महिलाएं ध्यान दें, खत्म हुआ दौर-ए-गुलाबी टिकट! जानें कैसे लें फायदा?
Pink Saheli Smart Card: दिल्ली सरकार महिलाओं के लिए एक खास योजना की शुरूआत करने जा रही है लेकिन इस नई सुविधा का फायदा उठाने के लिए आपको कुछ नियम फॉलो करने होंगे। दिल्ली सरकार की नई सुविधा की सभी जानकारी यहां है।

दिल्ली की महिलाओं के लिए साल 2026 की शुरुआत एक बड़ी और राहत भरी सौगात लेकर आ सकती है। डीटीसी बसों में अब तक महिलाओं को मुफ्त यात्रा के लिए मिलने वाली गुलाबी टिकट व्यवस्था को खत्म कर Pink Saheli Smart Card शुरू किया जाएगा। यह स्मार्ट कार्ड महिलाओं को बिना किसी झंझट के बसों में फ्री सफर की सुविधा देगा। सरकार का उद्देश्य है कि मुफ्त यात्रा की सुविधा को डिजिटल, पारदर्शी और अधिक प्रभावी बनाया जाए ताकि इसका लाभ सिर्फ पात्र महिलाओं तक ही पहुंचे।
कब लागू होगी Pink Saheli Smart Card सेवा?
जानकारी के मुताबिक, पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड योजना जनवरी 2026 में लागू की जा सकती है और माना जा रहा है कि 14 जनवरी 2026 से यह व्यवस्था शुरू हो सकती है। इसके लागू होते ही डीटीसी बसों में गुलाबी टिकट पूरी तरह बंद कर दी जाएंगी। दिल्ली में हर महीने करीब दो करोड़ महिलाएं बसों में यात्रा करती हैं, ऐसे में यह स्मार्ट कार्ड सिस्टम सफर को ज्यादा व्यवस्थित और आसान बनाने में मदद करेगा।
नहीं देना होगा किराया
पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड एक डिजिटल कार्ड होगा जो बिल्कुल मेट्रो कार्ड की तरह काम करेगा। बस में चढ़ते समय महिला यात्रियों को यह कार्ड कंडक्टर की इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन पर टैप करना होगा। टैप करते ही यात्रा दर्ज हो जाएगी और किसी भी तरह का किराया नहीं देना पड़ेगा। इससे टिकट लेने की लाइन, बहस और अव्यवस्था खत्म होगी।
पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड बनवाने की उम्र
डीटीसी अधिकारियों के अनुसार, पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड बनवाने के लिए महिलाओं की न्यूनतम उम्र 12 साल निर्धारित की गई है। यानी 12 साल या उससे अधिक उम्र की सभी महिलाएं इस योजना के लिए पात्र होंगी बशर्ते वे दिल्ली की निवासी हों। उम्र की यह शर्त इसलिए रखी गई है ताकि योजना का दुरुपयोग न हो और सही लाभार्थियों तक सुविधा पहुंचे।
कौन महिलाएं नहीं उठा सकेंगी लाभ?
इस स्मार्ट कार्ड को बनवाने के लिए सबसे जरूरी शर्त दिल्ली के पते वाला आधार कार्ड है। जिन महिलाओं के आधार कार्ड में दिल्ली का पता दर्ज नहीं होगा उनका पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड नहीं बन पाएगा। एनसीआर के शहरों जैसे नोएडा, गाजियाबाद या गुरुग्राम में रहने वाली महिलाएं जिनके पास दिल्ली का आधार नहीं है, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। हालांकि राहत की बात यह है कि इस योजना में आय की कोई सीमा नहीं रखी गई है।
प्राइवेट वेंडर्स फाइनल
पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड बनवाने के लिए दिल्ली सरकार और डीटीसी ने दो प्राइवेट वेंडर्स को फाइनल कर दिया है। पूरे दिल्ली में महिलाओं की सुविधा के लिए कई जगहों पर विशेष काउंटर लगाए जाएंगे, जिनमें डीएम ऑफिस, एसडीएम ऑफिस, डीटीसी बस डिपो और कॉमन सर्विस सेंटर शामिल होंगे। यहां महिलाएं आसानी से जाकर अपना स्मार्ट कार्ड बनवा सकेंगी।
महिलाओं को नहीं होगा किसी तरह का आर्थिक बोझ
फिलहाल यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं किया गया है कि पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड बनवाने के लिए किसी तरह की फीस देनी होगी या नहीं लेकिन प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार यह कार्ड महिलाओं को बिल्कुल मुफ्त दिया जाएगा। सरकार की कोशिश है कि इस सुविधा के लिए महिलाओं पर किसी तरह का आर्थिक बोझ न पड़े।पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड लागू होने के बाद गुलाबी टिकट से यात्रा करना संभव नहीं होगा। हालांकि शुरुआत में महिलाओं को स्मार्ट कार्ड बनवाने के लिए कुछ समय की छूट या ग्रेस पीरियड दिया जा सकता है ताकि किसी को परेशानी न हो और सभी महिलाएं आराम से नया कार्ड बनवा सकें।
दिल्ली की महिलाओं के लिए साल 2026 की शुरुआत एक बड़ी और राहत भरी सौगात लेकर आ सकती है। डीटीसी बसों में अब तक महिलाओं को मुफ्त यात्रा के लिए मिलने वाली गुलाबी टिकट व्यवस्था को खत्म कर Pink Saheli Smart Card शुरू किया जाएगा। यह स्मार्ट कार्ड महिलाओं को बिना किसी झंझट के बसों में फ्री सफर की सुविधा देगा। सरकार का उद्देश्य है कि मुफ्त यात्रा की सुविधा को डिजिटल, पारदर्शी और अधिक प्रभावी बनाया जाए ताकि इसका लाभ सिर्फ पात्र महिलाओं तक ही पहुंचे।
कब लागू होगी Pink Saheli Smart Card सेवा?
