गरीबों के खाते में आए लाखों रुपए, जल्दी चेक करें अपना खाता
DAYALU Scheme: हरियाणा सरकार की दयालु योजना 2026 के तहत हजारों परिवारों को बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने करोड़ों रुपये सीधे खातों में ट्रांसफर किए हैं। इस योजना में किसे फायदा मिलता है और कैसे आवेदन होता है जानने के लिए पूरी खबर पढ़ें।

हरियाणा सरकार ने नए साल की शुरुआत गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत के साथ की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 2 जनवरी 2026 को दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा दयालु योजना (DAYALU-1) के तहत राज्य के 5794 लाभार्थियों के बैंक खातों में 217.36 करोड़ रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर की। यह योजना उन परिवारों के लिए जीवन रेखा साबित हो रही है जिन पर अचानक आई विपत्ति ने आर्थिक संकट खड़ा कर दिया।
अब तक 49,998 लाभार्थियों को मिल चुकी है मदद
दयालु योजना के तहत हरियाणा सरकार अब तक 49,998 परिवारों को कुल 1881.35 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान कर चुकी है। यह आंकड़ा साफ़ दिखाता है कि सरकार गरीब वर्ग के कल्याण को कितनी गंभीरता से ले रही है और संकट की घड़ी में परिवारों को अकेला नहीं छोड़ रही।
क्या है दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा दयालु योजना?
दयालु योजना हरियाणा सरकार की एक सामाजिक सुरक्षा योजना है जिसका उद्देश्य BPL (गरीबी रेखा से नीचे) आने वाले परिवारों को आर्थिक सहारा देना है। यदि किसी परिवार के सदस्य की असामयिक मृत्यु हो जाती है या वह स्थायी रूप से दिव्यांग हो जाता है तो सरकार उसकी उम्र के अनुसार आर्थिक सहायता प्रदान करती है। इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें सिर्फ परिवार का मुखिया ही नहीं बल्कि परिवार के अन्य सदस्य भी कवर किए जाते हैं।
6 साल से 60 साल तक के सदस्य को मिलता है लाभ
दयालु योजना के अंतर्गत 6 वर्ष से 60 वर्ष तक की आयु के परिवार के सदस्य को कवर किया गया है। यह योजना नेशनल फैमिली बेनेफिट स्कीम से कहीं ज्यादा प्रभावी है, क्योंकि वहां केवल परिवार के मुखिया की मृत्यु पर ही सहायता मिलती है जबकि दयालु योजना पूरे परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करती है।
उम्र के अनुसार 1 लाख से 5 लाख रुपये तक की मदद
दयालु योजना में आर्थिक सहायता उम्र के हिसाब से अलग-अलग स्लैब में तय की गई है।
6 से 12 वर्ष तक – ₹1 लाख
12 से 18 वर्ष तक – ₹2 लाख
18 से 25 वर्ष तक – ₹3 लाख
25 से 40 वर्ष तक – ₹5 लाख
40 से 60 वर्ष तक – ₹2 लाख
यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाती है।
संकट के समय सबसे भरोसेमंद योजना
दयालु योजना की शुरुआत वर्ष 2023-24 में की गई थी और बहुत ही कम समय में यह योजना गरीब परिवारों के लिए सबसे भरोसेमंद सुरक्षा कवच बन चुकी है। अचानक हुई मृत्यु या दिव्यांगता की स्थिति में यह मदद परिवार को आर्थिक रूप से संभलने का मौका देती है।
दयालु योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
- दयालु योजना के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और आसान है।
- सबसे पहले हरियाणा सरकार के ऑफिशियल पोर्टल पर जाएं।
- वहां Apply Scheme के विकल्प में जाकर DAYALU को चुनें।
- इसके बाद परिवार पहचान पत्र (PPP) और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए OTP से लॉगिन करें।
- अब जिस सदस्य की मृत्यु हुई है या जो स्थायी रूप से दिव्यांग हुआ है, उसका नाम चुनें।
- इसके बाद जन्मतिथि, रजिस्ट्रेशन नंबर और मृत्यु या दिव्यांगता प्रमाण पत्र से जुड़ी जानकारी भरें।
- सभी जरूरी दस्तावेज अपलोड करें और फॉर्म सबमिट कर दें।
आवेदन करने की समय सीमा क्या है?
