिक रूप से समर्थ बनाना है। राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री राजश्री योजना (Mukhyamantri Rajshree Yojana) ऐसी ही एक योजना है जो बेटियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने और उनके अधिकारों को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है।

मुख्यमंत्री राजश्री योजना क्या है?

राजस्थान सरकार ने यह योजना 2016 में शुरू की थी। इस योजना के तहत बेटियों के अकाउंट में जन्म से लेकर 12वीं तक कुल 50,000 रुपये की राशि दी जाती है। यह राशि सीधे बेटी के बैंक अकाउंट में 6 अलग-अलग किस्तों में ट्रांसफर की जाती है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य बेटियों के जन्म पर भ्रूण हत्या को रोकना, लिंगानुपात में समानता बढ़ाना, बेटियों की शिक्षा और स्वावलंबन को बढ़ावा देना है।

मुख्यमंत्री राजश्री योजना का लाभ कैसे उठाएं?

मुख्यमंत्री राजश्री योजना का लाभ केवल राजस्थान के स्थायी निवासी परिवारों को ही मिलेगा। योजना के लिए पात्र होने के लिए कुछ शर्तें हैं जिनमें बच्ची का जन्म 1 जून 2016 के बाद होना चाहिए, जन्म किसी राज्य के अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में होना जरूरी है शामिल है। यदि आप इन शर्तों को पूरा करते हैं तो आप इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री राजश्री योजना के लिए जरूरी दस्तावेज

इस योजना के तहत आवेदन करने के लिए निम्नलिखित दस्तावेज जरूरी हैं जिनमें शामिल है-

बच्ची का जन्म प्रमाण पत्र

आधार कार्ड या भामाशाह कार्ड

मातृ और शिशु स्वास्थ्य कार्ड

स्कूल में प्रवेश का प्रमाण पत्र

आप आवेदन ऑनलाइन पोर्टल https://evaluation.rajasthan.gov.in/scheme/detail/261 पर जाकर या महिला एवं बाल विकास कार्यालय में जाकर कर सकते हैं।

किस्तों में राशि कैसे मिलेगी?

मुख्यमंत्री राजश्री योजना के तहत राशि 6 किस्तों में दी जाती है।

1. जन्म के समय- 2,500 रुपये

2. 1 साल की उम्र और टीकाकरण पूरा होने पर- 2,500 रुपये

3. स्कूल में प्रवेश पर- 4,000 रुपये

4. कक्षा 6 में प्रवेश पर- 5,000 रुपये

5. कक्षा 10 पास करने पर-11,000 रुपये

6. कक्षा 12 पास करने पर-25,000 रुपये

इस तरह बेटी के अकाउंट में कुल 50,000 रुपये की राशि सुरक्षित रूप से जमा हो जाती है। मुख्यमंत्री राजश्री योजना न सिर्फ बेटियों के आर्थिक भविष्य को मजबूत बनाती है बल्कि समाज में लिंग समानता और शिक्षा के महत्व को भी बढ़ावा देती है। अगर आप राजस्थान के स्थायी निवासी हैं और आपकी बेटी योजना के पात्र हैं तो इस योजना का लाभ लेना बेहद आसान है।

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बैंक खाता है तो ध्यान दें, होने वाला है कुछ बड़ा!

2026 में भारत सरकार सरकारी बैंकों का महा‑मर्जर करने की तैयारी कर रही है। यह कदम सरकारी बैंकों को मजबूत बनाने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए उठाया जा रहा है। आरबीआई और केंद्र सरकार के बीच प्रारंभिक बातचीत शुरू हो चुकी है।

PSU Bank Merger Plan in India
सरकारी बैंक विलय योजना 2026
locationभारत
userअसमीना
calendar30 Dec 2025 02:35 PM
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नए साल के लिए बस 1 ही दिन बाकी है। ऐसे में जहां जनता साल 2026 को लेकर एक्साइडेट है वहीं सरकार 2026 तक भारतीय बैंकों के नक्शे को पूरी तरह बदलने की तैयारी कर रही है। इसका उद्देश्य देश के पब्लिक सेक्टर बैंकों (PSU Banks) को मजबूत बनाना और उन्हें दुनिया के बड़े बैंकों के मुकाबले खड़ा करना है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) और केंद्र सरकार के बीच शुरुआती बातचीत शुरू हो चुकी है। अगर यह योजना सफल होती है, तो सरकारी बैंकों का भविष्य पूरी तरह बदल सकता है।

सरकारी बैंकों की ताकत बढ़ाने की तैयारी

वर्तमान में भारत में कुल 12 सरकारी बैंक हैं, लेकिन वैश्विक स्तर पर हमारी स्थिति अभी कमजोर है। फिलहाल सिर्फ स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ही दुनिया के टॉप 50 बैंकों में शामिल है। प्राइवेट सेक्टर का दिग्गज HDFC बैंक भी ग्लोबल टॉप 100 में शामिल नहीं है। सरकार का उद्देश्य अब बिल्कुल स्पष्ट है भारत के बैंक इतने मजबूत हों कि बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को आसानी से फंड कर सकें और वैश्विक मार्केट के झटकों का सामना कर सकें।

पहले भी हुआ है मेगा मर्जर

यह पहली बार नहीं है जब सरकारी बैंकों का विलय होने की चर्चा हो रही है। 2019-20 में हुए मेगा मर्जर ने देश में सरकारी बैंकों की संख्या 27 से घटाकर सिर्फ 12 कर दी थी। उस दौरान कई बड़े विलय हुए थे जैसे-ओरिएंटल बैंक और यूनाइटेड बैंक का Punjab National Bank (PNB) में विलय, सिंडिकेट बैंक का Canara Bank में शामिल होना, इलाहाबाद बैंक का Indian Bank में विलय और आंध्रा बैंक और कॉर्पोरेशन बैंक का Union Bank में समाहित होना। एसबीआई ने 2017 में अपने सहयोगी बैंकों को खुद में मिलाकर अपनी संपत्ति 44 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ा दी थी।

वित्तीय मजबूती और विदेशी भरोसा

सरकार के लिए यह कदम उठाना आसान इसलिए है क्योंकि सरकारी बैंक अब मजबूत स्थिति में हैं। वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही में ही 12 सरकारी बैंकों ने करीब 93,675 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है। अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 खत्म होने तक यह मुनाफा 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है। इस मजबूती के कारण ही सरकार बड़े और निर्णायक कदम उठा रही है। वहीं, IDBI बैंक में हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया मार्च 2026 तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे यह संकेत मिलता है कि विदेशी निवेशकों का भरोसा भारतीय बैंकिंग सिस्टम पर लगातार बढ़ रहा है।

भारतीय बैंकिंग सिस्टम होगी मजबूत

अगर सब योजना के अनुसार चलता है तो 2026 में भारत बैंकिंग इतिहास का एक नया अध्याय लिखने जा रहा है। यह कदम न केवल भारतीय बैंकिंग सिस्टम को मजबूत बनाएगा बल्कि देश को वैश्विक स्तर पर आर्थिक महाशक्ति बनाने में भी मदद करेगा। 2026 तक सरकारी बैंकों का नक्शा बदलना न केवल उनके आकार और ताकत को बढ़ाएगा बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक स्तर पर मजबूती देने में भी अहम भूमिका निभाएगा। अगर आपके पास बैंक खाता है तो इस बदलाव पर नजर रखना बेहद जरूरी है।

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