जानकारी के मुताबिक, पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड योजना जनवरी 2026 में लागू की जा सकती है और माना जा रहा है कि 14 जनवरी 2026 से यह व्यवस्था शुरू हो सकती है। इसके लागू होते ही डीटीसी बसों में गुलाबी टिकट पूरी तरह बंद कर दी जाएंगी। दिल्ली में हर महीने करीब दो करोड़ महिलाएं बसों में यात्रा करती हैं, ऐसे में यह स्मार्ट कार्ड सिस्टम सफर को ज्यादा व्यवस्थित और आसान बनाने में मदद करेगा।
नहीं देना होगा किराया
पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड एक डिजिटल कार्ड होगा जो बिल्कुल मेट्रो कार्ड की तरह काम करेगा। बस में चढ़ते समय महिला यात्रियों को यह कार्ड कंडक्टर की इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन पर टैप करना होगा। टैप करते ही यात्रा दर्ज हो जाएगी और किसी भी तरह का किराया नहीं देना पड़ेगा। इससे टिकट लेने की लाइन, बहस और अव्यवस्था खत्म होगी।
पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड बनवाने की उम्र
डीटीसी अधिकारियों के अनुसार, पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड बनवाने के लिए महिलाओं की न्यूनतम उम्र 12 साल निर्धारित की गई है। यानी 12 साल या उससे अधिक उम्र की सभी महिलाएं इस योजना के लिए पात्र होंगी बशर्ते वे दिल्ली की निवासी हों। उम्र की यह शर्त इसलिए रखी गई है ताकि योजना का दुरुपयोग न हो और सही लाभार्थियों तक सुविधा पहुंचे।
कौन महिलाएं नहीं उठा सकेंगी लाभ?
इस स्मार्ट कार्ड को बनवाने के लिए सबसे जरूरी शर्त दिल्ली के पते वाला आधार कार्ड है। जिन महिलाओं के आधार कार्ड में दिल्ली का पता दर्ज नहीं होगा उनका पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड नहीं बन पाएगा। एनसीआर के शहरों जैसे नोएडा, गाजियाबाद या गुरुग्राम में रहने वाली महिलाएं जिनके पास दिल्ली का आधार नहीं है, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। हालांकि राहत की बात यह है कि इस योजना में आय की कोई सीमा नहीं रखी गई है।
प्राइवेट वेंडर्स फाइनल
पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड बनवाने के लिए दिल्ली सरकार और डीटीसी ने दो प्राइवेट वेंडर्स को फाइनल कर दिया है। पूरे दिल्ली में महिलाओं की सुविधा के लिए कई जगहों पर विशेष काउंटर लगाए जाएंगे, जिनमें डीएम ऑफिस, एसडीएम ऑफिस, डीटीसी बस डिपो और कॉमन सर्विस सेंटर शामिल होंगे। यहां महिलाएं आसानी से जाकर अपना स्मार्ट कार्ड बनवा सकेंगी।
महिलाओं को नहीं होगा किसी तरह का आर्थिक बोझ
फिलहाल यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं किया गया है कि पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड बनवाने के लिए किसी तरह की फीस देनी होगी या नहीं लेकिन प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार यह कार्ड महिलाओं को बिल्कुल मुफ्त दिया जाएगा। सरकार की कोशिश है कि इस सुविधा के लिए महिलाओं पर किसी तरह का आर्थिक बोझ न पड़े।पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड लागू होने के बाद गुलाबी टिकट से यात्रा करना संभव नहीं होगा। हालांकि शुरुआत में महिलाओं को स्मार्ट कार्ड बनवाने के लिए कुछ समय की छूट या ग्रेस पीरियड दिया जा सकता है ताकि किसी को परेशानी न हो और सभी महिलाएं आराम से नया कार्ड बनवा सकें।