दयालु योजना के तहत मृत्यु या दुर्घटना की तारीख से 3 महीने के भीतर आवेदन करना अनिवार्य है। यदि 3 महीने की समयसीमा निकल जाती है तो इस योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा। इसलिए समय पर आवेदन करना बेहद जरूरी है।
हरियाणा सरकार ने नए साल की शुरुआत गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत के साथ की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 2 जनवरी 2026 को दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा दयालु योजना (DAYALU-1) के तहत राज्य के 5794 लाभार्थियों के बैंक खातों में 217.36 करोड़ रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर की। यह योजना उन परिवारों के लिए जीवन रेखा साबित हो रही है जिन पर अचानक आई विपत्ति ने आर्थिक संकट खड़ा कर दिया।
अब तक 49,998 लाभार्थियों को मिल चुकी है मदद
दयालु योजना के तहत हरियाणा सरकार अब तक 49,998 परिवारों को कुल 1881.35 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान कर चुकी है। यह आंकड़ा साफ़ दिखाता है कि सरकार गरीब वर्ग के कल्याण को कितनी गंभीरता से ले रही है और संकट की घड़ी में परिवारों को अकेला नहीं छोड़ रही।
क्या है दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा दयालु योजना?
दयालु योजना हरियाणा सरकार की एक सामाजिक सुरक्षा योजना है जिसका उद्देश्य BPL (गरीबी रेखा से नीचे) आने वाले परिवारों को आर्थिक सहारा देना है। यदि किसी परिवार के सदस्य की असामयिक मृत्यु हो जाती है या वह स्थायी रूप से दिव्यांग हो जाता है तो सरकार उसकी उम्र के अनुसार आर्थिक सहायता प्रदान करती है। इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें सिर्फ परिवार का मुखिया ही नहीं बल्कि परिवार के अन्य सदस्य भी कवर किए जाते हैं।
6 साल से 60 साल तक के सदस्य को मिलता है लाभ
दयालु योजना के अंतर्गत 6 वर्ष से 60 वर्ष तक की आयु के परिवार के सदस्य को कवर किया गया है। यह योजना नेशनल फैमिली बेनेफिट स्कीम से कहीं ज्यादा प्रभावी है, क्योंकि वहां केवल परिवार के मुखिया की मृत्यु पर ही सहायता मिलती है जबकि दयालु योजना पूरे परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करती है।
उम्र के अनुसार 1 लाख से 5 लाख रुपये तक की मदद
दयालु योजना में आर्थिक सहायता उम्र के हिसाब से अलग-अलग स्लैब में तय की गई है।
6 से 12 वर्ष तक – ₹1 लाख
12 से 18 वर्ष तक – ₹2 लाख
18 से 25 वर्ष तक – ₹3 लाख
25 से 40 वर्ष तक – ₹5 लाख
40 से 60 वर्ष तक – ₹2 लाख
यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाती है।
संकट के समय सबसे भरोसेमंद योजना
दयालु योजना की शुरुआत वर्ष 2023-24 में की गई थी और बहुत ही कम समय में यह योजना गरीब परिवारों के लिए सबसे भरोसेमंद सुरक्षा कवच बन चुकी है। अचानक हुई मृत्यु या दिव्यांगता की स्थिति में यह मदद परिवार को आर्थिक रूप से संभलने का मौका देती है।
दयालु योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
- दयालु योजना के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और आसान है।
- सबसे पहले हरियाणा सरकार के ऑफिशियल पोर्टल पर जाएं।
- वहां Apply Scheme के विकल्प में जाकर DAYALU को चुनें।
- इसके बाद परिवार पहचान पत्र (PPP) और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए OTP से लॉगिन करें।
- अब जिस सदस्य की मृत्यु हुई है या जो स्थायी रूप से दिव्यांग हुआ है, उसका नाम चुनें।
- इसके बाद जन्मतिथि, रजिस्ट्रेशन नंबर और मृत्यु या दिव्यांगता प्रमाण पत्र से जुड़ी जानकारी भरें।
- सभी जरूरी दस्तावेज अपलोड करें और फॉर्म सबमिट कर दें।
आवेदन करने की समय सीमा क्या है?
दयालु योजना के तहत मृत्यु या दुर्घटना की तारीख से 3 महीने के भीतर आवेदन करना अनिवार्य है। यदि 3 महीने की समयसीमा निकल जाती है तो इस योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा। इसलिए समय पर आवेदन करना बेहद जरूरी है।












